पटना के बांकीपुर स्कूल की लड़कियां सुबह से उत्साह में थी और बार-बार उनकी निगाहें दरवाजे की ओर उठ जाती थी. सवा एक बजे एक शख्स क्लासरूम में दाखिल होता है. किसी भी सूरत से वह स्कूल का मास्टर नहीं लग रहा था. वह शख्स थे पटना के जिलाधीश संजय कुमार अग्रवाल. जिलाधीश ने खुशबू कुमारी की कौपी उठा कर पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा तो उसने कहा कि स्कूल में पढ़ाई ही नहीं होती है सर. कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ने जाना पड़ता है.

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