धर्म चाहे भगवा आवरण में हो या दाढ़ी टोपी में, फादर/पादरी लबादे में हो या निवस्त्र, काम सबका लोगों को अकर्मण्य, तर्कहीन व अंधभक्त बनाना और जरूरत पड़े तो मौत के अंधेरे दलदल में धकेलना ही रहा है.

अंडमान के सेंटिनल द्वीप में मारे गए अमेरिकी टूरिस्ट जौन ऐलन चाऊ की हत्या के लिए हम भले ही उस द्वीप में रह रहे आदिवासियों को जिम्मेदार ठहरा लें, लेकिन असली हत्यारा धर्म ही था. क्योंकि ऐलन चाऊ का मकसद आदिवासियों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार करना था.

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