Download App

योगी को चुनौती : हिन्दू युवा वाहिनी में घमासान

जिस हिन्दू युवा वाहिनी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ताकत माना जाता है वहीं से उनको चुनौती मिल रही है. 2017 के विधानसभा चुनावों के पहले हिन्दू युवा वाहिनी ने प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह को संगठन से बाहर निकाल दिया था. सुनील सिंह पर आरोप लगा कि उन्होंने संगठन के लोगों को चुनाव मैदान में उतार कर आदेश की अवहेलना की थी. हिन्दू युवा वाहिनी को योगी आदित्यनाथ के नाम से ही जाना जाता था. पहले सुनील सिंह उसके प्रदेश अध्यक्ष और योगी आदित्यनाथ उसके सरंक्षक थे.

सुनील सिंह अपने निष्कासन को गलत मानते हैं. उनका कहना है कि योगी जी उनके गुरू है. भाजपा ने उनको गुमराह किया है. सुनील सिंह ने अपनी बात रखने के लिये लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में आनन फानन में एक बैठक का आयोजन किया और खुद को हिन्दू युवा वाहिनी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया.

योगी सरकार को यह काम सही नहीं लगा. बिना अनुमति के बैठक करने के आरोप में सरकार ने गेस्ट हाउस के व्यवस्थाधिकारी आरपी सिंह को निलंबित कर दिया. सुनील सिंह कहते है हिन्दू युवा वाहिनी का मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं. मैं अपने संगठन का विस्तार करना चाहता हूं. इसलिये अब इसका राष्ट्रीय स्तर पर गठन किये जाने की जरूरत पर बल दिया और खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया. हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश महामंत्री पीके मल्ल का कहना है कि जो आदमी संगठन से पहले ही निकाला जा चुका है उसके दावों का कोई मतलब नहीं रह जाता है.बै ठक के बाद से सुनील ही पर्दे से गायब हैं.

sunil singh declares himself as national president of hindu yuva vahini

योगी भले ही सुनील सिंह को अपने संगठन से निकाल चुके हों, पर सुनील सिंह आज भी योगी को ही अपना गुरु मानते हैं. उनका कहना है योगी जी मेरे लिये राम की तरह हैं. मैं उनका सेवक हनुमान हूं. भाजपा के कुछ लोग उनको लड़ाना चाहते हैं. जिस दिन योगी जी भाजपा के काले जादू से बाहर आयेंगे उस दिन उनको गले लगायेंगे. सुनील सिंह कहते हैं मैं भाजपा से अपने गुरु के अपमान का बदला लूंगा. भाजपा आज हमारे गुरु को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित कर दे तो वह भाजपा कार्यालय में चाय पिलाना मंजूर कर लेंगे. सुनील सिंह खुद को हनुमान बताते कहते हैं कि हनुमान ने लंका में आग लगाने के लिये राम से इजाजत नहीं ली थी. मेरे लिये भी भाजपा लंका की ही तरह है.

भाजपा और हिन्दू युवा वाहिनी के लोग सुनील सिंह के कामों को विरोधी गतिविधियां मानते हुये विपक्षी दलों की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं. दूसरी ओर राजनीति के जानकार यह मान रहे हैं कि हिन्दू युवा वाहिनी के विवाद को भड़का कर योगी को कमजोर करने की कोशिश में भाजपा के कुछ लोग भी लगे हैं. उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह चर्चा का विषय है कि भाजपा में योगी का भविष्य 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम पर निर्भर करेगा. ऐसे में अगर योगी ताकतवर रहेंगे तो उनके खिलाफ मनमानी करना आसान नहीं होगा. ऐसे में अगर हिन्दू युवा वाहिनी कमजोर रहेगी, तो योगी आदित्यनाथ पार्टी के हर फैसले को मान लेंगे.

कर्नाटक चुनावों के बाद सरकार ने बढ़ाए पेट्रोल और डीजल के दाम

कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में पेट्रोल 17 पैसे और डीजल 21 पैसे तक महंगा हो गया है. आपको बता दें, पेट्रोल-डीजल के दाम पिछले 19 दिनों से होल्ड पर थे. 19 दिन बाद एक साथ इतने दाम बढ़ाए गए हैं. कर्नाटक चुनाव के चलते तेल कंपनियों ने रोजाना होने वाले बदलाव पर 24 अप्रैल से रोक लगा रखी थी. पहले से ही तय माना जा रहा था कि कर्नाटक चुनाव होते ही एक साथ पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाएंगे.

रिकौर्ड ऊंचाई पर पहुंचा डीजल

दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 17 पैसे का इजाफा किया गया है. यह 74.99 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है. वहीं, डीजल के दाम 21 पैसे बढ़ाए गए हैं, यह 66.14 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है. डीजल का यह रिकौर्ड स्तर है. जबकि पेट्रोल 55 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है. मुंबई में पेट्रोल 17 पैसे बढ़कर 82.65 प्रति लीटर पर पहुंच गया है. वहीं, डीजल 23 पैसे महंगा होकर 70.43 के पास पहुंच गया है.

नुकसान पूरा कर रही हैं कंपनियां

business

औयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) ने पेट्रोल-डीजल की रोजाना बदलने वाली कीमतों पर कर्नाटक चुनाव के चलते रोक लगा रखी था. हालांकि, कंपनियों को इससे नुकसान हो रहा था. इसलिए अब भरपाई के लिए कंपनियां रोजाना धीरे-धीरे करके दाम बढ़ाएंगी. अमेरिकी डौलर के मुकाबले रुपया 15 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिसकी वजह से कंपनियों की लागत बढ़ गई है. कच्चा तेल खरीदना कंपनियों के लिए महंगा हो गया है. ऐसे में कंपनियां को अपना नुकसान पूरा करने के लिए 5 रुपए तक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने होंगे.

क्रूड की कीमतों में उछाल जारी

वैश्विक बाजार में कच्चा तेल की कीमतों में लगातार इजाफा जारी रही है. 2014 नवंबर के बाद पहली बार वैश्विक बाजार में डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें 70 डौलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. वहीं, ब्रेंट क्रूड के दाम 76 डौलर प्रति बैरल से ऊपर निकल चुका है. ऐसे में कंपनियों के पास कीमतों में कटौती की गुंजाइश नहीं है.

और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल

सीनियर एनालिस्ट अरुण केजरीवाल के मुताबिक, यह पहले से तय था कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी. हालांकि, यह मामूली इजाफा किया गया है. अभी कीमतों में तेज इजाफा देखने को मिल सकता है. नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल पर 4 से 5 रुपए और डीजल पर 2 से 3 रुपए तक का इजाफा हो सकता है. हालांकि, यह इजाफा एक दिन में नहीं होगा.

गुजरात चुनाव के वक्त भी बढ़े थे दाम

वर्ष 2017 दिसंबर में गुजरात चुनाव के समय भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को 15 दिनों के लिए होल्ड पर रखा गया था. मतदान के दिन तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी थीं. लेकिन, चुनाव के बाद एक साथ पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए बढ़े थे. उस वक्त भी तेल कंपनियों ने अपने नुकसान की भरपाई के लिए ही ऐसा किया था. हालांकि, उस वक्त क्रूड के दाम निचले स्तर पर थे.

महंगाई भी बढ़ेगी

पेट्रोल और डीजल के महंगे होने से महंगाई का बढ़ना भी तय माना जा रहा है. अब क्रूड महंगा होने और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा होने पर महंगाई बढ़ने का खतरा है. जानकारों का भी यही मानना है कि महंगाई में कुछ हद तक बढ़ोतरी होगी.

ग्रोथ पर भी पड़ेगा असर

अरुण केजरीवाल के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल महंगा होने से देश की ग्रोथ पर बुरा असर पड़ेगा. सरकार का फिस्कल डेफिसिट और चालू खाता घाटा दोनों बढ़ सकते हैं. डौलर के मुकाबले रुपया और कमजोर हो सकता है. इसका असर इंपोर्ट और इंपोर्ट होने वाली चींजों पर साफ दिखाई देगा. दोनों ही महंगी हो जाएंगी.

अपना खुद का चक्रव्यूह : भाग 2

प्रवीण ने बताया कि बर्रा विश्व बैंक निवासी नेहा सिंह के कहने पर उस ने अपने दोस्त देवेंद्र नागर के साथ मिल कर नेहा सिंह के घर पर ही संदीप की हत्या की थी और शव को कार में रख कर पांडु नदी में फेंक दिया था.

प्रवीण कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने नेहा सिंह और देवेंद्र नागर को उन के बर्रा स्थित घर से हिरासत में ले लिया. नेहा सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने आला कत्ल हंसिया, लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन, सोने की चेन, 2 अंगूठियां तथा बैग भी बरामद कर लिया.

संदीप से लूटे गए पैसों में से प्रवीण कुमार ने 3 पैंटशर्ट खरीदी थी. पुलिस ने वह भी बरामद कर लीं. हत्या में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने बरामद कर लिया. पुलिस द्वारा अभियुक्तों से की गई पूछताछ में नाजायज रिश्तों की सनसनीखेज कहानी प्रकाश में आई.

हंसतेखेलते परिवार के दरवाजे पर मौत की दस्तक

उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से करीब 30 किलोमीटर दूर एक बड़ी आबादी वाला कस्बा घाटमपुर है. तहसील होने के कारण हर रोज यहां खूब चहलपहल रहती है. इसी कस्बे के जवाहरनगर मोहल्ले में महेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे. उन के परिवार में पत्नी मालती के अलावा 2 बेटे संदीप, कुलदीप और 2 बेटियां थीं.

society

महेंद्र सिंह प्रतिष्ठित और धनाढ्य व्यक्ति थे. राजनैतिक लोगों में भी उन की अच्छी पहुंच थी. दोनों बेटियों की वह अच्छे परिवारों में शादी कर चुके थे.

भाईबहनों में संदीप सब से छोटा था. वह पढ़ाईलिखाई में तेज था. इंटरमीडिएट पास करने के बाद उस ने इलैक्ट्रिकल से पौलिटेक्निक का डिप्लोमा किया था. इस के बाद उस ने सरकारी नौकरी की कोशिश की लेकिन असफल रहा.

जब नौकरी नहीं मिली तो संदीप ने अपने पिता से कानपुर में कोई दुकान खोलने की इच्छा जाहिर की. थोड़े प्रयास के बाद उन्हें नौबस्ता के चित्रा डिग्री कालेज के पास एक दुकान किराए पर मिल गई. चूंकि संदीप ने इलैक्ट्रिकल से डिप्लोमा किया था, अत: उस ने बिजली के सामान की दुकान खोल ली. कुछ ही समय में उस की दुकान ठीकठाक चलने लगी.

दुकान पर ही एक रोज उस की मुलाकात रेनू से हुई. उस रोज वह दुकान पर अपनी प्रैस ठीक कराने आई थी. 20 वर्षीय रेनू बेहद खूबसूरत थी. पहली ही नजर में वह संदीप के दिल में रचबस गई. वह संदीप की दुकान से कुछ ही दूर स्थित कच्ची बस्ती में रहती थी. उस के मातापिता की मौत हो चुकी थी. उस का एक भाई अजय था, वह उसी के साथ रहती थी. अजय टैंपो चलाता था.

संदीप ने रेनू का फोन नंबर ले लिया, जिस के बाद वह किसी न किसी बहाने उस से बात करता रहता था. लगातार बात होने से संदीप और रेनू के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. संदीप भी सजीला व हृष्टपुष्ट युवक था. रेनू भी उसे चाहने लगी थी. चाहत दोनों ओर से बढ़ी तो दोनों घूमनेफिरने भी जाने लगे. एक दिन बाजार बंदी के दिन संदीप रेनू को मोतीझील पार्क ले गया. वहीं पर बातचीत के दौरान संदीप ने रेनू से अपने प्यार का इजहार कर दिया.

रेनू संदीप के चेहरे पर एक गहरी नजर डाल कर बोली, ‘‘संदीप, प्यार तो मैं तुम से करती हूं, लेकिन मुझे डर लग रहा है.’’

‘‘कैसा डर?’’ संदीप ने पूछा.

‘‘यही कि तुम मुझे मंझधार में तो नहीं छोड़ दोगे?’’

‘‘कैसी बात करती हो रेनू, तुम तो मेरे दिल में बसी हो. मैं वादा करता हूं कि मैं तुम्हारे हर सुखदुख में साथ दूंगा और जीवन भर साथ निभाऊंगा.’’

रेनू और संदीप का प्यार परवान चढ़ ही रहा था कि उसी दौरान किसी तरह उन के घर वालों को इस की भनक लग गई. यह रिश्ता न तो रेनू के भाई अजय को मंजूर था और न ही संदीप के पिता महेंद्र सिंह को.

पर संदीप और रेनू एकदूसरे को दिलोजान से चाहते थे, इसलिए घर वालों के विरोध के चलते दोनों भाग गए. इस पर रेनू के भाई अजय ने इस की रिपोर्ट थाना नौबस्ता में दर्ज करा दी.

नौबस्ता पुलिस संदीप के पिता और भाई को पकड़ लाई. इस की भनक जब संदीप और रेनू को लगी तो दोनों थाने में हाजिर हो गए. उन के आने पर पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया. इस के बावजूद दोनों ने आर्यसमाज पद्धति से विवाह कर लिया. विवाह के बाद दोनों हंसीखुशी जीवन व्यतीत करने लगे.

प्यार की मिठास बदलने लगी कड़वाहट में

रेनू की शादी को अभी एक साल ही बीता था कि संदीप के जीवन में एक और लड़की नेहा सिंह आ गई. नेहा सिंह मूलरूप से हमीरपुर के बंडा गांव की रहने वाली थी. 3 भाईबहनों में वह सब से बड़ी थी. नेहा के पिता हाकिम सिंह खेतीकिसानी करते थे. वह साधारण परिवार से थे. उन की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी.

इसी बंडा गांव में संदीप का ननिहाल था. संदीप कभीकभी ननिहाल जाता था. उस के मामा और नेहा का घर अगलबगल था. दोनों परिवारों में घनिष्ठता भी थी. इसलिए नेहा का आनाजाना बना रहता था. एक बार जब संदीप ननिहाल गया तो सजीधजी नेहा से उस की आंखें चार हुईं. नेहा भी संदीप को देख कर प्रभावित हुई. फिर दोनों में बातचीत होने लगी. जल्द ही बातचीत प्यार में बदल गई. बाद में उन्होंने अपनी हसरतें भी पूरी कर लीं.

इधर संदीप और नेहा के प्यार की भनक हाकिम सिंह को लगी तो उन्होंने आननफानन में नेहा का विवाह कानपुर के तिलसड़ा गांव निवासी रणवीर सिंह के साथ कर दिया. लेकिन शादी के बाद भी संदीप ने नेहा का पीछा नहीं छोड़ा और वह उस की ससुराल भी जाने लगा. नेहा के पति रणवीर सिंह ने विरोध जताया तो नेहा ने उसे रिश्तेदार बता कर पति का विरोध दबा दिया.

उन्हीं दिनों संदीप सिंह की दिल्ली में रिलायंस कंपनी में इलैक्ट्रिशियन के पद पर नौकरी लग गई. वह पत्नी रेनू के साथ पुरानी दिल्ली (दाईवाड़ा) में किराए के मकान में रहने लगा. दूर व व्यस्त रहने के कारण संदीप का नेहा से मिलना बंद हो गया. दिल्ली में संदीप व रेनू हंसीखुशी से रहने लगे. अब तक रेनू 2 बच्चों की मां बन चुकी थी.

इधर नेहा ने भी शादी के एक साल बाद एक बेटे को जन्म दिया. बेटे के जन्म के बाद नेहा ने पति रणवीर सिंह पर दबाव डाला कि वह शहर जा कर कोई नौकरी करे ताकि पैसा आए. रणवीर सिंह ने पत्नी की बात मान कर कोशिश की तो एक दोस्त की मार्फत उसे गाजियाबाद की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिल गई. कुछ महीने बाद नेहा भी पति के साथ गाजियाबाद में रहने लगी.

बाद में संदीप को जब पता चला कि नेहा अपने पति के साथ गाजियाबाद में रह रही है, तो उस की बांछें खिल उठीं. एक रोज वह नेहा के कमरे पर जा पहुंचा. दोनों एकदूसरे को देख चहक उठे. पुरानी यादें ताजा हो गईं. मिलन की प्यास जागी तो दोनों खुद को रोक नहीं सके.

society

इस के बाद तो यह आए दिन का सिलसिला बन गया. रणवीर ड्यूटी पर जाता तो संदीप आ जाता. फिर दोनों मौजमस्ती करते. इसी दरम्यान एक रोज संदीप ने धोखे से नेहा का अश्लील वीडियो बना लिया और आपत्तिजनक स्थिति के फोटो भी मोबाइल में कैद कर लिया.

मोबाइल गुम होने पर इस नंबर पर कौल कर पता लगाएं कहां है आपका फोन

अगर आपका फोन गुम या चोरी हो जाए तो ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि बस एक नंबर डायल कर आप अपने फोन को आसानी से खोज सकते हैं. जी हां, ये मजाक नहीं सच है. दरअसल, एक सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर तैयार किया गया है. इसके जरिए आईएमईआई नंबर और मोबाइल से जुड़ी सभी जानकारी पता चल जाएगी. इसपर शिकायत करने के बाद फोन पर कोई भी नेटवर्क काम नहीं करेगा और पुलिस चोरी या गुम हुए फोन तक आसानी से पहुंच जाएगी. खबरों के मुताबिक दूरसंचार विभाग अगले 2-3 हफ्ते के अंदर इसे महाराष्ट्र सर्किल से शुरुआत कर सकता है. इतना ही नहीं ये दिसंबर तक पूरे देश में शुरू हो सकता है. सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर 14422 भी जारी किया है जिसपर चोरी या गुम मोबाइल की शिकायत की जा सकती है.

टेलीकौम मंत्रालय की पहल

टेलीकौम विभाग (DoT) ने की इसकी पहल शुरू की है. सरकार की तरफ से जारी इस हेल्पलाइन नंबर पर आप अपनी शिकायत फोन करके या फिर एसएमएस के जरिए भी कर सकते हैं. ऐसा करते ही आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी.

टेलीकौम विभाग ने तैयार किया मैकेनिज्म

दूरसंचार प्रौद्योगिकी केंद्र (सी-डौट) ने चोरी या गुम मोबाइल का पता लगाने के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया है. इसे सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) नाम दिया गया है. सीईआईआर में देश के हर नागरिक का मोबाइल मौडल, सिम नंबर और आईएमईआई नंबर है.

पुलिस को दिया जाएगा मैकेनिज्म

मोबाइल मौडल पर फोन बनाने वाली कंपनी की तरफ से जारी आईएमईआई (IMEI) नंबर मिलाने के लिए तैयार मैकेनिज्म सी-डौट ने ही बनाया है. इस मैकेनिज्म को चरणबद्ध तरीके से राज्यों की पुलिस को सौंपा जाएगा. मोबाइल के खोने पर शिकायत दर्ज होते ही पुलिस और सर्विस प्रोवाइडर कंपनी मोबाइल मौडल और आईएमईआई का मिलान करेंगी.

शिकायत के बाद कोई सिम काम नहीं करेगी

सी-डौट के मुताबिक, शिकायत मिलने पर मोबाइल में कोई भी सिम लगाए जाने पर नेटवर्क नहीं आएगा. लेकिन, उसकी ट्रैकिंग होती रहेगी.

VIDEO : मरीन नेल आर्ट

ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTube चैनल.

क्रिकेट का छोटा हो रहा प्रारूप चिंता का विषय : सौरव गांगुली

क्रिकेट के इतिहास में कई बदलाव आए हैं. 1877 से पहला टेस्ट मैच खेले जाने के 100 साल बाद के समय में इतने बदलाव नहीं आए जितने उसके बाद के 40 सालों में अब तक आ गए. लेकिन सबसे चिंतित बदलाव क्रिकेट छोटे हो रहे प्रारूप को लेकर है. पहले क्रिकेट का प्रारूप बड़ा होता था. अभी तक टेस्ट क्रिकेट  मैच में पहले पांच दिन का होता आया है. अब उसे चार दिन का किए जाने की बात शुरु हो चुकी है.

इसी बीच वनडे प्रारूप आया 50 ओवर के मैच फिर उसके बाद टी20 अब इंग्लैंड ने 100 गेंदों का मैच लाने की तैयारी शुरु कर दी है. क्रिकेट के छोटे होते जा रहे इस फौर्मेट पर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने चिंता जताई है. उन्हें डर है कि कहीं क्रिकेट इतना छोटा न हो जाए की अपना अस्तित्व ही खो दे.

सौरव ने अपना डर हाल ही में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की ओर से प्रस्तावित 100-बाल क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर की है. गांगुली ने शुक्रवार को कहा कि ईसीबी के इस 100-बाल क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर सावधान रहने की जरूरूत है. हालांकि गांगुली ने यह भी कहा कि यह देखना होगा कि यह किस तरह से अस्तित्व में आता है.

sports

गांगुली ने कहा, “यह वास्तव में 16.3 ओवर का खेल है. 50 ओवर से क्रिकेट 20 ओवर तक आया और अब लगभग साढ़े 16 ओवर तक. देखते हैं कि क्या होता है. मुझे लगता है कि उनके दिमाग में ओवरों की वजह 100 की संख्या है. हमें देखना होगा कि क्रिकेट और कितना छोटा होता है.”

यहां अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट प्रो स्टार लीग के मौके पर गांगुली ने कहा, “आपको इसे लेकर सावधान रहना होगा. ऐसा नहीं होना चाहिए की दर्शक आएं, पलक झपके और मैच खत्म. दर्शक खेल का लुत्फ लेना चाहते हैं जिसे एक निश्चित समय तक ले जाने का दबाव रहे और जिसमें उन्हें सही प्रतिभा और सही विजेता दिखे.”

यह होगा असर फौर्मट छोटा हो जाने से

गांगुली का मानना है कि खेल का प्रारुप जितना छोटा होता जाएगा, सर्वश्रेष्ठ और आम प्रतिभा के बीच अंतर कम होता जाएगा. उन्होंने कहा, “प्रारुप जितना छोटा होता जाएगा, अच्छे और आम खिलाड़ी के बीच का अंतर उतना कम होता जाएगा.” गांगुली ने कहा कि असल क्रिकेट तो टेस्ट मैच ही है क्योंकि आपको एक ही ऊर्जा से दिन के आखिरी सत्र तक गेंद फेंकनी होती है.

उन्होंने कहा, “इसलिए टेस्ट क्रिकेट अभी तक सबसे बड़ी चुनौती है. यहां आपको सुबह आकर गेंदबाजी करनी है फिर दिन में भी और फिर चायकाल के बाद भी और अंत तक आपको 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करनी होती है.” भारत के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले गांगुली ने कहा, “इसके लिए एकाग्रता की जरूरत होती है, तकनीक की जरूरत होती है. टी-20 बना रहेगा क्योंकि इसके वित्तीय कारण हैं और इसमें मजा भी आता है लेकिन असल मजा लंबे प्रारुप में है.”

युवा दर्शकों को आकर्षित करना है मकसद

अप्रैल में 100-बाल क्रिकेट का प्रस्ताव आया था जिसका मकसद युवा दर्शकों को आकर्षित करना है. हालांकि इंग्लैंड के ही कुछ खिलाड़ी इस प्रारुप के खिलाफ हैं. ईसीबी के निदेशक एंड्रयू स्ट्रास ने कहा था कि यह प्रस्ताव वह 2020 में लागू करेंगे जिसका मकसद बच्चों और माताओं को ग्रीष्मकाल की छुट्टियों में खेल से जोड़ना होगा.

VIDEO : मरीन नेल आर्ट

ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTube चैनल.

सोनम और नेहा के बाद हिमेश रेशमिया भी बंधे शादी के बंधन में

लगता है बॉलीवुड में शादियों का दौर चल रहा है. पहले सोनम कपूर की शादी का जश्न उसके बाद नेहा धूपिया की हैरान करने वाली गुपचुप शादी ने उनके फेंस को खुशियाँ मनाने का मौका दिया.

ताजा खबर हिमेश रेशमिया की शादी की है. लम्बे समय से सोनिया कपूर के साथ चले आ रहे अपने प्रेम संबंधों पर आखिर हिमेश ने शादी नाम की मुहर लगा ही दी. सूत्रों के अनुसार ये विवाह हिमेश के घर कल रात संपन्न हुआ. bollywood movies himesh reshammiya tied knot with long time girlfriend soniya kapoor

हिन्दू रीतिरिवाजों के साथ संपन्न हुई इस शादी ने बॉलीवुड को खुशियाँ मनाने का एक और मौका दिया है. गौरतलब है की हिमेश रेशमिया पहले से ही विवाहित हैं और उनके एक बेटा भी है. पहली बीवी से अलगाव होने के बाद उन्होंने सोनिया कपूर का हाथ थामा.

शादी में केवल ख़ास दोस्तों और परिवार के सदस्यों को ही आमंत्रित किया गया था. इस अवसर पर उनके माता पिता के साथ उनके बेटे स्वयम भी थे.

प्रीति जिंटा और सहवाग में हुई बहस पर पंजाब ने दी सफाई

क्या पिछले मैच में राजस्थान रौयल्स के हाथों 15 रन से मिली हार को लेकर पंजाब की को-औनर प्री​ति जिंटा और टीम के मेंटर वीरेंद्र सहवाग के बीच कहासुनी हुई थी? क्या सहवाग अपने काम में प्री​ति की कथित दखलंदाजी से इस कदर नाराज चल रहे हैं कि वह आने वाले दिनों में टीम छोड़ने का फैसला भी कर सकते हैं? इन सभी मामलों पर पंजाब टीम ने सफाई दी है. पंजाब ने कथित कहासुनी की खबरों का खंडन किया है.

इससे पहले, मीडिया के एक तबके में सामने आई खबरों में दावा किया गया है कि आठ मई को जयपुर में राजस्थान रौयल्स के 158 रन के स्कोर का पीछा करने में पंजाब के बल्लेबाजों की नाकामी के बाद प्रीति और सहवाग के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई. खबरों में यह दावा भी किया गया है कि सहवाग अपने काम में प्री​ति की कथित दखलंदाजी से इस कदर नाराज चल रहे हैं कि वह आने वाले दिनों में टीम छोड़ने का फैसला भी कर सकते हैं.

sports

पंजाब की ओर से जारी बयान में इन खबरों को “कपोल कल्पित” बताते हुए कहा गया, “हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रबंधन प्रक्रिया के तहत हम (और अन्य फ्रेंचाइजी) मैदान पर और इसके बाहर अपनी टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करते हैं. यह समीक्षा औपचारिक और अनौपचारिक, दोनों तरीकों से की जाती है. इससे हमें मैचों के नतीजों के विश्लेषण के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार में मदद मिलती है.”

बयान में कहा गया है, “पंजाब की संस्कृति ऐसी है जिसमें टीम के भीतर हर स्तर के लोग पूरी स्पष्टवादिता के साथ खुलकर बहस करते हैं. इसके पीछे हम सबका साझा मकसद यही है कि हमारे प्रदर्शन में लगातार सुधार हो.”

इस बीच, पंजाब की सह मालकिन प्रीति ने सहवाग के साथ उनकी कथित कहासुनी की खबरों को ट्विटर पर व्यक्तिगत तौर पर खारिज किया है. बौलीवुड अभिनेत्री ने “फेक न्यूज” के हैश टैग के साथ किये गये ट्वीट में कहा कि सहवाग के साथ उनकी बातचीत को बेवजह तूल दिया जा रहा है. पंजाब को अपना अगला मैच कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ कल 12 मई को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेलना है.

VIDEO : मरीन नेल आर्ट

ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTube चैनल.

हड़ताल पर जाने वाले हैं बैंक कर्मचारी, फौरन निपटा लें अपने काम

सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों के 10 लाख से ज्यादा कर्मी 30 मई से 48 घंटों की हड़ताल पर जा रहे हैं. औल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने यह जानकारी जाहिर की है. यूनाइटेड फोरम औफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की प्रस्तावित हड़ताल 30 मई को सुबह छह बजे शुरू होगी और एक जून को सुबह छह बजे तक चलेगी. बैंककर्मी वेतन संशोधन जल्द करने की मांग कर रहे हैं. उनका वेतन संशोधन एक नवंबर, 2017 को ही किया जाना था.

वेतन संशोधन पर हुई मीटिंग असफल रही

एआईबीईए के महासचिव सीएच वेकंटचलम ने बताया, ‘हड़ताल का नोटिस बैंक प्रबंधन की प्रतिनिधि संस्था, इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) और मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), नई दिल्ली को दे दिया गया है.’ यूबीएफयू बैंकिंग क्षेत्र की 9 यूनियनों की एक नेतृत्वकारी संस्था है, जो बैंककर्मियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करती है. यूएफबीयू और आईबीए के बीच वेतन संशोधन को लेकर मुंबई में 5 मई को हुई बैठक असफल रही थी.

BUSINESS

वेतन बिल पर 2 फीसदी की वृद्धि की पेशकश

वेंकटचलम ने कहा कि आईबीए ने 31 मार्च, 2017 को बैंकों के कुल वेतन बिल पर 2 फीसदी की वृद्धि की पेशकश की थी, जबकि पिछले 10वें उभयपक्षीय मजदूरी निपटारे में, जो एक नवंबर, 2012 से प्रभावी था, आईबीए कुल वेतन बिल में 15 फीसदी की वृद्धि करने पर सहमत हुआ था. वेंकटचलम ने कहा कि यूनियनों ने आईबीए के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने आईबीए से एक नवंबर, 2017 से पहले वेतन संशोधन समझौते को पूरा करने के लिए कहा था, लेकिन इसमें देरी हो रही है.

VIDEO : मरीन नेल आर्ट

ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTube चैनल.

मुझे 50 साल तक काम करते रहना है : पत्रलेखा

मेघालय के शिलोंग में जन्मी अभिनेत्री पत्रलेखा के पिता चाहते थे कि वह चार्टेड एकाउंटेंट बने,लेकिन पत्रलेखा को बचपन से अभिनय में दिलचस्पी थी. वह मुंबई आ गयी और अपने भाग्य की आजमाईश करने लगी. उसके कैरियर की शुरुआत हंसल मेहता की फिल्म ‘सिटी लाइट्स’ से हुई, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया. इस फिल्म में उनके अपोजिट अभिनेता राजकुमार राव थे, जिससे उनकी नजदीकियां बढ़ी और आज भी दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं.

पत्रलेखा आज जिस मुकाम पर हैं उसे वह अपनी मेहनत और लगन मानती हैं,क्योंकि इंडस्ट्री में आउटसाइडर को काम मिलना बहुत मुश्किल होता है. वह पिछले 4 सालों से काम कर रही हैं और 3 फिल्में की है. वह अपने काम से संतुष्ट है और खुश है कि उसे हमेशा अच्छी भूमिका ही मिली. फिल्म सफल हो या असफल पत्रलेखा उस पर अधिक ध्यान नहीं देती, क्योंकि वह हर नयी फिल्म नए अवतार में करना पसंद करती हैं. उनसे बात हुई, पेश है कुछ अंश.

किसी फिल्म को चुनते समय किस बात का खास ध्यान रखती हैं?

मैं हमेशा नयी तरह की फिल्म करना पसंद करती हूं. मैंने ड्रामा और कौमेडी दोनों तरह की फिल्में की हैं और अब नया करना चाहती हूं. मैं एक क्रिएटिव पर्सन हूं और हर तरह की भूमिका निभाना चाहती हूं. जो कहानी मेरे पास आती है, उसी में से मुझे चुनना पड़ता है और इसलिए जो कहानी मुझे प्रेरित करती है, उसे चुनती हूं.

आपकी पहली फिल्म सिटी लाइट्स काफी पसंद की गयी थी इसके बाद कोई वैसी फिल्म आपने नहीं की,क्या आप अपने कैरियर से संतुष्ट हैं?

असल में सिटी लाइट्स के बाद मेरे पास उस तरह की कोई फिल्म नहीं आई. मुझे बहुत काम करना है और आगे 50 साल तक काम करते रहना है. मुझे जो मिलता है, उसी में से अच्छा चुनती हूं, लेकिन मेरा विश्वास है कि मुझे उस स्तर की कहानी मिलेगी, जो फिर से मेरा टर्निंग पौइंट होगा. मैं तब तक इंतजार कर सकती हूं.

क्या आउटसाइडर्स को अच्छा काम मिलना मुश्किल होता है?

ये सही है कि मेरे स्थान से मैंने निकलने का साहस किया और पहले मैं मुंबई केवल पढ़ने आई थी, लेकिन मेरे मन में अभिनय की इच्छा थी. धीरे-धीरे मैं इसमें आगे बढ़ी, पहले तो काफी जगह पर मैंने औडिशन दिए. तब इन्टरनेट भी इतना एक्टिव नहीं था, केवल एक ही माध्यम विज्ञापन का था, जिसके जरिये आप किसी निर्माता निर्देशक की आंखों में आ सकती हैं और आपको अच्छा काम मिलेगा. आज काफी अच्छा माहौल है और काम मिलना आसान हो गया है. उस समय अगर मेरे माता-पिता ने आर्थिक सहायता न दी होती, तो यहां रह पाना बहुत मुश्किल था. उस दौरान मुझे कुछ विज्ञापनों में काम मिलता गया, इससे मेरी पौकेट मनी मिल जाया करती थी. मुझे इंडस्ट्री का कोई सपोर्ट नहीं था. मुझे भी कुछ पता नहीं था, पर अभी मैं जानती हूं. मेरे माता-पिता हमेशा बैकबोन की तरह मेरे साथ थे.

शिलोंग में बौलीवुड फिल्में कितनी प्रचलित हैं?

जब मैं छोटी थी तो बौलीवुड की फिल्में अधिक नहीं आया करती थी, पर अब वहां भी खूब चलती है ऐसे में लोगों का हिंदी फिल्मों की ओर रुझान बढ़ा है. वहां भी अब मल्टीप्लेक्सेज आ गए हैं.

आप राज कुमार राव के साथ रहती हैं, इससे कही आपके कैरियर असर तो नहीं हो रही है?

राज कुमार राव अच्छा काम कर रहे हैं, इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता. मैं किसके साथ रहूं या न रहूं ये मेरा निजी मामला है और किसी के साथ दोस्ती करना गलत बात नहीं है. अंजान शहर में ऐसे साथी का होना बहुत जरुरी होता है.

इंडस्ट्री में कोई आपका अच्छा दोस्त है?

मैं अधिक पार्टी में नहीं जाती. राजकुमार राव को छोड़कर मेरा कोई अच्छा दोस्त नहीं है. मैं किसी से अधिक राय नहीं लेती, खुद ही अपनी राय बनाती हूं.

अपने आपको ग्रो करने के लिए क्या करती हैं?

मैंने वेब सीरीज और वर्कशौप की है, एक्टिंग क्लासेज ली है. डांस का भी प्रशिक्षण लिया है. मैंने अपने आपको ग्रो करने की कोशिश की है.

क्या कोई ड्रीम प्रोजेक्ट है?

मैं मधुबाला की बायोपिक में काम करना चाहती हूं.

काम न होने पर कैसे समय बिताती हैं?

मैं फिल्में देखती हूं, किताबें पढ़ती हूं और ट्रेवलिंग करती हूं.

कितनी फूडी है?

मैं अधिक फूडी नहीं, पर मां के हाथ का बनाया हुआ सब कुछ, खासकर मछलियां खाना अधिक पसंद करती हूं. मुझे कुकिंग पसंद नहीं.

कुछ सामाजिक काम करने की इच्छा रखती हैं?

मैं स्ट्रीट एनिमल्स को हेल्प करने की इच्छा रखती हूं. मेरे सोसाइटी में बहुत सारी बिल्लियां हैं जिन्हें शेल्टर की जरुरत है. ये काम मैं करना चाहूंगी.

VIDEO : मरीन नेल आर्ट

ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTube चैनल.

कैसे करें डाउनलोड ओरिजिनल विंडोज 10 बिलकुल मुफ्त

कौन नहीं चाहता की उसके कंप्यूटर में लेटेस्ट विंडोज हो. पर हर कोई इसकी कीमत नहीं चुका पता. आइये हम बताते हैं आपको मुफ्त में विंडोज 10 डाउनलोड करने का तरीका।

विंडोज 10 माइक्रोसॉफ्ट की लेटेस्ट विंडो है. ये 29 जुलाई 2015 को रिलीज़ हुई थी. कुछ आसान से तरीके अपना कर आप इसे माइक्रोसॉफ्ट की वेबसाइट से डायरेक्ट डाउनलोड कर सकते हैं वो भी बिलकुल मुफ्त.

इसके लिए आपको चहिये होगी एक 16 जीबी की पेनड्राइव या डीवीडी जिसमें आप विंडो को डाउनलोड करके बाद में अपने सिस्टम पर इनस्टॉल कर सकें.

  •  कैसे डाउनलोड करें

इसे डाउनलोड करने के लिए आपको नीच दिए लिंक में क्लिक करके पहले माइक्रोसॉफ्ट की वेबसाइट पर जाना होगा.

1. यहाँ क्लिक करें विंडोज 10 डाउनलोड करने के लिए

2. उसके बाद Download Tool Now बटन पर क्लिक करें

3. डाउनलोड होने के बाद, MediaCreationTool.exe  पर क्लिक करके रन कराएं

  •  विंडो 10 की iso फाइल डाउनलोड करना

iso फाइल एक zip फाइल होती है जिसमें प्रोडक्ट से जुडे सारे फोल्डर होते हैं. आप इसे थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर से खोल सकते हैं या सीधा डीवीडी पर कॉपी कर सकते हैं.

१. विंडोज 10 सेटअप प्रोग्राम की ओपनिंग स्क्रीन से, लाइसेंस शर्तों को पढ़ें और फिर स्वीकृति बटन के साथ उन्हें स्वीकार करें.

2.  आपके सामने दो ऑप्शन आएंगे

  • इसी सिस्टम को अपडेट करें
  • किसी अन्य पीसी के लिए इंस्टॉलेशन मीडिया (यूएसबी फ्लैश ड्राइव, डीवीडी, या आईएसओ फ़ाइल)

किसी एक को चुनें और next क्लिक करें.

3. अगली स्क्रीन पर, भाषा, संस्करण और आर्किटेक्चर चुनें, जिसके लिए आप आईएसओ चाहते हैं।
यदि आप उसी कंप्यूटर पर Windows 10 का उपयोग करने जा रहे हैं जो Windows 10 सेटअप चला कर आप उस विशिष्ट कंप्यूटर से संबंधित डिफ़ॉल्ट विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं।

अन्यथा, दुसरे पीसी के लिए विकल्पों का उपयोग अनचेक करें, और उसके बाद उन विकल्पों को स्वयं संपादित करें.

4. यहाँ यह महत्वपूर्ण है की आप 32-बिट या 64-बिट कौन सी विंडोज चाहते हैं  अपने सिस्टम के अनुकूल विंडोज 10 इंस्टॉल करें उसके बाद next करें.

5. अगर किसी और सिस्टम पर इनस्टॉल करना है तो आईएसओ फ़ाइल चुनें, इसके बाद next करके डाउनलोड करें.

6. पूरा होने के बाद देखें कि विंडोज 10 आईएसओ कहाँ डाउनलोड है और फिर डाउनलोड को तुरंत शुरू करने के लिए सहेजें टैप करें या क्लिक करें.

एक बार डाउनलोड हो जाने पर, आपके पास आईएसओ प्रारूप में विंडोज 10 का कानूनी और पूर्ण संस्करण होगा। फिर आप उस आईएसओ को बाद में प्रयोग करने के लिए डिस्क पर कॉपी कर सकते हैं या  इसे सीधे अपने उसी सिस्टम पर इनस्टॉल कर सकते हैं.

आप उस आईएसओ को यूएसबी डिवाइस पर भी कॉपी कर सकते हैं, या थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर से उसको खोल कर सारे फ़ोल्डर्स देख सकते हैं.

 

VIDEO : मरीन नेल आर्ट

ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTube चैनल.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें