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नए साल में ‘नोटों’ का तोहफा

नोट बैन के बाद आरबीआई ने नए साल पर लोगों को बड़ी राहत दे दी है. अब 1 जनवरी से आप ATM से पैसे निकालने की सीमा बढ़ा दी है. 1 जनवरी से आप एटीएम से 4500 रुपये निकाल पाएंगे. एक हफ्ते में निकाले जानी वाली राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह अब भी 24,000 रुपये ही है.

आरबीआई ने एक बयान में कहा,'मौजूदा हालात की समीक्षा के बाद एटीएम से रोज कैश निकालने की लिमिट को बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है. नयी लिमिट 1 जनवरी 2017 से लागू होगी. एक सप्ताह में एटीएम से निकाली जाने वाली राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है.' रिजर्व बैंक ने 500 रुपये के नोट ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही है.

9 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किये जाने के बाद बैंक के साथ साथ एटीएम से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी गयी थी.

इससे पहले वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि रिजर्व बैंक के पास व मुद्रा डालने के लिए नोटों का पर्याप्त भंडार है. वह इसकी आपूर्ति जारी रखेगा. बैंक व एटीएम से नकदी की कमी नहीं होगी.

नोटबंदी के बाद से ही सरकार अपने कहे पर कई बार मुकर गई. बार बार नियमों में बदलाव से आम आदमी को काफी परेशानी हुई. नोटबंदी से जुड़े नए नियम कल आरबीआई ने जारी किए हैं:

– जनवरी से ATM से रोज 4500 रुपए निकाले जा सकेंगे. जिसकी सीमा अब तक सिर्फ 2500 रुपए ही थी.

– बैंक से पैसे निकालने की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है. बैंक से 1 हफ्ते में 24,000 रुपए ही निकाले जा सकते हैं.

– अब 500-1000 के पुराने नोट बैंकों में जमा नहीं होंगे. कुछ शर्तों के साथ सिर्फ रिजर्व बैंक में पुराने नोट जमा होंगे.

2017: शेखर सुमन की टीवी पर होगी वापसी

बहुमुखी प्रतिभा के धनी शेखर सुमन की कई पहचान है. वह अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, गायक, संगीतकार, लेखक, गीतकार व कार्यक्रम संचालक हैं. कभी टीवी पर उनका व्यंगात्मक हास्य कार्यक्रम ‘मूवर्स एंड शेकर्स’ काफी पसंद किया जाता था. पर लंबे समय से वह टीवी से दूरी बनाए हुए थे. मगर 2017 यानी कि नए वर्ष के पहले दिन से ही शेखर सुमन टीवी पर पुनः जुड़ने जा रहे हैं.

जी हां! एक जनवरी 2017 से ‘जी बिजनेस’ चैनल पर हर रविवार एक कार्यक्रम ‘जमीन से फलक तक- सीजन एक’ का संचालन करते हुए नजर आने वाले हैं. फिलहाल पहले सीजन में तेरह एपिसोड प्रसारित होंगे. इस शो में उन साधारण इंसानो के संघर्ष की गाथा का जिक्र होगा जिन्होंने असाधारण उपलब्धियां दर्ज करायी है. इस शो में ‘केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड’ के चेअरमैन पहलाज निहलानी, अभिनेता सोनू सूद सहित तेरह व्यक्तियों की गाथा आएगी.

यह पहला शो होगा, जिसमें शेखर सुमन बढ़ी हुई दाढ़ी में नजर आएंगे. इस बारे में शेखर सुमन ने कहा, ‘‘जीवन बहुत छोटा है. जीवन में हमेशा प्रयोग करते रहना चाहिए. इसी वजह से यह बदलाव किया है.’’

शेखर सुमन ने आगे कहा कि ‘‘इस शो में हम कुछ प्रेरणादायक कहानियां पेश कर रहे हैं. इसमें कुछ लोगों की ऐसी संघर्ष गाथा है, जिन्हें सुनकर लोगों को कुछ करने की प्रेरणा मिलेगी.’’ 

तो इसलिए नहीं बन पा रही है साहिर लुधियानवी पर फिल्म

पिछले पांच वर्षों के अंतराल में मशहूर शायर व गीतकार साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम की प्रेम कहानी पर कई फिल्मकार फिल्म बनाने का असफल प्रयास कर चुके हैं. मगर इस प्रेम कहानी पर फिल्म का निर्माण नहीं हो पा रहा है. कई फिल्मकार असफल हो गए. इस विषय पर आधारित फिल्म में साहिर लुधियानवी व अमृता प्रीतम का किरदार निभाने को लेकर भी कई कलाकार बदल गए.

अब कुछ दिनों से चर्चाएं गर्म हैं कि संजय लीला भंसाली साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम की प्रेम कहानी को सेल्यूलाइड के पर्दे पर लाने जा रहे हैं. चर्चा हो रही है कि इस फिल्म में अमृता प्रीतम का किरदार प्रियंका चोपड़ा निभाने वाली हैं. मगर खुद प्रियंका चोपड़ा ने साफ कर दिया है कि इस फिल्म या इस किरदार को लेकर उनसे अब तक किसी ने बात नहीं की है.

मीडिया से बात करते हुए प्रियंका चोपड़ा ने कहा है,‘‘मैं तो हमेशा संजय लीला भंसाली के साथ काम करना चाहूंगी. संजय लीला भंसाली से मेरी मुलाकातें होती रहती है. उनसे फिल्मों व नई कहानियों पर भी चर्चा होती रहती है. मगर संजय लीला भंसाली ने मुझसे अब तक साहिर लुधियानवी व अमृता प्रीतम की प्रेम कहानी वाली फिल्म की कोई चर्चा नहीं की है.’’

जबकि साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम की प्रेम कहानी पर आधारित नाटक काफी लोकप्रियता बटोर रहा है. इस नाटक के अब तक सत्तर शो हो चुके हैं. फरवरी 2017 में इस नाटक के करीबन दस शो लगातार होने जा रहे हैं. इस नाटक में साहिर लुधियानवी का किरदार शेखर सुमन और अमृता प्रीतम का किरदार दीप्ति नवल निभा रही हैं.

दो दिन पहले जब हमारी मुलाकात शेखर सुमन से हुई, तो हमने उनसे पूछा कि क्या साहिर लुधियानवी का किरदार इतना जटिल है कि उन पर फिल्म नही बन पा रही है. ‘‘सरिता’’ पत्रिका से बात करते हुए शेखर सुमन ने कहा ‘‘देखिए, साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम की प्रेम कहानी काफी सशक्त है. साहिर लुधियानवी का व्यक्तित्व काफी जटिल रहा है. अब उनके किरदार को निभाने से कलाकार क्यों पीछे हट रहे हैं, इसकी वजह मुझे नहीं पता. दूसरे फिल्मकारों के सामने साहिर पर फिल्म बनाने में कहां समस्या आ रही है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है. मगर मैं तो उनके किरदार में पूरी तरह से डूब चुका हूं. और चिंता न करें, बहुत जल्द मैं साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम की प्रेम कहानी पर फिल्म बनाने वाला हूं. मुझे लगता है कि यह फिल्म मुझे ही बनानी है, इसलिए दूसरे फिल्मकार उन पर फिल्म नही बना पा रहे हैं.’’

सूरज पंचोली के साथ पूजा हेगड़े नहीं करना चाहतीं फिल्म

अब सूरज पंचोली की किस्मत खराब है या पूजा हेगड़े हवा में उड़ रही हैं, इसका फैसला तो बॉलीवुड के बिचौलिए या यह दोनों कलाकार ही कर सकते हैं. मगर हकीकत यह है कि सूरज पंचोली के करियर की पहली फिल्म ‘हीरो’ जब से बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से असफल हुई है, तब से उन्हें कोई फिल्म नहीं मिली, जो फिल्में पहले उन्हें मिली थी, वह फिल्में शुरू ही नहीं की गयी.

तो वहीं पूजा हेगड़े की पहली हिंदी फिल्म ‘मोहनजोदाड़ो’ भी बॉक्स ऑफिस पर असफल रही. इसके बावजूद पूजा हेगड़े ने सूरज पंचोली के साथ यह कह कर फिल्म करने से इंकार कर दिया कि सूरज पंचोली अव्वल दर्जे के कलाकार नहीं हैं. फिल्मकार फारूक कबीर ने सूरज पंचोली के साथ एक फिल्म का ऑफर पूजा हेगड़े को दिया, मगर पूजा हेगड़े ने फारूक कबीर को अपने घर से बाहर का रास्ता दिखाते हुए कहा कि सूरज पंचोली ‘ए’ ग्रेड के कलाकार नहीं हैं और वह सिर्फ ‘ए’ ग्रेड के कलाकार के संग ही फिल्म करना चाहती हैं.

पूजा हेगड़े के इस बर्ताव को कुछ लोग यह कहकर गलत बता रहे हैं कि वह असफल अभिनेत्री होने के बावजूद हवा में उड़ रही हैं. जबकि कुछ लोगों का दावा है कि पूजा हेगड़े सही कदम उठा रही हैं. वास्तव में सूरज पंचोली और पूजा हेगड़े के करियर में काफी अंतर है. पूजा हेगड़े दक्षिण भारत की सफल अदाकारा हैं. दूसरी बात उनकी फिल्म ‘मोहनजोदाड़ो’ एक बड़े कलाकार रितिक रोशन व बड़े निर्देशक आषुतोष गोवारीकर की फिल्म ‘मोहनजोदाड़ो’ रही. इस बड़े बजट की फिल्म में अभिनय कर पूजा हेगड़े ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया.

यह एक अलग बात है कि इस फिल्म में उनके हिस्से करने को कुछ था नहीं. जबकि सूरज पंचोली के करियर की पहली फिल्म ‘हीरो’ की हीरोइन भी नई थी. और इस फिल्म के बाद किसी का भी ध्यान सूरज पंचोली की तरफ नहीं गया. इसके अलावा जिया खान की आत्महत्या के मुकदमे में सूरज पंचोली बुरी तरह से फंसे हुए हैं.

अनुष्का-विराट ने सगाई की खबरों को बकवास बताया

अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और क्रिकेटर विराट कोहली फिलहाल उत्तराखंड में छुट्टियां मना रहे हैं, जहां वह नए वर्ष का जश्न भी मनाएंगे. जिस होटल में अनुष्का शर्मा और विराट कोहली रूके हुए हैं, वहां अब इन दोनों के पारिवारिक सदस्यों के अलावा कुछ बॉलीवुड हस्तियां भी पहुंच चुके हैं.

इसी के चलते पिछले दो दिनों से कई टीवी चैनलों पर खबर चल रही थी कि अनुष्का शर्मा और विराट कोहली नए साल के पहले दिन सगाई करने वाले हैं. कोहली ने ट्वीट किया कि ‘‘हम सगाई नहीं कर रहे हैं. सगाई करनी होती, तो हम छिपाते नहीं. कुछ चैनल इस तरह की गलत खबरें चलाने से बाज नहीं आ सकते. इसलिए हम अपना पक्ष साफ कर रहे हैं.’’ तो दूसरी तरफ अब अनुष्का शर्मा की प्रवक्ता ने भी सगाई खबरों को झुठलाया है.

मगर सबसे बड़ा सवाल यह है कि विराट कोहली ने उसी वक्त ट्विटर पर क्यों नहीं लिखा था कि उनकी सगाई की खबरों में कोई दम नहीं है. दो दिन के बाद इसका खंडन करने की जरुरत क्यों महसूस की. इसके अलावा सोशल मीडिया में भी अनुष्का शर्मा और विराट की उत्तराखंड में मौज मस्ती करते हुए तस्वीरें भी वायरल हो चुकी हैं.

2016 की टॉप 5 स्मार्टफोन कंपनियां

साल 2016 स्मार्टफोन बाजार के लिए काफी बेहतरीन रहा. स्मार्टफोन्स की सेल्स के मामले में 2016 को चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियों का साल कहा जा सकता है. तीन चीनी कंपनियों ने टॉप में जगह बरकरार रखने में सफलता पाई है.

दुनिया की 10 सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनियां…

सैमसंग (Samsung)

सैमसंग साल 2016 की तीसरी तिमाही में पूरी दुनिया के स्मार्टफोन मार्केट में 21 पर्सेंट शेयर के साथ नंबर वन पर बनी हुई है. कंपनी को गैलक्सी नोट 7 का मार्केट से वापस मंगाकर बंद करना पड़ा था, फिर भी गैलक्सी S7 और S7 Edge की कामयाबी ने इसे नुकसान नहीं होने दिया.

एप्पल (Apple)

एप्पल ने 45.5 मिलियन यूनिट्स की बिक्री ही. साल 2015 की तीसरी तिमाही के मुकाबले 5.3 पर्सेंट की गिरावट आई. आईफोन SE ने लगसभ सभी मार्केट्स में अच्छा प्रदर्शन किया. आईफोन 6s इस क्वॉर्टर में बेस्टसेलिंग डिवाइस बना रहा. आईफोन 7 की भी अच्छी बिक्री हुई.

ह्यूवाई (Huawei)

चीन की टेक कंपनी वावे तीसरे नंबर पर बनी रही. कंपनी के मिड-रेंज और हाई-एंड स्मार्टफोन्स की सेल अच्छी रही. 2016 के तीसरे क्वॉर्टर में कंपनी ने इन दोनों सेगमेंट्स में अपने कुल 57.2 पर्सेंट स्मार्टफोन बेचे.

ओप्पो (Oppo)

2016 की पहली तिमाही में ओपो ने लेनोवो को हटाकर चौथे नंबर पर जगह बनाई थी. तब से लेकर वह इसी पोजिशन पर बना हुआ है. स्मार्टफोन मार्केट में 7.1 पर्सेंट शेयर रखने वाले ओपो की ज्यादा पकड़ चीन में है. चीन के बाहर एशिया के बाजारों में तगड़ी मार्केटिंग से कंपनी को सफलता मिलती दिख रही है.

वीवो (Vivo)

वीवो 5वें नंबर पर है. इसने शाओमी को हटाकर Q3 में 5.9 पर्सेंट मार्केट शेयर हासिल किया है. ओपो की तरह इसकी पकड़ भी चीन के बाजार में है. भारत और म्यांमार में वीवो X6 स्मार्टफोन की कामयाबी से कंपनी ने यह उपलब्धि हासिल की है.

मैक्ग्रा की ड्रीम टीम में कोहली बनें कप्तान

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज ग्लैन मैक्ग्रा ने वर्ष की अपनी ड्रीम टेस्ट टीम के लिए विराट कोहली को कप्तान चुना है. मैक्ग्रा ने अपनी 'टेस्ट टीम ऑफ ईयर' की घोषणा की. उन्होंने अपनी 12 सदस्यीय इस ड्रीम टीम में भारत के ऑफ स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन को भी चुना है.

कोहली और अश्विन के अलावा मैक्ग्रा की टीम में कोई और भारतीय खिलाड़ी नहीं है. मैक्ग्रा ने डेविड वार्नर, स्टीवन स्मिथ, मिशेल स्टार्क के तौर पर तीन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को शामिल किया है.

इंग्लैंड के जोए रूट, बेन स्टोक्स, स्टुअर्ट ब्रॉड और विकेटकीपर जॉनी बेयरस्टो भी मैक्ग्रा की टीम में जगह बनाने में सफल हुए हैं. न्यूजीलैंड टेस्ट टीम के कप्तान केन विलियमसन, पाकिस्तान के यासिर शाह और दक्षिण अफ्रीका के कागिसो रबादा को भी मैक्ग्रा की इस टेस्ट टीम में जगह मिली है.

कोहली को हाल ही में आईसीसी की एकदिवसीय टीम का कप्तान चुना गया है. वह पूरे साल शानदार फॉर्म में रहे और खेल के हर प्रारूप में रन बनाते रहे. कोहली की कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम ने इस साल 12 टेस्ट मैच खेले जिनमें से नौ में जीत हासिल की, जबकि तीन ड्रॉ रहे.

कोहली ने इस साल टेस्ट में 1,215 रन बनाए, जिसमें चार शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. इन चार शतकों में से वह तीन को दोहरे शतक में बदलने में कामयाब रहे. वहीं अश्विन ने इस साल भारत की जीत में बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई. वह इस साल 12 टेस्ट मैचों में 72 विकेट अपने नाम करने में सफल रहे.

अब भारत में बनेंगे आईफोन

ऐप्पल कंपनी भारत में आईफोन बनाने की योजना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान का हिस्सा बनने जा रही है. ऐप्पल के लिए OEM यानी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर का काम करने वाली ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन ने पीन्या में आईफोन बनाने के लिए फैसिलिटी सेंटर का काम शुरू कर दिया है. सूत्रों के अनुसार अप्रैल 2017 से यहां आईफोन निर्माण का काम शुरु हो सकता है.

ऐप्पल भारत में जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरु करना चाहती है. कंपनी की मानें तो अगर भारत में आईफोन की मैन्यूफैक्चरिंग होती है, तो वो कीमतों के मामले में भी दूसरी स्मार्टफोन कंपनियों को कड़ी टक्कर देगी. आपको बता दें कि ऐप्पल कंपनी जब भारत में अपने फोन भेजती है, तो उसे 12.5 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी चुकानी पड़ती है. लेकिन अगर भारत में आईफोन बनने लगेंगे, तो कंपनी को किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा. जिससे आईफोन की कीमतों में भी गिरावट आ जाएगी.

ऐप्पल की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सहयोगी कंपनी फॉक्सकॉन ने इससे पहले महाराष्ट्र में प्लांट स्थापित करने की बात कही थी. कहा जा रहा था कि इस प्लांट में सिर्फ ऐप्पल के प्रॉडक्ट्स ही तैयार किए जाएंगे, लेकिन सूत्रों का कहना है कि फॉक्सकॉन ने श्याओमी और वन प्लस के साथ लोकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए करार कर लिया है. ऐसे में यहां अब सिर्फ ऐपल के प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग नहीं होगी. 

 

2016: महिला खिलाड़ियों ने लहराया तिरंगा

रियो ओलंपिक में तिरंगे के मान-सम्मान को बनाए रखने की बात हो या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का लोहा मनवाने का जज्बा, इस साल भारतीय महिलाएं विश्व खेल जगत में भारत का मस्तक ऊंचा रखने में अपने साथी पुरुष खिलाड़ियों से कहीं आगे रहीं.

भारत को इस साल रियो ओलंपिक में सिर्फ दो पदक मिले और ये दोनों पदक देश को महिला खिलाड़ियों ने ही दिलाए.

पी. वी. सिंधु

बैडमिंटन में पी. वी. सिंधु ने पहली बार देश को रजत पदक दिलाया. वह किसी भी ओलंपिक स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी भी बनीं.

साक्षी मलिक

वहीं ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जनेरियो में हुए ओलंपिक खेलों में भारत के पदक के इंतजार को महिला पहलवान साक्षी मलिक ने खत्म किया. साक्षी ने कुश्ती में कांस्य पदक हासिल किया और ओलंपिक में पदक जीतने वाली देश की पहली महिला पहलवान बनीं.

दीपा कर्माकर

रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली एक भारतीय महिला खिलाड़ी ऐसी भी रहीं, जिन्होंने पदक जीतने बिना पूरे देशवासियों का दिल जीत लिया. जिम्नास्टिक्स में पहली बार ओलंपिक में भारत की दावेदारी पेश कर रहीं दीपा कर्माकर ने फाइनल तक का सफर तय किया और बेहद मामूली अंतर से वह पदक से चूक गईं.

त्रिपुरा के एक छोटे से गांव से ओलंपिक के फाइनल तक का सफर तय करने वाली भारतीय जिमनास्ट दीपा कर्माकर ने जिम्नास्टिक्स में वह कारनामा कर दिखाया, जिसे देखकर रियो ओलंपिक में पांच स्वर्ण पदक जीतने वाली अमेरिकी जिम्नास्ट सिमोन बाइल्स भी उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकीं.

ओलंपिक में 52 साल बाद कोई भारतीय जिमनास्ट फाइनल तक पहुंचने में सफल रहा. वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट भी बनीं.

भारतीय महिला हॉकी टीम

भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी इस वर्ष सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ. देश की महिला हॉकी टीम ने 36 साल बाद ओलंपिक खेलों में प्रवेश किया. वे जीत के सूखे को खत्म नहीं कर पाईं लेकिन उनका ओलंपिक में प्रवेश का प्रयास सफल रहा.

लेकिन ओलंपिक की असफलता ने भारतीय महिला हॉकी टीम का हौसला नहीं तोड़ा और उन्होंने पहली बार एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीता.

अदिति अशोक

गोल्फ के क्षेत्र में भी भारत की बेटी ने नया कारनामा कर दिखाया. अदिति अशोक ओलंपिक में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं. इसके अलावा उन्होंने इस साल हीरो महिला इंडियन ओपन खिताब भी जीता और इस प्रक्रिया में वह एक लेडीज यूरोपीयन टूर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं.

दीपा मलिक

अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाकर जिंदगी में आगे बढ़ने वाली दीपा मलिक ने इस साल रियो पैरालंपिक में रजत पदक जीत दिखा दिया कि कोशिश करने वाले कभी नहीं हारते.

मलिक ने रियो पैरालंपिक की गोला फेंक स्पर्धा (एफ 53) में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 4.61 मीटर दूर गोला फेंक रजत पदक हासिल किया. इस जीत के साथ ही वह पैरालंपिक खेलों में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी भी बनीं.

अब ऐप छुड़ाएगा स्मार्टफोन की लत

अगर आप भी अपने स्मार्टफोन की लत से परेशान हैं और इसे छुड़ाना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ऐप विकसित किया गया है जो बैठकों, सम्मेलनों और सामाजिक समारोहों के दौरान आपको स्मार्टफोन का उपयोग करने से रोकेगा.

इस ऐप को कोरिया के वैज्ञानिकों ने बनाया है. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि स्मार्टफोन हमारे जीवन के लगभग हर पहलू में शामिल हो गया है. ऐसे लोगों की संख्या में वृद्धि हुई जो स्मार्टफोन के अधिक उपयोग से चिंतित हैं. लॉक एन लोल (लॉक योर स्मार्टफोन एंड लॉफ आउट लाउड) बैठकों, सम्मेलनों और विमर्श जैसी सामाजिक सभाओं के दौरान लोगों को एक साथ उनका स्मार्टफोन लॉक करने में मदद करेगा.

कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस एंड टेक्नोलॉजी के अनुसंधानकर्ताओं ने इस बात का जिक्र किया है कि बार-बार संदेश, ईमेल या अन्य ऑनलाइन सामग्री को पोस्ट करने और उसको लेकर हुई गतिविधियों को देखने से स्मार्टफोन के बहुत अधिक उपयोग की लत लग जाती है. इसके अलावा स्मार्टफोन से जुड़ी कुछ अन्य चीजें भी हैं जो बैठकों में खलल डालती हैं. स्मार्टफोन में संदेश या अन्य गतिविधियों पर बजने वाली आवाज को इसी श्रेणी में शामिल किया जा सकता है.

इस ऐप के जरिये आप बैठकों में आने वाले सभी लोगों के स्मार्टफोन को लॉक कर सकते हैं और इसके सभी फोन स्वत: म्यूट हो जायेंगे और आपका फोन लॉक हो जायेगा. लॉक हटाने के लिए आपको अनुमति लेनी होगी. हालांकि आपात स्थिति में आप पांच मिनट तक अपने फोन का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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