Jantar Mantar Protest: 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट के बाद हालात बेकाबू हो गए. पुलिस ने अपना असली चेहरा दिखा दिया. दिल्ली पुलिस ने ऐसा बर्ताव किया जैसे जंतर मंतर पर आया हर शख्स आतंकवादी हो. पुलिस ने बड़ी संख्या में निर्दोष स्टूडेंट्स और युवाओं को डिटेन कर लिया. कई लोग घायल हैं और कुछ के लापता होने की भी खबरें हैं. थानों में बंद बच्चों के परिवार वाले दर-दर भटक रहे थे. भूख, इलाज और लीगल मदद के लिए कोई दरवाजा नहीं खुल रहा था.
इसी बीच सोशल मीडिया पर Ranvijay Jha जैसे लोग आगे आए और उन्होंने अपने फेसबुक से लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा- "जिस भी साथी को लीगल, खाने या इलाज की जरुरत है, हम साथ खड़े हैं” उनका नंबर वायरल हुआ और फोन बजने लगे. सबसे बड़ी बात 250 से ज्यादा वकीलों की एक पूरी लीगल टीम बिना फीस के मदद के लिए तैयार हो गई. वकील थानों के चक्कर काट रहे हैं, डॉक्टर्स इलाज में मदद कर रहे हैं, आम लोग खाना-पानी पहुंचा रहे हैं. किसी ने जात नहीं पूछी, किसी ने पार्टी नहीं पूछी. बस इतना कहा - "तुम देश का भविष्य हो, हम तुम्हें ऐसे नहीं छोड़ेंगे"
सरकारें आती-जाती हैं, नीतियां बदलती हैं लेकिन जब सत्ता उदंड होकर जनता के खिलाफ हो जाती है तब जनता भी भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी एकजुटता साबित करती हैं. यही इस प्रोटेस्ट में नजर आया. यही एकजुटता इस देश की असली ताकत है. ये आंदोलन सिर्फ CJP का प्रोटेस्ट नहीं रहा बल्कि ये अब देश की एकता की परीक्षा बन गया है. Jantar Mantar Protest
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