Filter Fashion : सोशल मीडिया पर फिल्टर फैशन छाया हुआ है. डीपी देख कर लोग धोखा खा जाते है. फिल्टर के जरिए स्क्रीन पर जो चमक दिखती है असल में वह होती नहीं है. हर चमकती चीज सोना नहीं होती.

लखनऊ की रहने वाली प्रियंका और दिल्ली के रहने वाले निषांत की फेसबुक पर दोस्ती हुई. निषांत ने अपने को सेना में कार्यरत अफसर बताया था. उस की फेसबुक डीपी में लगी फोटो देख कर वह सेना का जवान लगता था. दोनों की आपस में मैसेंजर पर चैटिंग होने लगी. बात आगे बढ़ी तो दोनों ने एकदूसरे का मिलने का फैसला किया. निषांत ने एक दिन शताब्दी ट्रेन से लखनऊ आने का अपना कार्यक्रम बताया. प्रियंका ने कहा कि वह चारबाग रेलवे स्टेशन पर मिलेगी. तय समय पर वह स्टेशन पहुंच गई. कोच नंबर के सामने खड़ी प्रियंका निषांत को पहचान ही नहीं पा रही थी. जब मोबाइल किया तब दोनों मिल सके.

निषांत को देख कर प्रियंका सोच में डूब गई क्योंकि डीपी की फोटो से निषांत एकदम अलग था. उस की पर्सनैलिटी देख कर कहीं से यह नहीं लगता था कि निषांत सेना में होगा. दोनों स्टेशन के बाहर एक रेस्त्रां में बैठ गए. प्रियंका खुद को धोखा खाया समझ रही थी. इस कारण उस का मन नहीं लग रहा था. दूसरी तरफ निषांत प्रियंका के नजदीक जाने का लगातार प्रयास कर रहा था.

प्रियंका ने चाय और दोसा खाने के बाद वापस चलने का इरादा बनाया. निषांत ने अपने बारे में सेना की नौकरी से संबंधित जो डिटेल्स बताईं, उसे प्रियंका ने अपने किसी जानने वाले के जरिए क्रौस चैक कराया तो वे सही नहीं पाए गए.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD48USD10
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD150USD120
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...