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दो क्रिकेटर, एक तैराक, एक टेनिस खिलाड़ी और ‘मिर्जिया’

इन दिनों भारत क्रिकेट के रंग में डूबा हुआ है. एक तरफ न्यूजीलैंड के साथ भारतीय टीम के क्रिकेट मैच का लोग आनंद ले रहे हैं. तो दूसरी तरफ सिनेमा घरों में मशहूर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी पर बनी बायोपिक फिल्म ‘एम एस धोनी:अनकही कहानी’ लोगों को आकर्षित कर रही है.

फिल्म ‘‘एम एस धोनीःअनकही कहानी’’ में फिल्मकार नीरज पांडे ने क्रिकेट से ज्यादा महत्व क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की दो प्रेम कहानियों पर ध्यान दिया है. अब सात अक्टूबर को दो क्रिकेटर, एक तैराक व एक टेनिस खिलाड़ी एक साथ मिलकर ‘‘मिर्जा साहिबान’’ पर आधारित रोमांटिक गाथा ‘‘मिर्जिया’’ लेकर आ रहे हैं. मजेदार बात यह है कि ‘‘मिर्जिया’’ में भी दो प्रेम कहानियां समानांतर चलती हैं. एक प्रेमकथा हजारो वर्ष पुरानी मिर्जा साहिबान की है. तो दूसरी कहानी वह है जो कि ‘‘मिर्जा साहिबान’’ की कहानी की गूंज आज के राजस्थान के दो प्रेमियों आदिल व शुचि असर डालती है.

अब यदि आप यह सोचकर परेशान हो रहे होंगे कि फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ का क्रिकेटर या तैराक या टेनिस से क्या संबंध है, तो परेशान होने की बात नहीं है. बल्कि यह कटु सत्य है. मजेदार बात यह है कि इन चारों ने एक दूसरे की जिंदगी पर गहरा असर भी किया है. इतना ही नहीं यह चारों आज भी अपने अपने खेल से जुड़े हुए हैं.

जी हां! ‘‘सरिता’’ पत्रिका आज अपने पाठकों को इसी सच से वाकिफ कराने जा रही है. अब तक लोग इस बात से वाकिफ हो चुके हैं कि गुलजार लिखित पटकथा और राकेष ओमप्रकाश मेहरा निर्देशित फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ में हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर ने अहम किरदार निभाए हैं और यह चारों न सिर्फ खेल से जुड़े रहे हैं, बल्कि आज भी किसी न किसी रूप में खेलों से जुड़े हुए हैं. फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ के सेट पर शूटिंग के साथ साथ क्रिकेट भी खेला जाता था.

फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ के पटकथा लेखक गुलजार शुरू से ही टेनिस खेलने के शौकीन रहे हैं. वह आज भी टेनिस खेलते हैं. उनकी फिटनेस का राज टेनिस का खेल ही है. जबकि फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ के निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा राष्ट्रीय स्तर के तैराक हैं. राकेश ओप्रकाश मेहरा, गुलजार की लेखनी से काफी प्रभावित हैं और वह गुलजार को अपना गुरू भी मानते हैं.

जबकि फिल्म ‘मिर्जिया’ के हीरो हर्षवर्धन कपूर भी क्रिकेट व फुटबाल खेलते रहे हैं. हर्षवर्धन कपूर ने तो बाकायदा मशहूर क्रिकेटर मोंहिंदर अमरनाथ से क्रिकेट की ट्रेनिंग भी हासिल की है. खुद हर्षवर्धन कपूर ने ‘‘सरिता’’ पत्रिका से बात करते हुए कहा- ‘‘मैंने मोहिन्दर अमरनाथ से क्रिकेट की ट्रेनिंग ली है. मुंबई के खार जिम खाना में मैं उनसे क्रिकेट सीखता था. खार जिम खाना में मैंने कई मैच खेले हैं. इसके अलावा फुटबाल भी खेलता था. जब मैं आठवीं कक्षा में पढ़ता था, तब से फुटबाल खेलना शुरू किया था. अब जबकि शूटिंग नही कर रहा हूं, तो सप्ताह में एक बार फुटबाल खेलने जाता हूं. हां! अब मुझे क्रिकेट या फुटबाल खेलते समय यह देखना पड़ता है कि फिल्म का प्रमोशन या शूटिंग न रूके. मैं और राकेश जी खेल से जुड़े रहे हैं, इसलिए हमारे बीच एक अलग तरह की बांडिंग हो गयी है. मैं तो उनके साथ दुबारा भी काम करना चाहूंगा.’’

तो क्या अब हर्षवर्धन कपूर क्रिकेट या फुटबाल कभी नहीं खेलेंगे? इस पर हषर्वर्धन कपूर ने कहा-‘‘वास्तव में कलाकार के जीवन में बंदिशें ज्यादा आ जाती है. पर मैंने सोचा है कि फिल्म ‘भावेष जोशी’ की शूटिंग पूरी करने के बाद थोड़ा सा अंतराल लेकर क्रिकेट व फुटबाल खेलूंगा. अफसोस की बात है कि हमारे देश में खेलों के लिए सुविधाएं नहीं है. मेरा सपना है कि मैं छुट्टियों में दोस्तों के साथ इंग्लैंड जाउं और वहां क्रिकेट या फुटबाल की ट्रेनिंग लूं. तो हमारा खेल अच्छा हो जाएगा. इसके अलावा जब हम दोस्तों के बीच फुटबाल खेलते हैं, तो उस वक्त हमारे बीच जो बांडिंग होती है, वह कमाल की होती है. पर हम शहरी ज्यादा से ज्यादा किसी होटल में जाकर भोजन कर लिया या फिल्म देख ली. हमारे देश के हर शहर में कई क्रिकेट व फुटबाल के मैदान बनने चाहिए. पर हो यह रहा है कि हर खाली जगह पर सीमेंट की इमारतें खड़ी होती जा रही हैं.’’

तो वहीं फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ की हीरोईन सैयामी खेर भी फुटबाल और क्रिकेट महाराष्ट्र के लिए खेल चुकी हैं. वह तो राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने जा रही थी, पर उनके पिता ने मना कर दिया. इस बात को कबूल करते हुए सैयामी खेर ने बताया- ‘‘मेरा पहला प्यार स्पोटर्स है. खेलों में मेरी रूचि अभी भी है. मैंने महाराष्ट् के लिए क्रिकेट खेला है. मेरा राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए भी चयन हो रहा था, मगर मेरे पिताजी ने जाने नहीं दिया. जहां तक अभिनय का सवाल है, तो जब मैं नासिक से मुंबई पढ़ने आयी, तो थिएटर से जुड़ी और थिएटर ने अभिनय के प्रति मेरा लगाव पैदा किया. सेंट जेवियर्स कालेज में मैंने बहुत अभिनय किया है. यह भी सच है कि मैं बचपन से अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थी. जब मैं थिएटर से जुड़ी, तो मुझे समझ में आया कि अभिनय एक ऐसी कला है, जिससे इंसान अपने आपको जान पाता है.’’

इतना ही नहीं मुंबई के खार जिमखाना में रविवार के दिन फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ के निर्देशक राकेश ओम प्रकाश मेहरा, अभिनेत्री सैयामी खेर और राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ फिल्म ‘दिल्ली6’ में अभिनय कर चुकी अभिनेत्री सोहा अली खान बैडमिंटन खेलते हुए नजर आ जाते हैं. इस पर जब हमने सैयामी खेर से सवाल किया, तो सैयामी खेर ने कहा-‘‘आपको यह बात कैसे पता चली? यह बात बहुत कम लोगों को पता है. पर यह सच हैं कि हर रविवार को हम बैडमिंटन खेलने जाते हैं. हमारे साथ राकेश ओमप्रकाषश मेहरा और सोहा अली खान भी बैडमिंटन खेलती हैं. सोहा अली खान ने राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ फिल्म ‘रंग दे बसंती’ की थी, इसलिए उनकी भी राकेश जी के साथ अच्छी बांडिंग है. जब आपको यह पता चल गया है, तो आपको यह भी पता होगा कि राकेश जी बहुत अच्छा भोजन पकाते हैं. अक्सर रविवार के दिन बैडमिंटन खेलने के बाद हम लोग उनसे कहते हैं कि अब आप हमें मटन बनाकर खिलाइए.’’

सैयामी खेर आगे कहती हैं-‘‘मैं महाराष्ट्र की टीम के लिए बैडमिंटन खेला करती थी. इसलिए फिल्म ‘मिर्जिया’ के सेट पर मेरे और राकेश सर के बीच जो बांडिंग बनी, उसकी वजह स्पोर्ट्स है. शूटिंग के दौरान समय मिलने पर हम लोग क्रिकेट खेला करते थे. अब शूटिंग खत्म होने के बाद हम लोग हर रविवार को बैडमिंटन खेलते हैं.’’

मजेदार बात यह है कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा को बैडमिंटन सैयामी खेर ने ही सिखाया है. जब हमने इस बारे में सैयामी खेर से सवाल किया, तो सैयामी खेर ने कहा-‘‘आपको तो हमारे खेल को लेकर काफी कुछ पता है. आपको पता होना चाहिए कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा बहुत अच्छे तैराक हैं. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक की तैराकी की है. तो वह मुझे वाटर पोलो सिखाते हैं, जिसके बदले में मैं उन्हें बैडमिंटन सिखाती हूं.’’ 

बौलीवुड की देशभक्ति या बैन होने का डर

उरी पर हुए आतंकवादी हमले के बाद देश के अंदर व देश के बाहर बहुत कुछ बदला है. बौलीवुड में भी कुछ बदलाव नजर आ रहा है. पर बौलीवुड के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि बौलीवुड में बदलाव की वजह एक राजनैतिक पार्टी ‘मनसे’ द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध को लेकर उठाया गया कदम है.

पहले तो सलमान खान ने भी पाकिस्तानी कलाकारों के समर्थन में बयान दे दिया. लेकिन जैसे ही ‘मनसे’ और ‘शिवसेना’ पार्टियों ने सलमान के खिलाफ हमला बोला, वैसे ही अब कुछ अखबारों में सफाई दी जा रही है कि सलमान खान के बयान को सही ढंग से बिना सुने व समझे लोग सलमान के बयान को प्रचारित कर रहे हैं. कुछ अंग्रेजी अखबारों का दावा है कि सलमान खान ने ऐसा कुछ नहीं कहा, जैसा कि प्रचारित किया जा रहा है. वैसे यही हथकंडा सलमान खान ने उस वक्त भी अपनाया था, जब फिल्म ‘सुल्तान’ को लेकर औरत के बलात्कार की स्थिति को लेकर बयान दिया था.

तो वहीं ‘मनसे’ के विरोध के बाद शाहरुख खान की फिल्म ‘‘रईस’’ के प्रदर्शन की तारीख बदलने के लिए शाहरुख खान ने फिल्म के निर्माताओं को हरी झंडी दे दी है. इन दिनों शाहरुख खान को अपने करियर की चिंता सता रही है. ‘दिलवाले’ के बाद ‘फैन’ की असफलता से वह काफी विचलित हैं. अब वह चाहते हैं कि उनकी फिल्म ‘रईस’ सही ढंग से प्रदर्शित हो तथा इसे बाक्स आफिस पर सफलता भी मिले. इसी के चलते वह ‘रईस’ के प्रदर्शन की तारीख कई बार बदल चुके है. अब ‘मनसे’ के विरोध के बाद उन्होने पुनः ‘रईस’ के प्रदर्शन की तारीख बदलने का निर्णय लिया है. शाहरुख खान की फिल्म ‘‘रईस’’ और रितिक रोशन की फिल्म ‘काबिल’ एक ही दिन रिलीज हो रही थी. राकेश रोशन व रितिक रोशन भी चाहते थे कि उसी दिन ‘रईस’ न प्रदर्शित हो. पर शाहरुख खान तारीख बदलने के लिए तैयार नहीं थे. लेकिन नया विवाद पैदा होने पर उन्होंने चुपचाप अपनी फिल्म को कुछ समय के लिए प्रदर्शित न करने का मन बनाया है.

उधर ‘रईस’ के प्रदर्शन में रोड़ा डालने का काम इसी फिल्म से बौलीवुड में अपने करियर की शुरुआत कर रही पाकिस्तानी अदाकारा माहिरा खान ने किया है. सूत्रों की माने तो माहिरा खान ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों के बैन पर अपने फेसबुक पर जो कुछ लिखा है, उससे पाकिस्तानी दर्शकों को भले ही माहिरा खान ने खुश कर दिया हो, पर माहिरा खान का यह फेसबुक पोस्ट उनके और फिल्म ‘रईस’ के खिलाफ जा रहा है. सूत्रों का दावा है कि माहिरा खान के इस फेसबुक पोस्ट ने भी शाहरुख खान को अपनी फिल्म ‘‘रईस’’ के प्रदर्शन को आगे खिसकाने पर मजबूर कर दिया.

उधर अजय देवगन खुद ब खुद सफाई दे रहे हें कि उनकी फिल्म ‘‘शिवाय’’ में एक भी पाकिस्तानी कलाकार नहीं है. अजय देवगन के प्रचारक ने हर पत्रकार को ईमेल भेजा है. इस ईमेल में लिखा है-‘‘कुछ लोग खबर फैला रहे हैं कि ‘शिवाय’ में एक पाकिस्तानी अदाकारा ने अभिनय किया है. पर सच यह है कि ‘शिवाय’ में एक भी पाकिस्तानी कलाकार ने अभिनय नहीं किया है.’’

जबकि सोनाक्षी सिन्हा सफाई देते फिर रही हैं कि वह फिल्म ‘नूर’ में पाकिस्तानी पत्रकार का किरदार नहीं निभा रही हैं. सोनाक्षी सिन्हा इन दिनों एक पाकिस्तानी लेखक सबा इम्तियाज के उपन्यास ‘‘कराची यू आर कांलिंग मी’’ पर निर्माणाधीन फिल्म ‘‘नूर’’ में अभिनय कर रही हैं. सनहिल सिप्पी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म की कहानी नूर की कठिन जिंदगी और उसके प्यार पर है. अब तक वह कहती रही हैं कि फिल्म ‘‘नूर’’ में उनका अलग गेटअप है और वह चुनौतीपूर्ण किरदार निभा रही हैं. मगर हाल ही में सोनाक्षी सिन्हा ने मीडिया के सवाल न करने पर भी मीडिया से बात करते हुए सफाई दे डाली कि वह फिल्म ‘नूर’ में पाकिस्तानी पत्रकार का किरदार नहीं निभा रही हैं. सोनाक्षी सिन्हा ने मीडिया से कहा-‘‘मैं कहना चाहूंगी कि मैं इस फिल्म में पाकिस्तानी पत्रकार की भूमिका में नही हूं. माना कि यह फिल्म एक पाकिस्तानी लेखक की किताब पर है. मगर फिल्म की कहानी को मुंबई की पृष्ठभूमि में ढाला गया है.’’

इतना ही नहीं सूत्रों की माने तो करण जौहर की फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’’ भी अब आगे खिसकने जा रही है. करण जोहर की इस फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान ने अभिनय किया है. जिसके चलते ‘मनसे’ का विरोध करण जोहर को झेलना पड़ रहा है. तो वहीं माहिरा खान की ही तरह फवाद खान ने पाकिस्तानी मीडिया के सामने ‘बौलीवुड किसी के बाप का नहीं’ बयान देकर करण जोहर की मुसीबतें बढ़ा दी हैं.

नवाजुद्दीन पर लगा दहेज उत्पीड़न का आरोप

सफलता को पाना बड़ा मुश्किल होता है. सफलता की उंचाईयों को छूते ही इंसान पर कई तरह के आरोप लगने शुरू हो जाते हैं. अभी 2016 के जनवरी माह में मुंबई की एक महिला ने अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दिकी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. वह मामला किसी तरह से रफा दफा हुआ, तो अब नवाजुद्दीन सिद्दिकी पर उनके छोटे भाई की पत्नी आफरीन ने दहेज प्रताड़ना के साथ साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है.

नवाजुद्दीन पिछले 15 दिन से अपने गांव मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना गांव में ही हैं और उनके भाई मिनाजुद्दीन सिद्दिकी की पत्नी आफरीन ने एसएसपी से शिकायत की है कि नवाजुद्दीन व उनके परिवार का हर सदस्य उन्हे दहेज के लिए प्रताड़ित करता रहता है. आफरीन का आरोप है कि नवाजुद्दीन ने उसके पेट में लात मार कर उसका गर्भ गिराने का भी प्रयास किया.

आफरीन और मिनाजुद्दीन की शादी अभी 31 मई 2016 को ही हुई थी. आफरीन ने आरोप लगाते हुए कहा है कि नवाजुद्दीन, मिनाजुद्दीन व उनके परिवार के सदस्य उसे धमकाते हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनके साथ हैं. इसलिए उन्हें किसी का डर नही. पर एसएसएसपी ने इस मामले की जांच का जिम्मा बुढाना के पुलिस इंस्पेक्टर को सौंपा है. इस मामले में नवाजुद्दीन से बात नही हो पायी.

राज रोग

खांसी से खासा परेशान रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब बेंगलुरु में गले की सर्जरी करवा कर आराम कर रहे हैं यानी बीमारी गंभीर है जिस का इलाज वे दिल्ली से दूर इसलिए भी करा रहे हैं कि वहां गुलदस्ता ले कर अस्पताल आने वाले कथित शुभचिंतकों की भीड़ नहीं होगी और पार्टी में अफरातफरी भी नहीं मचेगी. इस के अलावा वे वहां सुकुन से सोच भी पाएंगे कि इश्क और मुश्क जैसे शाश्वत विकार किस पद्धति से छिपाए जा सकते हैं. हां, उन्होंने सिद्ध कर दिया कि नैचुरोपैथी और विपश्यना बेकार की बातें हैं. उन से उन की खांसी नहीं छूटी है.

नेताओं की बीमारियां हमेशा ही चर्चा का विषय रही हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बीमारी भी कम रहस्यमय नहीं मानी जा रही. प्रतिस्पर्धा का दूसरा नाम हो चला राजनीति करना कभी सरल नहीं रहा. इस में जो शीर्ष पर पहुंच जाता है उस के लिए रोजमर्राई जिंदगी दुश्वार होती जाती है. ऐसे में तनाव और तनावजन्य रोग होना स्वाभाविक बातें हैं जिन से बचने के लिए तमाम नेता योग वगैरा किया करते हैं और खानपान में परहेज करते हैं. अब इसे सुखों का सिमटता दायरा कहने में हर्ज क्या है.

एंड्रॉयड में सर्च करना हुआ और भी आसान

एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल ने एक नया फीचर शुरू किया है. इसके तहत स्मार्टफोन के एप्प में से आप किसी कंटेंट को आसानी से सर्च कर सकते हैं. फिलहाल एप्प में सर्च करना आसान नहीं होता और अगर होता है, तो भी आपको अच्छे रिजल्ट्स नहीं मिलते.

इस नये फीचर In Apps के जरिये दूसरे एप्प जैसे कॉन्टैक्ट्स, फोटो और वीडियो में किसी फाइल या फोल्डर को सर्च कर सकते हैं. इसके अलावा दूसरे एप्प जैसे जीमेल, स्पोटीफाइ और व्हाॅट्एसप्प में भी काम करेगा.

यह ऑफलाइन काम करता है यानी आपको इसके लिए मोबाइल इंटरनेट की भी जरूरत नहीं है. गूगल के मुताबिक, आनेवाले दिनों में इसमें और भी एप्प का सपोर्ट दिया जायेगा.

यानी इस फीचर के बाद फेसबुक मैसेंजर, लिंक्ड इन और स्नैपचैट्स में सर्च कर सकते हैं. इस फीचर को शुरू करने के लिए आपको सिर्फ गूगल एप्प को अपडेट करना है. इसके बाद सर्च बार में आपको In Apps का ऑप्शन दिखेगा. आपको सिर्फ करना है और बाकी का काम गूगल का यह नया फीचर कर देगा.

कहीं आप भी तो स्मार्टफोन गलत तरीके से चार्ज नहीं करते?

आपके स्मार्टफोन की बैट्री बहुत ज्यादा यानी अधिक दिनों तक क्यों नहीं चल पाती है? चाहे आपने नया फोन ही क्यों न खरीदा हो और उसकी चार्जिंग 100% करते हों. आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि बैट्री की लाइफ जल्द खत्म हो जाती है.

स्मार्टफोन चार्ज करने के सही तरीके

– जब आपके स्मार्टफोन की बैट्री फुल चार्ज हो जाय तो चार्जर से फोन को अलग कर दें, क्योंकि 100% चार्ज होने के बाद भी चार्ज होते रहने पर बैट्री की लाइफ जल्द खत्म हो जाती है यानी बैट्री ज्यादा दिन नहीं चलती है.

– स्मार्टफोन की बैट्री को 100% चार्ज करने का प्रयास न करें. हाई वोल्टेज बैट्री पर प्रेशर डालता है. इससे बैट्री की लाइफ लंबी नहीं होती है. बैट्री फट भी सकती है इसलिए फुल चार्ज होने से पहले फोन को चार्जर से अलग कर दें.

– फोन को कूल रखें. स्मार्टफोन के जैकेट पर भी ध्यान रखें ताकि फोन गर्म न हो सके. अगर आप गर्मी या धूप में निकलते हैं तो फोन को कवर में रखें. इससे फोन की बैट्री की उम्र बढ़ेगी.

फॉफ डु प्लेसिस ने रचा नया इतिहास

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फॉफ डु प्लेसिस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वन-डे के दौरान एक दुर्लभ कीर्तिमान बनाते हुए इतिहास रच दिया है. वे एक ही स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने.

प्लेसिस के शतक (111) की मदद से द. अफ्रीका ने जोहानसबर्ग के वाण्डरर्स स्टेडियम में दूसरे वन-डे में ऑस्ट्रेलिया को 142 रनों से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई. वे इससे पहले इसी मैदान पर टेस्ट और टी-20 मैच में भी शतक लगा चुके हैं.

प्लेसिस ने दिसंबर 2013 में भारत के खिलाफ जोहानसबर्ग के वाण्डरर्स स्टेडियम पर खेले गए टेस्ट मैच में शतक (134) जड़ा था. उन्होंने 11 जनवरी 2015 को इसी मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच में शतक (119) लगाया था.

अभी तक दुनिया के सिर्फ 12 खिलाड़ी ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगा पाए है और इसमें एक ही मैदान पर यह उपलब्धि हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं है.

रिलायंस जियो में अब फ्री इंटरनेशनल कॉल ऑफर!

सामान्य जनता के लिए रिलायंस जियो की सेवा 1 सितंबर से उपलब्ध कराई गई थी. तभी यह भी कहा गया था कि जियो का 90 दिनों के लिए वैलिड प्रीव्यू ऑफर अब वेलकम ऑफर में बदला जाएगा, जिसकी मुफ्त सेवाओं का लाभ यूजर्स 31 दिसंबर तक उठा पाएंगे.

अब रिलायंस जियो के इसी मुफ्त ऑफर को लेकर एक अन्य खबर आ रही है. जिसमें कहा गया है कि रिलायंस जियो जल्द ही यूजर्स को फ्री इंटरनेशनल कॉल की सेवा भी देने वाला है.

इंटरनेशनल रोमिंग पैक

ऑफिशियल प्लान के अनुसार आपको अन्य देशों में कॉलिंग के समय 358 रुपए/एमबी के हिसाब से चार्ज होगा. लेकिन यदि आप बाकी टेलिकॉम कंपनियों के पैक से तुलना करें तो यह थोड़ा अजीब है. क्योंकि अन्य कंपनियां इससे बेहतर प्लान देती हैं.

इनकमिंग इंटरनेशनल रोमिंग कॉल कॉस्ट रेंज

बांग्लादेश से आने वाली इनकमिंग इंटरनेशनल कॉल के लिए आपको 19 रुपए कॉल लगेगी जबकि कई यूएस कंपनियों की कॉल आपको 49 रुपए पड़ेगी. वहीं कुछ देशों की कॉल के लिए आपको 190 रुपए भी चुकाने पड़ेंगे.    

आउटगोइंग कॉल इनकमिंग से सस्ती

आउटगोइंग कॉल की इनकमिंग इंटरनेशनल कॉल से तुलना करें तो यह सस्ती है. आप किसी भी देश में कॉल करें यह 11 रुपए से शुरू होती है. अलग अलग देशों के लिए कॉल रेट अलग हैं.

आउटगोइंग एसएमएस

भारत की लगभग सभी टेलिकॉम कंपनियां 5 रुपए प्रति इंटरनेशनल आउटगोइंग एसएमएस के दर से चार्ज करती है. लेकिन ऐसा रिलायंस जियो के साथ नहीं है. क्योंकि जियो के मैसेज कई देशों के लिए 11 रुपए से शुरू होते हैं, जो कि 48 रुपए तक हो सकते हैं.

इंटरनेशनल रोमिंग सेवा कैसे करें एक्टिवेट?

फिलहाल आप जियो से कोई भी इंटरनेशनल कॉल नहीं कर सकते हैं, क्योंकि यह सेवा अभी टेस्टिंग फेज में है. उम्मीद है कि यह 1 जनवरी से शुरू हो जाएगी.

‘पॉड टैक्सी’ पर खर्च होंगे 800 करोड़

महत्वाकांक्षी 'पॉड टैक्सी' परियोजना तेजी से आगे बढ़ने को तैयार है, और पायलट परियोजना के तहत इसे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ (एम्बिएंस मॉल के समीप) पर दिल्ली-हरियाणा राजमार्ग पर चलाया जाएगा.

इसे राजीव चौक, इफको और सोहना रोड होते हुए बादशाहपुर तक ले जाया जाएगा, और इस पर करीब 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

वैश्विक स्तर पर अपनी ही तरह की इस परियोजना को 'पर्सनल रैपिड ट्रांज़िट' या 'मेट्रिनो' के नाम से जाना जाता है, और सरकार ने इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत क्रियान्वित करने का फैसला किया है. शुरुआती बोली में चार वैश्विक कंपनियां इसके लिए पात्र पाई गई हैं.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ''हम एनएचएआई के तहत 800 करोड़ रुपये की पायलट परियोजना को क्रियान्वित करने जा रहे हैं. मेरी शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात हुई है और अंतत: हमने फैसला किया कि हम इसे एनएचएआई कानून के तहत क्रियान्वित कर सकते हैं. पूर्व में इस बात पर गौर किया गया था कि इसे ट्रामवे कानून के तहत क्रियान्वित किया जाए या एनएचएआई कानून के अंतर्गत.''

मंत्री ने बताया कि चार शुरुआती निविदाएं मिली हैं और सरकार जल्दी ही मेट्रिनो परियोजना के लिए वित्तीय बोली आमंत्रित करेगी. इसके तहत यात्री राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बिना चालक वाले रस्सी के सहारे चलने वाले 'पॉड' के जरिये यात्रा कर सकेंगे. पायलट परियोजना के तहत इसे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ (दिल्ली-हरियाणा राजमार्ग) पर 12.3 किलोमीटर तक चलाया जाएगा.

फर्जी मैसेज भेजने वाले फेसबुक वायरस से पाएं छुटकारा

इन दिनों कई लोग फेसबुक पर फर्जी मैसेज भेजने वाले वायरस के आतंक से प्रभावित हैं. इस वायरस से प्रभावित फेसबुक अकाउंट से दोस्तों को मैसेज भेजकर एक वीडियो लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है. यह पहली बार नहीं है, जब फेसबुक किसी वायरस के चपेट में आया है. हालांकि कुछ बेहद सरल उपायों के जरिए इस वायरस से छुटकारा पाया जा सकता है.

इसलिए खतरनाक है वायरस

यह वायरस यूजर की जानकारी के बगैर ही उसके फेसबुक अकाउंट से दूसरे यूजर के इनबॉक्स में मैसेज भेज देता है. इस मैजेस के साथ यूजर के फेसबुक अकाउंट पर लगी फोटो नजर आती है. सामने वाला यूजर इस फोटो को देखने के लिए जैसे ही मैसेज पर क्लिक करता है, वायरस उसके अकाउंट में प्रवेश कर जाता है. इसके बाद वह यूजर उस कंप्यूटर पर अपने फेसबुक अकाउंट से लॉग-आउट नहीं कर पाता है. यही नहीं, उसके अकाउंट से फर्जी मैसेज दोस्तों के इन-बॉक्स और टाइमलाइन पर भी जाने लगता है.

कंप्यूटर को प्रभावित करता है

यह वायरस यूजर के निजी फेसबुक अकाउंट के साथ-साथ उस कंप्यूटर को भी प्रभावित करता है, जिस पर साइट का इस्तेमाल किया जा रहा है. यही वजह है कि लोग उस कंप्यूटर से अपने फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड नहीं बदल पाते हैं. यह एक खतरनाक क्रोम एक्सटेंशन के तौर पर काम करता है. ‘क्रोम एक्सटेंशन’ स्मार्टफोन एप की तरह होते हैं, जिनका इस्तेमाल कंप्यूटर पर किया जाता है. साइट पर दोस्तों के अकाउंट से आने वाले फर्जी मैसेज पर जो भी व्यक्ति क्लिक करता है, उसके सामने एक नया वेब पेज खुलता है. इस वेब पेज पर वीडियो की जगह एक खतरनाक क्रोम एक्सटेंशन मौजूद होता है.

हैकर ऐसे एक्सटेंशन बनाकर चुपके से क्रोम वेबस्टोर पर अपलोड कर देते हैं. इन पर क्लिक करते ही ये बिना अनुमति के क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल करने वाले यूजर के कंप्यूटर में इंस्टॉल हो जाते हैं.

ऐसे करें बचाव

कंप्यूटर पर खतरनाक क्रोम एक्सटेंशन की पहचान मुश्किल नहीं है. इसके लिए सबसे पहले गूगल क्रोम की ‘सेटिंग्स’ में जाएं. यहां स्क्रीन पर बाईं ओर ऊपर की तरफ ‘हिस्ट्री’ के नीचे ‘एक्सटेंशन’ का विकल्प दिखाई देगा. इस पर क्लिक करने पर कंप्यूटर में मौजूद सभी एक्सटेंशन की सूची आ जाएगी. अगर कोई ऐसा एक्सटेंशन नजर आ रहा है, जो आपने इंस्टॉल नहीं किया है तो उसके सामने दिए गए ‘डिलीट’ बटन पर क्लिक करें. संदिग्ध क्रोम एक्सटेंशन हटाने के बाद आपका अकाउंट सुरक्षित हो जाएगा. इसके बाद अपने फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड जरूर बदल दें.

एप से भी बचाव करें

यूजर फेसबुक सेटिंग खोलकर यह देख सकते हैं कि किस एप ने उनके अकाउंट से लॉग-इन कर रखा है. इन्हें हटाने के लिए ‘फेसबुक सेटिंग्स’ में जाएं. यहां नीचे की ओर ‘एप्स’ का विकल्प मिलेगा. यहां हर एप के सामने दिए गए ‘क्रॉस’ के चिह्न पर क्लिक कर उन्हें हटा दें.

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