मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से महज 35 किलोमीटर दूर रायसेन जिले का एक कस्बा है, उदयपुरा. इस कस्बे की गिनती पिछड़े इलाकों में शुमार होती है. हालांकि आधुनिकता और नए गजेट्स उदयपुरा भी पहुंच चुके हैं, लेकिन वे चीजें इस कस्बे के पिछड़ेपन की पहचान मिटाने में नाकाम साबित हुई हैं.

उदयपुरा की राजनैतिक पहचान ठाकुर रामपाल सिंह हैं, जो इन दिनों राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं. राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले जानते हैं कि जिन इनेगिने नेताओं से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घरेलू संबंध हैं उन में से रामपाल सिंह भी हैं. विदिशा रायसेन संसदीय क्षेत्र से लगभग एक साथ राजनैतिक सफर शुरू करने वाले ये दोनों नेता एकदूसरे पर आंख बंद कर के विश्वास करते हैं. साल 2006 में विदिशा लोकसभा सीट से उपचुनाव की वजह से शिवराज सिंह चौहान की जिद ने रामपाल सिंह को ही उम्मीदवार बनाया गया था.

हालांकि रामपाल सिंह तब इतने बड़े और लोकप्रिय नेता नहीं थे, लेकिन उन्होंने भाजपा का परंपरागत गढ़ ढहने नहीं दिया था और भाजपा व शिवराज सिंह चौहान का भरोसा कायम रखा था. 2013 के विधानसभा चुनाव में वे रायसेन की ही सिलवानी सीट से जीते तो शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें कैबिनेट में शामिल किया था.

यह रामपाल सिंह की खूबी ही कही जाएगी कि कभी उन का नाम किसी विवाद में नहीं आया. वे आमतौर पर शांत रहने वाले नेता हैं. उन की पहुंच सीधे पार्टी आलाकमान तक है. भोपाल के शिवाजी नगर के लिंक रोड स्थित उन के सरकारी बंगले पर दूसरे मंत्रियों जितनी भीड़भाड़ नहीं दिखती. जो 2-4 लोग दिखते भी हैं वे उन के क्षेत्र उदयपुरा के भाजपा कार्यकर्ता या फिर मतदाता होते हैं.

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