आपदा को अवसर में बदलने की बात अगर पीपीई निर्माण में आत्म निर्भर होने को ले जाकर की जा रही है तो बात चिंता के साथ साथ शर्म की भी है.

21 मई के देश भर के प्रमुख अखबारों में भारत सरकार द्वारा जारी एक इश्तहार छपा था जिसकी शुरुआत ही इन शब्दों से हुई थी कि पिछले 60 दिनों में भारत में 500 से अधिक  पीपीई कवरआल्स निर्माता विकसित हुए हैं जिनकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 4 लाख से अधिक है. 20 मार्च 2020 तक देश में पीपीई कवरआल्स का कोई उत्पादन नहीं होता था.

Tags:
COMMENT