एक बडे अखबार के जयपुर विशेषांक के पृष्ठ 10 पर प्रकाशित खबर  "नाई, धोबी, मोची, सहित  26 कैटेगरी का सर्वे करवा कर खाद्यान्न में मदद देगी सरकार " शीर्षक से प्रकाशित हुई है

इस खबर पर टिप्पणी करने का उद्देश्य यह नहीं है कि सरकार के खाद्यान्न वितरण के जनसरोकार के कार्य की आलोचना की जाए, बल्कि अखबार के द्वारा चतुराई के साथ  "'मंदिर में पूजापाठ व कर्मकांड वाले पंडितों " को भी नाई, धोबी,  मोची, घरेलू नौकर, भिखारी, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, श्रमिक आदि लगभग 40 प्रकार के कैटेगरी को राहत दिए जाने हेतु लिखा गया है.

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