तब उन में न जाने कौन सा फुतूर हावी था कि मानो उन्होंने हर मैच को अपने नाम करने की जिद सी ठान ली थी. वे सचिन तेंदुलकर के वर्ल्ड कप जीतने के सपने के लिए खेल रहे थे या अपनी अनजान बीमारी से लोहा ले रहे थे, यह भी एक सुखद राज बन कर रह गया है. कभी मैदान पर मोहम्मद कैफ के साथ क्रिकेट की बेहतरीन जुगलबंदी दिखाने वाले इसी जुझारू खिलाड़ी ने 10 जून, 2019 को क्रिकेट के हर फॉर्मेट को आखिरी सलाम कह दिया है. अंडर19 क्रिकेट से सब को अपना दीवाना बना लेने वाले इस आलराउंडर ने क्रिकेट प्रेमियों को न भूलने वाला तमाशा दिखाया. बाएं हाथ के इस खिलाड़ी के लिए मानो क्रिकेट खेलना बाएं हाथ का ही खेल था. तभी तो 40 टैस्ट मैचों की 62 पारियों में युवराज सिंह उर्फ युवी के नाम कुल 1,900 रन हैं, जिस में 3 सेंचुरी और 11 हाफ सेंचुरी शामिल हैं.

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वनडे मैचों की बात करें तो युवराज सिंह ने 304 मैचों की 278 पारियों में कुल 8,701 रन बटोरे. इन मैचों में उन्होंने 14 शतक और 52 अर्धशतक जड़े थे. इस के अलावा 58 ट्वेंटी20 मैचों में उन्होंने 1,177 रन बनाए जिन में 8 हाफ सेंचुरी लगाईं.

युवराज सिंह गेंदबाजी करने में पीछे नहीं रहे. टेस्ट मैचों में कुल 9, वनडे मैचों में 111 और ट्वेंटी20 में उन्होंने 28 विकेट अपने नाम किए हैं.

अपनी रिटायरमेंट के मौके पर युवराज सिंह ने बताया, ‘बचपन से मैं ने अपने पिता का देश के लिए खेलने का सपना पूरा करने की कोशिश की… अपने 25 साल के कैरियर और खासतौर पर 17 साल के इंटरनेशनल कैरियर में कई उतारचढ़ाव देख. अब मैं ने आगे बढ़ने का फैसला ले लिया है. इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, गिरना है, फिर उठना है और आगे बढ़ जाना है.’

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जब भी युवराज सिंह की दिलेरी की बात की जाएगी तब एक खास मैच जरूर याद आएगा. मैच क्या, एक ऐसा ओवर जिस में युवराज सिंह ने नया इतिहास रच दिया था. दरअसल, साल 2007 के ट्वेंटी20 वर्ल्ड कप में इंगलैंड के खिलाफ खेलते हुए उस के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में लगातार 6 छक्के और उसी मैच में सिर्फ 12 गेंद पर बनाए अर्धशतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी युवराज सिंह के नाम है.

भारत को साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में जीत दिलाने में भी युवराज सिंह ने गेंद और बल्ले दोनों से खुद को बारबार साबित किया था. तब उन के शानदार खेल के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था. इस वर्ल्ड कप में उन्होंने 362 रन बनाए थे और 15 विकेट भी लिए थे.

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