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अर्थव्यवस्था में अब खत्म होगा पश्चिम का वर्चस्व

पांच विकासशील देशों का समूह ‘ब्रिक्स’, बैंक के बाद अब क्रेडिट रेटिंग फर्म खोल सकता है. इसका उद्देश्य पश्चिमी देशों के फाइनैंस के क्षेत्र में एकाधिकार को खत्म करना होगा. 'क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फॉर इमर्जिंग मार्केट ' नाम से इसकी शुरूआत अक्टूबर में भारत में होने वाली ब्रिक्स समिट में होने की उम्मीद है. ब्रिक्स के एक अधिकारी के अनुसार ब्रिक्स देशों- भारत, रुस, ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच इस विषय पर बातचीत पहले से चल रही है.

इसके अलावा समिट में भारत में एनडीबी इंस्टिट्यूट बनाने के प्रस्ताव पर भी बात होगी. यह इंस्टिट्यूट न्यू डेवलपमेंट बैंक( एनडीबी ) के लिए रिसर्च और प्रोजेक्ट ढ़ूढ़ने का काम करेगा. इस बैंक की शुरूआत 100 बिलियन डॉलर की पूंजी के साथ हुई है. रेटिंग के क्षेत्र में मूडीज, फिच और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स का 90 प्रतिशत का मार्केट है.

वित्तीय रुप से उभरते हुए देशों का पश्चिमी रेटिंग एजेंसियों पर विकसित देशों की तरफ झुकाव का आरोप रहा है. चीन और रूस इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. साथ ही यह एजेंसी विकसित हो रहे देशों में विकास के कार्यों का मूल्यांकन भा करेगी.

अब ट्रेन में खाना ऑर्डर करें और पायें कैशबैक…!

आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) की ओर से ट्रेन में उपलब्ध कराई जा रही फूड फेसिलिटी में अब सभी यात्री 50% कैशबैक ले सकते हैं. दरअसल, आईआरसीटीसी ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को अट्रैक्ट करने के लिए अपनी सर्विस में इजाफा दे रहा है. यही वजह है कि इसके तहत यात्रियों को अब न्यूनतम 300 रुपए के भोजन का प्री पेड आर्डर देने पर 50%  कैशबैक की सुविधा मिलेगी. यह सुविधा तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.

ग्राहकों को कैश बैक सुविधा का लाभ लेने के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.ecatering.irctc.co.in/eCatering या फूड ऑन ट्रैक मोबाइल एप के माध्यम से ही बुकिंग करनी होगी. इनके अलावा किसी भी विक्रेता या किसी अन्य एप और फोन नंबर पर भोजन बुक करने पर यह लाभ नहीं मिल पाएगा.

बता दें कि फूड डिलीवर होने की तारीख के बाद 50% पैसा उसी अकाउंट में जमा कर दिया जाएगा, जिसके जरिए फूड प्लेट को बुक किया गया था. कैश बैक की सुविधा के बारे में कोई भी जानकारी यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट और टोल फ्री नंबर 1323 पर फोन कर प्राप्त कर सकते हैं.

क्या आप जानते हैं बैंकों की इन 4 सर्विसेस के बारे में?

बैंक हमारी सुविधा के लिए कई सर्विसेस देते हैं, पर अधिकतर सर्विसेस के बारे में हमें जानकारी नहीं होती. पिछले फाइनेंशियल ईयर में ही बैंकों ने चार नई सर्विसेस लागू की थी. इन सर्विसेस के जरिए आपके लिए बिल पेमेंट करना, टोल का पेमेंट करने से लेकर एक ही कार्ड से बस, मेट्रो आदि ट्रैवल करना आसान हो जाएगा. इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में पहली बार भारत का अपना ‘रूपे क्रेडिट कार्ड’ भी लांच होगा. इन सब सर्विसेस के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ने तैयारी कर ली है.

भारत बिल पेमेंट सिस्टम

उपभोक्ता को अपने सभी तरह के यूटिलिटी बिल सिंगल प्वाइंट पर जमा करने की सुविधा मिलेगी. नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने इसके लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम को विकसित करने का प्रक्रिया पूरी कर ली है.

कैसे काम करेगा भारत बिल पेमेंट सिस्टम

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सूत्रों के अनुसार भारत बिल पेमेंट सिस्टम पर ऑनलाइन और ऑफलाइन कॉमन प्लेटफॉर्म की सुविधा मिलेगी. ऑफलाइन के तहत एजेंट नियुक्त किए जाएंगे. जो कि ब्रांच से जुडें होंगे. एजेंट सभी तरह के बिल का पेमेंट ले सकेंगे. जिनके जरिए संबंधित सर्विस प्रोवाइडर को उपभोक्ता का बिल जमा कर दिया जाएगा. बिल का भुगतान भारत पेमेंट ऑपरेशन यूनिट के जरिए होगा. जहां उपभोक्ता कैश, चेक के साथ ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकेंगे. इसके अलावा भारत बिल पेमेंट सिस्टम के जरिए घर बैठे ऑनलाइन पेमेंट की भी सुविधा मिलेगी.

इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन

सूत्रों के अनुसार सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के प्रस्ताव पर नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को विकसित करने जा रहा है. इसके तहत बैंकों के साथ मिलकर पूरे सिस्टम को विकसित किया जाएगा. जिसमें बैंक कार्ड इश्यू करेंगे. टोल पर कार्ड टच कर पेमेंट किया जा सकेगा. सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार केवल इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम पूरे देश में लागू होने से करीब 87 हजार करोड़ रुपए की सालाना बचत की जा सकती है. साथ टोल पर वेटिंग टाइम में 10 मिनट की कमी हो सकती है.

आएगा कॉमन मोबिलिटी कार्ड

इस तरह के कार्ड का उद्देश्य सभी तरह की ट्रांसपोर्ट सर्विसेस के लिए एक कॉमन कार्ड होगा. यानी एक कार्ड के जरिए बस, मेट्रो, लोकल ट्रेन आदि में सफर किया जा सकेगा. अलग-अलग ट्रांसपोर्ट के लिए अलग-अलग स्मार्ट की जरूरत नहीं होगी. सूत्रों के अनुसार एनपीसीआई नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को मार्च 2017 के पहले लांच कर देगा.

…तो ये हैं ‘सुल्ता‍न’ की सल्तनत का वारिस

सलमान खान अब सुल्ता‍न मोड में आ चुके हैं और ईद तक वो सुल्ता‍न मोड में ही रहेंगे. यानि कि अब वो खुलकर पूरे बॉलीवुड के बारे में बात करेंगे. हाल ही में एक इवेंट में उनसे पूछा गया कि आज के एक्टर्स में उनका फेवरिट कौन है. तो सलमान खान ने बिना समय लिए तुरंत जवाब दिया – वरूण मुझे मेरे बीते दिनों की याद दिलाता है. मैं भी बिल्कुल ऐसा ही था. वैसे वरूण धवन ने कभी इंकार नहीं किया कि वो सलमान खान को कॉपी करते हैं. लेकिन अब सलमान ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है.

और इस बात से वरूण धवन और सलमान खान दोनों के ही फैन्स काफी खुश होने वाले हैं. वैसे भी वरूण धवन धीरे-धीरे ही सही लेकिन सलमान खान जैसे स्टार्स की लीग में आगे बढ़ रहे हैं. 

हाल ही में उन्हें स्टार नेटवर्क ने एक करारी डील तक ऑफर कर दी जो उनके जेनेरेशन के किसी एक्टर को नहीं मिली है. यही कारण है कि वरूण धवन के फैन्स के पास खुश होने के सारे रीज़न हैं. हालांकि अगर बॉलीवुड फैन्स की मानें तो वरूण धवन परफेक्ट सलमान तो हैं लेकिन छोटे से ट्विस्ट के साथ.

साइबर ठगी से ऐसे बच सकते हैं आप

फिशिंग के बारे में अब बैंक इतने सचेत हो गए हैं कि उचक्कों का काम मुश्किल हो गया है, इसलिए अब ठगों ने फिशिंग का नया तरीका अपनाया है. इसका नाम है 'विशिंग' और 'स्मिशिंग'. फिशिंग के नए रूप को विशिंग कहते हैं.

फिशिंग में आपको ईमेल मिलता है और जैसे ही आपने उस पर क्लिक किया तो वो आपको फर्ज़ी वेबसाइट पर ले जाकर आपकी गोपनीय जानकारियां उड़ा लेता है.

लेकिन विशिंग या वॉइस वाले फिशिंग में उचक्कों का पता करना बहुत मुश्किल होता है. इसमें आपको एक कॉल आएगा और आपसे किसी भी बहाने आपका एटीएम कार्ड का नंबर और बैंक का पिन मांगा जाएगा.

कॉल करने वाले आपको ये विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि वो बैंक से फोन कर रहे हैं. कभी कभी वो आपसे क्रेडिट कार्ड नंबर और पीछे लिखा सीवीवी कोड भी मांगते हैं.

कभी भी बैंक का कोई भी कर्मचारी आपसे क्रेडिट या डेबिट कार्ड नंबर नहीं मांगेगा. अगर आपसे ये जानकारी मांगी जाएगी तो वो एक आईवीआरएस सिस्टम पर होगा जो एक कंप्यूटर का काम है. सीवीवी नंबर कभी भी आईवीआरएस पर भी नहीं मांगा जाएगा, जब तक कोई खरीदारी नहीं करनी है.

स्मिशिंग से उल्लू बनाने की कोशिश

हालांकि विशिंग के मुकाबले स्मिशिंग से किसी को उल्लू बनाना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि विशिंग में उचक्के के खिलाफ कोई सबूत नहीं होता है. स्मिशिंग में आपको एक एसएमएस मिलता है और उसके जरिए उनसे बैंक के बारे में जानकारी मांगी जाती है.

एसएमएस भेजने वाला उचक्का अपने आपको बैंक या कोई सरकारी एजेंसी का अफसर बताता है या फिर ये बताने की कोशिश करता है कि वो मैसेज बैंक से है. उचक्के की कोशिश होती है कि मैसेज में दिए लिंक को लोग क्लिक करें जहां उनके बारे में जानकारी मांगी जाती है और क्रेडिट या डेबिट कार्ड के बारे में भी जानकारी देनी होती है.

उचक्के ऐसे एसएमएस और लिंक पर क्लिक करवा कर आपके स्मार्टफोन पर वायरस भी छोड़ सकते हैं. इन सबसे बचने का रास्ता काफी आसान है. कभी भी अनजाने मैसेज या कॉल का जवाब मत दीजिए.

अपने बैंक के बारे में या अपने बारे में किसी अनजाने को जानकारी नहीं दीजिए. किसी के कॉल करने पर शक हो तो आप कॉल डिसकनेक्ट करके खुद बैंक के नंबर पर कॉल कर लीजिए.

सानिया-हिंगिस ने जीता इटालियन ओपन

भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा और स्विटजरलैंड की उनकी जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस ने एक संघर्षपूर्ण मैच में इकटेरिना मकरोवा और इलेना वेसनिना की जोड़ी को हराकर डब्ल्यूटीए इटालियन ओपन में महिला युगल का खिताब जीता लिया है. भारतीय-स्विस जोड़ी का क्ले कोर्ट पर यह पहला खिताब है और इसके साथ ही उन्होंने 22 मई से शुरू होने वाले फ्रेंच ओपन के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है.

जोड़ीदार के रूप में इन्होंने इस सत्र का पांचवां खिताब जीता. उन्होंने इससे पहले सिडनी, ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलियन ओपन व सेंट पीटर्सबर्ग में खिताब जीते थे.

सानिया और हिंगिस की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने मकारोवा और वेसनिना की सातवीं वरीय रूसी जोड़ी को डेढ़ घंटे तक चले मैच में 6-1, 6-7, 10-3 से हराया और इस तरह से फरवरी के बाद अपना पहला खिताब जीता. विंबलडन, यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाली सानिया और हिंगिस की निगाह अब फ्रेंच ओपन जीतकर लगातार चारों ग्रैंडस्लैम जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम करने पर लगी है.

सानिया का यह 37वां युगल खिताब है जबकि हिंगिस ने अपना 55वां खिताब हासिल किया. टीम के रूप में इन दोनों का यह इस सत्र में पांचवां खिताब है.

क्ले कोर्ट सत्र शुरू होने के बाद सानिया और हिंगिस लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंची थी लेकिन पोर्श टेनिस ग्रां प्री और मैड्रिड ओपन दोनों के फाइनल में कैरोलाइन गर्सिया और क्रिस्टीना मलडेनोविच से हार झेलनी पड़ी थी. फ्रेंच ओपन से पहले हालांकि इस जीत से उनका रोलां गैरां के लिए मनोबल बढ़ेगा.

सानिया और हिंगिस ने पहले सेट में पूरा दबदबा बनाए रखा. उन्होंने 2013 की फ्रेंच ओपन चैंपियन टीम की दो बार सर्विस तोड़ी. इस बीच रूसी जोड़ी एक बार भी ब्रेक प्वाइंट लेने की स्थिति में नहीं पहुंची. दूसरा सेट हालांकि काफी कड़ा रहा. सानिया और हिंगिस ने हालांकि तीसरे गेम में ब्रेक प्वाइंट लेकर 2-1 से बढ़त बना ली लेकिन अगले गेम में वे अपनी सर्विस नहीं बचा पायी.

वेसनिना ने इस बीच कुछ अच्छे रिटर्न किए जिससे स्कोर 5-5 से बराबरी पर पहुंच गया. टाईब्रेक में रूसी जोड़ी ने शुरू में ही 4-0 की बढ़त बना दी. सानिया और हिंगिस ने स्कोर 4-5 करके वापसी की. लेकिन आखिर में वेसनिना की वाली से रूसी जोड़ी ने टाईब्रेकर 7-5 से जीतकर यह सेट अपने नाम किया.

सानिया और हिंगिस ने सुपर टाईब्रेक में अपने अनुभव का अच्छा इस्तेमाल किया. उन्होंने 8-3 से बढ़त बनाकर रूसी टीम पर दबाव बना दिया था. मकारोवा ने वाली नेट पर मार दी जिससे भारतीय-स्विस जोड़ी ने खिताब जीत लिया.

वर्सटैप्पन ने रचा इतिहास, सबसे कम उम्र के F1 चैम्पियन

मैक्स वर्सटैप्पन फॉर्मूला वन चैंपियनशिप जीतने वाले दुनिया के सबसे युवा ड्राइवर बन गए हैं. इस मुकाबले में राइकोनेन दूसरे, वेट्टल तीसरे और रिकयार्डो चौथे नबंर पर रहे. नीदरलैंड्स के मैक्स ने रेड बुल की तरफ से हिस्सा लिया था. सहारा फोर्स इंडिया के सर्जियो पेरेज भी स्पैनिश ग्रां प्री में सातवें स्थान पर रहे जिससे उनकी टीम को छह अंक मिले.

हैमिल्टन और रोसबर्ग पहले ही मुकाबले से बाहर हो गए थे जब दोनों की गाड़ियां आपस में भिड़ गईं. पेरेज की टीम के साथी निको हल्केनबर्ग हालांकि रेस पूरी नहीं कर पाये और तेल के रिसाव और आग के कारण शुरू में ही बाहर हो गये थे. किशोर ड्राइवर वर्सटैप्पन ने मर्सीडीज के पहले लैप की दुर्घटना का फायदा उठाकर सबसे कम उम्र के फॉर्मूला वन विजेता बने.

रेड बुल की तरफ से पहली बार भाग ले रहे 18 वर्षीय वर्सटैप्पन ने अपनी 24वीं एफवन रेस में पहली जीत दर्ज की. नीदरलैंड का यह ड्राइवर अभी 18 वर्ष 228 दिन का है. उन्होंने चार बार के चैंपियन सेबेस्टियन वेटेल का रिकार्ड तोड़ा जिन्होंने 2008 में 21 साल 74 दिन की उम्र में रेड बुल के ड्राइवर के रूप में खिताब जीता था.

जीतने के बाद मैक्स ने कहा, "ये आश्चर्यजनक लगता है. मैं अभी भी यकीन नहीं कर पा रहा हूं, ये एक बेहतरीन रेस रही." उन्होंने कहा, "मैं टीम का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे इतनी बेहतरीन गाड़ी दी. पहली ही दौर को जीतना अद्भुत लगता है. इस जीत को हासिल करने में मेरे पिता ने अहम भूमिका निभाई."

मैक्स के पिता जोस वर्सटैपनने ने कहा, "दूसरे ही साल में चैंपियनशिप जीतना अविश्वसनीय लगता है." फॉर्मूला वन के इतिहास में ये पहला मौका था जब डच का राष्ट्रीय गान बजाया गया.

जिंदगी और आसान बनायेंगे ये आविष्कार

अगर आदिमानव युग से आज के समय की तुलना की जाए तो मानव जीवन काफी सरल और सुगम हो गया है. और ये सब संभव हो पाया है विज्ञान और उसके आविष्कारों के कारण. यहां ऐसे ही कुछ आविष्कारों के बारे में बता रहे हैं हम जिससे अभी तक नामुमकिन लगने वाली चीजें भी मुमकिन लगने लगेंगी.

कॉन्सस कंप्यूटर

कॉन्सस कंप्यूटर (खुद के होश में रहने वाला कंप्यूटर) पर काम हो रहा है. इसका सबसे अच्छा उदाहरण रजनीकांत की फिल्म रोबोट से लिया जा सकता है. चिट्टी जैसे रोबोट हकीकत का जामा ओढ़ेंगे. इनकी कृत्रिम बुद्धि इंसानों की तरह जवाब-तलब करेगी. एक पल को आप भूल जाएंगे कि आप मशीन से नहीं, इंसान से बात कर रहे हैं. ये रोबोट जज्बाती होंगे, आपके अहसासों को तरजीह देंगे. गूगल लंबे समय से इस तकनीक पर काम कर रहा है. बहुत संभव है कि साइंस फिक्शन पर आधारित फिल्मी पटकथा भविष्य में यथार्थ का रूप ले लेगी.

वायरलैस इलेक्ट्रिसिटी

जरा सोचिए, अगर आपका फोन चार्जर का इस्तेमाल किए बिना चार्ज हो जाए, घर में बिजली कनेक्शन के लिए तारों का झंझट न रहे, अंडरग्राउंड बिजली के तारों के लिए जमीन न खोदना पड़े, तो कैसा रहेगा? बहुत संभावना है कि भविष्य में वायरलैस इलेक्ट्रिसिटी जन-जीवन का हिस्सा होगी. फोन चार्जिंग वगैरह पर फिलहाल प्रयोग किए जा रहे हैं. लेकिन भविष्य की गर्त में वायरलैस इलेक्ट्रसिटी का फंडा बखूबी काबिज है.

सिर ट्रांसप्लांट

मानव अंगों को बदलने यानी ट्रांसप्लांट करने में वैज्ञानिकों ने बहुत हद तक सफलता पाई है. लिवर, हार्ट, आंख ट्रांसप्लांट करना जैसे आम बात हो गई है. लेकिन अभी मानव सिर को ट्रांसप्लांट करने की मशक्कत जारी है. इटली के न्यूरोसर्जन सर्जियो कैनावेरो कई वर्षों से सिर ट्रांसप्लांट पर काम कर रहे हैं. उनका दावा है आने वाले कुछ वर्षों में इंसान का पूरा सिर ट्रांसप्लांट करना संभव होगा, इससे उसे नई जिंदगी जीने का मौका मिलेगा. इससे लकवा खाए लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा.

असली अंगों की तरह कृत्रिम मानव अंग

ऐसे कृत्रिम मानव अंग (हाथ, पैर) बनाए जा रहे हैं, जो दिमाग से मिलने वाले आदेश को फलीभूत करेंगे. यानी असली अंगों की तरह काम करेंगे. हाल ही में अमेरिका के ओहायो स्थित केस वेस्टर्न रिजर्व यूनीवर्सिटी ने ऐसे कृत्रिम हाथों पर सफल प्रयोग किया जो किसा चीज को छूने पर प्रतिक्रिया देते हैं. ये हाथ चीजों को पकड़ लेते हैं उन्हें उठा लेते हैं.

पल में भर जाएंगे घांव

फिल्मों में आपने सुपरमैन या वोल्वरीन को घांवों को पल में भरते हुए देखा होगा. यानी आपको चोट लगी, जख्म हुआ और पलक झपकते ही यूं भर गया. जरा सोचिए, ऐसा हकीकत में मुमकिन हो तो कितना बढ़िया रहेगा. अमेरिकी सेना के लिए समर्पित तकनीकी एजेंसी DARPA ( द डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी) के सौजन्य से वैज्ञानिक कुछ ऐसे माइक्रो (सूक्ष्म) इंम्प्लांट्स पर काम कर रहा हैं जो शरीर में फिट होकर ऐसी क्षमता देंगे कि घांव पल में भर जाएंगे और बड़ी से बड़ी बीमारियां पास नहीं फटकेंगी.

एंटी कोलिशन तकनीक

कारों में एंटी कोलीशन टेक्नोलॉजी पर दिन रात काम हो रहा है. इसके जरिए हादसों, भिड़ंत से बचा जा सकेगा. मान लीजिए आपकी कार सनसनाती हुई हाईवे पर जा रही है और अचानक सामने से कोई दूसरा वाहन या दूसरी चीज आ जाए तो दुघर्टना कोई नहीं रोक सकता. लेकिन एंटी कोलिशन तकनीक रोक लेगी. फिलहाल बीएमडब्ल्यू ने अपने आई3 लाइन व्हीकल रेंज में 360 डिग्री एंटी कोलीशन तकनीक का इस्तेमाल किया है. कार में लगे सेंसर उसे हर टक्कर से बचाते हैं. यहां तक की कोई ब्रेकर भी अचानक से आ जाए तो कार कंट्रोल हो जाती है.

आवाज बुझा देगी आग

आग जीवन का अहम हिस्सा है लेकिन आग तांडव भी मचा देती है. गर्मियों में जंगलों का सुलगना आम होता जा रहा है. दफ्तरों में या घरों में कभी किसी शॉर्ट सर्किट या लापरवाही से आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं. आग से बचाने के लिए सबसे बेहतर अग्निशमन साधन पानी ही नजर आता है, लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं. आग को पानी नहीं आवाज बुझा देगी. यकीन करना मुश्किल है लेकिन अमेरिका के वर्जीनिया स्थित जॉर्ज मेसन विश्वविद्यालय में किए गए शोध के बाद ऐसा अग्निशमन यंत्र बनाया गया है जो विशेष ध्वनि निकालकर आग बुझा देता है. अगर इस यंत्र के प्रयोग सफल रहे तो आग बुझाने में खर्च होने वाला पानी भी भविष्य में बचाया जा सकेगा.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

आमतौर पर क्रिकेटर किसी मैच की तैयारी के लिए नेट्स पर एक या 2 घंटे तक प्रैक्टिस करता है लेकिन रवांडा के एक क्रिकेटर ने नेट्स पर सबसे लंबे समय तक बैटिंग करने का ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है जिसे सुनकर हर कोई अचंभित रह जाएगा. क्रिकेट के इतिहास में जो बड़े दिग्गज नहीं कर पाए वो एक छोटे से देश के कप्तान ने कर सभी को हैरान कर दिया.

रवांडा के क्रिकेट कप्तान एरिक डुसिंगिजिमाना ने संयम और स्ट्रेंथ का परिचय देते हुए लगातार 51 घंटों तक नेट्स पर बैटिंग प्रैक्टिस कर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है.

जी हां रवांडा क्रिकेट टीम के कप्तान एरिक डुसिंगिजिमाना ने 11 मई से 13 मई तक लगातार नेट्स पर बैटिंग प्रैक्टिस की. एरिक ने देश की राजधानी किगाली में बुधवार को बैटिंग करना शुरू किया और उनका मैराथन नेट सेशन शुक्रवार को खत्म हुआ.

यह काम एरिक ने किसी बड़े मैच की तैयारी के लिए नहीं बल्कि एक नेक काम के लिए किया है. देश में पहला अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए ही एरिक ने इतने लंबे समय तक नेट्स पर बैटिंग की ताकि गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड में उन्हें जगह मिले और उन्हें स्टेडियम के लिए फंड जुटाने में मदद हो. इस पारी की तस्वीर खुद रवांडा क्रिकेट बोर्ड ने अपने सोशल मीडिया के पेज पर शेयर की थी.

अब तक 5000 पौंड (4.81 लाख रुपये) से ज्यादा जुटा चुके एरिक को विश्वास है कि उनकी इस उपलब्धि के बाद स्टेडियम के लिए जुटाई गई फंड की राशि बढ़कर 15000 पौंड (14.44 लाख रुपये) तक पहुंच जाएगी.

एरिक ने अपनी इस पारी से पहले देश के राष्ट्रपति से भी गुहार लगाई की वो आकर उन्हें नेट्स पर गेंदबाजी करें. दो दिन चले बैटिंग सेशन में एरिक को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और रवांडा में ब्रिटिश हाई कमिश्नर विलियम गेलिंग ने भी बॉल डाली. एरिक को अपनी पत्नी की बॉलिंग का भी सामना करना पड़ा जिन्होंने 51 घंटे लंबे नेट सेशन की अंतिम बॉल डाली.

एरिक ने भारतीय मूल के विराग मारे के 50 घंटे लगातारा बल्लेबाजी करने के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए ये उपलब्धि हासिल की. इससे पहले इंग्लैंड के डेव न्यूमैन और रिचर्ड वेल्स के नाम ये रिकॉर्ड दर्ज था.

एरिक के लिए विराग का रेकॉर्ड तोड़ना उतना आसान नहीं था. नियमों के मुताबिक हर घंटे उन्हें 5 मिनट का ब्रेक मिलता था जिसमें वह कुछ खाना भी खा सकते थे.

पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद के नाम क्रिकेट मैच में लगातार सबसे ज्यादा बल्लेबाजी करने का रिकॉर्ड दर्ज है. हनीफ ने 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 337 रनों की हिमालयी पारी के दौरान लगातार तीन दिनों तक टेस्ट मैच में बल्लेबाजी की थी. उन्होंने 16 घंटे 10 मिनट तक बल्लेबाजी की थी, यह रिकॉर्ड आज तक कायम है.

विद्या बालन बनेंगी संजय दत्त की WIFE

जब से संजय दत्त जेल से रिहा हुए हैं उनकी बायोपिक पर फिल्म बनाने का काम तेज हो गया है. राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में रणबीर कपूर संजय के रोल के लिए फाइनल हैं.

ताजा खबर है कि संजय की पत्नी मान्यता के रूप में विद्या बालन से बात की गई है. उन्होंने अभी फिल्म साइन नहीं की है मगर मौखिक मंजूरी दे दी है. पिछले कुछ समय से कंगना रनौत का नाम मान्यता के रोल के लिए सामने आ रहा था परंतु सूत्रों का कहना है कि ऋतिक के साथ पैदा हुए विवाद के बाद कंगना को लेकर निर्माताओं ने मन बदल दिया.

सूत्रों की मानें तो पिछले हफ्ते हिरानी ने बायोपिक पर विद्या से बात की. विद्या फिल्म लगे रहो मुन्नाभाई में उनके निर्देशन में काम कर चुकी हैं. उस फिल्म में उनके हीरो संजय दत्त थे. विद्या इस ऑफर को लेकर काफी उत्सुक हैं. हिरानी ने उन्हें फिल्म में मान्यता के रोल की विस्तार से जानकारी दी. स्क्रिप्ट पर फिलहाल काम चल रहा है.

सूत्रों का कहना है कि कंगना को लेकर निर्माता एक तो ऋतिक से विवाद की वजह से सशंकित हुए, दूसरे कंगना की तरफ से यह भी स्पष्ट नहीं है कि निर्देशक हंसल मेहता की फिल्म की शूटिंग कब तक खत्म हो जाएगी. संजय दत्त की बायोपिक की शूटिंग इस साल सितंबर में शुरू होनी है.

रणबीर कपूर जग्गा जासूस की शूटिंग खत्म करके जल्द ही पूरी तरह से इस फिल्म के लिए लुक पर काम करेंगे. विद्या की हां के बाद यह देखना रोचक होगा कि रणबीर के साथ उनकी जोड़ी पर्दे पर कैसी लगेगी.

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