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अनुपमा की शादी में आएगा तूफान! क्या वनराज करेगा सुसाइड?

टीवी शो ‘अनुपमा’ (Anupamaa) में लगातार बड़ा ट्विस्ट देखने को मिल रहा है. शो के बिते एपिसोड में आपने देखा कि तोशु, काव्या और वनराज ने अपनी नौकरी खो दी है. जिससे शाह परिवार को बड़ा झटका लगा है. अनुपमा वनराज को समझाने की कोशिश कर रही है लेकिन वह नौकरी खोने की वजह से डिप्रेशन में चला गया है. शो के अपकमिंग एपिसोड में खूब धमाल होने वाला है, आइए बताते हैं शो के नए एपिसोड के बारे में.

शो में दिखाया जा रहा है कि बा बापूजी से कह रही है कि अनुपमा प्यार में सबकुछ भूला दी है और बापूजी भी उसकी शादी में खो गये है. बापूजी कहते हैं, तुम्हें जो ठीक लगता है, तुम वो काम करो. बा कहती है कि मुझे इस बात की चिंता है कि कहीं वनराज कोई गलत कदम ना उठा ले.

 

अनुपमा सीरियल के अपकमिंग एपिसोड में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है. शो में अनुज-अनुपमा की शादी के दिन बड़ा तूफान आने वाला है. उस दिन वनराज गुस्से में एक बड़ा कदम उठाने वाला है. खबरों के अनुसार वनराज अनुपमा की शादी के दिन ही सुसाइड करेगा. तो वहीं बापूजी वनराज को उस हालत में देखकर खुद को असहाय महसूस करेंगे. शो में यह देखना दिलचस्प होगा कि अनुज और अनुपमा की शादी में और क्या-क्या ड्रामा होने वाला है.

 

शो के बिते एपिसोड में आपने देखा कि अनुपमा अनुज को बताती है कि शादी के बाद भी उसे शाह परिवार का ख्याल रखना होगा. वो अपने बच्चे से अलग नहीं रह पाएगी. ये बात सुनकर अनुज का दिल टूट जाता है. अनुज कहता है कि अनुपमा कभी भी पूरी तरह से उसकी नहीं हो पाएगी. दोनों के बीच शाह परिवार हमेशा रहेगा.

 

तो दूसरी तरफ राखी दवे काव्या का कान भरती है. राखी दावे कहती है कि वनराज उसे कभी खुश नहीं रख पाएगा. आने वाले समय में अनुपमा के बच्चे बड़े हो जाएंगे. घर की सारी कमाई बच्चों की पढ़ाई और शादी में खर्च हो जाएगी. राखी कहती है कि काव्या को वनराज से तलाक ले लेना चाहिए.

कम्युनिज्म बनाम लोकतंत्र

यूक्रेन रूस संघर्ष में भारतीय विचारकों की कमी नहीं है जो इस मामले को रूसी चश्मे से देखने की कोशिश कर रहे है क्योंकि अमेरिका के जो बाइडन और कमला हैरिस द्वारा दूरी बनाए रखने के कारण नरेंद्र मोदी को रूस का दामन पकडऩा पड़ा है और संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्तावों में भी तठस्थ रहना पड़ा और रूप से प्रतिबंधों के बाद भी व्यापार चालू रखा गया.

भारत की स्थिति कुछ अलग है. अपनी विशालता के कारण हमारा सकल उत्पादन तो ज्यादा है पर प्रति व्यक्ति आय और दूसरे पैमानों पर हम बेहद गएगुजरे देश हैं जो हर चीज के लिए बाहरी देशों पर निर्भर है, जहां तक कि साधारण से मेडिकल और इंजीनियङ्क्षरग की शिक्षा तक के लिए. हम बातें बनाने में तेज हैं और प्रवचन देते भी हैं पर उन्हें अमल में लाएं यह जरूरी नहीं है और इसीलिए रस्मी तौर पर भारत को रूस यूक्रेन विवाद में हस्तक्षेप के बाद उसे हल करने में भारत का हाथ नहीं रहा.

मीडियम और विचारक रूस का समर्थन न कर सकें पर पश्चिम में दोषी ठहराने की कोशिश जम कर कर रहे हैं. यूक्रेन ने जो जमकर अपने से कहीं विशाल और उन्नत रूस से मुकाबला किया है तो पश्चिमी देशों से निरंतर आई सैनिक सामग्री के बल पर. यूक्रेनी सैनिकों और नागरिकों ने इन हथियारों को चलाना समझना और अधपढ़े रूसी सैनिकों की खूब धुनाई की है. रूस ने काफी बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया पर फिर तब तक पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का असर होने लगा और वहां से हथियार पहुंचने लगे. रूसी टैंक, हवाई जहाज, तोपों की अमेरिकी व यूरोपीय हथियारों ने विफल कर दिया. भारत इन्हीं हथियारों को रूस से मुंहमांगे दामों पर खरीदता रहा है और उन की कमाई खुल गई है.

भारत की कूटनीति पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय से ही ढुलमुल रही है. भारत ने पहले रूस का दामन थामा और सोवियत संघ के विखराब के बाद हम कुछ बदले पर इतना नहीं कि हम दूसरे उन्नत लोकतांत्रिक देशों के साथ बैठ सकें और उन से सीख सकें. हम कम्युनिस्ट देशों के पिछलग्गू रहे और इसी वजह से हमारा व्यापार और उपयोग बढ़ नहीं पाया.

अब फिर हम गलती कर रहे है और प्रधानमंत्री के ईशारे पर हमलावर रूस का समर्थन कर रहे हैं. रूस का हमला अमेरिका के विनयनाम, अफगानिस्तान और इराक के हमलों से अलग है. रूस यूक्रेन को अपने देश में मिलाना चाहता है जबकि अमेरिकी कभी भी वियमनाम, अफगानिस्तान या इराक के अमेरिका की कालोनी नहीं बनाना चाहता था. वहां मुद्दा कम्युनिज्म बनाम लोकतंत्र का था. भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को पश्चिमी देशों का साथ देना चाहिए क्योंकि हम ने पाकिस्तान के 2 टुकड़े बांग्लादेश में लोकतंत्र को स्थापित करने के लिए किए थे, बांग्लादेश को भारत में मिलाने के लिए नहीं.

हमारे मीडिया और विचारकों की आंखों पर लगा चश्मा चढ़ा है. वह  देश की जनता के लिए हानिकारण है.

भारत भूमि युगे युगे: गोमय वसते बजट

गलती छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इतनी भर है कि वे भी भगवा टोटकों की गिरफ्त में आ गए हैं. देश पूजापाठ, तंत्रमंत्र, यज्ञहवन, नदीतीर्थ और ज्योतिष से चल रहा है. इन बेहूदगियों पर भाजपा के कौपीराइट तोड़ते भूपेश ने राज्य का बजट गोबर से बने सूटकेस में रख कर पेश किया, जिस पर संस्कृत में लिखा था ‘गोमय वसते लक्ष्मी’ यानी गोबर में लक्ष्मी का वास होता है.

इस मूर्खता पर तरस भी नहीं खाया जा सकता क्योंकि संदेश यह दिया जा रहा है कि पैसा मेहनत, बुद्धि, शिक्षा और उद्यम से नहीं बल्कि गोबर थोपने जैसे अंधविश्वासों से आता है. गाय का इतना गुणगान इन दिनों किया जा रहा है कि उसे न पालने पर खुद के पापी होने की फीलिंग हर किसी में आने लगी है.

जिल्द में यूपी वाला भैया

बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में अपनी जिंदगी पर किताबें लिखवाने का फैशन खूब फलफूल रहा है. इस से लौकडाउन में बेरोजगार हुए कई रिटायर्ड लेखकों और पत्रकारों को रोजगार मिल रहा है. ऐसे ही एक युवा लेखक शांतनु गुप्ता हैं जिन के क्लाइंट कोई ऐरागैरा, अर्धकामयाब,  मिडिलक्लासी नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसी भगवा हस्ती है.

शांतनु ने योगी की जिंदगी पर अभी तक 2 किताबें लिखी हैं जो धड़ाधड़ बिक रही हैं. नई किताब का शीर्षक है. ‘द मोंक हू ट्रांसफौर्म उत्तर प्रदेश, हाऊ योगी चेंज यूपी वाला भैया’.

भैया शब्द के अतिरिक्त आकर्षण वाली यह किताब अभिजात्य चाटुकारिता से भरी पड़ी है, जिस की बिक्री का आंकड़ा एक लाख प्रतियां छूने को है. शांतनु तो योगी के तुलसीदास हो गए हैं, इसलिए उन पर धनवर्षा भी खूब हो रही है. अब यह और बात है कि किताब में हकीकत कम यूपी के विकास की फांकालौजी ज्यादा है.

योगीराज के विकास का सच देखने के लिए लेखक को वाराणसी जरूर जाना चाहिए था, जहां तंग, बदबूदार गलियों में देशभर के श्रद्धालु धक्के खाते सोचते जरूर हैं कि यहां का ट्रैफिक और ठगी तो भगवान शंकर से भी कंट्रोल न हो पाएगा.

एक विधायक का तलाक

?ारखंड के पितृ पुरुष कहे जाने वाले बुजुर्ग शिबू सोरेन के पास नहीं है तो टीवी के परदे पर आधी रात को बिकने वाला गृहशांति नाम का चमत्कारी सिद्ध यंत्र, जिस को घर में टांगते ही सदस्यों की बुद्धि घूम जाती है और वे आपस में प्रेमभाव से रहने लगते हैं.

सोरेन परिवार में गृहक्लेश बढ़ रहा है. इस पर किसी ऊपरी हवा का प्रभाव है या नहीं, यह कोई ज्ञानी गुनिया ही बता सकता है जो ?ारखंड के गलीकूचों में पोर्टेबल तंबू गाड़े अपना धंधा चला और चमका रहा हो.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के छोटे विधायक भाई, युवा, वसंत सोरेन ने 9 मार्च को अपनी पत्नी हेमलता पर क्रूरता का आरोप मढ़ते तलाक की अर्जी दायर कर दी है. अदालत में बैठा जज अच्छा हुआ तो तलाक शांति से संपन्न हो जाएगा, नहीं तो वसंत और हेमलता सालों तक अदालत व वकीलों के चक्कर काटते रहेंगे. मुमकिन है इस परेशानी से बचने के लिए वे किसी सुलह विशेषज्ञ बंगाली बाबा की शरण में जाते दिखें जो चुटकियों में पतिपत्नी का मिलाप करवाने की गारंटी लेता हो.

व्यर्थ गया दान

पंजाब में कांग्रेस तो मुंह दिखाने लायक भी नहीं रही लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह तो मुंह छिपाने लायक भी नहीं रहे जिन्हें अपनी ही पटियाला सीट पर ‘आप’ के उम्मीदवार अजीतपाल सिंह कोहली ने 20 हजार वोटों की ऐसी पटखनी दी है कि अब कभी वे राजनीति की बात नहीं करेंगे. और तो और, अपने मुख्यमंत्रित्व काल की उपलब्धियां, संस्मरण और गांधी परिवार से दोस्ती के अंतरंग किस्से भी सा?ा नहीं करेंगे.

अपनी जीत को ले कर अंधविश्वासी हो गए आशंकित अमरिंदर ने, बतौर टोटका, भैंस का बच्चा समारोहपूर्वक दान किया था, जिस से शनि की शांति हो. शनि महाराज अच्छे मूड में नहीं थे तो कुपित हो कर उन्होंने अपने खरबपति यजमान की वाट लगा दी.

सिंदूरी मूर्ति: जाति का बंधन जब आया राघव और रम्या के प्यार के बीच

Summer Special: रहना है हेल्दी तो इन 4 चीजों से रहें दूर

गरमी का मौसम शुरू होते ही लू और सूरज की गरमी से लोग परेशान होने लगे हैं. जैसे ही तापमान बढ़ता है लोगों को कई तरह की सेहत संबंधित समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने सेहत का खासा ख्याल रखें, इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप अपने डाइट पर ध्यान दें. गरमी की परेशानियों से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, इसके अलावा आप क्या खा रहे हैं इसका भी प्रभाव आपकी सेहत पर पड़ता है. इस लिए जरूरी है कि आप अपना डाइट प्लान बनाएं.

इस खबर में हम आपको कुछ खास चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें गर्मियों में खाने से बचना चाहिए.

तो आइए शुरू करें.

ज्यादा मसाले की चीजें ना खाएं

foods should not be eaten in summer

मसाला स्वाद के लिए तो अच्छा होता है पर अधिक गरमी के समय इसका सेवन पेट के लिए अच्छा नहीं होता है. इसके अधिक सेवन से स्वास्थ का काफी नुकसान होता है. इसके साथ ही शरीर का तापमान भी बढ़ता है. इसलिए गरमी में कम से कम मसालों का सेवन करें.

जंक फूड

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गरमी में जंक फूड से बेहतर हरी साग सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें. हरी सब्जियों से शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, जो कई बीमारियों से दूर रखने में मदद करते हैं.

चाय और कौफी

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हम में से बहुत से लोग अपने दिन की शुरुआत चाय या कौफी से करते हैं. पर ये दोनों ही हमारी सेहत के लिए हानिकारक होते हैं, इनके सेवन से हमारे शरीर का तापमान बढ़ता है. इनमें पाई जाने कैफिन शरीर को डिहाइड्रेट करती है. इस लिए बेहतर होगा कि गरमी में चाय और कौफी से दूरी बना लें.

मांसाहारी चीजों का कम सेवन करें

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गरमी में मांसाहार का सेवन कम करें. अधिकतर मांसाहार खानपान में मसालों की अधिक मात्रा होती है, इससे शरीर का तापमान बढ़ता है, जिससे काफी अधिक मात्रा में पसीना बाहर निकलता है. इसके अलावा पाचन तंत्र भी बुरी तरह  प्रभावित होता है.

Top 10 Summer Health Tips: टॉप 10 समर हेल्थ टिप्स हिंदी में

गरमी का मौसम अपने साथ बहुत सी बीमारियां ले कर आती है. इस दौरान हमारा इम्यून सिस्टम काफी प्रभावित होता है. इसके अलावा गरमी हमारे पाचन और त्वचा को बुरी तरह प्रभावित होती है. तो हम आपके लिए लेकर आए हैं, सरिता के टॉप 10 समर हेल्थ टिप्स हिंदी में. गरमी के मौसम में हेल्दी रहने के लिए आजमाएं ये खास हेल्थ टिप्स.

  1. गरमी में करें इन फलों का सेवन

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गरमी के मौसम में शरीर को खाने से अधिक पानी की जरूरत होती है. अगर आपके शरीर में पानी की कमी रह रही है तो आपको कई तरह के रोग हो सकते हैं. सीधे पानी पीने के अलावा आप अपनी डाइट में फलों को शामिल कर के पानी की कमी को दूर कर सकते हैं. इनके सेवन से आप कूल महसूस करेंगे. गरमीयों में मिलने वाले फल आम, तरबूज, खरबूज, बेल व मौसमी आपको अंदर से फिट रखते हैं.

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2. गरमी में करें प्याज का सेवन

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प्याज के बिना कोई भी खाना अधूरा होता है. स्वाद के लिए प्याज जरूरी होता है इसके साथ में अच्छी सेहत का भी राज है ये. गरमी में कच्चे प्याज का सेवन किसी दवाई से कम नहीं है. आपको बता दें कि प्याज में केलिसिन और रायबोफ्लेविन (विटामिन बी) पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा प्याज में जीवाणुरोधी, तनावरोधी, दर्द निवारक, मधुमेह को कंट्रोल करने वाला, पथरी हटाने वाले गुण भी होते हैं.

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3. फिट रहने के लिए आजमाएं ये 15 टिप्स

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गरमी का मौसम बोरिंग और थकान वाला होता है, लेकिन इसे अच्छा बनाने और खुद को गरमी से बचाने के लिए कुछ फिटनैस टिप्स अपनाने की जरूरत होती है ताकि आप कूल रह सकें. इस बारे में फोक फिटनैस की कोफाउंडर आरती पांडे बताती हैं कि कुछ सावधानियां बरतने से इस मौसम में फिट रहा जा सकता है.

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4. हेल्थ के लिए गुणों की खान है खीरा

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गर्मियों के दिनी में खीर का अपना ही महत्त्व है, यह बाजार में सर्वत्र मिलता है. खीरे का सेवन भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक किया जाता है. खीरा देश के हर भाग में उपलब्ध है. पहाड़ों में इसका आकार बड़ा होता है. खीरा सुपाच्य, शीतल व तरावट से भरपूर होता है. खीरे की तासीर ठंडी होती है.खीरा व ककड़ी एक ही प्रजाति के फल हैं.

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5. इस मौसम में होने वाली बीमारियों से ऐसे बचें

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लोगों को मौसमी फ्लू और संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में जरूरी है कि आप पहले से इन परेशानियों से लड़ने के लिए तैयार रहें. इसलिए हम आपको कुछ जरूरी टिप्स देने वाले हैं जो आपको इन चुनौतियों के सामने मजबूती से खड़े रखने में मदद करेंगे.

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6. गरमी में सत्तू के ये हैं फायदे

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सत्तू में ऐसे कई तत्त्व होते हैं, जो डायबिटीज और मोटापे जैसी गंभीर बीमारियों को ही नहीं, बल्कि कई दूसरी बीमारियों को भी शरीर से दूर करते हैं. सत्तू खाने में स्वादिष्ठ ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. सत्तू के औषधीय गुण भी बहुत हैं. चना और जौ जब साथ में मिलाते हैं, तो गरमियों में यह मिश्रण दवा की तरह काम करता है. गरमियों में सत्तू खाने से अनेक बीमारियां दूर रहती हैं.
चना और जौ को पीस कर सत्तू बनता है, जो शरीर को ठंडक देता है. खास बात यह है कि इस का शरबत, भरवां परांठे या रोटी, पंजीरी, लड्डू, मठरी आदि के रूप में सेवन किया जा सकता है.

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7. घर में ऐसे बनाएं हर्बल किचन गार्डन

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हम अपनी भाभी के साथ उन की सहेली के घर गए थे. बड़ी आत्मीयता से मिलने के साथ उन्होंने हमें कुछ जलपान परोसा मगर हम ने यह कह कर कि मुंह में छाले हैं, कुछ भी खाने से इनकार कर दिया. वे बोलीं, ‘‘कब से हैं ये छाले? जरा रुकिए,’’ कह कर वे घर के पिछवाड़े चली गईं और कुछ ही पलों में कुछ पत्ते हाथ में लिए आईं. हम ने देखा पत्ते एकदम साफ और हरे थे.

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8. कम पानी पीने से हो सकते हैं ये नुकसान

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इंसान के जीने के लिए खाने से ज्यादा पानी महत्वपूर्ण है. खाना 4 दिन ना मिले तो भी इंसान जिंदा रह सकता है, पर पानी के बिना एक से दो दिन होने भर जान निकलने लगती है. पर लोग पानी पीने को ले कर सबसे ज्यादा लापरवाह होते हैं. हमारा शरीर का करीब 70 फीसदी हिस्सा पानी से बना है. ऐसे में कम पानी पीने के कारण ज्यादातर समस्याएं होती हैं.

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9. और्गेनिक फूड सेहत के लिए फायदेमंद

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स्वास्थ्य का सीधा असर खानपान से होता है. स्वस्थ रहने के लिए लोग अब तेजी से और्गेनिक फूड अपना रहे हैं. पिछले कुछ सालों में लोगों का रुझान और्गेनिक फूड की तरफ काफी तेजी से बढ़ा है, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि इस के सेवन से इन्हें फायदा होगा. ज्यादातर लोगों का मानना है कि और्गेनिक फूड उन्हें बीमारियों से भी नजात दिलाता है.

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10. 40+ महिलाओं के लिए बेस्ट हेल्थ टिप्स

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उम्र का एक ऐसा पड़ाव आता है जब महिलाएं प्रजनन की उम्र को पार कर रजोनिवृत्ति की ओर कदम बढ़ाती हैं. यह उम्र का नाजुक दौर होता है जब शरीर कई बदलावों से गुजरता है. इस में ऐस्ट्रोजन हारमोन का लैवल कम होने से हड्डियों की कमजोरी, टेस्टोस्टेरौन हारमोन के कम होने के कारण मांसपेशियों की कमजोरी तथा वजन बढ़ने से मधुमेह व उच्च रक्तचाप होने की संभावना बढ़ जाती है.

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GHKKPM: विराट का ट्रांसफर रोकने के लिए सई करेगी ये काम

टीवी सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ (Ghum Hai Kisikey Pyaar Mein) की कहानी में एक नया मोड़ आ चुका है. शो में एक नयी एंट्री हुई है, जिससे शिवानी का कनेक्शन है. शो के आने वाले एपिसोड में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है. आइए बताते हैं शो के नए एपिसोड के बारे में.

शो में दिखाया जा रहा है कि सई शिवानी के अतीत के बारे में जानने की कोशिश कर रही है तो दूसरी तरफ सम्राट  सम्राट, पाखी को सई की बुराई करने से रोकता है. शो के अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि सई कॉलेज से घर आती है और विराट को सन्नी के साथ फिजियोथेरेपी सेशन में जाते देखती है.

 

सई मन ही मन सोचती है कि डीआईजी सर को विराट का फिटनेस प्रमाण पत्र मिल जाएगा तो वो उनका ट्रांसफर कर देंगे. सई विराट का ट्रांसफर रोकने के लिए कुछ सोचने लगती है. तो दूसरी तरफ डॉक्टर विराट की रिपोर्ट की जांच करते है और कहते हैं कि वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे.

 

शो में आप देखेंगे कि डॉक्टर सई की भी तारीफ करते है कि उसने विराट का बहुत अच्छे से ख्याल रखा. तो वहीं शिवानी, राजीव के बारे में सोचकर उदास रहती है. सई उसकी पसन्द का केक लेकर जाती है. शिवानी खाने से मना कर देती है लेकिन सई जिद करने लगती है. ऐसे में शिवानी राजीव की बातों को यादकर इमोशनल हो जाती है. शो में दिखाया जाएगा कि सई, शिवानी के फोन से राजीव को मैसेज भेजती है.

 

शो के बिते एपिसोड में आपने देखा कि मोहित, सई को बताता है कि शिवानी बुआ बहुत पहले राजीव से शादी करना चाहती थी लेकिन कुछ हुआ और उनकी शादी कैंसिल हो गई.

वनराज को तलाक देगी काव्या? आएगा ये ट्विस्ट

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ (Anupamaa) में इन दिनों हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. जिससे दर्शकों का फुल एंटरटेनमेंट हो रहा है. शो में अब तक आपने देखा कि लंबे समय के बाद मालविका की एंट्री हुई है और आते ही उसने वनराज, तोषू और काव्या को नौकरी से निकाल दिया है. तो वहीं दूसरी तरफ जब अनुज को ये बात पता चली है तो वह निराश हो जाता है. उसे लगता है, कहीं वनराज और बा फिर से उसकी शादी में बाधा बनकर खड़े रहेंगे. शो के अपकमिंग एपिसोड में खूब धमाल होने वाला है. आइए बताते हैं शो के नए एपिसोड के बारे में.

शो में दिखाया जा रहा है कि मालविका ने वनराज और तोषू के अलावा काव्या को भी नौकरी से बाहर निकाल दिया है. इससे सबसे बड़ा शॉक काव्या को लगा है. वह पूरी तरह टूट चुकी है. काव्या कमरे में बैठकर फफक-फफककर रो रही है. ऐसे में राखी दवे का विडीयो कॉल आता है, वह राखी को देखते ही फूट-फूट कर रोने लगती है.

 

इसके बाद काव्या राखी को बताती है कि सबकुछ खत्म हो गया है. मेरे पास तो ना घर है, ना नौकरी, ना ही कोई परिवार. वनराज भी मुझसे प्यार नहीं करता. ऐसे में समझ में नहीं आ रहा कि क्या करूं किसके पास जाऊं. रखी दवे इस मौके का फायदा उठाएगी.

 

शो के अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि काव्या राखी दवे से मिलने जाएगी. राखी दवे काव्या से कहेगी कि’मुझे लगता है कि तुम्हें स्टेप ले लेना चाहिए. काव्या पूछती है कैसा स्टेप? जवाब में राखी दवे कहती है कि पहले तुम्हें नौकरी के बारे में सोचना चाहिए उसके बाद तलाक के बारे में. तलाक लो और उस पागलखाने से बाहर निकल जाओ. शो में अब ये देखना होगा कि क्या राखी अपने चाल में कामयाब होगी?

 

शो के लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया गया कि तोषू बेडरूम में बैठकर किसी को मैसेज कर रहा होता है. और किंजल को पता चलता है कि तोषू फिर से राखी दवे से नौकरी मांग रहा है. किंजल मन में सोचती है कि तोषू ऐसा कैसे कर सकता है. इसमें बिल्कुल भी सेल्फ रिस्पेक्ट नहीं है.

भारत की प्राचीन नगरी अयोध्या वायु सेवा से जोड़ा जा रहा है: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की उपस्थिति में आज यहां उनके सरकारी आवास पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या के प्रथम चरण के विकास हेतु राज्य सरकार द्वारा क्रय की गयी 317.855 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की गयी. इसके लिए प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के मध्य लीज एग्रीमेण्ट का निष्पादन किया गया. मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष के मध्य लीज एग्रीमेण्ट दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया.

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन स्मृतियों को समर्पित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया की आज शुरुआत हुई है. इस शुरुआत के अवसर पर प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के मध्य भूमि लीज एग्रीमेंट की कार्यवाही सम्पन्न होना अत्यन्त अभिनन्दनीय पहल है. उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को राज्य सरकार के साथ समयबद्ध ढंग से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हृदय से धन्यवाद दिया.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज बासन्तिक नवरात्रि की पावन तिथि है. नवरात्रि की पावन तिथि भारत की सनातन परम्परा में ऊर्जा के संचार की तिथि के रूप में मानी जाती है. ऊर्जा एक सकारात्मक विकास का प्रतीक भी है. विकास का यह प्रतीक अयोध्या जैसी पावन नगरी के साथ जुड़ा हो, तो देश व दुनिया को प्रफुल्लित करता है. उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण दिन है. जब भारत की एक प्रमुख प्राचीन नगरी अयोध्या, जिसे भारत के आस्थावान नागरिक एक पवित्र नगरी के रूप में देखते हैं, उसे वायु सेवा से जोड़ा जा रहा है.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या में वर्ष 2023 में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका होगा. रामलला अपने स्वयं के मन्दिर में विराजमान होंगे. रामलला के भव्य मन्दिर निर्माण के साथ ही हमें इस एयरपोर्ट को क्रियाशील करने की तैयारी भी करनी चाहिए.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में विगत 05 वर्ष के अन्दर उत्तर प्रदेश ने बेहतरीन वायुसेवा की कनेक्टिविटी के लिए अच्छी प्रगति की है. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से ही यह सम्भव हो पाया है. प्रधानमंत्री जी ने वायुसेवा को विकास के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण माना है. प्रधानमंत्री जी का कहना है कि वायुसेवा केवल एक विशेष तबके तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हवाई चप्पल पहनने वाला कॉमन मैन भी हवाई जहाज की यात्रा कर सके, ऐसी वायुसेवा उपलब्ध करानी होगी.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में सिर्फ 02 एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील थे. पहला देश की राजधानी लखनऊ का तथा दूसरा प्राचीनतम नगरी काशी का. गोरखपुर व आगरा में मात्र एक वायुसेवा थी, जो कभी-कभी चल पाती थी. उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 09 एयरपोर्ट पूरी तरह से क्रियाशील हैं. वर्ष 2017 तक राज्य वायुसेवा के माध्यम से सिर्फ 25 गंतव्य स्थानों से जुड़ा था, उसमें भी निरन्तरता का अभाव था. आज 75 से अधिक गंतव्य स्थानों के लिए प्रदेश से हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 10 नये एयरपोर्ट के निर्माण की कार्यवाही चल रही है. प्रदेश में वर्तमान में 03 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं. एशिया के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य राज्य सरकार द्वारा युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. अयोध्या में आज से अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की कार्यवाही प्रारम्भ हो रही है. जब यह दोनों अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हो जाएंगे तो किसी भी राज्य की तुलना में प्रदेश के पास सर्वाधिक एयरपोर्ट होंगे. तब उत्तर प्रदेश 05 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य होगा, जो अपनी बेहतरीन वायु कनेक्टिविटी के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को बेहतरीन वायुसेवा की सुविधा उपलब्ध करवाने के बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सफल होगा.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज के कार्य के लिए भूमि की जितनी आवश्यकता थी, अयोध्या के जिला प्रशासन ने इस कार्य को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया है. इससे सम्बन्धित पूरी धनराशि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत करके पहले ही जिला प्रशासन को उपलब्ध करवायी जा चुकी है. इस अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जितनी भूमि की आवश्यकता है, उसमें से मात्र 86 एकड़ भूमि ही बाकी है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन तीव्र गति से शेष 86 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का कार्य करेगा. इस एयरपोर्ट के तीनों फेजों के निर्माण के लिए जितनी भूमि की आवश्यकता पड़ेगी, उतनी भूमि प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करवायी जाएगी. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समयबद्ध ढंग से इस एयरपोर्ट के विकास को आगे बढ़ाकर अयोध्या नगरी को दुनिया की सुन्दरतम नगरी के रूप में स्थापित करने के साथ ही हम बेहतरीन कनेक्टिविटी को उपलब्ध कराने में सफल होंगे.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए सकारात्मक सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है. वायुसेवा की बेहतरीन कनेक्टिविटी विकास के अनेक द्वार खोलती है. उन्होंने कहा कि जनपद गोरखपुर के वायुसेवा से जुड़ते ही वहां विकास की गतिविधियां तेज हुई हैं. वर्ष 2017 तक गोरखपुर मात्र एक वायुसेवा से जुड़ा था. आज यह 12 से 13 वायुसेवा से जुड़ा हुआ है. जैसे हवाई जहाज की यात्रा एक नई उड़ान होती है, वैसे ही विकास की नई उड़ान के साथ गोरखपुर तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों-वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, बरेली, प्रयागराज, गाजियाबाद (हिण्डन) इत्यादि में हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं. जनप्रतिनिधियों सहित समाज के विभिन्न वर्गाें के नागरिकों की हमेशा मांग रहती है कि उनके क्षेत्र को वायुसेवा से जोड़ा जाए. जहां वायुसेवा के लिए बड़े एयरपोर्ट बनाना कठिन होता है, वहां पर लोग हेलीकॉप्टर सेवा से जुड़ने की मांग करते हैं, जिससे वे भी विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह एक सकारात्मक एप्रोच है. उस सकारात्मक एप्रोच को तेजी से आगे बढ़ाना चाहिए. प्रदेश सरकार की सकारात्मक सोच ने प्रत्येक क्षेत्र में प्रधानमंत्री जी के विजन को जमीनी धरातल पर उतारने का कार्य किया है. उसी का परिणाम है कि प्रदेश अगले वर्ष तक 05 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट देश को देने की स्थिति में होगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में युद्धस्तर पर निर्मित हो रहे 10 नये एयरपोर्ट जब क्रियाशील होंगे, तब प्रदेश 19 एयरपोर्ट के साथ देश में वायुसेवा के साथ जुड़ने वाला सबसे बड़ा राज्य होगा.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार बेहतरीन कनेक्टिविटी के माध्यम से नागरिकों के जीवन को और भी सरल करने और विकास की सभी सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी, जो अपेक्षाएं आजादी के बाद से उत्तर प्रदेश वासियों ने की थीं. उन्होंने कहा कि वायुसेवा लोगों के जीवन को आसान बनाने, अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान करने और विकास की सभी सम्भावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का माध्यम है. नागरिकों की यात्रा को और सहज, सरल, सुलभ बनाने का भी वायु सेवा बेहतर माध्यम है. राज्य सरकार इस दिशा में भरपूर सहयोग करेगी.

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया. अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन श्री एसपी गोयल ने स्वागत सम्बोधन किया. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये.

ज्ञातव्य है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, अयोध्या के विकास हेतु 821 एकड़ भूमि चिन्हित की गयी है. प्रथम चरण के विकास हेतु 317.8 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को लीज पर दी जा रही है. राज्य सरकार द्वारा इसके विकास हेतु 1008.77 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है. इस एयरपोर्ट का विकास तीन चरणों में होगा. प्रथम चरण में वायुयानों हेतु 2200 मीटर ग 45 मीटर रनवे सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण होगा.

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई श्री नवनीत सहगल, मेम्बर प्लानिंग भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण श्री एके पाठक, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

गंवार: देवरानी-जेठानी का तानों का रिश्ता

आज मोनिका 2 महीने की बीमारी की छुट्टी के बाद पहली बार औफिस जा रही थी. मोनिका की देवरानी वंदना ने अपने हाथों से मोनिका के लिए टिफिन तैयार किया था. वह किचन से बाहर आते हुए बोली –

“भाभी, आप का टिफिन,” और मोनिका के करीब पहुंची तो मोनिका उसे गले लगा लिया. मोनिका की आंखों से आंसुओं की झड़ी लग गई. उस के मानस पटल पर अतीत की यादें किसी चलचित्र की भांति अंकित होने लगीं.

छोटे से गांव से मायानगरी मुंबई के पौश इलाके में बहू बन कर आने वाली वंदना के लिए अपननी ससुराल की राह पहले दिन से ही कठिन बन गई थी. शादी के बाद अपनी इकलौती जेठानी के पैर छूने के लिए झुकी तो मोनिका पीछे हटते हुए बोली –

“ओह, व्हाट इज़ दिस? यह किस जमाने में जी रही है, गंवार कहीं की, आजकल कोई पैर छूता है क्या? यह हाईटेक युग है, हाय-हैलो और हग करने का जमाना है. लगता है यह लड़की एजजुकेटेड भी नहीं है.”

“फिर तो भाभी से गले मिल लो वंदना,” अजित ने हंसते हुए कहा.

वंदना आगे बढ़ी तो मोनिका ने नाक सिकोड़ते हुए कहा, “बस, बस, दूर से ही नमस्कार कर दो, मैं मान लूंगी.”

वंदना दोनों हाथ जोड़ कर नमस्कार कर आगे बढ़ गई थी.

शादी के पहले दिन से ही जेठानी मोनिका का पारा सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ था. हाईटेक सिटी मुंबई की गलियों में बचपन बिताने वाली मोनिका को किसी ठेठ गांव की लड़की बतौर अपनी देवरानी कतई पसंद नहीं थी. मोनिका ने अपने देवर अजित की शादी अपने मामा की इकलौती बेटी लवलीना से करवाने के लिए बहुत हाथपैर मारे थे परंतु अजित ने उस की एक न सुनी थी.

लवलीना मौडलिंग करती थी और शहर के स्थानीय फैशन शोज में नियमित रूप से शरीक होती थी. फैशन शोज के लिए वह देश के अन्य शहरों में भी अकसर जाती थी. लवलीना का ताल्लुक हाईफाई सोसायटी से था. जुहू स्कीम इलाके में स्टार बेटेबेटियों के साथ स्वच्छन्द जीवन का लुत्फ उठाने वाली लवलीना फिल्मों में भी अपना नसीब आजमा रही थी. मोनिका किटी पार्टियों, शौपिंग व पिकनिक की जबरदस्त शौकीन थी. वह चाहती थी कि उस के परिवार में ऐसी ही कोई मौड लड़की आए ताकि जेठानीदेवरानी में बेहतर तालमेल बना रहे. परंतु जब अजित ने देहाती लड़की से विवाह कर लिया तो मोनिका के तमाम ख्वाब पत्थर से टकराए शीशे की भांति टूट कर चकनाचूर हो गए. वह जलभुन कर रह गई.

अजित मैडिकल का छात्र था. जब वह एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में स्टडी कर रहा था तब अपने मित्र सुमित के विवाह में शरीक होने उस के गांव गया था. वह पहली बार किसी गांव में गया था. पर्वतों की तलहटी में बसे इस गांव के प्राकृतिक सौंदर्य को देख कर अभिजीत को पहली नजर में ही इस गांव से प्यार हो गया था. गांव के चारों ओर आच्छादित हरियाली, दूरदूर तक लहलहाते हरेभरे खेत, खेतों में फुदकती चिडियां, हरेभरेघने वृक्षों पर कलरव करते विहग और उन की छांव में नृत्य करते मोर, अमराइयों में कूकती कोयल आदि ने अजित को इतना प्रभावित किया कि वह शादी के बाद भी कई दिनों तक अपने दोस्त के घर पर ही रुक गया था.

अपने दोस्त के विवाह में ही अजित ने वंदना को देखा था. विवाह के 2 दिन पूर्व आयोजित संगीत संध्या में उस ने वंदना को गाते और नृत्य करते हुए पहली बार देखा था. संगीत संध्या की रात को नींद ने अजित की आंखों से किनारा कर लिया. रातभर उस की आंखों के सामने वंदना का चेहरा ही घूम रहा था. उसे लगा कि अब उस की तलाश पूरी हो गई है. उस के दिमाग में जीवनसाथी की जो तसवीर थी उसी के अनुरूप वंदना थी.

सुमित के विवाह के बाद अजीत ने वंदना के बारे में छानबीन शुरू कर दी थी. उस ने प्रवीण के पिता शिवशंकर प्रसाद से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया, ‘बेटा, वंदना, पंडित रामप्रसाद की ज्येष्ठ कन्या है. वे सेवानिवृत्त अध्यापक हैं, जो 2 वर्ष पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं. घर की गरीबी के कारण वंदना ने कक्षा 10वीं उत्तीर्ण कर स्कूल को अलविदा कह दिया था. वंदना मेरी गोद में खेली है, लड़की बहुत ही संस्कारित, सुशील और बुद्धिमान है. वंदना की आवाज बहुत ही मीठी व सुरीली है. वह बहुत अच्छा गाती है. प्रवीण के विवाह में संगीत संध्या में तुम ने वंदना के गीत सुने होंगे. अजित, एक बात मैं तुम्हें यह भी बताना चाहूंगा कि वंदना के विवाह की चिंता ने रामप्रसाद की नींद हराम कर दी है. उन की बिरादरी के कई लोग वंदना को देखने आते हैं पर दहेज पर आ कर बात फिसल जाती है. वंदना से छोटी एक और बहन है. उस के हाथ भी पीले करने हैं. गत वर्ष पंडितजी की पत्नी का अल्पावधि बीमारी के बाद आकस्मिक निधन हो गया था. उन्होंने इलाज में पैसे पानी की तरह बहाया. पर उसे बचा न सके. पंडितजी की पत्नी का निधन क्या हुआ, इस परिवार की रीढ़ ही टूट गई.’

शिवशंकर प्रसाद ने अजित के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, ‘बेटे अजित, पंडितजी मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं. उन की दोनों बेटियां सुंदर, सुशील और सुसंस्कारित हैं. अगर वंदना तुम्हें पसंद है और उसे अपना जीवनसाथी बनाना चाहते हो तो मुझे पंडितजी से बात करने में प्रसन्नता होगी.’

शिवशंकर प्रसाद की बातों से अजित के मन में लड्डू फूट रहे थे. वह जल्दी से जल्दी मुंबई जा कर इस संबंध में अपने मातापिता से बात करना चाहता था.

शिवशंकर ने अल्पविराम के बाद कहा, ‘बेटा, कोई निर्णय लेने से पहले अपने मातापिता से एक बार बात जरूर कर लेना. हो सके तो उन्हें एक बार यहां ले कर आ जाना.’

‘जरूर अंकल, मैं कोई निर्णय लेने से पूर्व मातापिता से जरूर बात करूंगा और मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी पसंद ही मेरे मातापिता की पसंद होगी. अंकल, वंदना तो मुझे पहली नजर में ही पसंद आ गई है. मैं ऐसी ही लड़की को अपनी जीवनसंगिनी बनाना चाहता हूं, जिस का मन स्वच्छ कांच की तरह पारदर्शक हो, जिस के आरपार सहज देखा जा सकता है. वंदना का मन ताल के स्वच्छ जल की तरह निर्मल है, जिस के भीतर सहजता से झांक कर तल को देखा जा सकता है. अंकल, सुमित के विवाह के दौरान हमारी कई बार मुलाकातें हो चुकी हैं. मैं कल ही मुंबई जा रहा हूं. आप चाहे तो वंदना के पापा से बात कर सकते हैं,’ अजित उत्साहित हो कर बोल रहा था.

‘ठीक है, मैं कल ही पंडितजी से बात कर लेता हूं,’ शिवशंकर ने कहा.

अजित ने मुंबई पहुंच कर जब अपने मम्मीपापा और भैयाभाभी से इस बारे में बात की तो मोनका भाभी क्रोधित हो गईं. उन्होंने नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा, ‘अरे, अजीत, मैं ने तो लवलीना से तुम्हारे लिए बात कर रखी है. मुंबई जैसे शहर में गांव की अशिक्षित और गंवार लड़की ला कर समाज में हमारी नाक कटवाओगे क्या?’

‘अरे भाभी, मैं ने आप से पहले ही कह दिया था न कि मुझे लवलीना पसंद नहीं है. मेरी और उस की सोच में ज़मीनआसमान का अंतर है. भाभी, मैं सीधासादा लड़का हूं जबकि लवलीना हायफाय,’ अजित मुसकराते हुए और कुछ कहने जा रहा था मगर मोनिका ने अजित की बात काटते हुए कहा, ‘क्या बुराई है लवलीना में, दिखने में किसी हीरोईन से कम नहीं है, अच्छी पढ़ीलिखी है, ऊंचे खानदान की है, हाई सोसायटी से ताल्लुकात रखती है. भैया, तुम्हें ऐसी लड़की दिन में चिराग ले कर ढूंढ़ने से भी नहीं मिलेगी,’ कहते हुए मोनिका मुंह फुला कर बैठक से चली गई.

‘अरे भाई, उसे अपनी पसंद की लड़की से शादी करने दो न. तुम अपनी पसंद उस पर क्यों थोप रही हो?’ अजित के बड़े भाई रोहन ने मोनिका को समझाते हुए कहा. लेकिन तब तक मोनिका अपने कमरे में जा हो चुकी थी.

2 ही दिनों बाद अजित अपने मातापिता को ले कर वंदना के गांव पहुंच गया. वंदना सभी को पसंद आ गई. अजित की मम्मी ने तो वंदना के हाथ में शगुन भी दे दिया. चट मंगनी और पट विवाह हो गया. मोनिका की नाराजगी के बावजूद वंदना इस घर की बहू बन कर आ गई. वंदना को विवाह के पहले दिन से ही अपनी जेठानी मोनिका की नाराज़गी का शिकार होना पड़ा था. वह बातबात पर वंदना पर ताने कसती थी. लेकिन वंदना ने मानो विनम्रता का चोगा पहन लिया हो, वह मोनिका के तानों पर चूं तक न करती, चुपचाप सहन करती रही. वंदना जानती थी कि शब्द से शब्द बढ़ता है, सो, उस के लिए इस वक्त खामोश रहना ही उचित है. उसे विश्वास था कि समय सदैव एकसमान नहीं रहता है, यह परिवर्तनशील है, एक दिन उस का भी वक्त बदलेगा.

समय बीत रहा था. मोनिका एक सरकारी बैंक में नौकरी करती थी, सो, वह हमेशा अपना टिफिन खुद बना कर सुबह 9 बजे अपनी स्कूटी से बैंक चली जाती थी और शाम को 5 बजे के आसपास लौटती थी. वंदना से मोनिका इस कदर नाराज थी कि वह उस के हाथ की चाय तक नहीं पीती थी. मोनिका के बैंक जाने के बाद ही वंदना का किचन में प्रवेश होता था. वंदना के सासससुर मोनिका के तेजतर्रार स्वभाव से भलीभांति परिचित थे, सो, वे हमेशा खामोश ही रहते थे. सबकुछ ठीक चल रहा था. पर किसी को क्या पता था कि कोई अनहोनी उन के दरवाजे पर जल्दी ही दस्तक देने वाली है.

एक दिन शाम को बैंक से लौटते वक्त किसी टैम्पो ने मोनिका की स्कूटी को पीछे से जोर से टक्कर मार दी. मोनिका ने हेल्मेट पहना हुआ था, इसलिए उस के सिर पर चोट नहीं आई मगर उस के दाएं हाथ और बाएं पैर पर गहरी चोट आई थी. किसी भले व्यक्ति ने अपनी कार से मोनिका को नजदीक के अस्पताल में पहुंचाया था. अस्पताल से फोन आते ही अजित और वंदना तुरंत अस्पताल पहुंचे.

मोनिका के पति रोहन औफिस के काम से भोपाल गए हुए थे. अजित ने देखा कि मोनिका आईसीयू में है. डाक्टरों ने बताया कि वह अभी बेहोशी की अवस्था में है. कुछ देर में उन्हें होश आ जाएगा. हैल्मेट की वजह से उन के सिर में कोई चोट नहीं आई, मगर वह घबरा कर बेहोश हो गई है. उस के हाथ और पैर में गहरी चोट लगी है. फ्रैक्चर भी हो सकता है. एक्सरे रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा.

कुछ ही देर में मोनिका को होश आ गया. डाक्टर ने अजित को इशारे से अंदर बुलाया. अजित ने मोनिका को बताया कि वे बिलकुल न घबराएं. उन के हाथ और पैर में ही चोट लगी है, सिर में कहीं चोट नहीं आई है. एक्सरे से मालूम पड़ जाएगा कि फ्रैक्चर है या नहीं. कुछ ही देर बाद डाक्टर ने एक्सरे देख कर अजित को बताया कि मोनिका के दाएं हाथ और बाएं पैर में फ्रैक्चर है. उन्हें करीब एक सप्ताह अस्पताल में रहना पड़ेगा. अजित ने फोन द्वारा रोहन को घटना की जानकारी दे दी.

करीब 2 सप्ताह के बाद मोनिका को अस्पताल से छुट्टी मिली. अजित और वंदना के साथ मोनिका घर पर आई. घर के दरवाजे पर मोनिका को रोक कर वंदना ने कहा, ‘भाभी, अब तुम अपने लिए पानी का गिलास तक नहीं भरोगी. डाक्टर ने वैसे भी आप को पूरे 2 महीने आराम करने की सलाह दी है. फिर आप के एक हाथ और एक पैर पर प्लास्टर चढ़ा है. सो, आप को अब आराम की सख्त जरूरत है. आज से आप मुझे कोई भी और किसी प्रकार का काम करने के लिए कहने में कोई संकोच नहीं करोगी, ऐसा मुझ से वादा करो. तभी आप को मैं घर के अंदर आने दूंगी.’ यह कहने के साथ ही वंदना बीच दरवाजे पर खड़ी हो गई.

मोनिका की आंखों से आंसू छलक पड़े. उस ने वंदना को एक हाथ से अपनी ओर खींचते हुए उस का माथा चूम लिया और रुंधे कंठ से बोली, ‘वंदना, मुझे माफ कर देना, मैं ने तुम्हें न जाने क्याक्या कहा और तुम्हें बेवजह परेशान भी बहुत किया. तुम पिछले 2 सप्ताह से सबकुछ भुला कर मेरी सेवा में समर्पित हो गईं. इतनी सेवा तो अपना भी कोई नहीं करेगा. वंदना, तुम्हें इस घर में आए अभी 7 महीने ही हुए हैं, पर तुम ने अपनी मृदुलवाणी और विनयभाव से हम सब का दिल जीत लिया. मुझे अजित की पसंद पर गर्व है. वंदना, तुम्हारे बरताव से एक बात मेरी समझ में आ गई कि गांव की लड़की अशिक्षित हो सकती है मगर असंस्कारित नहीं. तुम पारिवारिक एटिकेट्स की जीतीजागती मूरत हो. वंदना, प्लीज, पहले तुम मुझे माफ कर दो, तो ही मैं घर में प्रवेश करूंगी.’

‘भाभी, आप बड़ी बहन के समान हैं, जिसे अपनी छोटी बहन को डांटने और फटकारने का हक तो होता है न, फिर भला, मुझे बुरा क्यों लगेगा. आप माफी की बात कर के मुझे शर्मिंदा न करें, यह तो आपका विनय है भाभी,’ कहते हुए वंदना ने अपनी जेठानी को बांहों में भर लिया.

‘अरे भाई, देवरानी और जेठानी की डायलौगबाजी खत्म हो गई हो, तो हम अंदर चलें क्या, मुझे और अजित को जोर से भूख लगी है,’ दरवाजे के बाहर खड़े रोहन ने अजित की ओर देख कर मुसकराते हुए कहा.

‘हां…हां भाईसाहब, खत्म हो गई है हमारी डायलौबाजी, आप सब भीतर आइए. मैं भाभी को अपने कमरे में बिठा कर आप सभी के लिए चायनाश्ता बनाती हूं,’ कहते हुए वंदना ने अपने दोनों हाथ मोनिका की तरफ बढ़ा दिए, जिन्हें उस ने कस कर पकड़ लिया और धीरेधीरे वंदना का सहारा लेते हुए अपने कमरे की ओर बढ़ने लगी.

“अरे भाभी, आप कहां खो गई हो, अब तो मेरा हाथ छोड़ो न, आप ने कब से इसे कस कर पकड़ रखा है. आप को बैंक जाने में देर हो रही है,” वंदना ने कहा.

“ओह, सौरी वंदना, मैं तो अतीत में पहुंच गई थी,“ कहते हुए मोनिका ने वंदना के हाथ से टिफिन लिया और अपने पति रोहन के साथ धीरेधीरे सीढ़ियों से उतरने लगी.

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