जिस तरह से आज मनुष्यों का धीरे-धीरे पतन हो रहा है क्या आपको नहीं लगता है कि प्रकृति अपना विकराल रूप दिखा रही है . दोस्तों आज पांच जून है यानी कि विश्व पर्यावरण दिवस.वैसे तो आप बहुत सी चीजों से जागरुक होने की बात करते हैं लेकिन आज प्रकृति के लिए भी जागरुक हो जाइए.आज जो स्थिति देश में है चारों ओर हाहाकार है.कोरोना ने सबको घेर रखा है , तूफान आ रहे हैं देश के कई हिस्सों में,अब आप खुद सोचिए क्या नहीं लगता है कि प्रकृति गुस्से में है.ऐसा इसलिए भी क्यों कि हम प्रकृति की इज्जत ही नहीं करते हैं.बेवजह पड़ों को काटते हैं जंगल को खतम करते हैं.

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