कुछ दिनों पूर्व मैंने अपनी टीनेजर बेटी के साथ एकदुकान से  सेनेटरी पैड्स का एक पैकेट खरीदा. दुकानदार ने एक काली पॉलीथीन में पैक करके मुझे वह पैकेट थमा दिया. इसे देखकर मेरी बेटी बोली, " मां सेनेटरी पैड्स कोई गन्दी चीज़ होती है." मेरे मना करने पर उसने अगला प्रश्न किया" फिर हमेशा इन्हें काली पॉलीथीन में रखकर क्यों दिया जाता है जब कि बच्चों और बड़ों के डायपर तो ऐसे ही दे दिए जाते हैं.'

" बात तो तुम्हारी सही है परन्तु अभी इस तथ्य को समाज को समझने में कई वर्ष लग जाएंगे कि सेनेटरी पैड्स और दूसरे पैड्स में कोई अंतर नहीं होता."

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