Nepal: 2013-14 के के दौर में नेपाल के युवा-दिलों में एक नाम तेजी से धड़क रहा था - बालेन...बालेन...बालेन! रैप सांग्स का सम्राट जिसके रैप गीतों पर युवाओं के कदम थिरकने लगे. उनके होंठों पर बालेन के गीत थे, नसों में दौड़ता गर्म लहू तेज रैप के शब्दों की गहराइयों में उतर कर उबाल मारने लगा. मंच पर मौजूद बालेन शाह के थिरकते क़दमों के साथ उनके चाहने वाले हजारों-लाखों युवा कदम ताल से ताल मिलाने लगे.
बालेन का हर गीत नेपाली युवा के दिल में तीर सा उतरा तो उसकी वजह यह थी कि इन गीतों में बालेन ने वहाँ के युवाओं का दर्द और जरूरत पिरो दी थी. बालेन के गीत कोई रोमांटिक गीत नहीं थे बल्कि वे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और असमानता पर केंद्रित थे. उनके गीतों में बलिदान और संघर्ष की कहानियां थीं. नेपाल की संस्कृति, इतिहास और शहीदों के त्याग को याद रखने का आह्वान था. उनके गानों में नेपाल के वीरों और स्वतंत्रता के लिए दिए गए उनके बलिदानों के लिए सम्मान झलकता था. बालेन ने अपने रैप के जरिये युवाओं को यह संदेश दिया कि ''देश के लिए काम करना ही असली देशभक्ति है.'' आज उसी बालेन शाह के हाथों में नेपाल की कमान आने को है.
संवेदनशील कलाकार से समाजसेवी तक
कला से जुड़ा व्यक्ति ह्रदय से कोमल, संवेदनशील और दयालु होता है, बालेन भी इन गुणों से अछूते नहीं थे, यही वजह रही कि वे समाज के दीनहीन लोगों से सीधे जाकर जुड़े और उनकी परेशानियों और जरूरतों को महसूसते रहे. बालेन ने लम्बे समय तक समाज सेवा का कार्य किया और इसने उन्हें जनता के और निकट ला दिया. हालांकि उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, वे चाहते तो एक अच्छी जॉब में रह कर आराम का जीवन बसर करते मगर एक संवेदनशील हृदय अपने देश के युवाओं में बढ़ रही निराशा, बेरोजगारी, पलायन को देख कर व्यथित था. वे जानते थे कि नेपाल में सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का है. देश के करीब एक तिहाई लोग काम की तलाश में विदेश चले जाते हैं. दूसरा बड़ा मुद्दा है भ्रष्टाचार। केपी ओली सरकार और उससे पहले की सरकारों में बड़े भ्रष्टाचार और घोटाले सामने आये. बालेन अपने देश के युवाओं के लिए कुछ करना चाहते थे. वह बदलाव चाहते थे और यह इच्छा उन्हें राजनीति के करीब ले गयी.
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