Suicidal Thoughts: मैं 18 वर्षीय इंटर का छात्र हूं, सभी सुखसुविधाओं से भरपूर हूं पर अचानक न जाने क्या हुआ कि मुझे कोई कुछ कह दे या मेरा मजाक ही उड़ा दे तो मुझे तीर सा लगता है. कई बार तो खुदकुशी करने का दिल भी करता है. ऐसा क्यों हो रहा है, क्या यह कोई बीमारी है, आप ही कुछ राह सुझाइए, क्या करूं मैं?

आप उम्र के उस मोड़ से गुजर रहे हैं जहां मन में अजीब से विचार आ सकते हैं, कभी आप भावुक भी हो सकते हैं. अगर आप इन बातों को नजरअंदाज कर दें तो सारी मुश्किलें दूर हो सकती हैं. क्यों आप हर बात को दिल से लगा कर रखते हैं? अपनी भावनाओं पर काबू आप अपनी इच्छाशक्ति से पा सकते हैं. यह कोई बीमारी नहीं है, उम्र का कच्चापन है, बस.  फिर भी, किसी मनोवैज्ञानिक से मिल लीजिए और बेफिक्र हो जाइए.

मैं 19 वर्षीया अविवाहित छात्रा हूं. एक लडक़े से बेहद प्रेम करती हूं, हम दोनों शादी भी करना चाहते हैं. लडक़े के घर वाले राजी हैं पर मेरे घर वाले नहीं. लडक़े वाले कहते हैं कि मेरे मांबाप राजी हों, तभी वे साथ देंगे. मैं कोर्ट मैरिज करना चाहती थी पर वहां पता चला कि हम दोनों के मां या बाप में से किसी को होना चाहिए. यह तो नहीं हो सकता. मैं ने अपने मांबाप पर दबाव डालने की कोशिश की तो उन्होंने मुझे जान से मारने की ठान ली थी. ऐसे में यदि हमारी शादी न हुई तो हम जीवित नहीं रह पाएंगे. आप ही कोई राह सुझाइए?

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