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इन रिकॉर्ड्स को नहीं तोड़ना चाहेगा कोई भी खिलाड़ी

क्रिकेट में रिकॉर्ड बनना और टूटना आम बात है. हर खिलाड़ी कोई ना कोई रिकॉर्ड अपने नाम करना चाहता है जिससे क्रिकेट इतिहास में उसका नाम लिखा जाए. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है जब कोई खिलाड़ी ना चाहते हुए भी अनचाहे रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाता है.

क्रिकेट में ऐसे हजारों खिलाड़ी हैं जिनके साथ अनचाहे रिकॉर्ड्स जुड़े. ये खिलाड़ी इन रिकॉर्ड्स को शायद ही कभी याद करना चाहेंगे. तो आईए जानते हैं क्रिकेट के कुछ ऐसे ही अनचाहे रिकॉर्ड्स के बारे में जिनका हिस्सा कोई भी खिलाड़ी नहीं बनना चाहता.

वनडे में सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड

कोई भी बल्लेबाज डक आउट हो पवेलियन लौटना नहीं चाहता. लेकिन जरा सोचिये उस खिलाड़ी को कितनी शर्मिंदगी झेलनी पड़ती होगी जिसके नाम सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड है. वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा मौकों पर शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड श्रीलंका के विस्फोटक बल्लेबाज सनथ जयसूर्या के नाम है. 445 मैचों में जयसूर्या सबसे ज्यादा 34 बार शून्य पर आउट हुए हैं. इनमे उनके नाम 10 गोल्डेन डक भी है, यानी 10 मौकों पर वो पहली ही गेंद पर आउट हुए.

सबसे ज्यादा नर्वस नाइंटिज का रिकॉर्ड

कोई भी बल्लेबाज 90 के आंकड़ें तक पहुंचने के बाद शतक तक जरूर पहुंचना चाहता है. लेकिन हर इच्छा पूरी हो ये जरूरी नहीं. शतकों का शतक बनाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के शतकों की संख्या और ज्यादा होती लेकिन वो अपने पूरे करियर में सबसे ज्यादा बार 90 के आंकड़ें तक पहुंचने के बाद उसको शतक में तब्दील नहीं कर पाए. सचिन कुल 28 बार 90 से 99 के बीच पवेलियन लौटे.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे महंगा ओवर

बात अगर वनडे क्रिकेट में सबसे महंगे ओवर की हो तो गेंदबाज के लिए कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में सबसे महंगा ओवर डालने का रिकॉर्ड कोई भी गेंदबाज अपने नाम नहीं रखना चाहेगा. इंग्लैंड के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक गिने जाने वाले जेम्स एंडरसन के नाम ये अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में जॉर्ज बेली ने एंडरसन के एक ओवर में 28 रन ले लिये थे.

सबसे ज्यादा रन आउट होने का रिकॉर्ड

वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन आउट होने का रिकॉर्ड भी श्रीलंकाई बल्लेबाज के नाम है. विकेट पर टिकने की क्षमता के लिए मशहूर रहे मार्वन अट्टापट्टू 259 वनडे के अपने करियर में कुल 41 बार रन आउट होकर पवेलियन लौटे. इसके बाद अगला नंबर पाकिस्तान के इंजमाम उल हक और भारत के राहुल द्रविड़ का नंबर आता है. ये दोनों बल्लेबाज वनडे करियर में 40-40 बार रन आउट हुए.

डॉन ब्रेडमैन का अंतिम टेस्ट में शून्य पर आउट होना

टेस्ट क्रिकेट में डॉन ब्रेडमैन के नाम कई शानदार रिकॉर्ड है. टेस्ट क्रिकेट में ब्रेडमैन के रन बनाने का औसत 100 होता अगर वो अपनी अंतिम पारी में शून्य पर आउट नहीं होते. अंतिम पारी में शून्य पर आउट होने की वजह से ब्रेडमैन का टेस्ट औसत 99.94 रह गया.

क्रिकेट में सबसे ज्यादा बोल्ड आउट होने का रिकॉर्ड

क्रिकेट में सैकड़ों रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम अनचाहा रिकॉर्ड भी है. ये रिकॉर्ड है सबसे ज्यादा मौकों पर बोल्ड होने होने का रिकॉर्ड. सचिन तेंदुलकर वनडे में 66 और टेस्ट क्रिकेट में 48 बार बोल्ड हुए हैं. तो अगर देखें तो विरोधी गेंदबाज 114 मौकों पर सचिन का डिफेंस भेदने में कामयाब रहे.

आइफा अवार्डस : मजेदार हैं बौलीवुड सितारों की ये कहानियां

न्यूयॉर्क में होने वाले अठारवे आइफ अवॉर्ड्स की तैयारियां पूरी तरह शुरू हो चुकी हैं और बॉलीवुड के कई सितारे इस अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं.

वहां पहुंचकर धीरे-धीरे सभी सितारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी आने लगी हैं. हर साल होने वाला आइफा अवॉर्ड फंक्शन बहुत ही शानदार, दिलचस्प और यादगार होता है. यहां सभी सितारों का एक साथ होना और एक साथ आपस में एक से बढ़कर एक मस्ती करते रहना, ये सब यहां देखने को मिलता है, जो इसे और यादगार बनाता है. आज हम इस बड़े से इवेंट्स की कुछ छोटी-छोटी कहानियां आपको सुनाने जा रहे हैं.

महानायक अमिताभ बच्चन का आइफा से बॉयकॉट

हम आपको याद दिलाना चाहते हैं वो समय, जब दर्शकों के बीच हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सदस्य और बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, आइफा के ब्रांड एंबेसडर हुआ करते थे, लेकिन साल 2010 में उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ इस अवॉर्ड फंक्शन को ही बॉयकॉट कर दिया था. वैसे तो इस बात को काफी साल गुजर चुके हैं और लोगों को अब ये बात मालूम भी हो गई है कि अमिताभ की उस बेरुखी का कारण कोई और नहीं बल्कि सुपरस्टार सलमान खान थे.

हम आपको बता दें कि उस दौरान, यानि कि साल 2010 में होने वाले IIFA 2010 के वक्त हमारे बिग बी ने प्रमोशनल वीडियो तक भी शूट करा लिया था, लेकिन ऑर्गनाइजिंग टीम से उनकी कहासुनी हुई और उन्होंने अवार्डस को बॉयकॉट करने का ही फैसला ले लिया था.

तो अब हम आपको उस वक्त की असल बातें बताएंगें, कि उस समय ऐसा क्या हुआ था और क्यों.

सलमान को बना दिया गया था होस्ट

रिपोर्ट्स की मानें तो दरअसल साल 2010 में, अमिताभ बच्चन से बिना पूछे ही न ही सिर्फ ईवेंट को श्रीलंका में करवाया, बल्कि सलमान खान को इस कार्यक्रम का होस्ट भी बना दिया था.

काफी दुखी थे बिग बी

ये अवॉर्ड फंक्शन बिग बी के दिल के काफी करीब था. सलमान खान को होस्ट बनाए जाने के फैसले से वे बहुत दुखी हुए थे. बिग बी इस बात से इतना नाराजज हो गए कि उन्होंने ईवेंट में आने के लिए ही मना कर दिया. उन्हें ईवेंट ऑर्गनाइजर्स के इस फैसले से काफी चोट पहुंची थी.

अमिताभ की जिद

आखिर तक भी बिग बी जिद पर अड़े रहे, पर इसके बाद भी ऑर्गनाइजर्स ने बिग बी को वापस बुलाने की कई बार कोशिशें की थी, लेकिन वे नहीं मानें और अपनी बात पर अड़े रहे. इसके बाद अमिताभ ने वहां जाने के लिए मना ही कर दिया था. अमिताभ ने उन्हें बोल दिया था कि वे इस ईवेंट से फिर से कभी नहीं जुड़ेंगे और ना ही इसमें उन्हें अब कोई दिलचस्पी है. उसके बाद से ही अमिताभ आइफा का हिस्सा नहीं बन रहे हैं.

आइफा के दौरान और भी हैं सितारों की कंट्रोवर्सीज

शाहरुख और उनका एक फैन : खबरों की मानें तो ये आइफा साल 2011 की बात है जब शाहरुख खान का एक फैन सारी सिक्योरिटी को तोड़ता हुआ शाहरुख से मिलने स्टेज पर जाने लगा. वहीं उस दौरान उस फैन का पैर शाहरुख को लगा और शाहरुख ने चिल्लाकर कहा ‘यू आर हर्टिंग मी’, लेकिन बावजूद इसके शाहरुख खान, ईवेंट के खत्म होने के बाद उस फैन से मिलने के लिए तैयार हो गए.

शाहिद और करीना आमने-सामने : यही नहीं, साल 2014 आइफा के दौरान एक्स लवर शाहिद और करीना अचानक से इस इवेंट में एक दूसरे के सामने आ गए. उस पर भी उस समय करीना सैफ के साथ थी और शाहिद स्टेज पर होस्ट कर रहे थे. करीना सैफ के साथ स्टेज पर गई और एकदम समझदारी के साथ सिचुएशन को संभालते हुए शाहिद को प्यार से उनकी तरफ देखकर बोलीं हाय शाहिद.

फिक्स था 2011 का भारत-श्रीलंका वर्ल्ड कप फाइनल..!

श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अर्जुन राणातुंगा ने एक ऐसा बयान दे दिया जिससे क्रिकेट जगत में खलबली मच गई. उन्होंने 2011 क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मैच की जांच करवाने की मांग की है.

राणातुंगा ने 2011 वर्ल्ड कप फाइनल के फिक्स होने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि मुंबई में भारत और श्रीलंका के बीच हुआ वर्ल्ड कप फाइनल मैच फिक्स था और इस मामले की जांच की मांग की गई थी. बता दें कि इस मैच में भारत ने श्रीलंका को छह विकेट से हराकर 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीता था.

श्रीलंका के अंग्रेजी अखबार डेली मिरर के मुताबिक, राणातुंग का यह आरोप टीम के पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा के 2009 में पाकिस्तान दौरे पर दिए गए बयान के बाद आया है. इस दौरे में श्रीलंका की टीम पर आतंकवादी हमला हुआ था. संगकारा ने कहा है कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि यह दौरा किसके कहने पर हुआ था.

इस आरोप के बाद राणातुंगा ने कहा, 'संगाकारा पाकिस्तान दौरे को लेकर जांच चाहते हैं तो यह होनी चाहिए लेकिन, मेरा मानना है कि 2011 विश्व कप फाइनल में श्रीलंका के साथ जो हुआ उसकी भी जांच होनी चाहिए. मेरा मानना है कि खेल मंत्री को फिटनेस जैसी समस्याओं को छोड़कर इस मामले पर ध्यान देना चाहिए.'

राणातुंगा ने कहा, ‘वर्ल्ड कप के फाइनल में मैं कमेंट्री पैनल में था. मुझे श्रीलंका के प्रदर्शन को देखते हुए बेहद निराशा हुई थी. मैं नहीं बता सकता कि उस दिन क्या हुआ था, लेकिन मैं किसी दिन सच सामने लेकर आऊंगा. मेरा मानना है कि इस मामले में जांच होनी चाहिए.'

राणातुंगा अब श्रीलंका सरकार में पेट्रोलियम और नवीकरणीय संसाधन मंत्री हैं. उन्होंने यहां सीलोन पेट्रोलियम निगम के कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में यह बातें कहीं.

2011 विश्व कप में श्रीलंका टीम के कप्तान संगाकारा थें. उन्होंने कहा है कि जब पाकिस्तान में सुरक्षा अच्छी नहीं थी, तो वहां टीम को क्यों भेजा गया था. मार्च 2009 में पाकिस्तान दौरे पर लाहौर में श्रीलंका की बस पर आतंकवादी हमला हुआ था. इस हमले में छह पाकिस्तानी पुलिसकर्मी मारे गए थे. श्रीलंका के कुछ खिलाड़ी चोटिल हो गए थे. इस घटना के बाद किसी भी टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है.

बता दें कि वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान भारत के सामने 274 रनों का लक्ष्य दिया था. इसे भारत ने सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (97) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 91) की बेहतरीन पारियों की मदद से हासिल कर लिया था.

गंभीर और नेहरा ने दिया जवाब

अर्जुना राणातुंगा के आरोपों का गौतम गंभीर और आशीष नेहरा ने जवाब दिया है. भारत बनाम श्रीलंका के फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले गौतम गंभीर ने कहा कि अर्जुना राणातुंगा को अपने आरोपों के बदले सबूत पेश करना चाहिए.

उन्होंने कहा, मैं राणातुंगा के आरोपों से हैरान हूं. उन्होंने बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. राणातुंगा क्रिकेट जगत में काफी सम्मानित शख्स हैं. मुझे लगता है कि उन्हें अपना दावा साबित करने के लिए सबूत पेश करने चाहिए.

वहीं वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे आशीष नेहरा ने कहा, मैं इस मुद्दे पर अपने विचारों रखकर राणातुंगा की टिप्पणी का सम्मान नहीं करना चाहता. इन बयानों का कोई अंत नहीं है. उन्होंने कहा, अगर मैं 1996 में श्रीलंका को विश्व कप में मिली जीत पर सवाल उठाऊं, तो क्या यह सही होगा. लेकिन यह काफी निराशाजनक है, जब कोई उनके जैसा शख्स ऐसी बातें कहे.

आप भी करना चाहते हैं मोबाइल का मेकओवर

अब ये बात तो आज के समय में कहने की नहीं है कि मोबाइल सभी की लाइफ का वो हिस्सा बन गया है, जो जीवन की हर पर्सनल और प्रोफेशन एक्टिविटी से पूरी तरह से जुड़ चुका है.

हर रोज बाजार में कोई न कोई नया मोबाइल फोन लॉन्च होता है, जिसमें कुछ और अपडेटेड टेक्नॉलोजी मौजूद होती है. ऐसे में कई बार आपका भी नया फोन लेने का मन करता होगा. क्या कभी ऐसा हुआ है कि आपको दिल नया स्मार्टफोन लेने को चाहता है और आपका बजट उतना नहीं हो, या फिर आप मोबाइल में इन्वेस्ट करने के मूड में नहीं होते हैं.

अगर आप भी नया मोबाइल नहीं लेना चाहते हैं, तो इन टिप्स के की मदद से आप अपने पुराने मोबाइल का मेकओवर कर, उसे एक दम ब्रांड न्यू फोन बना सकते हैं.

बदल दें फोन की बैटरी

अगर आपके स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ काफी कम है और इसी वजह से आप नया फोन लेने के बारे में सोच रहे थे, तो फोन बदलने की जगह बैटरी बदल लें.

फोन के लिए खरीदें नया मोबाइल केस

आजकल ज्यादातर लोग मोबाइल सेफ्टी के लिए कवर और मोबाइल केस का यूज करते हैं. अगर आप फिलहाल मोबाइल चेंज करने के मूड में नहीं हैं, तो उसका केस चेंज कर नए मोबाइल वाला फील ले सकते हैं.

स्मार्टफोन में नये-नये लॉन्चर ट्राय करें

अगर बात करें मोबाइल के इनर मेकओवर की तो, आप इसके लिए नया लॉन्चर ट्राय कर मोबाइल का इंटरफेस चेंज कर सकते हैं. ऐसा करने के बाद आपके मोबाइल की थीम और आइकन बदल जाएंगे.

फोंट स्टाइल, थीम, वॉलपेपर बदलें

अगर आप आईफोन चला रहे हैं, जिसे इनसाइड मेकओवर देना काफी मुश्किल है, तो आप मोबाइल की लॉक स्क्रीन, फोंट स्टाइल और वॉलपेपर जैसे चेंज कर लें. अब आप जब भी अपने मोबाइल को देखेंगे तो आपको कुछ अलग और कुछ नया नजर आएगा.

फोन का स्टोरेज बढ़ाएं

अगर आपके पुराने फोन में स्टोरेज की कमी है और आप इसी वजह से कई चीजें अपने फोन में स्टोर नहीं कर पाते हैं, तो फोन का स्टोरेज बढ़ा लें.

नये और बेहतर मोबाइल एक्सेसरीज

पुराने मोबाइल को नई एक्सेसरीज खरीदी जा सकती है. ये आपके फोन को काफी खूबसूरत और नया लुक देंगी. इन दिनों मार्केट में मोबाइल के लिए काफी सारी एक्सेसरीज उपलब्ध हैं.

निजी विमानन कंपनियों में है प्रतिस्पर्धा

सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एअर इंडिया के निजीकरण की चर्चा है और अटकलें हैं कि देश के प्रमुख औद्योगिक समूह टाटा को इस के शेयर बेचे जा रहे हैं. एअर इंडिया के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी की मानें तो कंपनी पर 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है. इस के बावजूद वह 72 सीटों वाले छोटे विमान खरीद कर जल्द ही करीब एक हजार पायलट और कैबिन स्टाफ की भरती करेगा. कंपनी के कई कर्मचारी संगठन एअर इंडिया के निजीकरण का जम कर विरोध कर रहे हैं.

एअर इंडिया घरेलू स्तर पर विमानन सेवा देने वाली इंडिगो और जेट एअर के बाद तीसरी सब से बड़ी कंपनी है. इंडिगो की परिचालन हिस्सेदारी एअर इंडिया के 13.8 प्रतिशत से करीब तीनगुना ज्यादा 40 प्रतिशत है जबकि जेट एअर 18 प्रतिशत, स्पाइस जेट 12.8 प्रतिशत और गो इंडिया की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत है.

देश में किफायती दर पर हवाई सेवा देने वाली कंपनियों के बीच जम कर प्रतिस्पर्धा चल रही है. इसी प्रतिस्पर्धा के बीच स्पाइक जेट ने बोइंग कंपनी के साथ पौने 5 अरब डौलर का समझौता किया है जिस के तहत उसे अत्याधुनिक बोइंग विमान सौंपे जाएंगे.

कंपनी का लक्ष्य अगले 3 वर्षों में अपने बेड़े में 100 विमान शामिल करना है. इंडिगो के बाद स्पाइस जेट कम दर पर विमानन सेवा देने वाली दूसरी महत्त्वपूर्ण एअरलाइंस है. दोनों कंपनियां तेजी से बढ़ रही हैं लेकिन वाणिज्यिक क्षेत्र की एअर इंडिया अब भी सफेद हाथी बनी हुई है. वह सरकार पर बोझ बन कर परिचालन कर रही है. उस की सेवाएं भी संतोषजनक नहीं हैं जबकि सरकार की तरफ से इस में खूब पैसा बहाया जा रहा है.

सवाल यह है कि जिस कंपनी पर सरकारी क्षेत्र का ठप्पा लग जाता है वहां प्रतिस्पर्धा खत्म क्यों होती है. जबकि उसी कारोबार में लगी नई निजी कंपनियां सोना उगलती हैं.

सरकारी सेवाओं में जिम्मेदारी का अभाव है. एअर इंडिया किन कारणों से घाटे में है और इस की दुर्दशा की वजह क्या है, इस की तह में जाने की किसी को जरूरत महसूस नहीं होती. आखिर सफेद हाथी बाजार में खड़े करने का क्या औचित्य है?

 

जीएसटी के बाद बढ़ी विशेषज्ञों की मांग

देश में एकीकृत कर व्यवस्था वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी के लागू होने से नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे. जानकारों का मानना है कि 30 जून की मध्यरात्रि को संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में जीएसटी लागू करने के लिए आयोजित भव्य समारोह के बाद से ही लाखों लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुल गए हैं.

जीएसटी लागू होने से बीमा कंपनियों, बैंकों, रियल एस्टेट तथा उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्रों में बड़े स्तर पर जीएसटी के विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है. यह मांग लगातार अन्य कई क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रही है. जीएसटी के तहत देश की करीब 85 लाख कंपनियों को पंजीकृत होना है और जीएसटी लागू करने के एक सप्ताह पहले तक करीब 65 लाख कंपनियां इस में पंजीकृत हो चुकी थीं, शेष कंपनियां तेजी से इस व्यवस्था से जुड़ रही हैं और इस के लिए उन्हें भी जीएसटी विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी.

इस के अलावा, व्यापारियों के अखिल भारतीय संगठन कौनफैडरेशन औफ औल इंडिया ट्रेडर्स यानी कैट ने भी व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को जीएसटी से जोड़ने में उन्हें मदद पहुंचाने के लिए देशभर में जीएसटी क्लीनिक खोलने का निर्णय लिया है. इन क्लीनिकों के माध्यम से प्रशिक्षित विशेषज्ञ कारोबािरयों को जीएसटी से जोड़ने में मदद करेंगे.

खुद सरकार जीएसटी से जुड़े भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए विशेषज्ञों का सहारा ले रही है. जो एक अनुमान के अनुसार, देश में कारोबार करने वाली बड़ी कंपनियों में ही जीएसटी के कारण करीब 5 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुल गए हैं.

कुछ भी कर सकती है रसिका

2014 में पेशावर के एक स्कूल पर हुए वीभत्स व दर्दनाक आतंकवादी हमले पर एक काल्पनिक लघु फिल्म ‘द स्कूल बैग’ का निर्माण किया गया है. इस हादसे में 132 मासूम बच्चे मारे गए थे. धीरज जिंदल निर्देशित इस फिल्म में एक मां और उस के बेटे के स्कूलबैग की कहानी है. इस फिल्म में मां का किरदार रसिका दुग्गल तथा उन के बेटे की भूमिका सरताज कक्कड़ ने निभाई है. अब तक इस फिल्म को 22 अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में पुरस्कृत किया गया है. हाल ही में इसी फिल्म के लिए हरियाणा में संपन्न लघु फिल्म समारोह में रसिका दुग्गल को सर्वश्रेष्ठ अदाकारा के पुरस्कार से नवाजा गया. फिल्म ‘द स्कूलबैग’ की कहानी के अनुसार, रसिका दुग्गल एक ऐसी मां है जोकि अपने बच्चे की खुशी के लिए कुछ भी कर सकती है. पर जब एक दिन उसे सिर्फ अपने बच्चे का स्कूलबैग मिलता है, तो क्या होता है, यही फिल्म में दिखाया गया है.

मधुर की मुंबई मिस्ट

हिंदी सिनेमा में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर की शौर्ट फिल्म ‘मुंबई मिस्ट’ को चीन के चेंगडु में आयोजित ‘ब्रिक्स फिल्म फैस्टिवल’ में सराहा गया. फिल्म फैस्ट में भंडारकर की उपस्थति में फिल्म का प्रीमियर हुआ.

फिल्म की कहानी का विषय समय पर आधारित रखा गया है. फिल्म में एक बुजुर्ग और एक कचरा बिनने वाले अनाथ बच्चे के बीच एक रिश्ते को दर्शाया गया है. फिल्म में अन्नू कपूर और बाल कलाकार देवरथ ने अभिनय किया है. यह बात तो लगभग सभी जानते हैं कि भंडारकर का बौलीवुड क्लासिक से खासा लगाव रहा है. इस फिल्म में भी उन्होंने राज कपूर की एक फिल्म से एक गाना ‘आवारा हूं…’ को शामिल किया है. मधुर भंडारकर का कहना है कि दर्शक इसे देख कर पुरानी यादें ताजा कर सकेंगे.

सैफ की पुत्री का डैब्यू

महीनों से चर्चे थे कि सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान करण जौहर की निर्माण संस्था से डैब्यू करेगी. बीते दिनों निर्देशक अभिषेक कपूर ने सारा के साथ फिल्म ‘केदारनाथ’ की घोषणा कर के सभी के मन को शांत कर दिया है. सारा के अपोजिट फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत हैं. फिल्म ‘केदारनाथ’ अंचल की प्रेमकहानी जरूर है, लेकिन दिल दहलाने वाले हादसे को भी परदे पर लाएगी.

2013 में उत्तराखंड में आई बाढ़ और लैंडस्लाइड ने काफी तबाही मचाई थी. करीब 5 हजार से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो गई थी. चारधाम का प्रसिद्ध शिव मंदिर केदारनाथ भी क्षतिग्रस्त हो गया था. फिल्म के हीरो सुशांत सिंह राजपूत ने निर्देशक अभिषेक कपूर की फिल्म  ‘फितूर’ के लिए हामी भरने के कई महीनों बाद उस से बैकआउट कर लिया था पर अब वे फिर अभिषेक के साथ हैं.     

 

फ्यूज हो गई ट्यूबलाइट

स्टारडम हासिल करने के बाद से सलमान खान को हर ईद पर उन के प्रशंसक भरपूर ईदी देते आए हैं. लेकिन यह पहला मौका है जब सलमान खान को प्रशंसकों से ईदी नसीब न हो पाई. ईद के मौके पर प्रदर्शित सलमान खान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ बौक्स औफिस पर धन नहीं बटोर पा रही है.

स्टारडम के बाद सलमान खान के कैरियर की यह पहली फिल्म है जिस की बौक्स औफिस पर इतनी दुर्गति हुई है. ‘टयूबाइट’ 23 जून को रिलीज हुई और पहले दिन 21.15 करोड़, 24 जून को 21.71 करोड़, 25 जून को 22.45 करोड़ और 26 जून यानी ईद के दिन सब से कम महज 19.09 करोड़ ही कमा सकी. यानी कि 4 दिनों में महज 83.86 करोड़ ही कमा सकी. फिलहाल फिल्म 100 करोड़ के आंकड़े को छू कर ढेर हो गई है. ‘ट्यूबलाइट’ की दुर्गति के लिए फिल्म के पटकथा, लेखक व निर्देशक कबीर खान पूरी तरह से दोषी हैं. मगर यह बात पता नहीं क्यों सलमान खान नहीं समझ पाए. 

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