दरअसल हो यह रहा है कि मिड डे मील में कुपोषण को खत्म करने के वास्ते सरकार ने स्कूलों में अंडे को मीनू में रखा, बस फिर क्या था, हिंदूत्ववादी संगठन, जो मांस मटन को वर्जित करते हैं ने सरकार को घेरना प्रारंभ कर दिया. सबसे पहले गायत्री परिवार सामने आया फिर कबीरपंथीओं के धर्मगुरु प्रकाश मुनि साहब ने रायपुर बिलासपुर हाईवे पर रात को चक्का जाम कर दिया. और नारे लगाने लगे-" भूपेश बघेल आंखें खोल आंखें खोल !"

15 वर्षों तक पूर्ववर्ती सरकार के समय में भी मिड डे मील में अंडे कुपोषण के खिलाफ स्कूल में मध्यान्ह भोजन में खिलाए जाते रहे . सवाल यही उठाया जा रहा  है तब यह विरोध क्यों नहीं हुआ. आज भाजपा विधानसभा में अंडे को लेकर डंडे भांज रही है, विरोध कर रही है. छत्तीसगढ़ की सियासत में अंडे को लेकर जोरदार डंडे चल रहे हैं. इस डंडे बाजी के पीछे की हो रही  सियासत, आज आपको बताने का इस रिपोर्ट में प्रयास करते हैं .

भूपेश पर "अंडा अटैक"

सात माह से भूपेश बघेल निष्कंटक सत्ता की घोड़ी पर बैठे विचरण कर रहे हैं. प्रशासन की रास आज उनके हाथ में है.अब जो विपक्ष कल सत्तासीन था, मदमस्त था आज 'ठलहा' बैठा हुआ है. छत्तीसगढ़ भाजपा का एक तरह से सूपड़ा साफ हो चुका है. भूपेश बघेल के मंत्री अमरजीत सिंह भगत कहते हैं डौक्टर रमन सिंह, धर्मलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल के लिए समय काटना मुश्किल हो रहा है शायद इसलिए जब कोई मुद्दा नहीं है तो अंडे पर डंडा उठा लिया है.

मामला यह है कि अंडे से लोगों की भावना आहत हो रही है. सरकार खुद अंडे खिला रही है. मामला 18 जुलाई को विधानसभा में गूंजा जहां भाजपा के डा. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, ब्रजमोहन अग्रवाल ने अंडे की खिलाफत की तब यह भूल गए कि उनकी सरकार के दरम्यान भी यही मीनू था तब लोगों की भावना नहीं आहत हुई कांग्रेस की सरकार है तो लोग दुखी हो रहे हैं और जमकर राजनीति हो रही है.

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