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क्या आप जानते हैं क्या है वय वंदना योजना?

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) नाम से एक नई पेंशन योजना की शुरुआत की है, जिसे 2017-18 के बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वापसी की गारंटी दर के साथ लॉन्च किया गया. यहां हम आपको इसके बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं.

क्या है प्रधानमंत्री वय वंदना योजना

– प्रधानमंत्री वय वंदना योजना वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना (2014) की तरह ही है जिसे साल 2014-15 में लॉन्च किया गया था. इस स्कीम को सबसे पहले यूनियन बजट 2003-04 (अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल) के दौरान लॉन्च किया गया था.

– 2.66 लाख रुपये का एकमुश्त प्रीमियम भुगतान करने पर आपको 2,000 रुपये की आजीवन मासिक पेंशन मिलेगी और इस पर 9% का एश्योर्ड रिटर्न मिलेगा.

– वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना (वीपीबीवाई) को साल 2014-15 के दौरान रिलॉन्च किया गया और वह लोग जो 60 वर्ष की उम्र के थे वो इस पेंशन योजना में निवेश करने के पात्र थे. इस स्कीम के तहत 6,66,665 रुपए की एकमुश्त रकम देने पर आपको मासिक आधार पर 5000 रुपए की पेंशन दिए जाने का प्रावधान था.

कब लॉन्च हुई प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना को 4 मई 2017 को लॉन्च किया है. वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना (वीपीबीवाई) की ही तरह प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) उन वरिष्ठ लोगों के लिए एक पेंशन योजना है जिनकी उम्र 60 वर्ष के ऊपर है. इस योजना के अंतर्गत 8 फीसद का सम एश्योर्ड भी सुनिश्चित किया गया है.

स्कीम के प्रमुख फीचर

– भारतीय नागरिक जो कि 60 वर्ष की उम्र से ऊपर के हैं वो प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) में निवेश करने के पात्र हैं.

– यह योजना 4 मई 2017 से 3 मई 2018 तक सब्सक्रिप्शन के लिए सभी के लिए ओपन है.

– लगभग 1,44,578 रुपए के एकमुश्त प्रीमियम का भुगतान कर आप अगले 10 साल के लिए 1000 रुपये की मासिक पेंशन पाने के हकदार हो जाते हैं.

– वहीं 7,22,892 रुपए के एकमुश्त प्रीमियम करने पर आप 5000 रुपए की मासिक पेंशन पाने के हकदार बन जाते हैं.

स्कीम के प्रीमियम और पेंशन डिटेल :

– इस पेंशन की अधिकतम सीमा पूरे परिवार के लिए है. यानी पीएमवीवीए पॉलिसी के तहत किसी परिवार को जारी की गई पेंशन की कुल राशि अधिकतम पेंशन सीमा से अधिक नहीं होगी. इस योजना के अंतर्गत परिवार में पेंशनभोगी, उसके पति/पत्नी और आश्रितों को शामिल किया जाएगा.

– इस पॉलिसी का टर्म अधिकतम 10 साल के लिए है.

– पॉलिसीहोल्डर (बीमाधारक) मासिक, तिमाही, छमाही और सालाना आधार पर इसका चयन कर सकता है.

– इस पर मिलने वाला एश्योर्ड रिटर्न 8 फीसद होता है.

– अगर किसी कारणवश पेंशनभोगी (पॉलिसीहोल्डर) की मृत्यु हो जाती है तो, भुगतान किए गए प्रीमियम (खरीद मूल्य) पेंशनभोगी के नामित/ कानूनी उत्तराधिकारी को वापस कर दिए जाएंगे.

– पेंशनर के हाथों में आने वाली पेंशन आय कर योग्य होगी. कर की दर उसकी आयकर स्लैब पर निर्भर करेगी.

– लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) के लिए एक्सक्लूसिव एडमिनिस्ट्रेटर होगा.

– पेंशन पेमेंट ईसीएस और एनईएफटी के जरिए होगा.

– यह योजना 'सेवा कर' छूट सूची में जोड़ दी गई है.

इस योजना के फायदे

पेंशन का भुगतान : पेंशनरों को पॉलिसी अवधि के दौरान पेंशन मिलेगी. उदाहरण के लिए, अगर आप एक महीने की पॉलिसी की तारीख के बाद मासिक पेंशन मोड का चुनाव करते हैं तो आपको अगले महीने से ही पेंशन मिलना शुरु हो जाएगी.

योजना के अंतर्गत डेथ बेनिफिट : पॉलिसी टर्म (10 साल) के दौरान पेंशनर की मौत होने पर, नॉमिनी को पर्चेज प्राइज वापस कर दिया जाएगा.

मैच्योरिटी बेनिफिट : पॉलिसी अवधि के अंति तक पेंशनर के गुजर-बसर के लिए पेंशन के खरीद मूल्य और अंतिम किस्त का भुगतान पेंशनभोगी को दिया जाएगा.

भारत-इजराइल ने किए ये 7 करार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल दौरे पर हैं. बुधवार को उन्होंने वहां 7 करार किए. इसके तहत अब स्वच्छ गंगा अभियान में भी इजराइल भारत की मदद करेगा. साथ ही एविएशन, स्पेस, और एग्रीकल्चर में भी करार हुए. इस दौरान इजराइल के पीएम ने कहा कि हम दोनों देशों के रिश्ते स्वर्ग में तय हुए हैं.

नरेंद्र मोदी ने इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को भारत आने का भी न्योता दिया है. मंच पर ही नेतन्याहू ने मोदी के न्योते को मंजूर कर लिया. पीएम ने कहा, इजराइल इनोवेशन, वाटर और एग्रीकल्चर टेक्नॉलजी में लीडर है. भारत भी इन्हीं मुद्दों पर काम कर रहा है. दोनों देशों के रिसर्चर और साइंटिस्ट इन क्षेत्रों में क्रांति ला सकते हैं. इसके लिए हम साथ आ रहे हैं.

नेतन्याहू ने कहा, हमने वाटर मैनेजमेंट के साथ ही कई फील्ड्स पर बात की है. हम नौकरियां पैदा करने पर भी बात कर रहे हैं. आतंकवाद से लेकर दूसरी चुनौतियों पर भी हम साथ काम करेंगे. हम लंबे संघर्ष के बाद खड़े हुए हैं और हमारे अनुभव भी मिलते-जुलते हैं. हमारी दोस्ती हमेशा चलेगी.भारत और इजरायल के बीच हुए 7 करार, मिलेगा ये फायदा…

1. आर एंड डी और टेक्नोलॉजी इनोवेशन

भारत और इजरायल के बीच इंडस्ट्रियल आर एंड डी और टेक्नोलॉजी इनोवेशन फंड 40 बिलियन डॉलर के इस करार में दोनों देश टेक्नॉलजी इनोवेशन पर काम करेंगे. इससे नौकरियों के भी पैदा करने की संभावना बढ़ेगी.

2. वॉटर कन्जरवेशन

भारत का पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय और इजराइल का राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा ऊर्जा और जल संसाधन मंत्रालय इस करार के तहत साथ मिलकर काम करेंगे.

3. भारत में स्टेट वॉटर यूटिलिटी रिफॉर्म

यूपी जल निगम और इजराइल की राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा व ऊर्जा और जल रिसोर्स मंत्रालय के बीच साइन किया गया.

4. कृषि

भारत और इजराइल में साल 2018 से 2020 तक तीन साल का करार हुआ है. इस दौरान दोनों देश कृषि टेक्नॉलजी पर साथ काम करेंगे.

5. एटॉमिक क्लॉक्स

भारत के स्पेस सेंटर इसरो और इजराइल के स्पेस सेंटर आईएसए में करार हुआ  है.

6. जीईओ-एलईओ ऑप्टिकल लिंक में कोऑपरेशन

छोटे सेटेलाइट्स के लिए बिजली प्रणोदन (इलेक्ट्रिक प्रोपल्सन) के लिए इसके अंतर्गत करार हुआ है. इसके लिए भी इसरो और आईएसओ में करार हुआ है.

7. स्पेस सेक्टर

स्पेस सेक्टर को लेकर भी दोनों देशों में समझौते हुए हैं. नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता आसमान है तो इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि हम आसमान से भी ऊपर जा रहे हैं. स्पेस सेक्टर में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे.

तापसी नहीं स्वाती से प्यार करते हैं साकिब सलीम

अभिनेत्री हुमा कुरैशी के भाई और ‘यशराज फिल्म्स’की फिल्म ‘‘मुझसे फ्रेंडशिप करोगे’’ से अभिनय करियर की शुरूआत करने वाले साकिब सलीम पिछले छह सालों से बौलीवुड मे व्यस्त हैं, मगर उनका करियर अब तक नहीं बन पाया है. पर वह अपनी अभिनय क्षमता की बनिस्बत और अपने प्रेम संबंधों को लेकर वे हमेशा चर्चाओं में बने रहते हैं.

साकिब सलीम ने जब म्यूजिक वीडियो ‘‘तुम हो तो लगता है’’ में तापसी पन्नू के साथ अभिनय किया था, तब से साकिब सलीम और तापसी पन्नू की प्रेम कहानी चर्चा में रही है. उसके बाद साकिब और तापसी ने एक साथ फिल्म ‘‘मखना’’ भी की, मगर साकिब हर बार तापसी से प्रेम संबंध को नकारते आए हैं. मीडिया में साकिब के इस नकारनामे को दूसरे फिल्म कलाकारों की ही तरह सच को छिपाने वाली बात भी कही जाती रही है. लेकिन अब सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार साकिब की इस बात में सच्चाई नजर आती है, कि तापसी के संग उनका प्रेम संबंध नहीं है.

सूत्रों का दावा है कि साकिब सलीम तो अपने करियर की पहली फिल्म ‘मुझसे फ्रेंडशिप करोगे’ के वक्त से ही लेखक स्वाती त्रिवेदी के संग प्यार की बातों को आगे बढ़ाने लगे थे और उनका यह प्यार दिन प्रतिदिन परवान चढ़ता रहा है. साकिब सलीम का आपना अभिनय करियर भले ही आगे न बढ़ पा रहा हो, मगर स्वाती त्रिवेदी बतौर लेखक ‘मुझसे फ्रेंडशिप करोगे’ के बाद ‘फैन’, ‘की एंड का’, ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ जैसी कई फिल्में लिख चुकी हैं.

अब तो देखना ये है कि साकिब सलीम और स्वाती त्रिवेदी अपनी इस सात साल पुरानी प्रेम कहानी को कब खुलकर कब स्वीकार करते हैं?

क्रिकेट के लिए ऐसी दीवानगी नहीं देखी होगी आपने

क्रिकेट दुनिया के पसंदीदा खेलों में से एक है. आज क्रिकेट को जितनी लोकप्रियता मिल रही है शायद ही किसी और खेल को मिली हो. क्रिकेट के कुछ दीवानें तो ऐसे हैं जो इसे ही अपनी जिंदगी मान लेते हैं और अपने पसंदीदा खिलाड़ी या टीम के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं.

यह सच ही कहा गया है कि खेल को दर्शक ही बनाते हैं और इसका सबसे सटीक उदाहरण है लोगों में क्रिकेट के लिए दीवानगी. क्रिकेट में करोड़ों लोगों की भावनाएं जिस तरह से अपने चहेते क्रिकेटरों के लिए बहती है वह क्रिकेट को और भी रोमांचित बना देता है. कुछ फैन्स तो स्टेडियम में अपनी उपस्थिति दर्ज करा क्रिकेटर और दर्शकों का मनोबल और रोमांच भी बढ़ाते हैं.

क्रिकेट के कुछ फैन तो ऐसे हैं जो अपने मनपसंद खिलाड़ी से मिलने साइकिल चलाकर 2,000 किलोमीटर का सफर करते हैं, तो कोई अपनी टीम के लिए अपना घर तक बेच डालता है, और कोई बचपन से ही सब कुछ छोड़-छाड़कर टीम और खिलाड़ियों को चीयर करने में ही जिंदगी बिताता है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही क्रिकेट फैन्स के बारे में बताने जा रहे हैं.

सुधीर कुमार गौतम

भारतीय तिरंगे के तीन रंगों से रंगा हुआ शरीर, सिर पर बना भारत का नक्शा और शरीर पर गुदा सचिन तेंदुलकर का नाम. यही है भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े फैन सुधीर कुमार गौतम की पहचान. बिहार के सुधीर कुमार गौतम भारतीय सरजमीं पर होने वाले हर मैच में अकसर देखे जाते हैं.

वर्ष 2003 में सचिन तेंदुलकर से मुलाकात करने के लिए सुधीर बिहार से मुंबई तक साइकिल पर चले गए थें और होटल के सामने काफी देर इंतजार करने के बाद उनकी सचिन से मुलाकात हुई थी.

क्रिकेट के प्रति सुधीर का जूनून देखते हुए बीसीसीआई ने उन्हें स्पॉन्सर किया. उन्होंने सचिन के साथ 2011 का वर्ल्ड कप जीत भी सेलीब्रेट किया. सुधीर पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘बियोन्ड ऑल बाउंड्रीज’ बनाई जा चुकी है. सचिन तेंदुलकर के रिटायरमेंट के बाद भी सुधीर टीम इंडिया का उत्साहवर्धन करने के लिए अमूमन हर मैच में देखे जाते हैं.

राम बाबू

भारत के सुधीर कुमार गौतम की तरह ही मोहाली के राम बाबू भी क्रिकेट के क्रेजी फैन हैं. राम बाबू भारतीय वनडे टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के डाई-हार्ट फैन हैं. जहां भी भारतीय कप्तान क्रिकेट खेलने के लिए जाते हैं वहां रामबाबू उपस्थित हो जाते हैं.

आपको बता दें वह पंजाब की ओर से जिला स्तर तक क्रिकेट भी खेल चुके हैं. पारिवारिक मजबूरी के कारण उन्हें क्रिकेट खेलना छोड़ना पड़ा. लेकिन वह खुद को क्रिकेट से दूर नहीं कर पाएं और धोनी के सबसे बड़े फैन बन गएं.

चाचा क्रिकेट

चाचा क्रिकेट पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे बड़े क्रिकेट फैन हैं. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले चाचा क्रिकेट पाकिस्‍तान में होने वाले लगभग हर मैच को देखने जाते हैं. इनका असली नाम चौधरी अब्दुल जालील है. मैदान में चाचा सफेद दाढ़ी, हरे रंग की सलवार-कमीज और सिर पर टोपी पहने नजर आते हैं.

चाचा क्रिकेट को दुनिया भर के लोगों ने सबसे पहले 1980 में शारजाह कप के दौरान जाना था. उस समय वह यूएई में ट्रक ड्राइवर थें. बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें पूरे विश्व में पाकिस्तानी टीम का समर्थन करने के लिए स्पॉन्सर किया.

शोएब अल बुखारी

शोएब अल बुखारी बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के एक जुनूनी फैन हैं. शरीर पर पीले रंग की धारियां बनाए और बांग्लादेश का इंडा लिए वह मैदान में नजर आते हैं. पेशे से मोटर मैकेनिक शोएब की असली पहचान बांग्लादेश टीम के अजीज क्रिकेट फैन के रूप में है.

वह बांग्लादेश की क्रिकेट टीम के तब भी फैन थें जब बांग्लादेश का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन अच्छा नहीं था. वह अपनी टीम का मनोबल बढ़ाते हर जगह नजर आ जाते हैं.

भारत आर्मी

1999 के वर्ल्ड कप के दौरान चार दोस्तों ने मिलकर भारत आर्मी का गठन किया था. इसका मुख्य उद्येश 1999 के वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम को सपोर्ट करना था. आज यह चार दोस्तों का ग्रुप एक बड़ा रूप ले चुका है. भारत आर्मी टीम इंडिया को अब हर जगह सपोर्ट करने पहुंचती है.

बार्मी आर्मी

बार्मी-आर्मी आज इंग्‍लैंड का एक फेमस क्रिकेट फैन ग्रुप है. लेकिन आपको बता दें कि इस फैन ग्रुप की नींव तीन दोस्तों ने 1994-95 के ऐशेज सीरीज के दौरान रखी थी. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने इन्हें बार्मी आर्मी की उपाधि दी थी क्योंकि मैच के दैरान ये कभी भी इंग्लैंड का प्रोत्साहन बढ़ाने से पीछे नहीं हटे, फिर चाहे टीम अच्छा खेल रही हो या खराब. सबसे खास बात तो यह है कि आज दुनिया में इंग्लैंड टीम जहां भी जाती है, उसका उत्साह बढ़ाने के लिए बार्मी-आर्मी भी वहां होती है.

मोहम्‍मद बशीर बोजाई

यह भी पाकिस्‍तान के क्रेजी क्रिकेट फैन हैं. हालांकि क्रिकेट के ये सुपर फैन दूसरों से कुछ अलग हैं. बशीर, महेंद्र सिंह धोनी के दीवाने हैं पर उतने ही जबरदस्‍त पाकिस्‍तानी क्रिकेट टीम के भी सर्पोटर हैं. वो दोनों के लिए चियर करते है.

2014 में बांग्लादेश में आयोजित हुए टी 20 वर्ल्‍ड कप से बशीर सबसे पहले चर्चा में आए. इसके बाद वो वर्ल्‍ड कप के दौरान भी नजर आयें. बशीर पाकिस्‍तान के हर मैच में शामिल नहीं होते पर आईसीसी के करीब करीब हर उस मैच में दिखाई देते हैं जिसमें इंडिया और पाकिस्‍तान आमने सामने होती है.

ग्रेवी द इंटरटेनर

वेस्टइंडीज क्रिकेट के पर्याय के रूप में पहचान बनाने वाले ग्रेवी क्रिकेट मैदान पर अपने बैंड के आर्टिस्टों के साथ जिस अंदाज में प्रवेश करते थें वह दर्शकों के साथ खिलाड़ियों को खूब भाता था.

ग्रेवी ने 1988 से साल 2000 तक क्रिकेट क्राउड को खूब इंटरटेन किया. वह इस दौरान विभिन्न प्रकार के परिधानों में नजर आते थें. उनका सफेद रंग की वेडिंग ड्रेस के साथ मैदान में आना लोगों को खूब भाता था.

वह मैदान पर विभिन्न प्रकार के डांस भी करते थें जो अक्सर दर्शकों को लुभाता था. यही कारण था कि वह वेस्टइंडीज क्रिकेट के प्रतीक के रूप में उभरे थें. उनका असली नाम लैबन केनीथ ब्वैकबर्न ल्यूवेन्टिन बकोनन बेंजामिन (Labon Kenneth Blackburn Leeweltine Buckonon Benjamin) था.

कार्ल ट्यूसर

ऑस्‍ट्रेलिया के कार्ल ट्यूसर का नाम भी क्रेजी फैन्स की लिस्ट में शामिल है. कार्ल कार्टून वाले लिबास में मैच में दिखाई देते हैं. कंगारू की कॉस्‍ट्यूम में सजे कार्ल ट्यूसर ऑस्‍ट्रेलिया के सुपर फैन बन कर उभरे हैं. आज वह एक सेलीब्रेटी बन चुके हैं. वे काफी तेज आवाज में चिल्‍ला कर अपनी टीम का उत्साहवर्धन करते हैं.

पर्सी अभयशेखर

श्रीलंका के पर्सी अभयशेखर भी इस लिस्‍ट में शामिल हैं. पर्सी का लुक देख देख कर ऐसा ही लगता है कि वे श्रीलंकाई टीम के सदस्‍यों में से एक हैं. पर्सी पिछले पचास से ज्‍यादा सालों से बाउंड्री पर खड़े होकर अपनी टीम को चियर करने हर जगह श्रीलंकन टीम के साथ देखे जा सकते हैं. हाथों में अपने देश का झंडा थामे पर्सी को उनकी फनी राइम्‍स के लिए भी जाना जाता है.

सिर्फ ये 10 नहीं बल्कि ऐसे कई क्रिकेट फैन और ग्रुप हैं, जो देश और अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की खातिर कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं.

85 किलो वजन घटाने के बाद कुछ ऐसे दिखते हैं गणेश आचार्या

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गणेश आचार्या की लेटेस्ट तस्वीरें सभी लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रही हैं. उनके अगर हालिया अपियरेंस को देखा जाए तो आप पाएंगे कि वो अपने वजन के आधे हो गए हैं. इसकी वजह है उनका 85 किलो वजन घटाना. अपने वजन घटाने के बारे में हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने कहा- यह मेरे लिए कठिन था. मैं पिछले डेढ़ साल से अपने शरीर पर काम कर रहा था. 2015 में आई अपनी फिल्म ‘हे ब्रो’ के लिए मैंने 30-40 किलो वजन बढ़ाया था और इसके बाद मेरा वजन 200 किलो पर पहुंच गया. अब वही वेट उतार रहा हूं.

2013 में आई फिल्म भाग मिल्खा भाग के गाने ‘मस्तो का झुंड’ को कोरियोग्राफ करने के लिए गणेश आचार्य को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्होंने कहा कि वजन घटाने की प्रेरणा मुझे इस बात से मिली कि इसके जरिए मैं लोगों के सामने अपना एक अलग वर्जन दिखाउंगा. एक सोच थी कि मुझे बस इसे करना है. लोगों ने गणेश आचार्य को मोटा ही देखा है. इसी वजह से मैं इस इमेज को बदलना चाहता था. मैंने अभी तक लगभग 85 किलो वजन  कम कर लिया है. वजन घटाने से कोरियोग्राफर काफी खुश हैं. उन्होंने कहा कि मुझे फर्क पता चलना शुरू हो गया है.

जब मेरा वजन इतना ज्यादा था तब भी मैं डांस करता था. लेकिन तब और अब में फर्क इतना है कि मेरी डांस करने की ऊर्जा अब डबल हो गई है. मराठी फिल्म के जरिए डायरेक्टर बनने वाले गणेश अपने वजन घटाने के बारे में एक वीडियो रिलीज करने का प्लान बना रहे हैं. उन्होंने कहा- मैं जल्द ही यूट्यूब पर एक वीडियो लॉन्च करने वाला हूं जिसमें मेरी ट्रांसफॉर्म्ड बॉडी की यात्रा दिखाई देगी. बता दें कि कुछ समय पहले बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो ट्वीट किया था जिसमें वह और डांस कोरियोग्राफर गणेश आचार्य साथ में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के सुपरहिट सीन को रीमेक करते नजर आ रहे थे.

यह वीडियो पूरी तरह से मस्ती के मूड में बनाया गया है. फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के इस सीन में उस वक्त जहां शाहरुख खान ट्रेन में थे और काजोल ट्रेन के पीछे दौड़ रही थीं, वहीं रणवीर द्वारा पोस्ट किए गए इस सीन में शाहरुख की जगह ट्रेन की बोगी में खड़े हैं रणवीर सिंह और उनके पीछे दौड़ रहे हैं गणेश आचार्य. भारी भरकम गणेश जब किसी तरह से रणवीर तक पहुंचते हैं तो वह उनका हाथ तो पकड़ लेते हैं लेकिन बेचारे हल्के फुल्के रणवीर गणेश भारीभरकम गणेश को कहां खींच पाते. रणवीर गणेश के वजन के मारे नीचे आ गिरते हैं.

बारिश में गाड़ी चलाने वाले जरा इस खबर को पढ़ लें

देश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौनसून ने अपनी दस्तक दे दी है और इस महीने के आखिर तक यह उत्तर भारत में भी पहुंच जाएगा. बारिश होने से जहां लोगों को चिलचिलाती धूप से मुक्ति मिलती है, तो वहीं उन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है जिनके पास गाड़ी होती है.

मौनसून सीजन में गाड़ी का इन्श्योरेंस करवाना जरूरी है, क्योंकि यह आपको कई तरह की मुश्किलों से बचाता है. हम आपको बता रहे हैं कुछ तरीके, जिनका इस्तेमाल करके आप अपनी गाड़ी को इस सीजन में सेफ रख सकते हैं.

एसी को न रखे ऑन

मौनसून सीजन में अगर गाड़ी बीच सड़क पर भरे पानी में फंस जाए तो कार के एसी को तुरंत ऑफ कर दें. ऐसा करने से  गाड़ी में क्लच और ब्रेक के जरिए इंजन तक पानी पहुंच सकता है.

न करें सेंट्रल लॉकिंग का इस्तेमाल

गाड़ी चलाते वक्त बरसात के दौरान कभी भी सेंट्रल लॉकिंग का इस्तेमाल न करें. सेंट्रल लॉकिंग कार की बैटरी से जुड़ी होती है. अगर गाड़ी बंद हो जाएगी तो ये काम नहीं करेगा.

गाड़ी की स्पीड को नहीं करें कम

सड़क पर अगर पानी भरा हो तो गाड़ी के एक्सीलेटर को हल्का दबा कर रखें. अगर सड़क खाली हो तो फिर गाड़ी को पहले गियर में तेजी से निकालने का प्रयास करें. इससे गाड़ी बंद नहीं होगी और आराम से पानी के बीच से निकल जाएगी.

ब्रेक डाउन होने पर न करें गाड़ी को स्टार्ट करने की कोशिश

ब्रेक डाउन होने पर गाड़ी को स्टार्ट करने की कोशिश बिलकुल भी न करें. इससे इंजन के खराब होने का खतरा बना रहता है और ऐसा होने पर इन्श्योरेंस कवर भी काम नहीं आता है.

इन्श्योरेंस की कॉपी को रखे ई-मेल में

हमेशा अपनी गाड़ी के कागजातों की डिजिटल कॉपी अपने ई-मेल में सेव करके रखें. इन्श्योरेंस की कॉपी को ऐसे सेव करने से आप गाड़ी को हुए नुकसान पर क्लेम प्रोसेस को आगे बढ़ा सकते हैं. इससे इन्श्योरेंस अमाउंट लेने में आपको आसानी होगी.

धार्मिक तानाशाही

जड़ समाज और सक्रिय समाज में अंतर जरा सा ही होता है. ऊपर से देखने पर तो पता भी नहीं चलता. जड़ समाज में न नया सोचने की इजाजत होती है, न नया करने की. लेकिन जड़ समाज सदियों से जो भी नई तकनीक आती है उसे अपना ही लेता है. पर इसे विकास नहीं कहा जा सकता क्योंकि तकनीक उन इलाकों से आती हैं जहां विविधता को बढ़ावा मिलता है.

हमारा समाज एक बार फिर जड़ता की ओर बढ़ रहा है. पहले सैकड़ों देवीमां, देवताओं को पुजवाने वाले चतुर बिचौलियों ने अब देश के झंडे, राष्ट्रभक्ति, भारतमाता और वंदेमातरम को पूज्य आइकनों की तरह पेश कर दिया है और उन को सरदार पटेल, शिवाजी, महाराणा प्रताप जैसों से जोड़ दिया है. उद्देश्य यह है कि साबित किया जा सके कि जो उन का युग था वही आदर्श था. हां, इस का एक बड़ा कारण इसलामी कट्टरपन का बढ़ना है. पश्चिमी एशिया के देशों में जिस तरह तेल के पैसों के कारण इसलाम ने अपनी कट्टरता और पुरानी सोच बनाए रख कर दुनियाभर में अपने भक्तों को न केवल सोच में पुरातनवादी होने का जो आदेश दिया है, पहरावे व दिखने में भी उन को धर्म का पट्टा माथे पर लगा कर चलने का जो आदेश दिया है, उस से उदार होते समाज भी डर गए हैं.

यही नहीं, इसलामी कट्टरपंथी ही आज के आतंकवादी हैं. उन के आतंक के आगे जापान की रैड आर्मी या दक्षिणी अमेरिका के चे ग्वेरा के समर्थक फीके पड़ गए हैं. श्रीलंका के तमिल उग्रवादियों व पंजाब के खालिस्तानी बंदूकधारियों ने इतना कहर नहीं मचाया है जितना इसलामी कट्टरवादियों ने मचाया है. और इसी ने, दूसरे धर्मों के दुकानदारों को सुनहरा मौका दे दिया है कि वे अपने समर्थकों को बरगला सकें. दुनियाभर में ईसाई, हिंदू, यहूदी व अन्य धर्मों वाले अब और ज्यादा मुखर होने लगे हैं और उन के देशों में अब खुली सोच, विचारों की अभिव्यक्ति, बहुरंगीन समाज खतरे में हैं. हर देश में हम ही हम का नारा लगने लगा है. सभी देशों में हिटलरवादी तत्त्व सिर उठाने लगे हैं.

जो प्रगति समाज ने पिछले 200 सालों में की है उसे अब दफनाया जा रहा है. लेखक, पत्रकार विचारक सिर्फ चाटुकार और भांड़ बन कर रह गए हैं. जिन का काम शासक की तारीफों के पुल बनाने का ही रहता जा रहा है. नतीजा क्या हो सकता है, यह जानना है तो क्यूबा चले जाइए जहां कम्युनिस्ट शासक फिदेल कास्त्रो ने देश को50 साल पहले का अजायबघर बना कर रखा है. अमेरिका का पड़ोसी क्यूबा बेहद गरीब देश है. टूटे मकान, पुरानी गाडि़यां, फटेहाल लोग, अस्पतालों में दवाएं नहीं, शिक्षा बेकार लेकिन शासक के नाम पर सिर्फ वाहवाही और वाहवाही.

गुस्सैल प्रेमी को प्रेम से करें कंट्रोल

प्रेमी प्रेमिका में भले कितना प्रेम हो, फिर भी कई बार छोटीछोटी बातों पर तूतू मैंमैं हो ही जाती है. ऐसे में अगर प्रेमी गुस्सैल है तो गुस्से में कुछ भी कह देता है या मिलने आना तक छोड़ देता है. ऐसे में अगर प्रेमिका सोचती है कि मैं क्यों मनाऊं, मैं क्यों झुकूं इस के सामने, कुछ दिन दूरी बनाए रखूंगी तो खुद ही कौल करेगा और इसे सबक भी मिलेगा, तो रिलेशन में यह ईगो कभी काम नहीं करती और अगर प्रेमी गुस्सैल है तो उम्मीद के विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है.

ऐसे में अगर ब्रेकअप हो जाए तो प्रेमीप्रेमिका अपनेअपने स्तर पर यह कहते पाए जाते हैं कि पार्टनर ने हमें प्रेम में धोखा दे दिया जबकि यह धोखा नहीं बल्कि ईगो का सवाल होता है. ऐसे में जरूरत है उसे प्यार से समझने व समझाने की, इस से धीरेधीरे आप उस का बिहेव भी अपने प्रति पौजिटिव देखने लगेंगी.

कैसे करें कंट्रोल

ऐक्शन में रिऐक्शन नहीं

आप के प्रेमी ने आप को मिलने के लिए बुलाया था लेकिन आप ट्रैफिक जाम या फिर अन्य किसी कारण से टाइम पर नहीं पहुंच पाईं जिस कारण प्रेमी को काफी देर तक वेट करना पड़ा और आते ही वह आप पर बरस पड़ा, तो आप भी चिल्लाने न लग जाएं कि तुम्हारी तो आदत ही ऐसी है, मैं ने गलती की जो तुम से मिलने आई.

ऐसे में दोनों तरफ गरमागरमी का माहौल होने के कारण बात बिगड़ सकती है. इसलिए खुद को कंट्रोल करते हुए कहें कि बेबी मेरे स्वीटहार्ट, नैक्स्ट टाइम से ऐसा नहीं होगा प्लीज, कूल डाउन. आप की यह बात सुन कर वह खुद को कूल करने पर मजबूर हो जाएगा. आप की इस समझदारी के कारण आप का रिलेशन भी मजबूत होगा.

छोटीछोटी बात का इश्यू न बनाएं

आप का अपने प्रेमी के साथ कहीं घूमने जाने का प्रोग्राम था, लेकिन ऐन वक्त पर उस ने यह कह कर मना कर दिया कि मुझे आज राहुल के साथ शौपिंग पर जाना ज्यादा जरूरी है, इसलिए आज का प्लान कैंसिल.

उस की ऐसी बात सुन कर आप की नाराजगी जायज है, लेकिन चाहे आप को कितना भी गुस्सा आए, क्योंकि आप जानती हैं कि ऐन वक्त पर ऐसे नाटक करने की उसे आदत है, तब भी आप दिल पर न लें और न ही इस बात को ले कर इश्यू बनाएं. जब आप की तरफ से कोई रिऐक्शन नहीं होगा तो उसे भी अपनी गलती का एहसास होगा. इस से बात बिगड़ेगी नहीं और उस के मन में आप के लिए प्रेम भी बढ़ेगा.

रोमांस से करें कंट्रोल

प्रेमी अकसर प्रेमिका का स्पर्श चाहता है और अगर उसे एक बार स्पर्श मिल जाए तो चाहे वह कितने भी गुस्से में हो, उस का गुस्सा पल में छूमंतर हो जाता है.

ऐसे में जब वह गुस्सा करे तो उसे कौंप्लिमैंट दें कि वाहवाह तुम गुस्से में कितने स्मार्ट लगते हो, उस के लिप्स पर किस करें, उसे अपनी बांहों में लेते हुए कहें कि तुम ही मेरी दुनिया हो, हाथों में हाथ डालें, बारबार उस के हाथों पर किस करें. इस से आप उसे कंट्रोल में करने में कामयाब हो जाएंगी और वह  आप के इस रोमांटिक अंदाज के सामने अपना गुस्सा भी भूल जाएगा.

अकेले छोड़ कर न भागें, बात सुनें

हो सकता है आप का बौयफ्रैंड ऐसी सिचुऐशन से गुजर रहा हो, जिस के कारण उसे छोटीछोटी बातों पर गुस्सा आ जाता हो और वह आप को अपने मन की बात भी न बता पा रहा हो. ऐसे में यह सोच कर कि ऐसा मेरे साथ भी हो सकता है उस की प्रौब्लम को समझें. उसे अकेला छोड़ने की भूल न करें, क्योंकि ऐसे वक्त पता होने के बावजूद मेरी गलती है वह फिर भी आप का साथ चाहेगा. इसलिए चाहे वह कितना भी रूठा हो उसे मनाएं जरूर और अकेला न छोड़ें वरना इस से आप के बीच दूरियां ही बढ़ेंगी. धीरेधीरे हो सकता है वह भी अपनी आदतों को छोड़ दे.

नापसंद चीजों को अवौइड करें

आप अपने प्रेमी के नेचर को अच्छी तरह जानती हैं और उस की पसंदनापसंद से भी वाकिफ हैं, तो ऐसे में जब आप को पता है कि उसे लेट आना या फिर जब आप उस के साथ हों, तब किसी का फोन अटैंड करना पसंद नहीं है तो इन सब चीजों को अवौइड करें. आप की तरफ से इस तरह का एफर्ट आप के गुस्सैल प्रेमी को कंट्रोल में रखने में मददगार साबित होगा, क्योंकि उसे तो यही लगेगा कि आप सिर्फ दुख की साथी हैं सुख की नहीं.

फेवरिट डिश से करें गुस्सा ठंडा

आप ने बिजी होने के कारण उस का फोन नहीं उठाया. इस कारण वह आप से रूठ गया है, तो ऐसे में आप की जिम्मेदारी है कि आप उस का रोमांटिक अंदाज में गुस्सा ठंडा करें. इस के लिए उस की फेवरिट डिश खुद अपने हाथों से बना कर उस पर प्यार की बौछार कर दें और साथ ही उस की डैकोरेशन भी काफी सैक्सी अंदाज में करें कि उसे देख कर उस का खुद पर कंट्रोल ही न रहे.

सरप्राइज दें

किसी बात को ले कर आप में और आप के प्रेमी के बीच काफी समय से अनबन चल रही है, तो ऐसे में फोन पर बात करने से मिसअंडरस्टैंडिंग और बढ़ेगी ही. इस से अच्छा है कि उस के औफिस जा कर उसे सरप्राइज दें. इस से उसे काफी खुशी मिलेगी. उसे लगेगा कि आप की लाइफ में उस की वैल्यू है तभी आप उस के लिए इतनी दूर तक आई हैं. इस से वह भी आप को गले लगाने में देर नहीं लगाएगा.

उस की पसंद की चीजों में हामी भरें

भले ही आप दोनों की पसंद न मिलती हो, लेकिन फिर भी आप को अपने प्रेमी की खुशी के लिए उस की पसंद को अपनी पसंद बनाने की कोशिश करनी होगी. ऐसा बिलकुल न करें कि वह कोई भी चीज दिखाए और आप बस हर बार यही कहें कि मुझे तो यह बिलकुल पसंद नहीं बल्कि कहें कि तुम्हारी पसंद कितनी अच्छी है, मुझे भी बिलकुल ऐसी चीज ही पसंद आती है. आप के ऐेसे पौजिटिव ऐटिट्यूड को देख कर वह भी खुद को आप के लिए इंप्रूव करेगा.

पुरानी यादों से बिखेरें स्माइल

प्रेमी के चेहरे पर मुसकान लाने के लिए या फिर उसे कूल करने के लिए उस के सामने पुरानी यादों का पिटारा खोल डालिए, जिस में आप एकदूसरे को हग कर रहे थे, एकदूसरे के साथ खूबसूरत लमहे बिता रहे थे, एकदूसरे के हाथ में हाथ डाले हुए थे. जब वह पुरानी यादों को इन फोटोज के जरिए याद करेगा तो निश्चित ही वह कितने भी गुस्से में हो उस के चेहरे पर मुसकान लौट आएगी.

रोमांटिक पलों के लिए टाइम निकालें

हर प्रेमी चाहता है कि उस की प्रेमिका उस के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के साथसाथ रोमांटिक टाइम भी बिताए और उस के कहे बिना जब आप उस के साथ खूबसूरत पलों को ऐंजौय करेंगी तो वह चाह कर भी आप से ज्यादा देर तक नाराज नहीं रह पाएगा.

इस तरह आप अपने गुस्सैल प्रेमी को प्रेम से बड़ी आसानी से कंट्रोल कर पाएंगी.

प्रेम में औनलाइन फ्रौड

नैशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार सोशल मीडिया के जरिए की गई दोस्ती और प्रेम ज्यादातर मामलों में फेक आइडैंटिटी का इस्तेमाल होता है जिस कारण प्रेम करने वाली युवतियां औनलाइन ज्यादा फरेब का शिकार होती हैं.

आज देश में 10 करोड़ से ऊपर की आबादी इंटरनैट के विभिन्न माध्यमों जैसे व्हाट्सऐप, गूगल, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, फेसबुक आदि का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही है. सरकारी और निजी भागीदारी ने इंटरनैट की पहुंच को जनजन तक पहुंचा दिया है, पर इस का सब से बड़ा खमियाजा उन युवकयुवतियों को भुगतना पड़ रहा है जो बिना सोचेसमझे इंटरनैट से प्रेम की पेंगें बढ़ाते हैं.

वर्चुअल फ्रैंडशिप इंटरनैट की दुनिया के लिए कोई नया शब्द नहीं. एक बड़ा युवावर्ग काल्पनिक दुनिया के अंजामों से बेपरवा लगातार इस की दलदल में धंसता जा रहा है. औनलाइन प्रेम के नाम पर धोखे की हजारों घटनाएं आएदिन घट रही हैं, जिन में अधिकतर मामलों में शोषण, ब्लैकमेलिंग या उगाही के शिकार हुए लोग तब जागते हैं जब उन का सबकुछ लुट चुका होता है.

ऐसे में जरूरी है कि हम सतर्क व सचेत रहें. फ्रैंडशिप जरूर स्वीकार करें पर अलर्ट रह कर.

क्या है वर्चुअल प्रेम

 ‘वर्चुअल प्रेम’ का सीधा सा तात्पर्य है काल्पनिक प्यार यानी युवकयुवती आमनेसामने न बैठ कर इंटरनैट के माध्यम से प्रेम के तारों को जोड़ते हैं. यहां पहचान के नाम पर पेश करने वाले की एक औनलाइन प्रोफाइल होती है जिस की सत्यनिष्ठा की कोई गारंटी नहीं होती. प्रोफाइल फेक भी हो सकती है. दूर बैठे, उंगलियों की हरकतों पर की गई इस दोस्ती में कोई वास्तविकता नहीं होती. ज्यादातर मामलों में छद्म तसवीर व फेक प्रोफाइल व फेक इनफौर्मेशन को आधार बनाया जाता है.

फ्रौड के इन रास्तों से बचें

अकसर औनलाइन माध्यमों जैसे फेसबुक, ट्विटर आदि के जरिए फेक आइडैंटिटी के साथ फ्रैंड रिक्वैस्ट भेजी जाती है, जिसे युवतियां आंख मूंद कर स्वीकार कर लेती हैं जो बिलकुल  उचित नहीं. बिना किसी की आइडैंटिटी जाने उस की रिक्वैस्ट ऐक्सैप्ट करना मुसीबत को न्योता देना है.

सिर्फ फेसबुक ही क्यों लिंक्डइन, इंस्टाग्राम, मैसेंजर, ट्विटर जैसी अति सक्रिय ऐप्लिकेशंस को हम अनजाने में अपने एकांत का साथी बना तो लेते हैं, लेकिन तब अनजाने में हम बहुत बड़ी मुसीबत मोल ले रहे होते हैं.

प्रेम के नाम पर चैटिंग तक तो ठीक है पर बात तब बिगड़ती है जब हम एक कदम आगे बढ़ कर डेटिंग, मीटिंग, लाइव सैक्सुअल ऐक्सपोजर, कामुकता आदानप्रदान और एकदूसरे की फाइनैंशियल सपोर्ट तक आ पहुंचते हैं. यहीं से मुसीबत अपना रास्ता बना लेती है.

चैटिंग, डेटिंग, मीटिंग सब करें पर जब तक आप अच्छी तरह से अपने साथी को जान न लें, उस की प्रोफाइल की छानबीन न कर लें तब तक ऐसा करना खतरनाक हो सकता है.

जरा बच के, राह है मुश्किल

प्रेम की राह चलते धोखा खाने वालों में से आप भी एक न हों, इस के लिए कदम जरा सोचसमझ कर बढ़ाएं. प्रेम से गुरेज नहीं, पर ब्लाइंडफेथ को दरकिनार करें तभी होगी सच्ची दोस्ती की भरमार. निम्न बातों का ध्यान जरूर रखें :

–       नो कमिटमैंट, नो ट्रस्ट.

–       जस्ट फ्रैंडशिप डोंट बी ऐक्सेसिम.

–       सौदेबाजी से बच कर मित्रता करें.

–       नो फाइंनडिंग, नो डेटिंग.

–       गोपनीय सूचनाएं मसलन, घर का पता, टैलीफोन नंबर, अर्निंग सोर्स, पेरैंटस की जौब, आदि गोपनीय ही रखें.

–       लाइव वीडियो शेयर न करें.

–       लाइव सैक्सुअल ऐक्सपोजर से बचें.

–       अनजान लोगों के साथ दोस्ती करने से पहले सौ बार सोचें, प्रोफाइल की पूरी डिटेल का पता लगाएं.

–       अकेले में डेटिंग से बचें.

–       अपने परिवार में उन दोस्तों के बारे में जरूर बताएं.

क्या करें जब हों साइबर क्राइम का शिकार

युवकयुवतियां गाहेबगाहे औनलाइन फ्रौड का शिकार होते हैं. ऐसे में कभी धमकी तो कभी शोषण, ऐक्सटौरशन, मनीफ्रौड और ब्लैकमेलिंग आदि की घटनाएं सामने आती हैं. ऐसी घटनाओं को साइबर क्राइम की श्रेणी में रखा जाता है.

इन से संबंधित शिकायत या मुकदमे के लिए विभिन्न थानों के अंतर्गत एक अलग ‘साइबर क्राइम प्रकोष्ठ का गठन किया गया है जहां तुरंत ही इन की शिकायत दर्र्ज करा, संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है.

फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी से ले कर फोन पर आने वाले हौक कौल, ब्लैंक कौल या टीजिंग फोन कौल या फिर आप के बैंक खातों आदि से अननौन डैबिट या ट्रांजैक्शन आदि से जुड़े मामलों की तत्काल शिकायत अपने इलाके के थाने में इस प्रकोष्ठ के अंदर की जा सकती है.

साइबर कानून के संज्ञान में आने से शिकायतकर्ता को एक अचूक हथियार मिल गया है. वह अपने साथ हो रहे किसी भी प्रकार के फ्रौड की सूचना यहां दे सकता है. इसलिए चुप न बैठें, आक्रोश दिखाएं. औनलाइन प्रेम के जाल में न फंसे. इस के लिए मुस्तैद रहें, अपनी आंखें खोल कर रखें.

ऐसे मामलों में सटें नहीं और सामने वाले को अपनी किसी भी कमजोरी का फायदा उठाने का अवसर न दें.

औनलाइन दोस्ती, चैटिंग आदि से कोई गुरेज नहीं यह वक्त की मांग है, पर सूझबूझ और भरपूर समझदारी के साथ. जगे रहें और दूसरों को हमलावर होने का मौका न दें.                            

500 रुपए के मोबाइल से जिओ मचाएगा तहलका

रिलायंस जिओ एक बार फिर धमाका करने जा रही है. खबर है कि कंपनी अपना 4G VoLTE फीचर फोन इसी महीने लांच कर देगी. सबसे खास बात है इस फीचर फोन की कीमत. माना जा रहा है कि इस फोन की कीमत महज 500 रुपए रहेगी. ऐसा होता है तो भारत के मोबाइल मार्केट में एक बार फिर भूचाल आ जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्री की सालाना आम बैठक होना है. उसी दौरान इस फोन को लांच किया जा सकता है. इसी मौके पर रिलायंस जिओ अपने नए टैरिफ प्लान का ऐलान भी करेगी. इससे पहले मुकेश अंबानी की इस कंपनी ने 11 अप्रैल को धना धन धन ऑफर की घोषणा की थी जो अब खत्म होने जा रही है.

कंपनी सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कंपनी बेहद सस्ता फीचर फोन देकर 2जी सेवा का लाभ उठा रहे ग्राहकों को सीधे 4जी सेवा उपलब्ध कराएगी. सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि शहरों से दूर ग्रमीण इलाकों में भी जिओ की सेवाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच जाएं. रिलायंस जिओ इस एक फीचर फोन पर करीब 975 रुपए तक की छूट दे रही है.

बन रहे दो करोड़ फीचर फोन

– खबर है कि रिलायंस जिओ ने ऐसे करीब दो करोड़ फीचर फोन का ऑर्डर दिया है. जुलाई में इन फोन की पहली खेप मिल जाएगी.

– इस तरह रिलायंस जिओ की नजर अब भारत के करोड़ों ऐसे यूजर्स हैं, जो महंगे स्मार्टफोन के चलते 2जी सेवा का ही उपओग कर रहे हैं.

– जिओ के फीचर फोन आने से स्मार्टफोन खरीदने वाले यूजर्स की संख्या में कमी आने की उम्मीद है.

मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि इस लॉन्च से पहले अगले कुछ दिनों में जिओ नया टैरिफ प्लान पेश कर सकता है. जिओ का 84 दिनों वाला धन धना धन ऑफर खत्म होने वाला है. इसे 11 अप्रैल को शुरू किया गया था.

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