रेलवे रिजर्वेशन के एक छोटे से नियम से कई बार यात्रियों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है. इसी तरह का एक नियम रेलवे ने हाल में शुरू किया है. इस प्रणाली में यदि एसी कोच में सीटें खाली हैं तो क्रमानुसार स्लीपर कोच के यात्रियों के कनफर्म टिकट पर इसमें बिना कोई अतिरिक्त चार्ज लिए अपग्रेड कर दिया जाता है. रेलवे का कहना है कि आरक्षण फार्म भरते वक्त यात्रियों से इस सुविधा का उपयोग करना है या नहीं पूछा जाता है, बिना सहमति के अपग्रेडेशन नहीं होता है. जागरूकता के अभाव में यात्री पूरा फार्म पढ़ते नहीं हैं और उनकी ये चूक कई बार भारी पड़ जाती है.
आजकल यात्रियों को हो रही बड़ी परेशानी
इस रेलवे रिजर्वेशन अपग्रेडेशन के कारण यात्रा के दौरान कई परिवार इस परेशान का सामना कर चुके है और यात्रियों की एक ही क्रम में कंफर्म टिकट होने के बाद भी पति, पत्नी और बच्चे अलग-अलग कोच में बैठकर सफर करना पड़ा है.
ऐसे हो रही लोगों को परेशानी
रेलवे आरक्षण के अधिकारी के मुताबिक यात्रियों की सुविधा के लिए ही रेलवे ने अपग्रेडेशन प्रणाली शुरु की है और हम अपने स्तर पर ही यात्रियों से पूछ लेते हैं कि उसे ये सुविधा चाहिए या नहीं. समस्याएं आने के बाद हमनें कार्यालय में निर्देश दे दिए हैं कि वे यात्री से पूछ लें और उसका मोबाइल नम्बर जरूर फार्म में लिखवाएं.
ऑटो अपग्रेडेशन क्या है, क्यों शुरु हुई है यह स्कीम
रेलवे ने अपने सेकेंड क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को एसी में सफर कराने की इच्छा से ये ऑटो अपग्रेडेशन योजना शुरु की थी. यदि सीट खाली जा रही हैं तो रेग्युलर यात्री उसी पैसे में एसी की यात्रा कर सके. हालांकि ये स्थिति सामान्य सीजन में लाभकारी होती है जब यात्रियों की भीड़ ट्रेनों में कम होती है.
इससे बचने के लिए करें ये काम
– रिजर्वेशन फार्म पूरी तरह पढ़े और खुद उसे भरे.
– फार्म पर ऊपर से तीसरे नम्बर पर रेलवे ने बोल्ड अक्षर में टिकट अपग्रेड सुविधा के बारे में लिखा है उसे जरूर पढे.
– यदि आप टिकटों का अपग्रेड चाहते हैं तो बाक्स में हां लिखें.
– यदि आप अपग्रेड सुविधा नहीं चाहते तो बाक्स में नहीं लिखें.
– यदि आपने इस बाक्स को खाली छोड़ दिया है तो ये स्वतः ही हां माना जाएगा, इसलिए सुविधा नहीं चाहिए तो नहीं जरूर लिखें.
– अपग्रेड सुविधा चाहते हैं तो फार्म पर आपका पर्सनल मोबाइल नम्बर लिखें, इसी पर एसएमएस से आपको रेलवे सूचना देगी.
– यदि एसएमएस नहीं भी आया है तो कोच में बैठने के पहले चार्ट जरूर देखें.
क्या आप अपने लैपटॉप/कंप्यूटर का पासवर्ड लगाकर भूल गए हैं? या फिर अपने दोस्त के लैपटॉप का पासवर्ड बदल उसे परेशान करना चाहते हैं. हम आज आपको एक ऐसी ट्रिक बताएंगे जिसके जरिए आप अपने साथ-साथ किसी और के भी लैपटॉप/कंप्यूटर को अनलॉक कर पाएंगे. इसके लिए आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा.
1. सबसे पहले आपको विंडोज डिस्क बूट करना होगा. इसे करने के लिए आपको Repair your computer पर क्लिक करना है. ये ऑप्शन आपको आपकी स्क्रीन के लेफ्ट कॉर्नर पर मिलेगा.
2. सिस्टम को बूट करने के लिए सिस्टम की इंस्टॉलेशन डिस्क इंसर्ट करनी होगी. इसके बाद सिस्टम को रिस्टार्ट कर दें. (ध्यान रहे कि ये प्रोसेस विंडोज 10 पर काम नहीं करेगा)
3. इसके बाद आपको win+R प्रेस करना होगा इससे आपकी स्क्रीन पर Command Prompt आ जाएगा.
4. Command Prompt में आपको copy c:windowssystem32sethc.exe c: ये टाइप करना होगा. इसके बाद एंटर प्रेस कर दें.
5. इसके बाद एक विंडो आपकी स्क्रीन पर ओपन होगी इसमें आपको copy c:windowssystem32cmd.exe c:windowssystem32sethc.exe ये कमांड टाइप करनी होगी.
6. इसके बाद आप अपने लैपटॉप/कंप्यूटर को रीबूट कर दें.
7. सिस्टम रिबूट होने के बाद आपके सामने लॉगइन स्क्रीन ओपन होगी. अब आपको 5 बार Shift key प्रेस करनी है. ऐसा करने से आपकी स्क्रीन पर एडमिनिस्ट्रेटर command prompt ओपन हो जाएगा.
8. इसके बाद पासवर्ड रीसेट करने के लिए net user कमांड को टाइप करें.
9. बस इसके बाद आप अपने सिस्टम को नए पासवर्ड से लॉगइन कर पाएंगे.
कांगे्रस सरकार के दौरान हुए भयंकर भ्रष्टाचार के मामलों में से ज्यादातर अब अदालतों में टांयटांयफिस साबित हो रहे हैं. एकएक कर के हर मामले में अभियुक्त बरी हो रहे हैं, लाखोंकरोड़ों रुपयों की रिश्वतों के आरोप केवल कागजी साबित हो रहे हैं. उस से ज्यादा बेईमानी तो बैंकरों और उद्योगपतियों के बीच नजर आ रही है जहां वास्तव में बैंकों का खरबों रुपया ले कर उद्योगपति मौज मना रहे हैं. दिल्ली की एक अदालत ने कौमनवैल्थ खेलों में हुए घोटाले के चल रहे एक मामले में अफसरों व प्राइवेट बिल्डरों को मुक्त कर दिया क्योंकि सीबीआई आवश्यक सुबूत नहीं जुटा पाई थी.
असल में आरोप लगाना आसान है पर उसे साबित करना मुश्किल है. कागजी काम पूरा हो तो भी यह पता करना कि बेईमानी कहां हुई थी, असंभव सा है. पिछले कंप्ट्रोलर ऐंड औडिटर जनरल विनोद राय ने स्पैक्ट्रम नीलामी में करोड़ों रुपयों के घोटाले का आरोप लगाया था, आज भाजपा सरकार ने उन्हें सम्मानित किया है, इस से साफ है कि आरोपों में राजनीति होती है. कांगे्रस दूध की धुली नहीं है. उसी के बनाए गए कानून व नियंत्रण रिश्वतखोरी की वजह हैं. हर कांगे्रसी 5-7 साल में चटखदार कपड़ों में, बड़ी गाड़ी में दिखने लगता था. कांगे्रस ने जानबूझ कर ऐसा तंत्र बनाया कि पगपग पर रिश्वत देनी पड़े. रिश्वत का हिस्सा ऊपर से नीचे तक सब को मिलता था, यह पक्का है.
पर यह भी पक्का है कि यह प्रक्रिया इस तरह की है कि किसी को सजा नहीं दिलाई जा सकती. पहली अदालत सजा दे भी दे तो दूसरी, तीसरी छोड़ देंगी जैसा लालू प्रसाद यादव और जयललिता के साथ हुआ है. इटली के हैलीकौप्टरों का हल्ला आजकल हो रहा है पर जब मामला अदालत में जाएगा तो बिना सुबूत टांयटांयफिस हो जाएगा क्योंकि हल्ला एक अपराधी के बयान पर आधारित है जिस का कानून में कोई मूल्य नहीं है. सब से बड़ी बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने ढाई सालों में ऐसा कुछ नहीं किया कि रिश्वत लेने के अवसर ही न मिलें. ढांचा वैसा का वैसा है. भाजपा नेता कहते हैं कि वे शुद्ध हैं पर उस का जनता को लाभ मिल रहा हो, इस तरह के दिव्य दर्शन तो नहीं हो रहे. देश वैसे का वैसा अस्तव्यस्त, मैलाकुचैला, सुस्त नजर आ रहा है, जहां समस्याओं के अंबार हैं. अपने गुण खुद गा लो तो बात दूसरी है वरना उपलब्धि के नाम पर कुछ नजर नहीं आता. रिश्वतखोरी या लूट का खाना हमारे जैविक गुण हैं. इन से मुक्ति मिल ही नहीं सकती.
यह सच ही कहा गया है कि आप धरती पर कहीं भी जाएं आपको एक भारतीय मिल ही जाएगा. कुछ ऐसा ही खेल जगत में भी है. विश्व क्रिकेट में आज भारतीय खिलाड़ियों की धूम है. भारतीय मूल के ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो भारत के लिए नहीं खेलते. भारत ने विश्व क्रिकेट को बहुत से महान खिलाड़ी दिए हैं.
आज लगभग क्रिकेट खेलने वाली हर टीम के पास भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं. इनमें से कुछ महान क्रिकेटर बनने की राह पर हैं तो कुछ ने अपने शानदार खेल से खुद को महान खिलाड़ियों की लिस्ट में पहले ही अपनी जगह बना चुके हैं.
तो आइए जानते हैं भारतीय मूल के कुछ ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में जो दूसरे देशों के लिए खेले और महान खिलाड़ी बनें और कुछ बनने वाले हैं.
शिवनारायण चन्द्रपॉल, वेस्टइंडीज
महान बल्लेबाज शिवनारायण चन्द्रपॉल भी भारतीय मूल के खिलाड़ी थे जिन्होंने वेस्टइंडीज के लिए क्रिकेट खेला. चन्द्रपॉल का जन्म गुयाना में हुआ था. उनके पूर्वज भारत से वेस्टइंडीज चले गये थे जिस कारण से ये महान बल्लेबाज भारत की बजाय वेस्टइंडीज की ओर से खेला. अपनी अजीबोगरीब बैटिंग स्टांस के लिए मशहूर रहे चन्द्रपॉल को टेस्ट क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिना जाता है.
नासिर हुसैन, इंग्लैंड
क्रिकेट इतिहास के सबसे चतुर कप्तानों में गिने जाने वाले नासिर हुसैन का जन्म मद्रास में हुआ था. नासिर हुसैन के पिता बाद में एसेक्स चले गये उस समय नासिर हुसैन सिर्फ 7 साल के थे. इसके बाद नासिर ने इंग्लैंड में ही क्रिकेट खेलना सीखा और इंग्लैंड के सबसे चालाक और सफल कप्तान भी बने.
रोहन कन्हाई, वेस्टइंडीज
वेस्टइंडीज के लिए खेलने वाले एक और महान खिलाड़ी रोहन कन्हाई भी भारतीय मूल के थे. भारत के पहले लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर रोहन कन्हाई की बैटिंग से इतने प्रभावित थे कि उन्होने अपने बेटे का नाम भी रोहन रखा था.
सुनील नारेन, वेस्टइंडीज
क्रिकेट के आधुनिक दौर में भारतीय मूल का एक और खिलाड़ी जो तेजी से प्रसिद्धी बटोर रहा है वो है सुनील नारेन. वेस्टइंडीज के लिए खेलने वाले नारेन एक बेहद ही शातिर स्पिनर हैं. नारेन अपनी गेंदों पर बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चकमा दे चुके हैं.
एलविन कालीचरन, वेस्टइंडीज
महान बल्लेबाज एलविन कालीचरन भारतीय मूल के खिलाड़ी थे जिन्होंने वेस्टइंडीज के लिए क्रिकेट खेला. उन्होंने वेस्टइंडीज क्रिकेट के लिए जी-जान लगा दिया. वेस्टइंडीज की तरफ से खेलने वाले इस क्रिकेटर ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के छक्के छुड़ा दिए.
हाशिम अमला, साउथ अफ्रीका
मौजूदा क्रिकेट में दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में एक साउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला भारतीय मूल के हैं. साउथ अफ्रीका में जन्मे अमला के दादा गुजरात के सूरत में रहते थे. जिसके बाद उनका परिवार साउथ अफ्रीका चला गया. अमला ने साउथ अफ्रीका की ओर से क्रिकेट खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है. वो वनडे में सबसे तेज चार, पांच और छः हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं.
मॉन्टी पनेसर, इंग्लैंड
इंग्लैंड के लिए अपना पहला मैच खेलने वाले मॉन्टी पनेसर का करियर उतार चढ़ाव वाला रहा है. मॉन्टी सचिन तेंदुलकर के विकेट झटकने को अपने करियर का सबसे बेहतरीन पल मानते हैं.
रवि बोपारा, इंग्लैंड
इंग्लैंड के लिए खेलने वाले रवि बोपारा एक शानदार बैट्समैन हैं. बैट्समैन होने के साथ-साथ उनका नाम एक बेहतरीन ऑलराउंडर में भी गिना जाता है. भारतीय टीम में उनका होना टीम के लिए एक योगदान होता.
समित पटेल, इंग्लैंड
बांए हाथ के स्पिनर समित एक शानदार ऑलराउंडर और बैट्समैन हैं. ऑलराउंडर होने की उनकी प्रतिभा उन्हें वनडे टीम के लिए फिट बनाती है.
‘‘याशी फिल्मस’’ के अभय सिन्हा के प्रयासों से चार वर्ष पहले इंटरनेशनल भोजपुरी फिल्म अवार्ड की शुरूआत की गई थी. इस तरह विदेशी धरती पर अभय सिन्हा ने भोजपुरी फिल्मों की हस्तियों को विदेशी धरती पर सम्मान दिलाने का काम किया था. पहला समारोह मौरीशस में, दूसरा अवार्ड समारोह दुबई तथा गत वर्ष तीसरा ‘इंटरनेशनल भोजपुरी फिल्म अवार्ड’ लंदन में आयोजित किया गया था. इस बार चौथा इंटरनेशनल भोजपुरी फिल्म अवार्ड मलेशिया में 21 जुलाई को संपन्न होगा.
‘याशी फिल्म्स’ और संघ आर्टस एसडीबी बीएचडी प्रस्तुत ढिशुम इंटरनेशनल भोजपुरी फिल्म अवार्ड (अीईबीफा)के मलेशिया में आयोजित होने की पुष्टि करते हुए ‘याशी फिल्म्स’ के अभय सिन्हा ने कहा- इस बार यह समारोह मलेशिया में 21 जुलाई को संपन्न होगा. इस अवार्ड समारोह में भोजपुरी मेगा स्टार व सांसद मनोज तिवारी, सुनील शेट्टी, भोजपुरी अभिनेता रविकिशन, कुमार सानू, दिनेशलाल यादव निरहुआ, पवन सिंह, खेसारीलाल यादव, विनय आनंद, कृष्णा अभिषेक, यश कुमार, अरविंद अकेला कल्लू, रितेष पांडे, मालिनी अवस्थी, कल्पना पटवारी, मधु शर्मा, रश्मि देसाई, मोनालिसा, आम्रपाली दुबे, अक्षरा सिंह, अंजना सिंह, पायल रोहतगी, संभावना सेठ, शिविका दिवान, श्यामली श्रीवास्तव, शुभि शर्मा, राकेश मिश्रा और राजीव मिश्रा सहित अन्य लोग शिरकत करेंगे.
इस अवसर पर भोजपुरी सिनेमा में योगदान देने वाले कुछ विशिष्ट अतिथियों का सम्मान भी किया जाएगा. इसके अतिरिक्त सर्वश्रेष्ठ फिल्मों और कलाकारों तथा तकनीशियनों का सम्मान भी किया जाएगा. इस समारोह में मलेशिया सरकार और भारत के कुछ अतिविशिष्ट अतिथि भी शामिल होंगे.’’
भोजपुरी फिल्मों और गानों में बढ़ती अश्लीलता पर चिंता जताते हुए अभय सिन्हा ने कहा – ‘‘भोजपुरी में बहुत अच्छी फिल्में भी बनती हैं. इस इंटरनेशनल भोजपुरी फिल्म अवार्ड समारोह के जरिये हम पूरे विश्व को दिखाना चाहते है कि भोजपुरी कितनी अच्छी फिल्में बनी हैं. भोजपुरी फिल्मों से अश्लीलता खत्म हो, इसके लिए कई बडे़ कलाकारों को अवार्ड समारोह में बुलाया जा रहा है. भोजपुरी का अच्छा स्वरूप दिखाया जाएगा.’’
भोजपुरी अंतरराष्ट्रीय फिल्म अवार्ड समारोह (आईबीफा) ने जहां एक तरफ भोजपुरी की आवाज को गांव जवार से निकाल कर सात समंदर पार विदेशों में ले जाकर चर्चित कर दिया, वहीं दूसरी तरफ भोजपुरी की दुनिया को विस्तार देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय प्लैटफौर्म दिया.
शाहिद कपूर के घर दोबारा खुशियां आने वाली हैं. उनकी पत्नी मीरा राजपूत प्रेग्नेंट हैं और इस साल की सर्दियों में उनके घर एक नन्हा मेहमान आयेगा. शाहिद ने खुद इस बात की जानकारी दी है.
पिछले कुछ दिनों से इस तरह की खबरें आ रही थीं , मीशा की लेटेस्ट तस्वीरों के बाद इस तरह की चर्चा थी कि वो प्रेग्नेंट हैं लेकिन शुक्रवार को शाहिद ने इंस्टाग्राम के जरिये इसकी पुष्टि कर दी. साथ ही अपनी बेटी मीशा की एक तस्वीर भी पोस्ट की जिसमें लिखा है – बिग सिस्टर. ये साफ संकेत था कि मीशा जल्द ही बड़ी बहन बनने जा रही हैं.
मीरा ने भी पिछले दिनों कहा था कि अभी उनका बौलीवुड में आने का कोई प्लान नहीं है. अभी एक और बच्चे का प्लान है और उसके बाद तय करेंगी. शाहिद ने भी कहा था कि मीरा एक और बच्चे के ख्वाहिश रखती हैं. वो परंपरा को तोडना चाहती हैं. सबसे पहले वो बच्चों के जन्म के साथ उनकी परवरिश करना चाहती हैं और ताकि उसके बाद वो अपने मन का काम करने के लिए स्वतंत्र हो सकें.
दिल्ली के लेडी श्रीराम कौलेज से इंग्लिश ग्रैजुएट मीरा जब यूनाइटेड नेशंस में इंटर्न थी तब साल 2014 में उनकी शाहिद से मुलाकात हुई. एक साल बाद सात जुलाई को दोनों ने गुरुग्राम में एक निजी समारोह में दोनों की शादी हो गई और साल 2017 में 26 अगस्त को मीरा ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम मीशा रखा गया.
शाहिद और मीरा का दूसरा बेबी इस साल अक्टूबर में होगा, शाहिद हमेशा से ही फैमिली मैन बन कर रहना चाहते थे. अक्सर उन्हें पत्नी मीरा और बेटी के साथ सार्वजानिक स्थानों पर देखा जाता है. शाहिद इन दिनों श्री नारायण सिंह की फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू में काम कर रहे हैं. बिजली चोरी और उससे जुड़ी समस्याओं पर बन रही इस फिल्म में श्रद्धा कपूर और यामी गौतम भी हैं.
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए क्रिकेट फैंस की दीवानगी किसी से छिपी नहीं है. कई क्रिकेट फैंस तो धोनी से सिर्फ हाथ भर मिलाने के लिए मैदान के बीच आने का जोखिम उठा लेते हैं. लेकिन अब एक लड़की ने खुलेआम महेंद्र सिंह धोनी को अपना पहला प्यार बता दिया है. इतना ही नहीं उसने अपने होने वाले पार्टनर को इसके लिए सौरी भी बोल दिया है. अब इस लड़की का फोटो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.
दरअसल शुक्रवार को पुणे में चेन्नई और राजस्थान के बीच मैच खेला गया. इस मैच में एक बार फिर से धोनी की टीम ने शानदार खेल दिखाया और मैच में जीत हासिल की. इसी मैच के दौरान स्टेडियम में एक लड़की अपने हाथ में एक प्लेकार्ड थामे दिखाई दी. उस प्लेकार्ड पर उसने मैसेज लिखा…’ मैं अपने फ्यूचर पार्टनर से माफी चाहूंगी, पर महेंद्र सिंह धोनी हमेशा मेरा पहला प्यार रहेंगे.’ इस फोटो को आईसीसी के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है. अब लोग इसे खू खूब रीट्वीट और शेयर कर रहे हैं.
चेन्नई के सलामी बल्लेबाज शेन वाटसन के शानदार शतक के बाद अपने गेंदबाजों के बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत चेन्नई ने शुक्रवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण के एक मैच में राजस्थान रायल्स को 64 रन से हराकर अपने नए घर का जीत से स्वागत किया. नए घरेलू मैदान में खेल रही चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 204 रन का विशाल स्कोर बनाया और फिर राजस्थान को 18.3 ओवर में 140 रन पर समेटकर 64 रन से मैच जीत लिया.
चेन्नई की चार मैचों में यह तीसरी जीत है जबकि राजस्थान को पांच मैचों में तीसरी हार का सामना करना पड़ा है. इसके साथ ही प्वाइंट्स टेबल में चेन्नई की टीम टॉप पर पहुंच गई है.
इससे पहले चेन्नई और पंजाब के बीच हुए मैच में जब धोनी अपनी आतिशी पारी के दम पर चेन्नई को जीत की ओर ले जा रहे थे तभी एक शख्स ने अजीब काम कर दिया. धोनी की पारी के दौरान एक फैन ने माही से माफी मांगते हुए साक्षी धोनी को प्रपोज कर डाला. दरअसल यह फैन एक पोस्टर लिए हुए था जिसपर लिखा था, ‘सौरी माही भाई, बट आय लव यू साक्षी धोनी.’ फैन की यह पोस्टर लिए तस्वीर सोशल मीडिया पर जरूर वायरल हो गई.
इस मैच में हमेशा की तरह माही की पत्नी साक्षी भी मौजूद थीं और अपने पति की हौसला अफजाई कर रही थीं. इस मैच में काफी उतार चढ़ाव नजर आए जो न केवल साक्षी के चेहरे पर बल्कि पंजाब की टीम की मालकिन प्रीति जिंटा के चेहरे पर भी साफ नजर आए जो खुद भी इस मैच में अपनी टीम को चियर करने के लिए मौजूद थीं.
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राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में अब बैंक खाता व मोबाइल नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है. पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण ने यह प्रावधान किया है. इसके साथ ही प्रिवेंशन औफ मनी लौन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के दिशानिर्देशों के तहत पीएफआरडीए ने नए और मौजूदा सब्सक्राइबर्स के लिए विदेशी खाता कर अनुपालन कानून (एफएटीसीए) और सेंट्रल रजिस्ट्री औफ सिक्योरिटाइजेशन एसेट रिकंस्ट्रक्शन एंड सिक्टोरिटी इंटरेस्ट (सीईआरएसएआई) अनिवार्य कर दिया है. प्राधिकरण ने समय-समय पर एनपीएस की परिचालन संबंधी दिक्कतों को सुधारने और सरल बनाने के लिए कई तरह की पहल की हैं। जैसा कि एनपीसी आर्किटेक्चर के तहत न्यू फंक्शनैलिटी डेवेलप्मेंट, खाता खोलने का सरलीकरण, निकासी और शिकायत निवारण प्रबंधन आदि.
सब्सक्राइबर की सहूलियत के लिए किया बदलाव
वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि प्राधिकरण की ओर से फैसला लिया गया है कि सब्सक्राइबर की सहूलियत के लिए और एनपीएस से बिना किसी दिक्कत के बाहर निकलने के लिए बैंक खाता जानकारी और मोबाइल डिटेल देना अनिवार्य है. यह नए सब्सक्राइबर्स की ओर से न्यू कौमन सब्सक्राइब रजिस्ट्रेशन फौर्म (सीएसआरएफ) में भरना जरूरी है. मौजूदा सब्सक्राइबर्स को अपने लौगइन (www.cra-nsdl.com or https://enps.karvy.com/Login/Login ) में औनलाइन एफएटीसीए सेल्फ सर्टिफिकेशन जमा करने की सुविधा दी हुई है. यह जानकारी भी मंत्रालय ने ही मुहैया कराई है. अपने फौर्म को रिजेक्ट होने से बचाने के लिए सब्सक्राइबर्स के लिए इन सभी कौलम को भरना जरूरी है. साथ ही उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि ये कौलम खाली न छूटे.
राष्ट्रीय पेंशन योजना में 1.8 करोड़ सब्सक्राइबर
एनपीएस के तहत लगभग 1.8 करोड़ सब्सक्राइबर आते हैं. इसकी शुरुआत 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए हुई थी. 2009 में इसे सरकार ने आम लोगों के लिए खोल दिया. सरकार ने पहली जनवरी 2004 के बाद सरकारी नौकरी में आने वाले सभी कर्मचारियों के लिए एनपीएस की सदस्यता अनिवार्य कर दी थी. केवल सैन्य बलों को ही एनपीएस से छूट है. इसके तहत कर्मचारी अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते से एक निश्चित राशि पेंशन के लिए योगदान करते हैं, इतनी ही राशि सरकार कर्मचारी के पेंशन फंड में जमा करती है. वहीं, निजी क्षेत्र खासकर कमजोर वर्ग के लोगों के लिए सरकार ने अटल पेंशन योजना शुरू की है.
क्या है एफएटीसीए?
विदेशी खाता कर अनुपालन कानून (एफएटीसीए) अमेरिकी कानून है. इसका मकसद अमेरिकी नागरिकों तथा गैर-अमेरिकी व्यक्तियों द्वारा कर चोरी को रोकना है. इसके तहत भारत समेत दुनिया के तमाम देशों के बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अपने ग्राहकों से कुछ सूचनाएं लेनी होती हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अमेरिकी टैक्स की चोरी नहीं कर रहे हैं. इसीलिए बैंक और वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों से एक सेल्फ सर्टिफिकेशन लेते हैं.
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क्या आप नहीं चाहते कि कौलिंग के वक्त आपके नंबर को कोई अपनी स्क्रीन पर देख सके? हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप गुमनाम हो कर अनलिमिटेड कौलिंग का मजा ले सकते हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रहें कि इन तरीकों का इस्तेमाल आप तभी कर सकते हैं, जब आपके पास इंटरनेट कनेक्शन हो.
ऐप करेगा आपकी मदद
Indy Call- ऐप को 10 लाख यूजर्स ने डाउनलोड किया है. प्ले स्टोर पर इसे 3.9 स्टार मिला है, जिसे 17 हजार से ज्यादा यूजर्स ने रेटिंग दी है. ऐप की साइज 21 एमबी है. ऐप की मदद से आप फ्री में अनलिमिटेड काल कर पाएंगे. ऐप की सबसे बड़ी खासियत ये है कि जब भी आप किसी यूजर को फोन करेंगे उसे दूसरा नंबर दिखाई देगा. यानी अगर आपने किसी शख्स को इस ऐप की मदद से 5 बार कौल किया तो सामने वाले को हर बार अलग-अलग नंबर दिखाई देगा. इससे सामने वाले को पता नहीं चलेगा की कौल किसका है. अगर आप इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सामने वाला आपके नंबर को True Caller पर भी ट्रैक नहीं कर पाएगा. यहां ध्यान देना जरूरी है कि इस ऐप के लिए आपके फोन में डाटा पैक एक्टिव हो.
औनलाइन वेबसाइट आएगा आपके काम
फोन करने के लिए सबसे जरूरी चीज है सिम कार्ड. ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि आपका सिम कार्ड काम करना बंद कर देता है या फिर आपके पास आपका फोन नहीं होता, ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आप किसी नंबर पर कौल कैसे करेंगे? औनलाइन ऐसी कई सारी बेवसाइट्स मौजूद हैं, जहां आप बिना सिम कार्ड के फ्री कौल कर सकते हैं. हम ऐसे ही एक तरीके के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं.
अपने पीसी या स्मार्टफोन के ब्राउसर में जाएं और गूगल के सर्च सेक्शन में Reveal Name टाइप करें.
इंटर करने पर जो औप्शन सबसे ऊपर दिखाई देगा उसपर क्लिक करें.
आपको एक वेबसाइट दिखाई देगी. इस वेबसाइट में एक फोन बना दिखेगा, उसमें Look Up औप्शन पर क्लिक करें.
यहां कई सारे देश और उनके कोड दिखाई देंगे, इनमें अपने देश को चुनें.
देश के चयन के बाद सर्च औप्शन में उस नंबर को टाइप करें जिसपर आपको कौल करना है.
नंबर टाइप करने के बाद नीचे हरे रंग में एक Call का बटन दिखाई देगा, इस बटन पर क्लिक करें.
कौल बटन पर क्लिक करते ही फोन कनेक्ट हो जाएगा. इसकी एक खासियत ये भी है कि सामने वाले को आपका नंबर नहीं दिखाई देगा.
ऐसी कई सारी औनलाइन वेबसाइट्स हैं जो फ्री कौल की सुविधा देती हैं वो भी बिना सिम कार्ड के. इसके अलावा गूगल प्ले स्टोर पर भी कई ऐप्स है जिन्हें डाउनलोड करके आप कौल कर सकते हैं.
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स्टूडैंट लाइफ जी रही रीता एक दिन बहुत परेशान थी. कई तरह की आशंकाएं उस के दिमाग में उठ रही थीं. उसे पूरा यकीन था कि वह खुद भी अनजाने में ऐसे गुप्त हथियार का शिकार हुई है, जो उस का सामाजिक जीवन खराब कर सकता है. पर सुकून इस बात का भी था कि उस हथियार का इस्तेमाल करने वाला पकड़ा गया था. रीता शायद कभी परेशान न हुई होती यदि उसे पता नहीं चलता कि शहर के एक कपड़ों के शोरूम के ट्रायलरूम में हिडेन कैमरा पकड़ा गया है. रीता को चूंकि शौपिंग का शौक था, इसलिए अकसर उसी शोरूम में कपड़ों की खरीदारी करने जाती थी. उसे इस बात का पछतावा था, लेकिन दिल के एक कोने में सुकून भी था कि अब शर्मनाक सिलसिला किसी के साथ नहीं चलेगा.
रीता कोई अकेली लड़की नहीं, बल्कि कब कौन युवती या महिला हिडेन कैमरे का शिकार हो जाए, कोई नहीं जानता. 1 साल पहले राजधानी दिल्ली के लाजपतनगर की सैंट्रल मार्केट में ब्रैंडेड कपड़ों के एक शोरूम में जो सच सामने आया था वह बेहद चौंकाने वाला था. दरअसल, एक मल्टीनैशनल कंपनी में नौकरी करने वाली रूबी शोरूम गई. ट्रायलरूम में उस ने देखा कि एक गैप के पीछे की तरफ कैमरा लैंस है. उस ने बाहर निकल कर चैक किया, तो वहां चालू हालत में वीडियो मोड पर मोबाइल लगा हुआ दिखा. हंगामा हुआ तो पुलिस आ गई. इस के बाद पता चला कि शोरूम कर्मी ही इस शर्मनाक करतूत को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने उस के खिलाफ छेड़छाड़ की धारा- 354, 354 (सी) व आईटी ऐक्ट के अंतर्गत केस दर्ज कर के जेल भेज दिया.
सार्वजनिक जीवन में संकट
इस से पहले नोएडा शहर के एक गर्ल्स होस्टल के बाथरूम में भी हिडेन कैमरा पकड़ा गया था. जांच के दौरान वहां 3 कैमरे मिले थे.
जयपुर की रहने वाली एक युवती ने एक शोरूम में अपने लिए नए कपड़े खरीदे. कपड़ों को पहन कर देखने के लिए वह चेंजिंगरूम में गई. उस ने 3 टौप बदल कर देखे तभी अचानक उस की नजर छत पर लगे कैमरे पर गई, तो उस के होश उड़ गए. पुलिस ने इस मामलें में काररवाई की.
इस तरह के कई मामले सामने आने लगे हैं. गत वर्ष भाजपा नेत्री स्मृति इरानी ने गोवा स्थित फैब इंडिया के शौरूम के ट्रायलरूम में हिडेन कैमरा पकड़ा. कंप्यूटर हार्डडिस्क की जांच हुई, तो पता चला कि जो भी महिला कपड़े बदलती थी उस के पेट के ऊपर के हिस्से की रिकौर्डिंग होती थी.
ट्रायलरूम, गर्ल्स होस्टल, बाथरूम, कालेज, सार्वजनिक शौचालय, होटल के कमरे में लगा हिडेन कैमरा किसी को भी अपना शिकार बना सकता है. ऐसे में युवतियों व महिलाओं को ऐसी जगहों का इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह छानबीन कर लेनी चाहिए. सतर्क नहीं होंगे तो आप की तसवीरों और वीडियो को पोर्न वैबसाइट से ले कर सोशल मीडिया तक सार्वजनिक किया जा सकता है.
कौन शातिर हिडेन कैमरे से आप की तसवीरें या वीडियो उतार ले कुछ कहा नहीं जा सकता. सार्वजनिक जीवन में बड़ा संकट आ सकता है. ट्रायलरूम के शीशे के पीछे से भी कोई आप को देख सकता है. इस की खबर भी नहीं होगी. कुछ खास किस्म के कांच किसी भी ट्रायलरूम में हो सकते हैं, जो दिखने में बिलकुल सामान्य लगते हैं. अगर किसी जगह कोई छोटी लाइट या काला बिंदु नजर आए तो सावधान हो जाना चाहिए. ऐसा स्थान जो खासतौर पर महिलाओं के लिए ही बनाया गया हो वहां कैमरे होने की संभावना सब से अधिक होती है. ट्रायलरूम में कपड़े बदलते वक्त पता भी नहीं होता कि वहां कैमरा लगा है.
शिकार होने से बचें
कई बार शातिर लोग वीडियो रिकौर्ड कर के उसे एमएमएस के तौर पर तैयार कर लेते हैं और फिर ब्लैकमेल भी करते हैं. हरियाणा के रोहतक का मामला कुछ ऐसा ही रहा जहां एक लड़की का एमएमएस तैयार कर के उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई. दरअसल, स्टेडियम में कुश्ती की प्रैक्टिस करने वाली एक नाबालिग का चेंजिंग रूम में वीडियो तैयार कर के सैक्सुअल रिलेशन का प्रैशर बनाया. प्लेयर तनाव में आ गई, जिस के चलते उस ने आत्महत्या का प्रयास किया, तो मामला खुला.
वैसे किसी होटल या अनजान कमरे में जाते समय कुछ सावधानियां बरती जाएं, तो हिडेन कैमरे का शिकार होने से बचा जा सकता है. जानकार मानते हैं कि यदि कहीं हिडेन कैमरा नजर आ जाए, तो उसे बिलकुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आप की खामोशी दूसरी महिलाओं के लिए मुसीबत बन सकती है. कैमरा पकड़ में आए, तो मौके पर खुद फैसला करने की कतई न सोचें. ऐसे में शोरशराबा करने और झगड़े से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसी जगहों के संचालक सुबूतों को नष्ट कर सकते हैं. बेहतर तरीका यही है कि अपने परिचितों के साथ पुलिस को तत्काल सूचना दे दी जाए.
मानसिक रूप से बीमार
साइबर क्राइम ऐक्सपर्ट कर्मवीर सिंह कहते हैं कि किसी मौल, होटल या रेस्तरां आदि के ट्रायल या बाथरूम में महिलाओं को देखना चाहिए कि वहां की दीवारें गहरे रंग की न हों. सफेद रंग की दीवारें होने पर खुफिया कैमरे के होने की संभावना नहीं होती, क्योंकि कैमरे का लैंस व्हाइट नहीं होता. गहने रंग वाली दीवारों में कैमरा लगाना आसान होता है और वह पकड़ में भी नहीं आता. ट्रायलरूम में पूर्ण प्रकाश व्यवस्था होनी चाहिए. प्रकाश कम होगा, तो कैमरे को पकड़ना मुश्किल होगा.
डाक्टर फरीदा खान कहती हैं, ‘‘ऐसे लोग किसी न किसी रूप में मानसिक रूप से बीमार होते हैं, वे कुंठित होते हैं. जब वे गलत तरीके की हरकतें करने की हिम्मत नहीं कर पाते, तो अपनी कुंठाओं को शांत करने के लिए इस तरह के वीडियो बना कर देखते हैं और उन का गलत इस्तेमाल भी करते हैं. उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं होता कि वीडियो सार्वजनिक करने से किसी की जिंदगी भी तबाह हो सकती है.’’
राजकोट में सामने आया एक मामला इसी कुंठा से मिलताजुलता है. एक फोटोग्राफर ने अपने स्टूडियो में ट्रायलरूम बनाया था जहां महिलाएं फोटो खिंचाने के लिए कपड़े बदलती थीं. उस ने वहां एक कैमरा छिपा कर रखा था. जैसे ही कोई ग्राहक वहां कपड़े बदलने के लिए जाती थी, तो वह चुपके से कैमरा औन कर देता था, जिस की रिकौर्डिंग उस के कंप्यूटर में होती थी.
घिनौनी मानसिकता
उत्तराखंड के देहरादून शहर के एक व्यक्ति ने तो सभी सीमाओं को लांघ दिया. अधेड़ उम्र का सरबजीत पेशे से सिविल इंजीनियर था. वह हमेशा आदर्श व संस्कारों की बात किया करता था. यों तो वह खुद 2 शादीशुदा बेटियों का पिता था, लेकिन हकीकत में वह इनसानियत को शर्मसार कर देने वाली घिनौनी मानसिकता का वारिस था. जवान लड़कियों के जिस्म को देखना और उन की क्लिप तैयार करना उस का रोजमर्रा का काम था. अनगिनत लड़कियों को बेलिबास देख कर वह अपनी कुंठा को शांत करता था. लड़कियों के बाथरूम में लगाए गए वैब कैमरे के जरीए वह उन की हर हलचल को अपने बैडरूम में लगे कंप्यूटर पर गुपचुप देखता था. वह अकेला रहता था और अपने घर के कमरों में छात्राओं को ही बतौर किराएदार रखता था. उसे खुद भी याद नहीं था कि उस ने अब तक कितनी लड़कियों
को अपनी गंदी नजरों का शिकार बनाया. इस अजीब मानसिकता का भी वह शिकार था कि जल्द ही वह एक लड़की को देख कर उकता जाता था और नई लड़की की ख्वाहिश जाग
उठती थी, तो वह बहाने से कमरा खाली करा लेता था. वह पकड़ा नहीं जाता, यदि एक लड़की की नजर बाथरूम के गीजर में लगे कैमरे पर न गई होती.
यहां हो सकते हैं कैमरे
हिडेन कैमरा छिपाने की कुछ खास जगहें निर्धारित होती हैं. इस के लिए पहले से सतर्क रहा जाए, तो किसी के गलत इरादों से बिलकुल बचा जा सकता है. ऐक्सपर्ट्स की मानें, तो जिन चीजों में कैमरा होने की संभावना अधिक होती है उन में फूलों के गमले, फोटो फ्रेम, छत के सैंटर में लगा पंखा, बाथरूम का शावर, गैस या बिजली का गीजर, बिजली का स्विच, कमरे के हैंगर हुक, दीवार की घड़ी, फैंसी लाइट व बेकार रखे टीवी रिमोट शामिल होते हैं. इस के अलावा कपड़ों के शोरूम के ट्रायलरूम में भी कैमरा होने की संभावना ज्यादा होती है.
शरीर के ऊपरी भाग को कवर करने वाले कैमरे दीवार के बल्ब, दरवाजे, अलमारी के हैंडल या डिजाइन में हो सकते हैं.
शरीर के निचले भाग को कवर करने वाला कैमरा किसी बेकार पड़े सामान, स्टूल, मेज या दरवाजे के अंदर सफाई से छिपाया गया हो सकता है. शीशे के पीछे भी कैमरा हो सकता है. होस्टल या होटल के रूम में कैमरा शीशे के पीछे, टीवी सैट के अंदर, सजावटी सामान या एसी में हो सकता है. वाशरूम में कैमरा आमतौर पर शीशे के पीछे, किसी कोने या किसी सजावटी वस्तु में हो सकता है.
VIDEO : नेल आर्ट डिजाइन – टील ब्लू नेल आर्ट
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