मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में गंगा की डुबकी लगाने के बाद प्रियंका गांधी अपने पारिवारिक धर्मगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद के शिविर में पहुंचीं तो लगा ऐसे जैसे पौराणिक युग की कोई राजकुमारी कोई वर मांगने गई है. प्रियंका के स्वरूपानंद के ही पास जाने के पीछे की कहानी उन हिंदू धर्मगुरुओं की सामंती मानसिकता की देन है जो शूद्रों, मुसलमानों और स्त्रियों का मंदिर में प्रवेश निषेध करते हैं.

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