India Hungary Comparison: हंगरी की राजनीति में 13 अप्रैल, 2026 को आया बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना के पुनर्जागरण का संकेत है. टिस्जा पार्टी के पीटर मग्यार की निर्णायक जीत और सत्ताधारी फिदेस्ज पार्टी के विक्टर और्बान के लंबे शासन का अंत यह स्पष्ट करता है कि लोकतंत्र में जनता कब निर्णायक बन जाए, पता नहीं चलता. जब वह चुपचाप परिवर्तन का मन बना ले तो सब से मजबूत तानाशाही सत्ता भी टिक नहीं पाती है.
विक्टर और्बान के 16 साल लंबे शासनकाल का अंत और पीटर मग्यार की जीत ने हंगरी की राजनीति को तो पूरी तरह बदल ही दिया है, पूरे यूरोप पर भी असर डाला और भारत पर भी. जिस तरह भारी मतों से पीटर मग्यार ने चुनाव में बाजी मारी है वह यह बताने के लिए काफी है कि जनता का मूड भांपना आसान नहीं है, वह सिरआंखों पर धरी राजनीतिक पार्टी को भी सत्ता से उखाड़ कर फेंक सकती है. पीटर मग्यार की टिस्जा पार्टी ने लगभग 53.6 फीसदी वोट के साथ 138 सीटें जीत कर निर्णायक जीत हासिल की है. वहीं विक्टर और्बान की फिदेस्ज पार्टी 38 फीसदी वोटों पर ही सिमट गई है. यह रोचक सत्ता परिवर्तन हंगरी के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है. जो यह सम?ाते हैं कि विरोधी 16 साल बाद थक चुके होंगे, अब अपनी राय बदल लें.
राजनीतिक संदेश
मग्यार के पक्ष में हुआ रिकौर्ड मतदान एक राजनीतिक संदेश है. जो इस समय दुनिया के कई लोकतंत्रों में सुनाई दे रहा है. ऐसा भारत में 1977 के चुनाव में हुआ था, जब आपातकाल लगाने वाली इंदिरा गांधी सरकार को जनता ने नकार दिया था या फिर हाल के वर्षों में नेपाल में पारंपरिक दलों के खिलाफ उभरी नई राजनीति, जिस ने राजनीति के धुरंधर नेताओं को पटखनी दे कर नितांत नए और जवान चेहरे बालेन शाह को सत्ता में स्थापित कर दिया. बंगलादेश में भी यही हुआ जब शेख हसीना को धक्के मार कर भगा दिया गया. हंगरी की जनता मौजूदा शासन व्यवस्था से असंतुष्ट थी और एक नए विकल्प की तलाश में थी.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन





