जरूरत से ज्यादा बो झ और कर्मचारियों की भारी कमी के चलते उत्तर प्रदेश की जेलें रसूख वाले लोगों के लिए आरामगाह जबकि सामाजिक व आर्थिक तौर पर पिछड़े विचाराधीन कैदियों के लिए नरक सी बन गई हैं.

10 अगस्त, 2020 को लखनऊ जिला जेल के सर्कल नंबर 3 और हाता नंबर 11 व 15 के कैदियों को एंटी एलर्जी टेबलेट सिट्रीजन दिए जाने का फैसला लिया गया था. अस्पताल में तैनात फार्मेसिस्ट आशीष वर्मा ने सिट्रीजन टेबलेट की जगह पर मानसिक अस्वस्थता में दी जाने वाली हेलोपैरिडाल दवा कैदियों को दे दी. हेलोपैरिडाल दवा उन मरीजों को दी जाती है जिन को ज्यादा गुस्सा आता है. यह हाईपावर वाली होती है.

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