Congress Protest: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर 21 जुलाई को 32वें दिन भी मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. इस बीच कांग्रेस ने भी धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के पास धरना शुरू कर दिया है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने जम कर नारेबाजी की.

बता दें कि यह सिक्योरिटी सेंसेटिव जोन है, यहां प्रदर्शन की परमिशन नहीं होती है. इसलिए पुलिस फोर्स कांग्रेसियों को हटाने पहुंच गई. लेकिन कांग्रेसियों ने अपने हाथ बांध लिए. कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के लिए बहुत गुपचुप ढंग से तैयारी की थी. इसकी खबर किसी को भी नहीं दी गई थी. अचानक हुए इस प्रदर्शन को लेकर हरकत में आई पुलिस ने चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लिया है.

प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हिरासत में लिए गए लेकिन बाद में रिहा कर दिए गए, रिहा होने के बाद उन्होंने सरकार के सामने मांगें 5 मांगें रखी है, जो निम्न है -

• होम मिनिस्टर अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.
• आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस वालों पर कार्रवाई की जाए और स्टूडेंट्स के खिलाफ दर्ज सभी केसेज वापस लिए जाएं.

• छात्रों पर होने वाली पुलिस कार्रवाई के लिए पीएम, देश से माफी मांगें.
• संसद के दोनों सदनों में तुरंत चर्चा की जाए.
• परीक्षा प्रणाली के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएं. कांग्रेस 2024 के बाद युवा मुद्दों पर बोल तो रही है लेकिन हर छात्र प्रोटेस्ट की लीड नहीं ले रही. पार्टी का तर्क है कि अगर नेता सीधे स्टेज पर चले जाएंगे तो आंदोलन को कांग्रेस का प्रोटेस्ट कहकर बदनाम कर दिया जाएगा इसलिए MP संजय सिंह, IYC के नेता और NSUI कार्यकर्ता जंतर-मंतर गए, पर राहुल गांधी खुद नहीं गए. CJP एक नॉन-पॉलिटिकल, यूथ-लेड मूवमेंट है. इसके फाउंडर अभिजीत दिपके ने बार-बार कहा है कि ये किसी पार्टी का मंच नहीं है. राहुल गांधी के जाने से आंदोलन का नॉन पोलिटिकल नैरेटिव कमजोर पड़ जाता इसलिए अब तक दोनों तरफ से दूरी बनी रही.

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