आज के समय में सिंगल पेरैंटिंग समाज के लिए अजूबा मुद्दा नहीं रह गया है. समाज भी सिंगल पेरैंट को सम्मान की नजर से देखता है. सिंगल पेरैंट में ज्यादातर महिलाएं ही होती हैं. यह बात जरूर है कि अब सिंगल पेरैंट को नई चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है. बच्चों के पालनपोषण से ले कर उन के कैरियर, शादी और बाद के जीवन का भी ध्यान रखना पड़ता है.

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