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हिना खान का डांस विडियो देख भड़के सोशल मीडिया यूजर्स

छोटे पर्दे की अभिनेत्री और बिग बौस 11 की कंटेस्टेंट हिना खान अक्सर ही किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहती हैं. इस बार वह अपने एक विडियो की वजह से खबरों में हैं. दरअसल हिना ने अपना एक डांस विडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जो कुछ सोशल मीडिया यूजर्स को रास नहीं आ रहा.

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इस विडियो में हिना ब्लैक कलर की ड्रेस में कमर लचकाती दिख रही हैं और इसी वजह से वह ट्रोल हो गई हैं. हिना के इस विडियो में किसी को उनका डांस पसंद नहीं आ रहा तो किसी को उनके कपड़े.

एक यूजर ने तो यहां तक लिखा, ‘एकता कपूर ने आपको नागिन 3 में कास्ट क्यों नहीं किया? इस गेटअप में आप उस रोल के लिए परफेक्ट दिख रही हैं.’ एक ने कहा है, ‘किराए के कपड़ों में खिसियाई बिल्ली.’

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एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, ‘हिना, रमजान चल रहा है, कुछ तो शर्म करो.’ एक ने कहा, ‘रमजान के महीने में तो कम से कम ऐसे ड्रेस मत पहनो.’ कइयों ने इसी तरह के कमेंट कर रमजान और उनके मुस्लिम होने को लेकर नसीहत दे डाली.

जर्मनी में बढ़ते तेल के दामों पर जनता ने कुछ ऐसे लगाया था लगाम

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें रिकौर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 78 रुपए 27 पैसे प्रति लीटर पहुंच चुकी हैं. वहीं, डीजल 69 रुपए 17 पैसे प्रति लीटर पर हैं. वहीं, सबसे ज्यादा पेट्रोल-डीजल मुंबई में महंगा है. जहां कीमतें 86 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं. सिर्फ मुंबई नहीं देशभर में यही हाल है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन, एक दौर था जब जर्मनी में भी पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे थे. जिसके बाद जर्मनी की जनता ने कुछ ऐसा किया कि सरकार को उनके आगे झुकना पड़ा.

जर्मनी में क्या हुआ था

जिस तरह भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, ठीक वैसे ही साल 2000 में जर्मनी का हाल था. यहां भी कीमतें रिकौर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं. बढ़ते दाम से जनता काफी परेशान हो चुकी थी. इसके बाद जर्मनी की जनता ने ऐसा तरीका निकाला, जिससे सरकार को दाम कम करने के लिए झुकना पड़ा और रातों-रात दाम को कम करना पड़ा. एक रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी के लोगों ने पेट्रोल-डीजल के दाम कम कराने के लिए अपनी गाड़ियां सड़कों पर छोड़ दी. राजधानी बर्लिन में करीब 4 हजार गाड़ियां सड़कों पर खड़ी थीं. शहर हो या गांव हर जगह से लोग प्रदर्शन में पहुंचे. इतना बड़ा प्रदर्शन देखकर सरकार हिल गई.

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सरकार को झुकना पड़ा

बर्लिन की सड़कों पर गाड़ियां जमा होने से पूरे शहर में जाम लग गया. शहर और हाईवे पर सिर्फ गाड़ियां ही गाड़ियां नजर आईं. लोगों के विरोध से चारों ओर अफरा-तफरी मच गई. कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया. कई कंपनियों को काम बंद करना पड़ा. यह हाल देखकर जर्मनी की सरकार को झुकना पड़ा और तेल के दाम रातों-रात कम करने पड़े थे.

क्या भारत में संभव है ऐसा?

भारत में पेट्रोल-डीजल पर सरकारी नियंत्रण नहीं हैं. लेकिन, राज्य और केंद्र पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगाकर अपना खजाना भरते हैं. पेट्रोल-डीजल से कमाई राज्यों की आय का बड़ा स्रोत है. अगर ये खत्म कर दिए जाएं तो पेट्रोल की कीमतें काफी हद तक नियंत्रित हो जाएंगी. लेकिन, राज्य इसके लिए तैयार नहीं हैं. क्योंकि, उनके राजस्व का बड़ा हिस्सा घट जाएगा और सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा.

क्या कर सकती है सरकार?

सीनियर एनालिस्ट अरुण केजरीवाल मानते हैं कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल से एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह हटा सकती है. हालांकि, इससे वित्तीय घाटे पर बुरा असर पड़ेगा. ग्रोथ को भी झटका लग सकता है. साथ ही एक्साइज ड्यूटी घटाने का फायदा बहुत लंबे समय तक नहीं मिलेगा. क्योंकि, कीमतों पर नियंत्रण तेल कंपनियों का है. ऐसे में तेल की कीमतें रोजाना रिवाइज होंगी और धीरे-धीरे फिर से बढ़ जाएंगी. ऐसे में सरकार को जीएसटी के तहत लाने पर विचार करना चाहिए. राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें कुछ मदद की जा सकती है.

राशिद खान से डरे सौरव गांगुली, कहा टर्निंग पिच बनाना होगा खतरनाक

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने जून में होने वाले भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बारे में अपनी राय दी है. सौरव का मानना है कि इस मैच में राशिद खान की भूमिका अहम होगी. सौरव ने हाल ही में खत्म हुए आईपीएल के सीजन 11 में हैदराबाद के टीम की ओर से खेलने वाले राशिद खान के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की.

सौरव ने कहा, “राशिद वकई अच्छे स्पिनर हैं. वास्तव में जब भारत अपने ही घर में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच खेलेगा, तब उसे यह तय करने में दिक्कत हो सकती है कि उनके खिलाफ कैसी पिच तैयार की जाए. परंपरागत रूप से भारतीय टर्निंग पिच तैयार करना पसंद करते हैं. लेकिन अफगानिस्तान टीम में राशिद खान और मुजीब उर रहमान खतरनाक साबित हो सकते हैं.”

उल्लेखनीय है कि साल 2018 के आईपीएल में हैदराबाद के राशिद खान सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले गेंदबाज रहे. सीजन में सबसे ज्यादा डौट गेंद डालने वाले राशिद खान ने 6.73 की ईकोनोमी और 21.80 के एवरेज से कुल 21 विकेट लिए और पर्पल कैप की दौड़ में पंजाब के एंड्रयू टाय के बाद दूसरे स्थान पर रहे. राशिद खान इस आईपीएल में एक खौफ बनते दिखाई दिए. इसका सबसे बड़ा उदाहरण क्वालिफायर 2 में कोलकाता के खिलाफ वह ओवर रहा जिसमें उन्होंने आंद्रे रसल को आउट किया था और रसल अपना आक्रामक खेल नहीं दिखा पाए थे. राशिद खान ने फाइनल में भी पारी का 15वां ओवर मेडन डाला था.

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हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन ने राशिद के बारे में कहा, “वह एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी है. यह हमने इस प्रारूप में देखा है लेकिन वह टेस्ट मैच भी खेलने जा रहा है यह देखना शानदार है. यह हर एक के लिए चुनौती होता है लेकिन यह काफी मजेदार चुनौती है क्योंकि वह स्पिनर्स के खेल में ही खेलेगा. विलियमसन को उम्मीद है कि आगे वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में राशिद  के खिलाफ बल्लेबाजी करने को काफी उत्सुक हैं. उन्होंने राशिद को लेग स्पिन का संपूर्ण पैकेज बताया. विलियमसन ने बताया कि राशिद के साथ नेट पर अभ्यास करना एक सुखद अनुभव रहा. उसका हमारी टीम में होना बेहतरीन रहा. उसका यह साल काफी शानदार रहा.”

शानदार रही विलियमसन की कप्तानी

हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन ने इस सीजन में हैदराबाद के लिए शानदार कप्तानी की. बौल टेम्परिंग विवाद की वजह से हैदराबाद की कप्तानी औस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर को छोड़नी पड़ी. इसके बाद जिम्मेदारी केन विलियमसन को सौंपी गई और उन्हें इस शानदार अंदाज में टीम को लीड किया कि लोग वार्नर को भूल ही गए. विलियमसन ने इस सीजन में सबसे ज्यादा 735 रन बनाए और औरेंज कैप भी हासिल की. इनमें से ज्यादातर पारियां कप्तानी पारियां थी. इसके साथ ही विलियमसन ने इस सीजन में सबसे ज्यादा 8 अर्धशतक भी शामिल रहे.

पूरे आईपीएल में हैदराबाद की टीम अपने विराधी टीमों पर हावी रही केवल चेन्नई की टीम को छोड़ कर. इस आईपीएल में दोनों ही टीमों के बीच चार मैच हुए, और चारों में ही हैदराबाद को हार का सामना करना पड़ा. हालाकि इनमें से तीन मैच तो काफी नजदीकी भी रहे. लेकिन फाइनल मैच में शेन वाटसन ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर मैच और टूर्नामेंट को चेन्नई के पक्ष में कर दिया.

नई क्रिकेट लीग भारत को कई सचिन और युवराज दे सकती है

आईपीएल के आने के बाद से क्रिकेटरों को एक ऐसा मंच मिला है जिससे न केवल भारतीय क्रिकेट को प्रतिभाओं की तलाश करने की जरूरत नहीं रहती, बल्कि युवा एवं प्रतिभाशाली क्रिकेटर भी सामने आकर केवल प्रदर्शन के आधार पर ही टीम इंडिया में जगह पा सकते हैं. ऐसी ही कुछ संभावनाएं पैदा करने की एक और सार्थक कोशिश हो रह ही है. अब स्कूल गेम्स फेडरेशन औफ इंडिया (एसजीएफआई) की ओर से पहली बार नेशनल स्कूल क्रिकेट लीग (एनएससीएल) आयोजित किया जा रहा है. यह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, सुरेश रैना, दिलीप वेंगसरकर और विनोद काम्बली जैसे कई स्टार दे सकता है.

स्कूली प्रतिभाओं के लिए खासतौर पर तैयार किए गए इस विश्वस्तरीय प्लेटफार्म की संरचना कुछ इस तरह से की गई है कि इसके माध्यम से आने वाले समय में कई स्टार भारतीय क्रिकेट की पटल पर निकलेंगे और दुनिया भर में छा जाएंगे. एसजीएफआई ने इसे सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी कर ली है और इस अहम मुहिम की शुरूआत जुलाई में चंडीगढ़ और जयपुर में होने वाले ट्रॉयल्स के साथ हो रही है.

एनएससीएल का आयोजन इस साल होना है और इसमें देश भर की 16 शहरी टीमों के बीच वर्चस्व की लड़ाई होगी. इनमें से 24 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जो एसजीएफआई द्वारा आयोजित कैम्प में हिस्सा लेंगे. इस कैम्प से 16 खिलाड़ियों का चयन होगा, संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले एशियाई स्कूल क्रिकेट चैम्पियनशिप में एसजीएफआई के बैनर तले भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.

यह कहने की बात नहीं कि स्कूलों से हमेशा ही क्रिकेट में बेहतरीन प्रतिभाएं सामने आई हैं. सचिन से लेकर काम्बली तक और युवराज, रैना, मोहम्मद कैफ से लेकर लालचंद राजपूत तक, सबने स्कूल क्रिकेट से निकलकर वैश्विक प्लेटफार्म पर देश का प्रतिनिधित्व किया और नाम कमाया. अब भारत के स्कूलों की प्रतिभाओं के सामने एनएससीएल नाम का एक ऐसा प्लेटफार्म है, जो उन्हें गुमनामी की दुनिया से निकलकर अपनी चमक बिखेरने का मौका देगा.

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वेंगसरकर होंगे मेंटौर

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर भी इन्हीं में से एक हैं. वेंगसरकर को एनएससीएल के लिए मेंटौर बनाया गया है. वह एनएससीएल के माध्यम से प्रतिभा की खोज में प्रमुख भूमिका अदा करेंगे. वेंगसरकर की प्रमुख रोल यह तय करना होगा कि कोई भी अच्छी प्रतिभा छूट न जाए. वह अंतिम रूप से चुने गए खिलाड़ियों के साथ 15 दिनों का कैम्प लगाएंगे और उन्हें स्टार बनने के गुण सिखाएंगे.

एनएससीएल एक ऐसा प्लेटफौर्म है, जो स्कूली छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका देगा. ऐसा नहीं है कि अंतिम रूप से 24 खिलाड़ियों का चयन नौकआउट, सेमीफाइनल या फिर फाइनल में पहुंचने वाली टीमों से ही होगा. अगर कोई खिलाड़ी ग्रुप स्तर पर चमकदार प्रदर्शन करता है और उसकी टीम हार भी जाती है तो भी चयनकर्ता उसका चयन कर सकते हैं.

वेंगसरकर उन दिनों को याद करते हुए कहते हैं जब राजपूत और अन्य दूसरे भारतीय खिलाड़ी स्कूली प्रतियोगिता के तहत लार्डस स्टेडियम में खेले. वेंगसरकर ने कहा, “मुझे अब भी याद है कि राजपूत व दूसरे कई खिलाड़ी स्कूली प्रतियोगिता में ऐतिहासिक लार्डस में खेले थे. एनएससीएल आज की तारीख में स्कूली छात्रों को इसी तरह का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने को लेकर कृतसंकल्प है. एनएससीएल भारतीय क्रिकेट को भविष्य का सचिन और युवराज दे सकता है. इसी परिकल्पना के साथ इसे गढ़ा गया है.”

भारत ने स्कूली क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अनके खिताब जीते हैं. साल 2005 में भारतीय स्कूली टीम ने आस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्रमंडल स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता जीती थी.

इसे पहले और इसके बाद भी स्कूली क्रिकेट का वर्चस्व जारी रहा. युवराज, रतिंदर सिंह सोढ़ी, कैफ, रैना कहीं न कहीं स्कूली क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और फिर सचिन और काम्बली की उस 664 (नाबाद) रनों की रिकार्ड साझेदारी को कौन भूल सकता है, जो उन्होंने 1988 में आजाद मैदान पर अपने स्कूल शारदाश्रम विद्यामंदिर के लिए सेंट जेवियर हाई स्कूल के खिलाफ बनाई थी.

सचिन कांबली भी स्कूल स्तर पर बने थे रातों रात स्टार

इस साझेदारी ने सचिन और काम्बली को रातों-रात स्टार बना दिया. इसी के दम पर सचिन ने अगले ही साल भारतीय टीम में प्रवेश किया और फिर कुछ समय बाद काम्बली ने भी भारतीय टीम में जगह बनाई. एनएससीएल आज के स्कूली छात्रों को कुछ इसी तरह का प्लेटफार्म मुहैया कराने को लेकर कृतसंकल्प है, जिसके माध्यम से वे शीर्ष स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के अपने सपने को पूरा कर सकते हैं.

एसजीएफआई ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है. देश भर से 16 टीमों के चयन के लिए जुलाई में 20 शहरों में तीन दिवसीय क्रिकेट ट्रायल आयोजित होगा. हर शहर से 16 खिलाड़ियों के अलावा एसजीएफआई पैनल चार स्टैंडबाई खिलाड़ियों का भी चयन करेगा. इसमें 12 से 18 साल के खिलाड़ी शिरकत कर सकते हैं.

कौन है मयंती लैंगर जिनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं सभी क्रिकेटर

आईपीएल 2018 का अंत हो चुका है. रविवार (27 मई) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में चेन्नई ने हैदराबाद को 8 विकेट से मात देकर खिताब पर अपना कब्जा जमाया. दो साल बाद लीग में वापसी करने वाली महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई की यह तीसरी खिताबी जीत है. इससे पहले वो 2010 और 2011 में खिताब अपने नाम कर चुकी है.

इसी के साथ वह सबसे ज्यादा आईपीएल खिताब जीतने के मामले में मुंबई के बराबर पहुंच गई है. दोनों टीमों के नाम सबसे ज्यादा तीन-तीन खिताब हैं. यह चेन्नई का सातवां आईपीएल फाइनल था और उसके कप्तान धोनी का आठवां. चेन्नई का नाम आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में गिना जाता है क्योंकि उसने नौ सीजन खेले हैं और सभी बार प्लेऔफ में जगह बनाई.

आईपीएल 2018 का फाइनल खत्म होने के बाद हर तरफ महेंद्र सिंह धोनी, शेन वौटसन, चेन्नई टीम का नाम सुनाई पड़ रहा है. इन सभी के बीच एक और शख्स के नाम की चर्चा हो रही हैं. यह हैं आईपीएल की होस्ट मयंती लैंगर. आईपीएल खत्म होने के बाद अब क्रिकेट के बड़े-बड़े दिग्गज मयंती लैंगर की तारीफों के पुल बांध रहे है.

डीन जोन्स, अनिल कुंबले और कुमार संगाकारा जैसे दिग्गज मयंती लैंगर की सोशल मीडिया पर तारीफ कर रहे हैं. मंयती लैंगर सोशल मीडिया पर अपने Witty (मजाकिया) अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं. उन्होंने कई बार सोशल मीडिया पर फैन्स को मजेदार जवाब देकर दिल जीता है.

मयंती आईपीएल 2018 में होस्ट की भूमिका नजर आई. उन्होंने बेहतरीन तरीके से आईपीएल को होस्ट किया. क्रिकेट दिग्गज मयंती लैंगर के प्रेजेंटेशन की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहे हैं.

बता दें कि मयंती लैंगर भारतीय क्रिकेटर स्टुअर्ट बिन्नी की पत्नी हैं. स्टुअर्ट बिन्नी आईपीएल 2018 में राजस्थान की तरफ से खेले थे. 2015 की वर्ल्ड कप भारतीय टीम का हिस्सा रहे स्टुअर्ट बिन्नी को बहुत ज्यादा मैच खेलने को नहीं मिले, लेकिन जितने मैच मिले उनमें भी वह बल्ले और गेंद से बुरी तरह असफल रहे हैं. राजस्थान ने आईपीएल ऑक्शन में 50 लाख रुपए खर्च कर स्टुअर्ट बिन्नी को खरीदा था.

इस आईपीएल सीजन में 7 मुकाबलों में सिर्फ 44 रन बनाए और उन्हें गेंदबाजी में कोई विकेट नहीं मिला. बिन्नी के खराब प्रदर्शन के बाद उनकी जमकर आलोचना की गई.

20 साल चली शादी के बाद अलग हुए अर्जुन रामपाल ओर मेहर

बौलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल और उनकी पत्नी मेहर ने अपने 20 साल के रिश्ते को खत्म करने का फैसला कर लिया है. पिछले केफी समय से अफवाह थी कि दोनों के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दोनों एक दूसरे से अलग रह रहे हैं. ऋतिक और एक्स वाइफ सुजैन के तलाक के बाद से ही दोनों के बीच अनबन की खबरें सामने आने लगी थीं. हालांकि अब अर्जुन और मेहर ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट में एक दूसरे से अलग होने की बात कही है.

एक हिन्दी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ”हमें लगता है कि एक-दूसरे से अलग होने का यही सही समय है. 20 साल के इस खूबसूरत सफर में हमनें प्यार और खूबसूरत यादों को साझा किया है. हमने अपनी इस जर्नी को अलग तरीके के जिया है. हालांकि अब हमें लगता है कि एक दूसरे से अलग हो जाना चाहिए और अपने-अपने रास्तों को चुन लेना चाहिए. हालांकि हम दोनों एक दूसरे के हमेशा दोस्त रहेंगे और एक-दूसरे के लिए हमेशा खड़े रहेंगे. हम दोनों ही एक प्राइवेट इंसान हैं इस तरह के बात को बताने में अजीब लग रहा है, लेकिन यही परिस्थिति जिसमें हम रहते हैं. जहां सच एक दूसरे से अलग हो जाता है.”

कपल ने आगे कहा, ”हम एक परिवार हैं, एक दूसरे के लिए हमारा प्यार हमेशा के लिए बरकरार है और हम हमेशा एक दूसरे के लिए रहेंगे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे बच्चों माहिका और मायरा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे.” अर्जुन रामपाल और मेहर की दो बेटियां माहिका (16 साल) और मायरा (13 साल) हैं. बता दें कि कुछ समय पहले अर्जुन रामपाल और सुजैन के अफेयर की खबरें भी सामने आई थीं. दरअसल अर्जुन और ऋतिक एक समय पर फैमिली फ्रेंड थे.

नीरव मोदी के खिलाफ अब विदेश में गिरफ्तारी की होगी मांग

प्रवर्तन निदेशालय (ED) पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के हजारों करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी की 7,000 करोड़ की संपत्तियों को तत्काल जब्त करने की कवायद में है. ईडी ने हाल में लाए गए भगोड़ा आर्थिक अपराध अध्यादेश के तहत नीरव की संपत्तियों को तत्काल जब्त करने की अनुमति पाने के लिए मुंबई में विशेष अदालत में जाएगा. प्रवर्तन निदेशालय मुंबई में पिछले सप्ताह प्रिवेन्शन औफ मनी लौन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) के तहत दायर आरोपपत्र के आधार पर नीरव मोदी को भगोड़े के रूप में वगीकृत करने को आधिकारिक घोषणा की अपील करेगा.

कुल 24 आरोपियों के नाम

ईडी ने 24 मई को पीएनबी के 2 अरब डौलर से अधिक के घोटाले में आरोपपत्र दायर किया था. आरोपपत्र में नीरव मोदी और उसके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने 6,400 करोड़ रुपए के बैंक कोष को कथित रूप से विदेशों में दिखावटी कंपनियों में इधर-उधर किया. PMLA की धारा 45 के तहत दायर आरोपपत्र में कुल 24 आरोपियों के नाम हैं. इसमें नीरव मोदी, उसके पिता, भाई नीशल मोदी, बहन पूर्वी मोदी, रिश्तेदार मयंक मेहता और डिजाइनर आभूषण कंपनियां सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड्स और डायमंड्स आर यू शामिल हैं.

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देश-विदेश की संपत्तियां होंगी जब्त

एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनुसार, ‘अदालत द्वारा 12,000 पृष्ठ के आरोपपत्र पर सोमवार को संज्ञान लिए जाने की उम्मीद है. एजेंसी के वकील उसी समय नीरव मोदी के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराध अध्यादेश के प्रावधानों को लागू करने की अपील करेंगे. उसके बाद मोदी की भारत और देश से बाहर की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी. मोदी के खिलाफ पहले ही एक अदालत गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है.

वैश्विक गिरफ्तार वारंट की अपील

ईडी ने कुछ समय पहले इंटरपोल से उसके खिलाफ वैश्विक गिरफ्तारी वारंट जारी करने की अपील की है. एजेंसी इसी तरह की कार्रवाई शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ भी शुरू करेगी. अधिकारी ने बताया कि पीएनबी घोटाले और मनी लौन्ड्रिंग मामले में मोदी की 7,000 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा सकती है.

कोई आपका फोन ट्रैक तो नहीं कर रहा, ऐसे लगाएं फ्री में पता

अगर आपका नंबर अक्सर बिजी आता है, कई बार कौल ही नहीं लगता या फिर आपके नंबर पर कोई कौल करता है और फोन पहुंच से बाहर बताता है तो हो सकता है कि कोई आपका मोबाइल नंबर ट्रैक कर रहा हो. आज हम आपको 4 USSD कोड बता रहे हैं जिनकी मदद से आप यह पता कर सकते हैं कि कहीं आपका फोन ट्रैक तो नहीं हो रहा है?

कोड *#62#

कई बार आपका नंबर no-service या no-answer बोलता है. ऐसे में कोड *#62# को आप अपने फोन में डायल कर पता लगा सकते हैं कि आपका फोन किसी दूसरे नंबर पर री-डायरेक्ट किया गया है या नहीं. कई बार आपका नंबर आपरेटर के नंबर पर री-डायरेक्ट हो जाता है.

कोड *#21#

अपने एंड्रायड फोन में कोड *#21# को डायल करके आप यह जान सकते हैं कि आपके मैसेज, कौल या कोई और डाटा को कहीं दूसरी जगह डायवर्ट तो नहीं किया जा रहा है. अगर आपका कौल कहीं डायवर्ट किया जा रहा होगा तो इस कोड की मदद से नंबर सहित पूरा डिटेल आपको मिल जाएगा.

कोड *#*#4636#*#

कोड *#*#4636#*# की मदद से आप अपने फोन के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. जैसे- फोन में कौन सी बैटरी है, वाई-फाई कनेक्शन टेस्ट, फोन का मौडल, रैम इत्यादि. बता दें कि इन कोड को डायल करने पर आपके पैसे नहीं कटेंगे.

कोड ##002#

कोड ##002# की मदद से आप किसी भी फोन के सभी फौरवर्डिंग को डी-एक्टिव कर सकते हैं.

तेल के दाम सस्ते करने के लिये सरकार को करना होगा यह काम

पेट्रोल-डीजल अपने रिकौर्ड स्तर पर हैं, आम जनता त्रस्त है. लेकिन, सरकार किसी भी तरीके से इसे सस्ता करने की कोशिश नहीं कर रही है. पेट्रोलियम मंत्री कई बार बयान दे चुके हैं कि जल्द ही इस पर राहत मिलेगी. लेकिन, अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम है. लेकिन, अगर सरकार चाहे तो पेट्रोल-डीजल 32 फीसदी तक सस्ता हो सकता है. लेकिन, इसका सिर्फ एक ही तरीका है कि मौजूदा सभी टैक्सों को खत्म करते हुए पेट्रोल-डीजल व अन्य पेट्रोलियम पदार्थों को गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी GST के दायरे में लाया जाए.

क्या है पेट्रोल का मौजूदा रेट

  • रिफाइनिंग के बाद डीलर को बेचे गए पेट्रोल की कीमत: 38.17 रुपए प्रति लीटर
  • एक्साइज ड्यूटी: 19.48 रुपए प्रति लीटर
  • वैट: 16.55 रुपए प्रति लीटर
  • डीलर कमीशन: 3.63 रुपए प्रति लीटर
  • कुल कीमत: 77.83 रुपए प्रति लीटर

GST लगने पर क्या होगा भाव

  • रिफाइनिंग के बाद डीलर को बेचे गए पेट्रोल की कीमत: 38.17 रुपए प्रति लीटर
  • 28% का अधिकतम GST लगने पर: 10.68 रुपए प्रति लीटर
  • डीलर कमीशन: 3.63 रुपए प्रति लीटर
  • कुल कीमत: 52.48 रुपए प्रति लीटर

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कितनी बढ़ गई एक्साइज ड्यूटी

एक्साइज ड्यूटी की वजह से भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है. हालांकि, सरकार इसे घटाने को तैयार नहीं हैं. क्योंकि, इससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा. लेकिन, पिछले चार साल की बात करें तो अप्रैल 2014 में पेट्रोल पर कुल एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपए प्रति लीटर थी. वहीं, मई 2018 में यह 19.48 रुपए प्रति लीटर है. देखा जाए तो 4 साल में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 105% की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, डीजल की बात करें तो इस पर अप्रैल 2014 में एक्साइज ड्यूटी 3.56 रुपए प्रति लीटर थी. मई 2018 में यह 330 फीसदी बढ़कर 15.33 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है. अगर इसे खत्म किया जाए तो पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत मिल सकती है.

एक्साइज ड्यूटी घटाने से नहीं बनेगी बात

पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती की मांग हो रही है. लेकिन, एक्साइज घटाने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिलेगी. क्योंकि, तेल कंपनियां रोजाना दाम तय करती हैं. 2 रुपए तक एक्साइज ड्यूटी में कटौती हो भी जाए तो एक हफ्ते में रिवाइज्ड कीमतों से यह फिर वहीं पहुंच जाएंगी. ऐसे में सिर्फ एक्साइज ड्यूटी घटाने से बात नहीं बनेगी.

कंपनियों पर लगे टैक्स

सरकार तेल उत्पादक कंपनियों पर विंडफौल टैक्स लगा सकती है. सरकार तेल उत्पादक कंपनी ओएनजीसी पर विंडफौल टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है. इससे पेट्रोल-डीजल के दाम में दो रुपए तक की कटौती संभव है. भारतीय तेल उत्पादक कंपनियों के लिए कच्चे तेल की कीमत 70 डौलर प्रति बैरल तक सीमित की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो भारतीय औयल फील्ड से तेल निकाल कर उसे अंतरराष्ट्रीय दरों पर बेचने वाली तेल उत्पादक कंपनियां अगर 70 डौलर प्रति बैरेल की दर से ज्यादा पर पेट्रोल बेचती हैं, तो उन्हें आमदनी का कुछ हिस्सा सरकार को देना होगा.

क्या है विंडफौल टैक्स

विंडफौल टैक्‍स एक तरह का विशेष तेल टैक्‍स है. इससे मिलने वाले रेवेन्‍यू का फायदा फ्यूल रिटेलर्स को दिया जाएगा, जिससे वह कीमतों में बढ़ोत्‍तरी को अब्‍जौर्ब कर सके. कंज्‍यूमर को तत्‍काल राहत देने के लिए सरकार विंडफौल टैक्‍स लगा सकती है. विंडफौल टैक्‍स दुनिया के कुछ विकसित देशों में प्रभावी है. यूके में 2011 में तेल की कीमतें 75 डौलर प्रति बैरल से ऊपर जाने पर टैक्‍स रेट बढ़ा दिया गया, जो नौर्थ सी औयल और गैस से मिलने वाले प्रौफिट पर लागू हुआ था. इसी तरह चीन ने 2006 में घरेलू तेल प्रोड्यूसर्स पर स्‍पेशन अपस्‍ट्रीम प्रौफिट टैक्‍स लगाया.

चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन हो जाता है गर्म? आजमाएं ये उपाय

आजकल स्मार्टफोन के बिना शायद ही किसी का दिन गुजरता. आज के समय में हर कोई अपना ज्यादातर काम स्मार्टफोन पर ही कर लेता है. लेकिन स्मार्टफोन के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि इनकी बैटरी लाइफ काफी कम रहती है और फिर इन्हें चार्ज करो तो ये गर्म होने लगते हैं. चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन अगर गर्म हो रहा है, तो इससे कई तरह के खतरे होने की आशंका भी बढ़ जाती है. इसलिए हम आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स लेकर आए हैं, जिनका इस्तेमाल करके स्मार्टफोन को चार्जिंग के दौरान गर्म होने से रोका जा सकता है.

– स्मार्टफोन को चार्जिंग के दौरान गर्म होने से बचाने के लिए बैटरी सेवर औन कर दें. इससे न सिर्फ बैटरी लाइफ बढ़ती है, बल्कि स्मार्टफोन भी जल्दी चार्ज होता है.

– स्मार्टफोन को हमेशा ओरिजनल चार्जर से ही चार्ज करें. अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि स्मार्टफोन नया होता है तो ओरिजनल चार्जर से ही चार्ज करते हैं, लेकिन थोड़ा समय हो जाने के बाद कई यूजर अपने स्मार्टफोन को किसी भी चार्जर से चार्ज करने लगते हैं. इसके अलावा चार्जर खराब होने पर भी कई यूजर डुप्लीकेट चार्जर से अपने फोन को चार्ज करते हैं, जिससे स्मार्टफोन चार्जिंग के दौरान गर्म होने लगते हैं.

– कई बार देखने को मिलता है कि जिन यूजर के स्मार्टफोन में बैक कवर लगा होता है, उनके फोन चार्जिंग के दौरान ज्यादा हीट होते हैं. इसलिए टेक एक्सपर्ट का मानना है कि स्मार्टफोन की चार्जिंग के दौरान उसका बैक कवर निकाल दिया जाए.

– स्मार्टफोन में यूजर अपना इंटरनेट हमेशा औन रखते हैं, जिससे कई ऐप्स और ब्राउजिंग कंटेंट बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और जब चार्जिंग के दौरान भी इंटरनेट औन रहता है, तो इससे फोन गर्म होने लगता है. इसलिए चार्जिंग के दौरान इंटरनेट को औफ कर दें और हो सके तो फोन को फ्लाइट मोड पर डाल दें.

– इन सबके अलावा कुछ यूजर्स अपने स्मार्टफोन को चार्ज करने के लिए यूएसबी पोर्ट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे न सिर्फ स्मार्टफोन की बैटरी खराब होती है, बल्कि फोन भी हीट होता है. इसलिए स्मार्टफोन को यूएसबी के जरिए चार्ज करने की बजाय ओरिजनल चार्जर से ही चार्ज करें.

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