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एक ही मैच में इस आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने लिए थे 2 हैट्रिक विकेट

क्रिकेट के मैदान पर किसी भी गेंदबाज का सपना होता है अपने क्रिकेट करियर में कम से कम एक बार हैट्रिक विकेट लेना. लेकिन क्रिकेट में यह कारनामा करना बेहद मुश्किल है.

जहां मैच में एक हैट्रिक विकेट लेना मुश्किल होता है वहीं क्रिकेट इतिहास में एक बार ऐसा हुआ है जब कोई गेंदबाज एक ही टेस्ट मैच में 2 बार हैट्रिक विकेट लेने में सफल रहा है. यह गेंजबाज और कोई नहीं बल्कि आस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर जिमी मैथ्यूज हैं.

आस्ट्रेलिया के इस स्पिन गेंदबाज ने यह अद्भूत कारनामा साल 1912 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में कर दिखाया था. 28 मई 1912 को इंग्लैंड के मैनचेस्टर में खेले गए तीन दिवसीय टेस्ट मैच में जिमी ने दोनों पारियों में अपनी गेंदबाजी से हैट्रिक लेकर कमाल कर दिया था.

इस ऐतिहासिक मैच में आस्ट्रेलिया ने टौस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. वारेन बर्ड्सले ने 121 रन, चार्ल्स केलवे के 114 और गेंदबाज जिमी मैथ्यूज के नौट आउट 149 रन के बदौलत आस्ट्रेलिया की टीम ने पहली पारी में 448 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. जिसके जबाव में साउथ अफ्रीका की टीम केवल 265 रन पर आउट हो गई.

आस्ट्रेलिया के तरफ से गेंदबाजी में बिल विहटी ने 5 विकेट चटकाए तो वहीं लेग स्पिनर जिमी मैथ्यूज ने 3 विकेट चटकाए. जिमी मैथ्यूज ने अपनी 12वें ओवर की अंतिम 3 गेंदों पर रौलेंड ब्यूमांट, सिड पेगलर और टौमी वार्ड के विकेट चटकाकर लगातार 3 गेंद पर 3 विकेट लेकर हैट्रिक विकेट लिया.

साउथ अफ्रीका की टीम को फौलोऔन मिला जिसके कारण अफ्रीकी टीम एक बार फिर से बल्लेबाजी करने उतरी. लेकिन एक बार फिर से आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने कमाल करते हुए साउथ अफ्रीका के दूसरी पारी को केवल 95 रन पर सिमेट दिया.

दूसरी पारी में एक बार फिर से मैथ्यूज ने कहर बरपाया और दूसरी बार फिर से हैट्रिक विकेट लेकर चमत्कार कर दिया. इस बार मैथ्यूज ने हर्बी टेलर, रैगी स्क्कार्ज और टौमी वार्ड को लगातार गेंद पर पवेलियन की राह दिखाई.

जिमी मैथ्यूज की करिश्माई गेंदबाजी के सहारे आस्ट्रेलिया ने यह एतिहासिक मैच एक पारी और 88 रन से जीत लिया. मैथ्यूज की हैट्रिक गेंदबाजी में दोनों बार तीसरे शिकार के रूप में साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज टौमी वार्ड रहे. क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी गेंदबाज ने ऐसा करतब दिखाया हो.

जिमी मैथ्यूज की हैट्रिक में सबसे कमाल की बात ये थी कि जिन 6 विकेट को मैथ्यूज ने अपना शिकार बनाया था उसमें किसी फिल्डर का कोई भी योगदान नहीं था. जिमी ने या तो बोल्ड आउट किया था या फिर एलबीडब्लू आउट कर इस हैरतअंगेज कारनामें को अंजाम दिया था.

बड़े खर्चे के लिए छोटी प्लानिंग

क्या आप लंबे समय से कार खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन समय समय पर बड़े खर्चे आने के कारण आपको अपनी कार के ड्रीम प्‍लान को आगे खिसकाना पड़ता है. किसी समय जब आप कार के डाउनपेमेंट के लिए राशि जुटा पाते हैं, तो पता चलता है कि कार की कीमत भी और बढ़ गई है. तब आपको एक बार फिर से पैसे जमा होने का इंतजार करना होगा. अक्‍सर आपके साथ ऐसा होता होगा.

अगर आप आने वाले एक या दो साल में कुछ बड़ा खरीदना चाहते हैं, तो इसके लिए जरूरी है सही प्लानिंग. इसके लिए कुल राशि को जानें और उसे बराबर हिस्सों में बांट लें. ऐसा करने से आपको पैसे जमा करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा. मंहगी चीज जैसे की गाड़ी या स्कूटी के लिए पहले से प्लानिंग जरूरी है. जानिए आप कैसे कर सकते हैं प्लानिंग.

अपने टार्गेट अमाउंट को जानें

किसी भी चीज को खरीदने से पहले उसकी कीमत जान लें. इसके बाद अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार फैसला करें क्या आप उसे खरीदने की स्थिति में हैं या नहीं. महंगी चीज खरीदने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपकी जरूरतें कितनी है.

उदाहरण के तौर पर अगर आप 60,000 रूपये की स्कूटी खरीदना चाहतो हैं तो यह राशि आपका टार्गेट अमाउंट है.

अपने टार्गेट अमाउंट को बराबर हिस्सों में बांट लें

एक बार अपनी टार्गेट राशि को जानने के बाद इसे बांट लें. मान लीजिए जैसे आपका टार्गेट अमाउंट 60,000 रूपये हैं तो इसे 12 महीनों में बांटने से हर महीने का 6000 रूपये बनेगा. ऐसा करने से आप पूरे साल अपने टार्गेटेड अमाउंट को ध्यान में रखकर बचत कर पाएंगे.

इस टार्गेट अमाउंट को जमा करने के लिए कैसे करें निवेश

जमा करने के लिए आप हर महीने अपनी सैलरी से बचत कर के बैंक में जमा कर सकते हैं या फिर कोशिश करें कि अपने पैसे को ऐसी जगह निवेश करें जहां से आपको ज्यादा से ज्यादा ब्याज मिल सकता है. इससे आप साल के अंत तक अपनी अनुमानित राशि से ज्यादा जमा कर पाएंगे.

क्या करें अगर टार्गेटेड अमाउंट बहुत ज्यादा हो

मान लीजिए कि आपकी टार्गेटेड राशि 2.5 लाख रूपये हैं. ऐसे में आपको 21000 रूपये महीने की बचत करनी होगी. ऐसे में बैंक में जमा करने से आपको ज्यादा ब्याज नहीं मिलेगा. निवेश और पूंजी बढ़ाने के लिए ऐसे निवेश विकल्प का चयन करें, जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा ब्याज मिल सके. इस स्थिति में सिर्फ बचत काम नहीं आएगी आपको निवेश की ओर भी बढ़ना होगा.

स्मार्टफोन खरीदने के बाद जरूर करें ये काम

आपने नया स्मार्टफोन तो खरीद लिया है लेकिन क्या आपने अपने फोन के सिक्योरिटी के लिए कोई ऐप या कोई फीचर अपनाया है. नहीं, तो स्मार्टयफोन खरीदते ही कुछ जरूरी काम जरूर कर लें. स्मार्टफोन खरीदते ही करें ये काम.

डिस्प्ले की सुरक्षा

अक्सर ऐसा होता है कि प्रीमियम स्मार्टफोन तक का डिस्प्ले टूट जाता है. अपने स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए उस पर अच्छी क्वालिटी का टेम्पर्ड ग्लास लगवाएं. सामान्य स्क्रीन गार्ड फोन की स्क्रीन को सिर्फ स्क्रैच आदि से बचाता है, लेकिन फोन गिर जाए तो उसकी स्क्रीन को टूटने से टेम्पर्ड ग्लास ही बचाता है.

स्मार्टफोन का बीमा कराएं

स्मार्टफोन का भी बीमा कराया जा सकता है. आजकल कई कंपनियां यूजर्स को स्मार्टफोन का बीमा औफर कर रही हैं. इसमें फिजिकल डैमेज, लिक्विड डैमेज और किसी मकैनिकल खराबी के लिए बीमा शामिल है. अगर कभी समार्टफोन में इस तरह की दिक्कतें आ जाएं तो इससे काफी फायदा होता है.

ऐपलौक (AppLock) करें इंस्टौल

आप कभी भी नहीं चाहेंगे कि कोई आपके निजी मेसेज, फोटो और दूसरे डेटा को देखें. इसके लिए आप ऐपलौक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे एंड्रौयड फोन के लिए गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. मोबाइल में मौजूद जिस भी ऐप, फोटो गैलरी आदि को आप चाहेंगे, इस ऐप की मदद से लॉक कर सकेंगे.

बैक कवर का यूज

मोबाइल की सुरक्षा को लेकर कभी समझौता न करें. अपने स्मार्टफोन की बौडी को स्क्रैच, निशान और डेंट आदि से बचाने के लिए अच्छी क्वालिटी का बैक कवर खरीदें. आजकल बाजार में फैशनेबल और बढ़िया दिखने वाले कवर आसानी से उपलब्ध हैं. जरूरत के हिसाब से बैक कवर या फ्लिप वाले कवर चुन सकते हैं.

फोन चोरी होने पर पता लगाएं

स्मार्टफोन के चोरी होने या खोने पर काफी दिक्कत होती है. इस दिक्कत से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि आपके एंड्रायड स्मार्टफोन पर एंड्रायड डिवाइस मैनेजर एक्टिवेट हो. इससे आपको स्मार्टफोन की लोकेशन पता लगाने में मदद मिलेगी.

इसके लिए अपने स्मार्टफोन की गूगल सेटिंग्स (Google Settings) में जाएं. स्क्रौल डाउन करें और आपको सिक्योरिटी (Security) का औप्शन नजर आएगा. इसे टैप करें और एंड्रायड डिवाइस मैनेजर (Android Device Manager) पर जाएं. रिमोटली लोकेट दिश डिवाइस (Remotely locate this device) और अलाव रिमोट लौक एंड इरेज औन और औफ (Allow remote lock and erase on or off) को टिक कर दें. इसमें यह भी ध्यान रखें की बात है कि लोकेशन (Location) की सेटिंग में जाकर एक्सेस टू माई लोकेशन (Access to my location) को भी औन करके रखना है. इसके अलावा फोन में गूगल साइन इन होना चाहिए.

एंटी-मालवेयर सौफ्टवेयर का इस्तेमाल

यह जरूरी है कि आप अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन की सुरक्षा की तरह ही उसके डेटा की सुरक्षा भी करें. नया फोन लेते ही सबसे पहले उसमें एंटी वायरस और डेटा सिक्योरिटी सौफ्टवेयर इंस्टौल करें जिससे मोबाइल के महत्वपूर्ण डेटा और दूसरे सौफ्टवेयरों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के 68 दिन के नियम पर उठ रहे हैं सवाल

‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’ के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने जब से किसी भी फिल्म को पारित करने के लिए ‘‘सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952’’ की धारा 41 का सख्ती से पालन करते हुए फिल्म के सेंसर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के 68 दिन बाद सेंसर प्रमाण पत्र देने का ऐलान किया है, तब से बौलीवुड में एक नई बहस शुरू हो गयी है.

भारतीय सिनेमा से जुड़ा हर फिल्मकार यह तो मानता है कि ऐसा नियम 1952 से ही था. कई निर्माताओं का मानना है कि फिल्म निर्माण बहुत कठिन काम है. यह रचनात्मक दबाव के साथ ही अति खर्चीला मसला है. इसलिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अफसर अब तक फिल्म निर्माताओं की तकलीफ को समझकर, मानवता के आधार पर 68 दिन के नियम का सख्ती से पालन नहीं कर रहे थे. तो अब ऐसा करने से उन्हें परहेज क्यों हो रहा है?

जबकि कुछ फिल्म निर्माता राम रहीम की फिल्म‘मैसेंजर आफ गौड’का उदाहरण देते हुए ‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’पर सवाल उठा रहे हैं कि कैसे कुछ फिल्में सिर्फ एक दिन के अंदर सेंसर से पारित की गयी थी. अब लोग सवाल कर रहे हैं कि सेंसर बोर्ड उन फिल्मों के नाम बताए, जिन्हें 68 दिन के नियम का पालन करते हुए सेंसर प्रमाणपत्र दिया गया हो.

इतना ही नहीं केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के इस नियम के चलते हौलीवुड के फिल्मकारों के भी हाथ पांव फूल गए हैं. अब हर किसी को अपनी प्रदर्शन योग्य फिल्म के भविष्य को लेकर आशंकाओं ने घेर लिया है. कई हौलीवुड फिल्मों के वितरण और बौलीवुड फिल्मों के निर्माण व वितरण से जुड़े एक स्टूडियो के अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हुए कि 68 दिन का नियम था, कहते हैं, ‘‘68 दिन का नियम था. मगर अब तक हम सभी यह मानकर अपनी फिल्में सेंसर बोर्ड के पास 21 दिन पहले भेजते रहे हैं कि फिल्म को सेंसर प्रमाण पत्र मिल जाएगा और अब तक ऐसा होता भी रहा है.’’

तो वहीं तमाम फिल्मकार ‘‘सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952’’ का हवाला देते हुए यह भी कह रहे हैं कि इस नियम के तहत‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’के अध्यक्ष अपने विवेक से 68 दिन के इस नियम को अनदेखा कर सकते हैं. तो फिर अब प्रसून जोशी क्यों 68 दिन के नियम पर सख्ती बरत रहे हैं.

तो अब राजकुमार राव हौरर कौमेडी फिल्म करेंगे..!

सैफ अली खान के साथ मिलकर कई फिल्मों का निर्माण करने के बाद दिनेश वीजन अब सैफ अली से अलग होकर अपने बैनर के तहत फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं. उनके अपने बैनर की पहली फिल्म ‘‘राब्ता’’ ने भले ही बौक्स आफिस पर असफल रही हो, मगर दिनेश वीजन निराश नही हैं. वह अब एक हौरर कौमेडी फिल्म ‘‘स्प्री’’ का निर्माण करने जा रहे हैं. सूत्रों की मानें तो फिल्म ‘राब्ता’ में राजकुमार ने स्पेशल अपियरेंस के तहत एक छोटा किरदार निभाया था. इस छोटे से किरदार में राजकुमार राव की परफार्मेंस से दिनेश वीजन इस कदर प्रभावित हुए कि अब वह अपनी इस हौरर कौमेडी फिल्म ‘‘स्प्री’’ का हीरो राजकुमार राव को बना रहे हैं.

राजकुमार राव यह स्वीकार करते हैं कि उनके पास एक हौरर कौमेडी फिल्म का औफर आया है, जिसका प्लौट काफी खूबसूरत है. मगर वह यह फिल्म कर रहे हैं या नहीं, इस पर वह अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं.

उधर सूत्र दावा कर रहे हैं कि दिनेश वीजन की यह फिल्म बन रही है और इसमें हीरो राजकुमार राव हैं.

30 सेकेंड में बुक करें कंफर्म तत्काल टिकट, जानें पूरी प्रक्रिया

कहीं जाने के लिए अगर ट्रेन यात्रा करने की बात आती है तो सबसे बड़ी समस्या कन्फर्म टिकट की होती है. कंफर्म टिकट मिलना जंग जीतने जैसा होता है. घंटो रेलवे टिकट काउंटर के सामने लाइनों में खड़े रहते हैं या फिर आईआरसीटीसी की साइट पर टिकट के लिए माथापच्ची करते हैं, लेकिन कंफर्म टिकट मिलना आसान नहीं होता.

संयोगवश आपने महीनों पहले कहीं जाने के लिए टिकट बुक करा रखी है, और आपका टिकट अभी आरएसी या फिर वेटिंग में ही है, तो हम आपको कंफर्म तत्काल टिकट बुक करने का एक आसान उपाय बताने जा रहे हैं.

इस उपाय के जरिए आप चंद मिनटों में ही अपना टिकट कन्फर्म बुक करा सकते हैं. जी हां, हम तत्काल टिकट बुकिंग की बात कर रहे हैं. आज आपको तत्काल टिकट बुंकिंग करने से लेकर ​कैंसिल कराने तक की सभी अहम जानकारियां उपलब्ध कराने जा रहे हैं.

एसी-स्लीपर में ​तत्काल टिकट बुक करने की अवधि

अगर आप एसी तत्काल टिकट से सफर करना चाहते हैं, तो आप यात्रा से ​ठीक एक दिन पहले सुबह दस बजे से 11 बजे के बीच अपना टिकट बुक करा सकते हैं. स्लीपर तत्काल टिकट बुक कराने के लिए सुबह 11 बजे से समय निर्धारित है.

एक आईडी पर दो तत्काल टिकट

घर बैठे तत्काल टिकट बुक कराते हैं तो एक आईडी से दो तत्काल टिकट बुक करा सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक तत्काल टिकट के जरिए अधिकतम चार यात्री आसानी से यात्रा कर सकते हैं. इनमें से कुछ यात्रियों की टिकट कन्फर्म है या आरएसी में है, तो बाकी यात्री भी ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं.

रेलवे नियमानुसार यदि आपका तत्काल टिकट कन्फर्म है और संयोगवश आपकी ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है, ऐसी स्थिति में टिकट कैंसिल कराने पर पूरा पैसा आपके अकाउंट में वापस आ जाएगा.

तत्काल टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया

हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप घर बैठे मात्र चंद मिनटों में अपना तत्काल टिकट कन्फर्म करा सकते हैं.

सबसे पहले गूगल पर आईआरसीटीसी मैजिक औटोफिल (IRCTC Magic Autofill) सर्च करके क्लिक करें इसके के बाद ऐड टू डेस्कटाप औपशन पर क्लिक करें.

ऐड टू डेक्सटाप पर क्लिक करते ही एक औप्शन खुलकर सामने आएगा, इसमें आप आईआरसीटीसी की यूजर आईडी और पासवर्ड एंटर करें. इसके बाद आप यात्रा की तारीख और कहां से कहां तक जाना है तथा उस ट्रेन का नाम लिखें.

तत्पश्चात कोटा, नाम, उम्र, जेंडर तथा बर्थ से जुड़ी जानकारी भरें.

आगे के औप्शन में बोर्डिंग स्टेशन और मोबाइल नंबर एंटर करें.

अंत में उपरोक्त सभी डिटेल्स भरने के बाद सबमिट डिटेल्स पर क्लिक करें.

इसके बाद कैशे और डेबिट कार्ड का पासवर्ड डालते ही तत्काल टिकट बुक हो जाएगा.

आपको बता दें कि इस प्रक्रिया को पूरा होने में स्पीडी इंटरनेट के जरिए मात्र 30 सेकंड लगते हैं.

गूगल नहीं ये सर्च इंजन है ज्यादा सुरक्षित

आमतौर पर जो भी सर्च इंजन इस्तेमाल किया जाता है, वे सर्च की गई बातों को ट्रैक करते हैं, फिर आपके सर्च के हिसाब से विज्ञापन दिखाना शुरू कर देते है. अगर आप चाहते हैं कि सर्च इंजन न तो आपकी हिस्ट्री स्टोर करे और न ही आपके द्वारा सर्च किया जाने वाला कंटेंट तो आप इसके लिए प्राइवेट सर्च इंजन इस्तेमाल कर सकते हैं. बहुत से प्राइवेट सर्च इंजन ऐसे हैं, जो न तो आपके द्वारा सर्च की गई बातों को स्टोर करते हैं और न ही आपको ट्रैक करते हैं.

वोल्फरम अल्फा (WolframAlpha)

यह कंप्यूटेबल सर्च इंजन है, जो सटीक जवाब ढूंढता है. यह आपके द्वारा सर्च किए गए कौन्टेंट को स्टोर नहीं करता और न ही कुछ ट्रैक करता है. यह प्राइवेट सर्च इंजन इनबिल्ट ऐल्गौरिदम्स से कैलकुलेशन करता है और लोगों, हेल्थ, फिटनस, म्यूजिक और फिल्मों के बारे में काफी जानकारी रखता है.

गिबरू (Gibiru)

यह भी पूरी तरह से अनसेंसर्ड मगर एनक्रिप्टेड सर्च इजन है, जिसमें किसी भी थर्ड पार्टी डेटा लीक होने की गुंजाइश नहीं है. यह अन्य कई प्राइवेट सर्च इंजन्स से तेज चलता है, क्योंकि यह गूगल कस्टम सर्च को इस्तेमाल करता है. हालांकि यह गूगल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी ट्रैकिंग मेथड्स को हटा देता है.

स्टार्ट पेज (Startpage)

स्टार्टपेज प्रौक्सी सर्वर के जरिए ब्राउजिंग का औप्शन देता है, जिससे वेबसाइट्स आपका आईपी अड्रेस या लोकेशन ट्रैक नहीं कर पातीं. इसे आप अपने ब्राउजर में ऐड कर सकते हैं और कलर थीम्स भी चुन सकते हैं.

प्राइवेटली (Privatelee)

प्राइवेटली की ‘पावरसर्च’ कमांड्स से आप अपना सर्च सोर्स व अन्य चीजें चुन सकते हैं. इसका एक और नाम Qrobe.it भी है.

यिप्पी (Yippy)

इसकी मदद से आप सर्च रिजल्ट को मैन्युअली फिल्टर कर सकते हैं. इस पर आप वेब, तस्वीरें, न्यूज, ब्लौग्स और सरकारी डेटा को सर्च कर सकते हैं. इस पर आप गूगल की ही तरह कैश्ड पेज (Cached page) देख सकते हैं.

लुकोल (Lukol)

यह गूगल के कस्टमाइज्ड सर्च रिजल्ट दिखाने के लिए प्रौक्सी सर्वर इस्तेमाल करता है. इसे बेस्ट प्राइवेट सर्च इंजन्स में से एक माना जाता है. यह औनलाइन फ्रौड करने वालों और स्पैमर्स को दूर रखता है. आपके सर्च को भी गुप्त रखता है.

हुल्बी (Hulbee)

यह सर्च इंजन भी आपके सर्च या लोकेशन हिस्ट्री को ट्रैक किए बिना इंटेलिजेंट इन्फर्मेशन देता है. इस ऐप में आपके सर्च को सिक्यौरिटी के लिए एनक्रिप्ट किया जाता है.

गिगाब्लास्ट (Gigablast)

इस ऐप ने अरबों वेब पेज इंडेक्स किए हैं और आपके ऑनलाइन सर्च को ट्रैक किए बिना तुरंत रिजल्ट दिखाता है. इसे भी बेस्ट प्राइवेट सर्च इंजन्स में शुमार किया जाता है.

डकडकगो (DuckDuckGo)

यह सबसे सिक्यौर सर्च इंजन्स में से एक है. यह आपके द्वारा सर्च की गई चीजों को कभी ट्रैक नहीं करता. यह बिना ऐप के तुरंत रिजस्ट दिखाता है. इसमें एक दिन में 10 करोड़ सर्च होते हैं.

डिस्कनेक्ट सर्च (Disconnect Search)

डिस्कनेक्ट सर्च दरअसल गूगल, बिंग और याहू जैसे बड़े सर्च इंजन्स से सर्च में मदद लेता है, मगर आपके औनलाइन सर्च या आईपी अड्रेस को ट्रैक नहीं करता. इससे आप लोकेशन के आधार पर सर्च कर सकते हैं.

मेटागर (MetaGer)

​यह सर्वर भी गोपनीय सर्च में आपकी मदद करता है. यह प्रौक्सी सर्वर को इस्तेमाल करता है और डेस्टिनेशन सर्वर से आपके आईपी को छिपाए रखता है. इसकी डिफौल्ट लैंग्वेज जर्मन है.

उद्योगपति का किरदार निभाने के लिए शीबा ने ली इस महिला से प्रेरणा

सोनी टीवी पर प्रसारित हो रहे नए सीरियल ‘‘हासिल’’ में अभिनेत्री शीबा आकाशदीप सहगल उद्योगपति सारिका रायचंद के किरदार में नजर आ रही हैं, जो दो युवा बच्चों की मां भी हैं. शीबा आकाशदीप लंबे समय तक अभिनय से दूर रहने के बाद छोटे परदे पर वापसी कर रही हैं. अपनी वापसी पर सारिका रायचंद के सशक्त किरदार के साथ न्याय करने के लिए शीबा ने मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी तथा उद्योगपति व समाज सेवा से जुड़ी  नीता अंबानी से प्रेरणा ली है.

इस बात को स्वीकार करते हुए खुद शीबा कहती हैं, ‘‘सारिका रायचंद दो बच्चों की मां होने के साथ साथ एक ताकतवर बिजनेस वुमन व क्लासी हैं. तो मुझे लगा कि उनके व्यक्तित्व को परदे पर उकेरने के लिए नीता अंबानी को ध्यान में रखा जाना चाहिए. वह सही मायनों में प्रख्यात उद्यमी और अपने व्यक्तित्व की ताकत को समझने वाली शालीन महिला हैं. मैं भी परदे पर सारिका रायचंद को वैसा ही बनाना चाहती थी. इसलिए मैंने इस किरदार को निभाने के लिए उनसे प्रेरणा ली. मुझे खुशी है कि लोग सारिका रायचंद को पसंद कर रहे हैं.’’

देखिए कैसे 200 किलोग्राम के किंग कौन्ग पर भारी पड़ गए थे दारा सिंह

दारा सिंह ऐसी शख्सियत थे जिन्हें हर कोई अलग-अलग रूप में याद करता है. किसी के लिए वह बहुत बड़े पहलवान थे तो किसी के लिए ऐसे स्टार जो अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाने जाते थे. पहलवान से अभिनेता बने दारा सिंह ने राजनीति में भी हाथ आजमाया था. लेकिन उनके द्वारा विश्व चैंपियन किंग कौन्ग को कुश्ती में मात के मैच को आज तक लोग भुला नहीं पाए हैं.

उस जमाने में किंग कौन्ग और दारा सिंह के अलावा फ्लैश गार्डन तीसरे ऐसे पहलवान थे जिसने रिंग में राज किया. तब कहा जाता था कि इन तीनों को हरा पाना असंभव है. लेकिन तीनों में से सिर्फ दारा सिंह को ही अपनी कुश्ती के लिए आज भी याद किया जाता है.

उस वक्त मीडिया के एक तबके ने ऐसा माहौल बना दिया था कि इन तीनों पहलवानों को हरा पाना असंभव है. यही वजह थी कि इन तीनों को मुकाबला करते देखने के लिए बेहिसाब भीड़ जुटी. दर्शकों के लिए इन पहलवानों को लड़ते देखना तीन अजेय पुरुषों की कुश्ती देखने जैसा था.

किंग कौन्ग और दारा सिंह की फाइट का नजारा तो अपने आप में ही बहुत हैरान कर देने वाला था. स्टेडियम में उस वक्त लोगों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ जब दारा सिंह ने 200 किलो के किंग कौन्ग को दोनों हाथों से उठा कर हवा में लहरा दिया दिया था. इसके बाद तो किंग कौन्ग की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई थी. वह रेफरी से मदद के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन रेफरी के रोकने से पहले ही दारा सिंह ने उन्हें घुमाकर रिंग के बाहर फेंक दिया था. इसके बाद तो लोग उनके फैन हो गए.

दारा सिंह ने अपनी जिंदगी में तकरीबन 500 प्रोफेशनल फाइट्स की थी. इतना ही नहीं वह इन सभी फाइट्स में जीते थे. यही वजह है कि दारा सिंह को ‘रुस्तम-ए-पंजाब’ और ‘रुस्तम-ए-हिंद’ जैसे खिताब से नवाजा गया. उन्होंने पहलवानी के क्षेत्र में भारत ही नहीं दुनिया भर में अपना नाम किया.

जहां तक डाइट की बात है तो दारा सिंह ढेरों रोटियां खाया करते थे, मगर किंग कौन्ग कई दर्जन चिकन खत्म कर देते थे. लेकिन फिर भी उनसे जीत पाने में वह नाकामयाब रहे थे.

तो पीयूष सहदेव हैं बलात्कार के आरोपी

‘देवों के देव महादेव’, ‘सपने सुहाने लड़कपन के’, ‘गीत’, ‘हर घर कुछ कहता है’ और ‘बेहद’ जैसे टीवी सीरियलों में अहम भूमिकाएं निभा चुके अभिनेता पीयूष सहदेव इन दिनों पुलिस के चंगुल में फंस चुके हैं. मुंबई की वर्सोवा पुलिस ने उन्हें बलात्कार के आरापे में 27 नवंबर तक के लिए गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस 28 नवंबर को उन्हें अदालत में पेश करेगी. पुलिस के अनुसार पीयूष सहदेव पर एक मौडल ने बलात्कार करने का आरोप लगाया है.

सूत्रों के अनुसार इस मौडल ने पीयूष सहदेव के खिलाफ 20 नवंबर को वर्सोवा पुलिस थाणे में बलात्कार का आरोप लगाते हुए हुए एफआईआर दर्ज करायी थी. जिस पर कारवाही करते हुए पुलिस ने पीयूष सहदेव को 22 नवंबर को उनके घर से गिरफ्तार किया था. अब 27 नवंबर तक वह पुलिस कस्टडी में रहेंगे तथा 28 नवंबर को उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाएगा. अब यह अदालत पर निर्भर करेगा कि पीयूष सहदेव को जमानत दे या नहीं.

वैसे अभिनेता पीयूष सहदेव काफी दिनों से विवादो में हैं. कुछ समय पहले उनकी पत्नी आकांक्षा रावत ने उन पर दूसरी लड़कियों से अवैध संबंध रखने के आरोप लगाते हुए उनसे तलाक लेने की बात कही थी, जिस पर पीयूष ने कभी बात नहीं की. हां! पीयूष ने अपनी सफाई में सिर्फ इतना ही कहा था कि उनके अवैध संबंधों की बातें महज अफवाह हैं.

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