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मैं खुद को एक ब्रैंड समझती हूं : पूनम पांडेय

हमेशा सैक्सी फोटोग्राफ्स और सैक्सी बयानों से सुर्खियों में रहने वाली 25 वर्षीय पूनम पांडेय ने अपने कैरियर की शुरुआत मौडलिंग से की. फिर किंगफिशर कैलेंडर के लिए चुनी गईं, जहां हौट और सैक्सी शूट दे कर चर्चा में आईं. 2011 के विश्व कप क्रिकेट के दौरान पूनम ने घोषणा की थी कि अगर इंडिया जीतती है तो वे न्यूड हो जाएंगी. लेकिन बाद में किसी कारणवश वे ऐसा नहीं कर पाईं. मगर बीचबीच में वे ऐसी सैक्सी और बोल्ड तसवीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं. वे इसे गलत नहीं मानतीं. उन के हिसाब से वे खुद को एक प्रोडक्ट समझती हैं जिस की पब्लिसिटी वे अपने हिसाब से करती हैं. पर रीयल लाइफ में वे एक साधारण लड़की की तरह ही फीलिंग्स रखती हैं.

पूनम ने ‘ब्रैस्ट कैंसर अवेयरनैस’ के लिए एक वीडियो बनाया है. वे चाहती हैं कि हर महिला को कैंसर से बचने के लिए अपनी ब्रैस्ट की नियमित जांच करानी चाहिए. उन से मिल कर बात करना रोचक रहा. पेश हैं, कुछ अंश:

ब्रैस्ट कैंसर अवेयरनैस कैंपेन से कैसे जुड़ीं?

इस कैंपेन के लोग मेरे पास आए. उन्होंने पहले काफी सारी ऐक्ट्रैस के साथ इसे किया था. इस बार उन्होंने मुझे औफर दिया, तो मैं ने सोचा कुछ हैल्दी काम कर लिया जाए.

अभिनय के क्षेत्र में आने की प्रेरणा कहां से मिली?

मैं कोई इत्तफाक से अभिनय में नहीं आई. मुझे बचपन से ही मौडलिंग का शौक था. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सुपरस्टार के चेहरे आप को इस में आने के लिए प्रेरित करते हैं. मैं माधुरी दीक्षित की बहुत बड़ी फैन हूं. मैं हमेशा माधुरी को फौलो करती थी. मेरे परिवार में कोई भी अभिनय के क्षेत्र में नहीं है. मैं मुंबई की हूं. मेरे पिता व्यवसायी हैं और मां हाउसवाइफ हैं. मेरे भाई और बहन सभी सैटल हैं. मैं ने कभी फोटो शूट नहीं कराया. मैं ‘मेगा मौडल कौंटैस्ट’ में चुन ली गई. वहां इतनी सारी लड़कियों में मुझे चुन लेना बहुत बड़ी बात थी. हालांकि परिवार में किसी को उम्मीद नहीं थी कि मैं इस प्रतियोगिता में विजयी हो जाऊंगी. इसीलिए पिताजी ने भी हां कह दी थी. मेगा मौडल बनने के बाद मुझे पता चला कि यह क्षेत्र क्या है. फिर किंगफिशर कैलेंडर में काम करने का मौका मिला. इस के बाद कई औफर्स मिलने लगे. मैं 19 साल की उम्र में लाखों कमाने लगी थी. फिर मैं ने स्नातक करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी और आज पूरी तरह से इस क्षेत्र में आ गई.

आप के काम पर परिवार की प्रतिक्रिया क्या थी?

मेरी अपनी मां को जब मैं ने बिकिनी वाली तसवीर दिखाई तो वे चौंक गईं और पूछने लगीं कि किस ने यह तसवीर खीचीं. उन्होंने उसे मारने की बात कही. पिता भी पहले भड़क उठे कि ये सब बंद करो. मैं ने उन से जब अपनी इच्छा जताई तो वे चुप हो गए. मैं बहुत जिद्दी स्वभाव की हूं. अगर कोई मुझे कुछ करने को मना करे, तो उसे करने की इच्छा और बढ़ जाती है. अब मेरे मातापिता की सोच बदल चुकी है.

कितना संघर्ष रहा?

मैं मेगा मौडल बनी. फिर कुछ काम भी किया तब लगा कि अपनी पहचान कैसे बनाई जाए? मैं ने कुछ बड़ा करने की योजना बनाई और वर्ल्ड कप वाली कंट्रोवर्सी मेरे जीवन में आई और लोगों ने मुझे इसी रूप में पहचाना.

क्या आप काम न मिलने की वजह से इस तरह के हथकंडे अपनाती हैं?

मैं सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव हूं. मैं बहुत पैसे कमाती हूं. मेरे 1-1 ट्वीट के अच्छे पैसे मिलते हैं. यूट्यूब से पैसा मिलता है. मैं ने हाल ही में इंटरनैशनल रिऐलिटी शो किया है, जिस में मैं ने इंडिया को रिप्रेजैंट किया है. मैं ने हिंदी फिल्म ‘नशा’ फिर एक तेलुगु फिल्म की. अभी भी एक तेलुगु फिल्म में काम कर रही हूं. एक हिंदी फिल्म भी बड़े बैनर में आने वाली है. इसीलिए यह कहना गलत है. मुझे बहुत सारी फिल्मों के औफर आते हैं. लोग कहते हैं कि आप को अंतरंग दृश्य करने पड़ेंगे, पर कहानी नहीं होती. आज के दर्शक बेवकूफ नहीं हैं. वे हर फिल्म में कहानी मांगते हैं. ‘द वीकेंड’ ऐसी ही शौर्ट फिल्म है, जिस की कहानी बहुत अच्छी है, जिस के लिए मुझे अभिनय के लिए तारीफ मिल रही है, स्किन शो के लिए नहीं.

आप ने अभिनय से हट कर बहुत ही अलग तरीके से अपनेआप को पौपुलर किया. इस की वजह क्या है?

मैं अभिनय को अधिक महत्त्व देती हूं, लेकिन मुझे आगे बढ़ने के लिए कोई रास्ता समझ में नहीं आ रहा था, इसीलिए मैं ने इस रास्ते को चुना. मैं ने वह रूट फौलो नहीं किया, जिसे सब करते हैं. यह मेरी लाइफ है. मैं अपने तरीके से आगे बढ़ना चाहती हूं. मेरे लिए यह सही भी दिख रहा है. मैं ने खुद को सेल किया है. मैं अगर एक नौर्मल इनसान की नजर से देखूं तो मैं ने सारे सिली काम किए हैं और यही बेवकूफी मेरे लिए काम कर गई. मैं खुश हूं कि मैं ने अपने बलबूते अपनी मंजिल पाई है. पहले मुझ पर लोग हंसते थे, पर अब मेरे दिमाग की तारीफ करते हैं.

आप को कभी कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा?

नहीं. मुझे कभी नहीं करना पड़ा, पर जिस के साथ भी ऐसा होता है उस में दोनों की बातें हमें पता नहीं होती. ऐसे में क्या सही है क्या गलत मैं नहीं कह सकती.

अंतरंग दृश्य करने के लिए आप कितनी सहज होती हैं?

किसी भी चीज को दिमाग पर नहीं लेती, क्योंकि यह एक  व्यवसाय है. मैं अपनेआप को एक ब्रैंड समझती हूं. मैं जो भी कर रही होती हूं, उस में एक प्रकार की रणनीति होती है. अपनेआप को लोगों के सामने लाने का यह एक जरीया है.

लव और रिलेशनशिप में किसे आप अधिक महत्त्व देती हैं?

 ‘लव’ को मैं अधिक महत्त्व देती हूं. आजकल लोग इसे भूलने लगे हैं पर मैं अपने मातापिता की लाइफ से बहुत प्रभावित हूं.

आप के सपनों का राजकुमार कैसा होना चाहिए?

जो मुझे ‘ट्रू लव’ दे. मैं ऐसा नहीं चाहती कि कोई मेरी जिंदगी में आए और थोड़े दिनों बाद ब्रेकअप कर चल दे.

प्यार में सैक्स कितना जरूरी है?

आजकल पूरी दुनिया बदल गई है. प्यार से पहले सैक्स आता है, रिश्तों की अहमियत खत्म हो गई है. इसीलिए तलाक के मामलों की संख्या बढ़ रही है. आज ‘वन नाइट स्टैंड’ की अवधारणा है. यूथ इसे कूल मानते हैं. मैं प्यार को महत्त्व देती हूं.

आप कितनी फैशनेबल और फूडी हैं?

मैं बहुत इजी गोइंग हूं. फूडी भी हूं. खूब खाती हूं. मटरपनीर, समोसा, आलू के परांठे आदि सब बना लेती हूं.

कहां घूमने जाना पसंद करती हैं?

मैं बहुत सी जगहें गई हूं. पर मुझे अपना घर और मां के हाथों का बना खाना और उन के पास रहना सब से अधिक पसंद है.

कोई ड्रीम प्रोजैक्ट है?

मैं अपनेआप को पूरे कपड़ों में देखना चाहती हूं और निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म करना चाहती हूं. मुझे पता है कि मैं ने बहुत सारी बेवकूफी वाले काम किए हैं, पर मैं एक हैल्दी निर्देशक के माइंड को समझ कर फिल्में करना चाहती हूं. विद्युत जामवाल और रणवीर सिंह के साथ फिल्में करना चाहती हूं.     

‘उसने पीछे से आकर मेरे ब्रेस्ट पकड़ लिये और फिर…’

अनिल कपूर की बेटी और जानी मानी अभिनेत्री सोनम कपूर ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि उनका सेक्सुअल ह्रासमेंट हुआ था. सोनम कपूर ने खुलासा किया कि उनके साथ बचपन में गलत हरकत हुई थी. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सोनम ने बताया कि थिएटर में पीछे से आकर एक शख्स ने मेरे ब्रेस्ट पकड़ लिए थे. उन्होंने इस बात का खुलासा राजीव मसंद के शो में किया, जिसमें उनके साथ विद्या बालन, अनुष्का शर्मा, आलिया भट्ट और राधिका आप्टे भी थीं. इंटरव्यू में सोनम ने जिस बेबाकी से अपने साथ हुई घटना को बताया, वो काफी चौंकाने वाला है.

सोनम कपूर ने बेहद खुले अंदाज में कहा कि 13-14 साल की उम्र में मेरे साथ यौन यौन शोषण हुआ था. सोनम ने बताया कि किस तरह से एक थियेटर में उनके ब्रेस्ट को गलत तरीके से पकड़ा गया था. सोनम ने बताया कि जब मैं 13 साल की थी तब मैं अपनी दोस्तों के साथ एक बार फिल्म देखने के लिए थियेटर गयी थी. उसी थियेटर में एक शख्स ने मुझे पीछे से पकड़ लिया. सोनम कपूर ने कहा कि जब मैं छोटी थी, मेरा यौन शोषण किया गया था. बचपन में किसी को भी निशाना बनाना काफी आसान होता है.

सोनम ने बताया कि मैं महज 13-14 साल की थी और मैं अक्षय और रवीना की एक फिल्म देखने के लिए थिएटर गयी थी. सोनम ने आगे बताया कि फिल्म के दौरान हमें समोसे खाने का मन हुआ और हम समोसे लेने बाहर स्टॉल पर आए. जब मैं वापस आ रही थी तभी एक शख्स ने पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया. उसके दोनों हाथ मेरे स्तनों पर थे. मैं जैसे पत्थर की हो गई थी मेरी आंखों में आंसू थे.

मायरा खान का ये फोटोशूट आपके होश ना उड़ा दे तो कहना

मॉडल मायरा खान जिनका पिछले क्रिसमस के मौके पर एक हॉट और सेक्सी वीडियो सामने आया था. उसी मॉडल मायरा खान ने हाल ही में मुंबई में एनलाइटन इंडिया मैगजीन के कवर पेज के लिए फोटोशूट कराया. जाहिर है कि वह हमेशा कि तरह अपनी चमकीले हीरे और फूलों की गुलाबी रंग की पोशाक में हॉट और खूबसूरत दिख रही हैं. फोटोशूट के दौरान मायरा ने कहा कि मैं समर कलेक्शन से प्यार करती हूं इसलिए मैं एन्लाइटन इंडिया के लिए कवर गर्ल बनने पर बहुत उत्साहित हूं. मैं सनसाइन, वाइब्रेंट कलर, फूलों से प्यार करती हूं. मेरे आउटफिट को ऐश पंजाबी द्वारा डिज़ाइन किया गया है. हम इस मैगजीन के कवर के लिए पुराने लुक में फोटोशूट कर रहे हैं और यह वास्वत में बहुत ही चमकदार लग रहा है, जिसे आप कॉकटेल, रात के खाने के लिए पहन सकते हैं या शायद आप इसे पहनकर डेट पर भी जा सकते हैं.

अपनी निजी स्टाइल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं स्टाइल में विश्वास करती हूं क्योंकि स्टाइल हमारे भीतर से आता है. आप जो अधिक आरामदायक कपड़े पहनते हैं और यदि आप इसे ठीक ढंग से स्टाइलिस्ट करते हैं तो यह स्वयं ही आपके बारे में काफी कुछ कह देता है. ऐसे ड्रेस आपको बहुत सरल और आरामदायक रखते हैं. यह सब कुछ आप जो पहनने हैं उसके बारे में है, और जितने भी रंग के कपड़े आप पहनते हैं, जितना ही यह वाइब्रेंट दिखता है वह उतना ही आपके व्यक्तित्व के बारे में दिखाता है. हर पोशाक में व्यक्ति का अलग-अलग चरित्र दिखता है.

मैं 20 साल का हूं और 18 साल की लड़की से प्यार करता हूं. वह मेरे पास आना चाहती है. मैं क्या करूं.

सवाल

मैं 20 साल का हूं और 18 साल की लड़की से प्यार करता हूं, जिस की शादी 3 साल पहले हुई थी. हमारे प्यार के बारे में जानने के बाद उस का पति उसे छोड़ कर कोलकाता चला गया और वहां दूसरी शादी कर ली. वह उस से कोई मतलब नहीं रखता, पर तलाक भी नहीं देता. वह आज भी मुझ से प्यार करती है और मेरे पास आना चाहती है. मैं क्या करूं?

जवाब

आप लोगों का सारा मामला ही गड़बड़ है. उस लड़की की शादी 15 साल की उम्र में हुई, जो कानूनन अमान्य है. फिर उस के पति ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी की, तो वह भी गैरकानूनी है. और आप खुद भी एक साल तक शादी करने के लायक नहीं हैं. आप लड़की के घर वालों से कहें कि वे एक साल के दौरान सबकुछ ठीक कर लें. एक साल बाद ही आप उस से शादी कर सकते हैं.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

जब ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने दी मुरली विजय को गाली, देखिए VIDEO

विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने श्रीलंका को उसी की धरती पर साल 2015 में हराकर टेस्ट सीरीज जीत का जो सिलसिला शुरू किया था, वह अनवरत जारी है. टीम इंडिया ने अब ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर लगातार सातवीं सीरीज जीत दर्ज कर ली है. मंगलवार को उसने धर्मशाला में कंगारू टीम को 8 विकेट से हरा दिया. इसके साथ ही उसने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर भी कब्जा कर लिया, जो ऑस्ट्रेलिया के पास थी. 

टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज में तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था. धर्मशाला टेस्ट के तीसरे दिन मेहमान कप्तान स्टीव स्मिथ ने मुरली विजय को भद्दी गाली दी जब भारतीय सलामी बल्लेबाज ने कैच पकड़ने का दावा किया जो टीवी अंपायर ने बाद में खारिज कर दिया. चार मैचों की इस सीरीज को मैदान से बाहर के विवादों के लिये भी याद रखा जायेगा. चौथे और आखिरी टेस्ट के तीसरे दिन भी इसका नजारा देखने को मिला.

पहले ग्लेन मैक्सवेल के विकेट के बाद मैथ्यू वेड और रविंद्र जडेजा के बीच बहस हुई. इसके बाद स्मिथ काफी नाराज दिखे जब विजय ने जोश हेजलवुड का कैच लपकने का दावा किया. टीवी अंपायर ने बाद में उन्हें नॉटआउट करार दिया.

ऑस्ट्रेलियाई पारी के 54वें ओवर की तीसरी गेंद पर हेजलवुड ने स्लिप में कैच उछाला. विजय ने कैच लपकने का दावा किया और भारतीय खिलाड़ी पवेलियन की ओर जाने लगे. इसके बाद टीवी अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट करार दिया.

भारतीय खिलाड़ियों को वापिस बुलाया गया और विजय को तेजी से पवेलियन की ओर भागते देख ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में मौजूद स्मिथ खासे नाराज दिखे और टीवी कैमरा ने गाली देते हुए उनकी तस्वीर कैद कर ली.

जरूरी है बच्चों को वित्तीय जानकारी देना

तकनीकी में हो रहे बदलाव और जीवन यापन की लागत में हो रही वृद्धि के मद्देनजर हमें खुद से सवाल पूछना चाहिए कि क्या आज के बच्चों को हम वित्तीय उत्पादों व सेवाओं के बारे में पर्याप्त जानकारी दे रहे हैं? बच्चों को अब पैसे के लेनदेन व निवेश प्रबंधन की शिक्षा देना काफी अहम हो गया है.

कुछ वर्ष पहले उद्योग चैंबर एसोचैम ने एक सर्वेक्षण के आधार पर कहा था कि अब बच्चों को 2,000-15000 रुपये मासिक तक की राशि बतौर पॉकेट मनी मिलने लगी है. इस पैसे को वे मॉल में खरीददारी करने में या फोन रिचार्ज करने जैसे चीजों पर खर्च कर रहे हैं. एक दशक पहले बच्चों को 400 से 500 रुपये जेब खर्च के तौर पर मिलते थे. इस बदलाव से पता चलता है कि पैसे का हिसाब-किताब रखने की मानसिकता को विकसित करना कितना जरूरी है.

कैश से खरीदारी की आदत

वैसे तो अब क्रेडिट व डेबिट कार्ड सामान्य सी बात है. इसके जरिये खरीदारी करना कई मामले में आसान भी होता है, लेकिन शुरुआत में बेहतर होगा कि आप बच्चों को नकदी में ही खरीदारी करने की आदत डलवायें. मसलन चाय-काफी का भुगतान और किराना दुकानों पर छोटी खरीदारी करना वगैरह. इससे उन्हें पैसे का हिसाब-किताब रखने की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी.

एटीएम यूज करना सिखायें

तीन-चार साल के बच्चों को पैसे के स्नोत की जानकारी देने के लिए एटीएम एक बेहतर जगह है. बच्चे दरअसल यह समझते हैं कि पैसे के स्नोत की कोई सीमा नहीं होती. एटीएम ले जाकर उन्हें बताया जा सकता है कि पैसा कहां से आता है और यह असीमित आपूर्ति का केंद्र नहीं है, बल्कि जितने रुपये निकालेंगे आपके बैंक खाते में उतनी ही कम राशि बचेगी.

सुपरमार्केट में भी पाठशाला

अक्सर हम बच्चों को सुपरमार्केट ले जाते हैं. वहां भी कई तरह की शिक्षा दी जा सकती है जैसे कि कैसे कम पैसों में ज्यादा सामान खरीदें, क्या महंगा है और क्या सस्ता इस पर फैसला करना आदि. इससे बच्चे ब्रांड व उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी जागरूकता बढ़ेगी.

छोटी उम्र से बचत की आदत

अगर आप बच्चों को छोटी उम्र से ही इच्छा, चाह और जरूरत के बीच अंतर समझाने की कोशिश करें तो यह अच्छी शुरुआत होगी. अगर संबंधियों की तरफ से कोई मौद्रिक उपहार मिलता है तो उसका प्रबंध कैसे करें, कैसे उसे बचत में शामिल करें, कैसे उसे सोच समझ कर खर्च करें. इन छोटी-छोटी बातों की जानकारी देकर आप उनमें बचत की आदत डाल सकते हैं.

वित्तीय तौर पर आजादी दें 

बच्चों को जितनी जल्दी वित्तीय आजादी की समझ आ जाए, उतना ही बेहतर होगा. इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा. वे यह समझेंगे कि हर चीज के लिए माता-पिता पर आश्रित नहीं रहा जा सकता. अगर आपका बच्चा दस वर्ष का हो गया है तो उसका अपना बैंक खाता खोल दीजिए. बैंक खाते के साथ उसका अपना डेबिट कार्ड आ जाएगा. उसे यह देखने दीजिए कि किस तरह से राशि ब्याज के साथ बढ़ती है?

क्यों फिल्म ‘‘सिमरन’’ छोड़कर भाग रहे हैं संगीतकार?

अमूमन फिल्म निर्माता व निर्देशक अपनी फिल्म के कलाकार, संगीतकर या टीम में खुद ही बदलाव करते रहते हैं. मगर निर्माता और निर्देशक हंसल मेहता जिस तरह से कंगना अभिनीत फिल्म ‘‘सिमरन’’ की पटकथा में बार बार बदलाव कर रहे हैं, उसके चलते संगीतकार इस फिल्म को छोड़कर जा रहे हैं.

जब हंसल मेहता ने कंगना रनौत को मुख्य भूमिका में लेकर फिल्म ‘‘सिमरन’’ की शुरूआत की थी, तब इस फिल्म के संगीतकार सचिन जिगर थे. तीन माह बाद सचिन जिगर को अहसास हुआ कि हंसल मेहता के साथ फिल्म ‘सिमरन’ में काम करना उनके लिए संभव नहीं है, इसलिए इस संगीतकार जोड़ी ने बडे़ प्यार से हंसल मेहता से कह दिया कि वह उनकी फिल्म के लिए संगीत नहीं दे सकते. उसके बाद हंसल मेहता ने अपनी फिल्म ‘सिमरन’ में संगीत देने के लिए अमाल मलिक को जोड़ा.

सूत्रों की माने तो अमाल मलिक ने बड़ी मेहनत करके तीन गाने तैयार करके दिए. यह गाने हंसल मेहता को पसंद भी आए. मगर कुछ दिन बाद हंसल मेहता ने अमाल मलिक के पास संदेश भेजा कि अब फिल्म की पटकथा में कुछ बदलाव हो गए हैं, तो वह नई पटकथा के अनुसार गानों व संगीत में कुछ बदलाव करके उन्हें बताएं. तीन माह बाद अमाल मलिक ने ऐसा करके दे दिया, हंसल मेहता संतुष्ट भी हो गए. लेकिन पिछले दिनों फिल्म ‘सिमरन’ की पटकथा पुनः बदली गयी. अब एक बार फिर हंसल मेहता ने अमाल से संगीत में बदलाव करने के लिए कहा, तो इस बार अमाल मलिक ने अपनी दूसरी व्यस्तताओें के चलते बड़ी विनम्रता से और बिना किसी तरह का झगड़ा किए खुद को हंसल मेहता की फिल्म ‘सिमरन’ से अलग कर लिया.

सूत्रों का दावा है कि अब हंसल मेहता अपनी फिल्म ‘‘सिमरन’’ के लिए संगीतकार की तलाश कर रहे हैं, मगर कोई भी संगीतकार उनकी फिल्म में संगीत देने को तैयार नहीं है.

सूत्रों के अनुसार फिल्म ‘सिमरन’ की पटकथा के बार बार बदलने की वजह इस फिल्म की मुख्य अदाकारा कंगना रनौत हैं. जब से कंगना अमरीका के न्यूयार्क स्कूल से फिल्म पटकथा लेखन का कोर्स करके आयी हैं, तब से उन पर पटकथा लिखने का भूत सवार है. सूत्र दावा कर रहे हैं कि कंगना ही बार बार ‘सिमरन’ की पटकथा में बदलाव कर रही हैं.

ज्ञातब्य है कि कंगना रनौत केतन मेहता के निर्देशन में फिल्म ‘‘रानी लक्ष्मी बाई’’ कर रही थी. दो साल से इस फिल्म पर काम हो रहा था, मगर अचानक जब कंगना रनौत ने केतन के सामने शर्त रखी कि वह फिल्म की पटकथा व निर्देशन में योगदान देंगी और फिल्म के परदे पर उन्हें सहलेखक व सहनिर्देशक के रूप में नाम चाहिए. मगर केतन के ऐसा करने से मना करने पर कंगना रनौत ने केतन मेहता की फिल्म ‘रानी लक्ष्मीबाई’ से दूरी बना ली.

बहरहाल, अब देखना है कि ‘सिमरन’ को संगीत से संवारने के लिए कौन सा संगीतकार तैयार होता है.

इन जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी है पैन कार्ड

केन्द्रीय सरकार आधार बनवाने पर जोर डाल रही है. पर आधार कार्ड के साथ-साथ पैन कार्ड का होना भी बहुत जरूरी है. अगर आपके पास भी पैन और आधार दोनों नहीं हैं, तो जल्द से जल्द दोनों बनवा लें. गलत पैन नंबर देने पर आप पर कड़ी कार्यवाई की जा सकती है.

इन कामों के लिए जरूरी है पैन कार्ड-

1. व्यापार जमाने के लिए

अगर आपको भी नौकरी करना पसंद नहीं है और आप भी अपना बिजनेस सेट-अप करना चाहते हैं तो फंड, आईडिया आदि के अलावा पैन कार्ड भी जरूरी है. अगर आप ऐसा कोई बिजनेस शुरु करना चाहते हैं जिसमें सालाना लाभ या बिक्री 5 लाख से अधिक की होती है, तो आपके पास पैन कार्ड का होना जरूरी है. बिना पैन कार्ड के आप बिजनेस नहीं कर पाएंगे.

2. पैन बिना घर नहीं

अपना घर खरीदने या बेचने की सोच रहे हैं? तो लोन के लिए ऐप्लाई करने से पहले अपना पैन कार्ड बनवा लें. नियमों के अनुसार 10 लाख से अधिक की अचल संपत्ति खरीदने या बेचने के लिए भी पैन कार्ड और सही पैन नंबर का होना जरूरी है.

3. अगर खरीदनी है नई गाड़ी

अगर आप नई गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं तो गाड़ी की ब्रैंड और कलर के अलावा पैन कार्ड को भी ध्यान में रखें. बिना पैन कार्ड के आप गाड़ी नहीं खरीद पाएंगे. यही नहीं अगर आप अपनी गाड़ी बेचना चाहते हैं तो भी आपके पास पैन कार्ड होना जरूरी है. ये नियम सिर्फ चार पहिया वाहनों पर ही लागु होता है.

4. एफडी में निवेश

एफडी अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बहुत जरूरी है. पर अगर आप एक बार में 50,000 से अधिक रुपए एफडी में डालते हैं या 1 फाइनेंशियल ईयर में 5 लाख रुपए से अधिक निवेश करते हैं तो आपके पास पैन कार्ड होना चाहिए. आयकर विभाग आपके हर निवेश पर ध्यान देता है. इसलिए पैन कार्ड बनवा लें.

सबको देखा, इनको भी देख लेते हैं

‘कम्युनिस्टों की बात तो आप करें नहीं. वो कहीं नहीं हैं.’ उन्होंने कहा और हमने मान लिया. हमारा यह मानना चुनावी समर और दलगत आधार पर है. आम जनता को अपने पक्ष में मतों में बदलने से है. हमारी सहमति उन्हें अच्छी लगी. आगे भी उन्होंने जो कहा वह भी मानने लायक बात थी, कि ‘लोगों ने नरेन्द्र मोदी पर विश्वास किया है.’ यह विश्वास इस डोर से बंधी हुई है कि ‘जैसे सबको देखा, वैसे ही एक बार इनको भी देख लेते हैं.’ यह देखने की हवा 2014 से चल रही है.

देश की आम जनता इस बात को नहीं जानती कि ‘सब को देखने और इनको देखने का क्या मतलब है?’ उसके लिये यह मानी हुई बात है, कि देश में लोकतंत्र है और चुनाव से सरकारें बदली जा सकती हैं. उन्हें नहीं पता कि ‘ऐसा नहीं भी हो सकता है.’ उसने इस व्यवस्था को बदलने की बात अब तक सोची ही नहीं. उन्हें इस बात की पक्की जानकारी ही नहीं है, कि ऐसी कोई सरकार भी बनती है, जो जन समस्याओं का समाधान करती है. जो देश की आम जनता से देश को बनाती है.

वो तो यह मान कर चलती है, कि सरकारें ऐसी ही होती हैं, अपने मतलब के लिये काम करती हैं. इसलिये कम मतलबी सरकार भी चलेगी. वैसे भाजपा की मोदी सरकार मतलबी सरकार है, मगर वह अपने मतलब को ‘राष्ट्रवाद’ और ‘आर्थिक विकास’ के परतों के नीचे छुपा कर रखती है. लोकतंत्र की मौजूदा सरकारों के लिये आम जनता सरकार बनाने का जरिया और बाजार के लिये उत्पादन का साधन और उपभोक्ता है. वह दोनों के लिये जरूरी है, इसलिये जिन्दा है. जन समर्थक सरकार की मांग को वैधानिक तरीके से खारिज किया जा चुका है.

यदि नरेन्द्र मोदी के प्रचारित योजनाओं पर आप विश्वास करें तो ‘मेक इन इण्डिया’ कई इण्डिया के अलग-अलग मुकाम से होता हुआ ‘न्यू इण्डिया’ के मुकाम तक पहुंच गया है. सरकार अपने ‘राजनीतिक एकाधिकार’ के लिये बड़ी ईमानदारी और पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ती रही है. अभी ‘मिशन 2017’ के तहत पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत और जोड़-तोड़ से चार राज्यों में अपनी सरकार बना चुकी है. उत्तर प्रदेश उसके लिये मिशन 2019 के लोक सभा चुनाव की पृष्टभूमि है, जहां वह उग्र हिन्दूवादी आदित्यनाथ की सरकार बना चुकी है.

अब भाजपा ‘हिन्दू राज्य’ में दलित-अल्पसंख्यकों का खयाल रख कर यह दिखाती है कि भाजपा से डरने की जरूरत नहीं है, या उन्हें ‘सबक’ सिखाती है? देखना है. वैसे देखने लायक कोई बात है नहीं. सरकार की जुबान पर चाहे जितनी मिठास हो, उसका मकसद राजनीतिक एकाधिकार और वित्तीय ताकतों की तानाशाही है. संघ, भाजपा और मोदी का राष्ट्रवाद राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय निजी कम्पनियों के हितों को साधने का जरिया है.

उनकी देशभक्ति देश को बाजार बनाने से उन्हें नहीं रोकती. देश की प्राकृतिक संपदा को निजी कम्पनियों को सौंपने और उत्पादन के साधन का निजीकरण करने से उन्हें नहीं रोकती. श्रम बाजार में बौद्धिक एवं शारीरिक श्रम सम्पदा को सस्ते में निजी कम्पनियों के लिये उपलब्द्ध कराने से उन्हें नहीं रोकती.

अर्थव्यवस्था के निजीकरण को उन्होंने खुली छूट दे दी है. नोटबंदी के खेल को ‘कैशलेस ट्रांजेक्शन’ की ओर मोड़ कर उन्होंने कारोबार और लेन-देन के बीच निजी कम्पनियों के हितों के लिये जगह बना दिया है. उनकी देशभक्ति उन्हें आर्थिक अपराध करने से नहीं रोकती.

आर्थिक असमानता, सामाजिक असुरक्षा की भावना और धर्म-जाति सम्प्रदायों की दूरियों को बढ़ाने से उन्हें परहेज नहीं है. उनकी देशभक्ति को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि समाज का भगवाकरण इस्लामी आतंक और मिशनरियों के उपनिवेशिक साम्राज्यवाद से अलग नहीं.

यह समाज के स्वाभाविक विकास और समाजवाद को रोकना ही नहीं है बल्कि पूंजीवादी लोकतंत्र की बुनियाद को उखाड़ना भी है. इसलिये जिन्हें यह लगता है, कि ‘सबको देखा, इनको भी देख लेते हैं’ उनको इस बात की जानकारी नहीं है, कि इनको देखने का मतलब राजनीतिक एकाधिकार और वित्तीय पूंजी की तानाशाही है.

यह ठीक है, कि ‘कम्युनिस्टों की बातें हम न करें, वो कहीं नहीं हैं’, किंतु दलित और अल्पसंख्यक वर्ग समाज के कामगर वर्ग के ही सदस्य हैं, और यह बात बिल्कुल तय है कि फासिस्ट ताकतें कम्युनिस्टों के खिलाफ हमलावर होती हैं.

मजेदार हैं गूगल की ये ट्रिक्स!

आज के इस तकनीकी समय में अगर गूगल को दुनिया का सबसे बेहतरीन सर्च इंजन (Search Engine) कहें, तो ये गलत नहीं होगा. क्या आप जानते हैं इतना साफ और साधारण दिखने वाला गूगल का होम पेज काफी मजेदार है.

आइए हम आपको बताते हैं गूगल की ऐसी ट्रिक्स जो बहुत रोचक तो हैं ही और साथ ही ये काफी आसान भी हैं.

1.गूगल स्पाइनिंग स्क्रीन

अपने स्क्रीन को पूरा घुमाने के लिए गूगल सर्च पर टाइप करिए 'Do a barrel roll' और आप देखेंगे कि आपका गूगल स्क्रीन 360 डिग्री घूम जाएगा. इसे Google Spinning Screen कहते हैं.

2. अंडर वाटर गूगल

अंडर वाटर गूगल के लिए आपको गूगल सर्च पर  'Underwater Google' ऐसा टाइप करना होगा, इसके बाद आपकी गूगल स्क्रीन बिल्कुल एक्वेरियम जैसी बन जाएगी.

3. गूगल टर्मिनल

गूगल पर डॉस स्क्रीन शो करने के लिए आपको गूगल सर्च बॉक्स में  'Google terminal' टाइप करना होगा. बस ये टाइप करते ही आप गूगल पर कमाल देख सकेंगे.

4. गूगल स्फेयर

जरा सोचिए कि आपका गूगल स्क्रीन किसी गैलेक्सी की तरह घूमने लगे तो! यही होगा जब आप गूगल पर सर्च करने के लिए लिखेंगे 'Google sphere', तो आपको आपकी गूगल स्क्रीन, किसी गैलेक्सी की तरह नजर आऐगी.

5. गूगल मिरर

गूगल मिरर (Google Mirror) का मतलब है कि आपको आपके कम्प्यूटर की स्क्रीन पर मिरर जैसी इमेज यानि कि उल्टी तस्वीर दिखाई देगी. इसके लिए आपको गूगल सर्च पर 'elgoog' टाइप करना होगा.

6. गूगल पॉण्ड (Google Pond)

अपने गूगल पेज पर तालाब की तरह हलचल पैदा करने के लिए गूगल सर्च पर  'Google pond' टाइप करके सर्च करें और फिर देखें जादू.

7. गूगल टिल्ट या आस्क्यू

अगर आप अपने गूगल होम पेज को थोड़ा टिल्ट या तिरछा करना चाहें तो इसके लिए की-वर्ड है  'tilt' या 'askew'.

8. गूगल ग्रेविटी

कैसा होगा अगर आपका गूगल पेज धड़ाम से गिर पड़े. कितना मजेदार होगा न ये. यह कमाल होगा जब आप टाइप करेंगे 'Google gravity'. अब कोशिश कीजिए इन की-वर्ड्स को लिखकर और फिर देखिए कमाल.

9. गूगल इपिक

गूगल इपिक या Epic, एक ट्रिक है जिसके लिए आपको गूगल सर्च पेज पर ‘Epic Google’ टाइप करना होगा. इसके बाद सर्च परिणाम में आए पहले लिंक पर क्लिक करना होगा. ऐसा करने से आपकी गूगल स्क्रीन कभी बड़ी दिखेगी तो कभी छोटी.

10. गूगल रैनबो

अगर आपको इंद्रधनुष के रंग पसंद हैं तो ये जानकर आपको खुशा होगी और आप गूगल पर कुछ नया भी कर सकते हैं. गूगल सर्च में गूगल रैनबो (google rainbow) टाइप करने पर कई सारे सर्च विकल्प आपके सामने आएंगे.

बाकी गूगल ट्रिक्स की तरह ही यह भी किसी सॉफ्टवेयर की मदद लेता है. इसलिए पहले सर्च रिजल्ट पर क्लिक करते ही गूगल का होम पेज पर रेनबो बना आ जाएगा और आपका स्क्रीन किसी इंद्रधनुष वाले आकाश की तरह नजर आएगा.

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