ट्वीटर के सीईओ माइकल जैक ने सोचा भी नहीं होगा कि भारत में विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव करने वाले जिन लोगों से वह मिलने जा रहे हैं यह मेलमिलाप उन के लिए नाग की फांस बन जाएगा.

जातीय कट्टरता का नाग किस कदर फुंफकारता हुआ जहर उगल कर खौफ फैला सकता है, यह जैक द्वारा माफी मांग कर खामोश हो जाने की घटना से स्पष्ट हो गया है. जातिवादियों ने जैक पर हमला बोल दिया था और उन्हें भयभीत करा कर चुप करा दिया गया.

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