सोशल मीडिया पर भले ही ‘भक्त’ कहे जाने वाले लोग ‘मोदी सरकार’ के खिलाफ कोई बात सुनने को तैयार ना हो. मोदी सरकार के खिलाफ बात करने पर गाली सुनने को मिलती हो. पर गांव देहात में मोदी सरकार के ‘कामकाज’ से लेकर उनके ‘चाय पकौड़ा‘  बिजनेस तक की खूब खिल्ली उड़ रही है. ये भी बात हो रही है कि चुनाव खत्म होने के बाद अगर मोदी सरकार बन गई तो सड़क किनारे रेहड़ी, दुकान, लगाने वालों से और ज्यादा पैसे वसूल किये जाने लगेंगे.

इनको सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल’ होने का खतरा नहीं है. शहर में बस अड्डे के पास चुनावी चर्चा में भाजपा का प्रचार करने वाले जब वहां से आगे बढ़े तो भीड़ के रूप में खड़े लोगों ने चर्चा शुरू कर दी. ये लोग आपस में बात कर रहे थे कि ‘दाल रोटी खाने को मिल नहीं रहे. रोजी रोजगार छिन गये है.

ये लोग कहते हैं मोदी का ढोल पीटो’. जौनपुर के करीब के गांव के रहने वाले लोग मजदूरी करने शहर आते हैं. दिन में यहां काम करके बस स्टेशन के पास सोते हैं. चाय की दुकान पर चाय पीते समय लोग आपस में एक दूसरे के इलाके के हालत पता करते हैं. केराकत के रहने वाले युवक ने कहा ‘हमारे यहां सपा-बसपा और कांग्रेस की लहर सही चल रही हैं. मोदी जी के साथ तो केवल बाबू साहब लोग ही हैं’.

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इनमें से एक युवक ने कहा ‘भईया रेडियो पर तो हम हर गाने के बाद मोदी जी का प्रचार सुन रहे हैं. मोदी है तो मुमकिन है.’ दूसरा युवक थोड़ा गुस्से में बोला ‘रेडियो वाले पइसा लेते हैं. इसलिए मोदी है तो मुमकिन है का टोन बजा रहे हैं. हमारी तो दाल रोटी दिन पर दिन महंगी होती जा रही और मजदूरी घटती जा रही. इससे अच्छा तो पहले रहा कम से कम मनरेगा में गांव में ही काम तो मिल जाता था. घर पर खाना सोना मिल रहा था.

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