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‘कलंक’ के सेट से लीक हुई माधुरी की यह खूबसूरत तस्वीरें

इन दिनों फिल्ममेकर कई मल्टीस्टारर फिल्म बना रहे हैं. इस तरह की फिल्म बनाने का सबसे बड़ा कारण ये है कि एक ही पिल्म में कई बड़े स्टार को एकसाथ काम करते देखा जाता है. इतना ही नहीं दर्शक इस तरह की फिल्म देखना पसंद भी करते हैं. इन दिनों करण जौहर की आने वाली मल्टीस्टारर फिल्म ‘कलंक’ काफी चर्चा में है. खबरों के मुताबिक इस फिल्म में वरुण धवन, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, आदित्य रौय कपूर माधुरी दीक्षित और संजय दत्त जैसे दिग्गज सितारे नजर आएंगे. इस स्टारकास्ट के कारण फैन्स में इस फिल्म को लेकर खासी उत्सुकता है.

इस प्रोजेक्ट की कहानी को फिल्ममेकर्स ने अभी उजागर नहीं किया है. इसी कारण फिल्म को लेकर फैन्स में जिज्ञासा बढ़ती ही जा रही है. हालांकि, फिल्म के सेट से माधुरी दीक्षित की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं.

इन तस्वीरों में माधुरी दीक्षित एथनिक ड्रेस और जूलरी में नजर आ रही हैं.

सर पर मांग टीका पहने हुए माधुरी एक क्रेन पर फिल्म के क्रू मेंबर्स के साथ नजर आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो माधुरी इस फिल्म में एक तवायफ का किरदार निभाती नजर आएंगी. आपको याद होगा कि इससे पहले फिल्म ‘देवदास’ में भी माधुरी एक तवायफ के किरदार में नजर आ चुकी हैं. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ‘कलंक’ में माधुरी का किरदार ‘देवदास’ की चंद्रमुखी से काफी अलग है.

अभिषेक वर्मन द्वारा निर्देशित यह फिल्म करण जौहर के लिए काफी अहम है क्योंकि इसका सपना उनके पिता यश जौहर ने देखा था. सूत्रों का यह भी कहना है कि करण चाहते हैं कि ‘कलंक’ उनके प्रोडक्शन की सबसे बड़ी फिल्म साबित हो. यह फिल्म अगले साल 19 अप्रैल को रिलीज होनी है.

फेक करेंसी से बचने के लिये एनपीएल ने बनाई जादुई इंक

फेक करेंसी का बाजार धड़ल्ले से बढ़ता जा रहा है, जाली नोट से आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. अब जल्द ही जाली नोटों पर लगाम लगाई जा सकेगी. जाली नोट बनाने वालों पर जल्द ही शिकंजा कसा जा सकेगा. एनपीएल फेक करेंसी के धंधे को चपत लगाने के लिए एक जादुई इंक लेकर आ रहा है. वित्त मंत्रालय और नीति आयोग को इस इंक का प्रपोजल दे दिया गया है. अगर इस इंक से नोट छापे गए तो जाली नोट बनाना असंभव हो जाएगा.

दुनियाभर में कोई नहीं बना सकता ऐसी इंक

जादुई इंक के बारे में एनपीएल दावा है कि ऐसी इंक दुनियाभर में कोई नहीं बना सकता. क्योंकि यह बाई कलर इंक है और बाई कलर को काउंटरफीट करना नामुमकिन होता है. साइंटिस्ट बिपिन गुप्ता बताते हैं कि फिलहाल किसी भी देश के नोटों में एक कलर की इंक का इस्तेमाल होता है इसलिए उसे काउंटरफीट करना आसान होता है, लेकिन अगर बाई कलर की इंक से नोट छपेंगे तो उसका कोई तोड़ नहीं होगा.

अभी इंपोर्ट होती है इंक

भारत में जो नोट छपते हैं उनमें एक ही तरह की इंक का इस्तेमाल होता है. इस इंक के साथ ही नोट के पेपर को भी को इंपोर्ट किया जाता है. नासिक, मुंबई के छापेखाने में मशीनें 150 साल पुरानी हैं. आरबीआई 365 यूवी फेक मनी डिटेक्टर से नोट चेक करती है. पुराने नोट रेड कलर के और नए नोट ग्रीन कलर के होते हैं. लेकिन अब अगर बाई कलर होगा तो दिखेगा एक ही कलर लेकिन जब आप 365 के एंगल से देखेंगे तो दूसरा रंग होगा. आम लोग एक छोटी सी एलईडी से इसकी पहचान कर सकते हैं कि ये असली नोट है या नकली.

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इंक में है यह खूबी

– असली और नकली नोट की पहचान के लिए छोटी यूवी टौर्च बनाई गई है.

– 50 रुपये की यूवी LED लाइट आप कहीं भी ले जा सकते हैं.

– केवल नोट नहीं, पासपोर्ट, चेक बुक की सिक्योरिटी के लिए भी ये इंक इस्तेमाल होगी.

– विश्व में इस इंक का कंपोजिशन कोई बना नहीं सकता.

– इंक कई तरह के कलर की बन सकती है. इसकी लाइफ 40 साल तक होगी.

– एक बार में कई क्विंटल तक इंक तैयार की जा सकती है.

एनपीएल की यह इंक अन्य इंक से इसलिए अलग है क्योंकि यह दो रंग की होगी. इन दो कलर के अंदर जो पिगमेंट होगा उसका कंपोजिशन बनाना असंभव है. वो मिलकर एक तीसरा ही कलर बन जाएगा. अगर नोट में इसका इस्तेमाल होता है तो ये एक कलर नहीं बल्कि दो कलर का दिखाई देगा. एक तरफ अगर लाल रंग है तो दूसरी तरफ नीला. जब आप इसे यूवी टौर्च से देखेंगे तो एक कलर दूसरी ओर थोड़ा पलटेंगे तो दूसरा रंग दिखाई देगा. ऐसे में जो लोग नकली नोट छापते हैं उनके लिए इसके कंपोजिशन को समझना संभव नहीं है.

नासिक की नोट कंपनी Spmcil (security printing and mining corporation of india limited) के साथ एनपीएल ने एक समझौते पर करार किया है. इसके तहत एनपीएल इंक, कलर शिपिंग के प्रोडक्ट्स बनाएगी और फिर एसपीएमसीआईएल इसकी गुणवत्ता जांच करके इसे आगे इस्तेमाल के लिए आरबीआई के पास भेज सकता है. आपको बता दें कि आरबीआई ने साल 2015 में – 5,94,446, 2016-6,32,926, 2017-7,62072 जाली नोट बरामद किए हैं. पिछले दो साल के मुकाबले साल 2017 में फेक करेंसी में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है.

नया लैपटौप लेते समय इन बातों का रखें खास खयाल

अगर आप नया लैपटौप लेने जा रहे हैं तो एक बार हमारी इस खबर पर जरूर अपनी नजर डाल लें. आज हम आपको वो सभी जरूरी बात बताने जा रहे हैं जिसका ध्यान रखने के बाद आपको अपने पसंदीदा लैपटौप को खरीदने में आसानी होगी.

सही आपरेटिंग सिस्टम का चुनाव करना: आजकल बाजार में प्री-इन्स्टौल्ड आपरेटिंग सिस्टम वाले कई ब्रांड्स के लैपटाप मौजूद हैं. ऐसे में अगर हम सही आपरेटिंग सिस्टम वाले लैपटौप नहीं खरीदते हैं तो हमें उसमें फिर से नया आपरेटिंग सिस्टम डलवाना पड़ता है. ऐसे में बाद में हमें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है. सबसे ज्यादा लोकप्रिय आपरेटिंग सिस्टम में माइक्रोसौफ्ट के विंडोज 7, विंडोज 8, विंडोज 10 के अलावा, एप्पल के आइओएस 10 एवं 11, गूगल क्रोम ओएस, उबन्तु हैं. आप जिस आपरेटिंग सिस्टम पर आसानी से काम कर सकते हैं उस लैपटौप को चुनना आपके लिए बेहतर होगा.

सही डिस्प्ले साइज का चुनाव करना: कई लोग छोटे स्क्रीन साइज वाले लैपटौप खरीदना पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोगों को बड़ी स्क्रीन वाले लैपटौप पसंद आते हैं. ऐसे में आप अपने सुविधा के मुताबिक अपने लैपटौप स्क्रीन का चुनाव कर सकते हैं.

सही की-बोर्ड का चुनाव: अगर आप लैपटौप पर ज्यादा काम करते हैं तो आप हमेशा सौलिड की-बोर्ड वाले लैपटौप लें, ऐसा इसलिए क्योंकि इससे आपके की-बोर्ड के जल्दी खराब होने की संभावना रहती है. वहीं अगर आप बिजनेस लैपटौप खरीदना चाहते हैं तो की-बोर्ड में जी और एच की के बीच में नब जरूर चेक कर लें. इस नब की मदद से आप अपनी उंगली आसानी से की-बोर्ड पर रख पाएंगे.

बैटरी की कर लें जांच: लैपटौप को पावर देने के लिए बैटरी की जरुरत होती है, इसलिए हमेशा बैटरी बैकअप के बारे में पता कर लेना जरूरी है. आमतौर पर लैपटौप में लिथियम आयन बैटरी लगी होती है. लिथियम-आयन बैटरी द्वारा संचालित होने वाले लैपटौप में इस्तेमाल होने वाले बैटरी की एमएएच जांच लें. जितनी ज्यादा एमएएच होगी उतना ही लंबा बैटरी भी बैकअप होगा.

सही प्रोसेसर और रैम का चुनाव: बाहरी स्पेसिफिकेशन के अलावा भी कई आंतरिक फीचर्स के बारे में भी लैपटौप खरीदने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. अगर आप अपने इस्तेमाल के अनुरूप सही प्रोसेसर और रैम का चुनाव नहीं कर पाते हैं तो बाद में आपको परेशानी का सामना उठाना पड़ सकता है.

इसलिए लैपटौप खरीदने से पहले इसके प्रोसेसर और रैम के अलावा आंतरिक स्पेसिफिकेशन के बारे में जरूर जानकारी हासिल कर लें. इंटेल आई3, इटेल आई5 या इंटेल आई7 में से किसी एक प्रोसेसर का चुनाव कर सकते हैं. लेटेस्ट आपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो 4जीबी रैम वाले लैपटौप का चुनाव करना बेहतर विकल्प हो सकता है.

देहरादून क्रिकेट स्टेडियम मेजबानी के लिये तैयार, जानें क्या है खासियत

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के विशेष समिति की अंतिम जांच के बाद उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार किए गए देहरादून इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया. आईसीसी समिति ने स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय पैमानों के अनुरूप पाया और अपनी जांच के बाद इस मैदान को खेल के तीनों प्रारुप में मैचों के आयोजन की मंजूरी दे दी. समिति ने इसमें खिलाड़ियों की सुविधाओं, मीडिया और प्रसारण आवश्यकताओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों को पाया.

उत्तराखंड की राजधानी में स्थित यह स्टेडियम रोलिंग पहाड़ियों और नदियों की पृष्ठभूमि के बिल्कुल सामने स्थित है. इस स्टेडियम में 25,000 दर्शकों के बैठने की सुविधा है.

इस स्टेडियम में मैदान के अलावा भी रेस्तरां, खुदरा, भोज हौल और सम्मेलन कक्ष समेत अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरा है. इस स्टेडियम से आपातकाल में दर्शकों को महज 8 मिनट के भीतर निकाला जा सकता है.

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कोलाज डिजाइन द्वारा तैयार किया गया देहरादून अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भारत का पहला लीड (ऊर्जा और पर्यावरण डिजाइन) गोल्ड मानक स्टेडियम है. कोलाज डिजाइन, भारत की अग्रणी खेल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. कोलाज डिजाइन ने पहले भी भारत में पहली बार हुए फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिए सभी छह स्टेडियमों (गोवा, गुवाहाटी, कोच्चि, कोलकाता, नवी मुंबई और नई दिल्ली) पर काम किया था.

इस सुविधा के निर्माण में किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए, कोलाज डिजाइन के सीईओ और संस्थापक रामकुमार सुब्रमण्यम ने कहा, “यह स्टेडियम बनाने और खेल सुविधाओं को तैयार करना एक कठिन काम है. इसमें काफी मेहनत लगी है. यह विशेष स्टेडियम उत्तराखंड सरकार के साथ हमारे गठबंधन के हिस्सेदारी से बनाया गया था. सरकार की ये चाहत थी कि ये स्टेडियम विश्व स्तरीय सुविधा के साथ-साथ कला का भी प्रदर्शन करे. सरकार की इस चाहत की वजह से ही हमनें ये स्टेडियम बनाया.”

स्टेडियम को अफगानिस्तान क्रिकेट टीम का घरेलू मैदान के तौर पर चुना गया है और तीन, पांच और सात जून 2018 को वह इसी मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगी.

भारतीय खिलाड़ियों के शिकार के लिये अफगानी स्पिनर्स की फौज तैयार

भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने जा रही अफगानिस्तान ने अपने पहले टेस्ट मैच के लिए 16 सदस्यी टीम का ऐलान कर दिया है. भारतीय बल्लेबाजों का मुकाबला करने लिए अफगानिस्तान ने स्पिनरों की ‘फौज’ तैयार की है. दुनिया के शीर्ष टी 20 गेंदबाज राशिद खान 14 जून से बेंगलुरू में भारत के खिलाफ शुरू होने वाले ऐतिहासिक एकमात्र टेस्ट मैच में अफगानिस्तान की 16 सदस्यी मजबूत टीम में स्पिन विभाग की अगुवाई करेंगे. टीम में चार स्पिन गेंदबाजों को जगह मिली है. यह टेस्ट मैच 14 से 18 जून के बीच बेंगलुरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा.

आईपीएल में सनसनी फैलाने वाले राशिद खान और युवा मुजीब उर रहमान के अलावा दो अन्य स्पिनर ‘चाइनामैन’ जहीर खान और आमिर हमजा होटक को असगर स्टैनिकजई की अगुवाई वाली टीम में शामिल किया गया है. राशिद और मुजीब ने छोटे प्रारुप में अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया को प्रभावित किया, लेकिन दोनों को अब टेस्ट क्रिकेट में अलग तरह की चुनौती का सामना करना होगा. दोनों में से अभी तक राशिद ने चार प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जबकि मुजीब का अभी लंबे प्रारुप में खेलना बाकी है.

राशिद-मुजीब पर रहेंगी निगाहें

मुजीब जादरान और राशिद खान इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेल कर आ रहे हैं. राशिद उपविजेता बनी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम का अहम हिस्सा थे तो वहीं मुजीब को किंग्स इलेवन पंजाब के साथ खेलने का मौका मिला था. दोनों ने ही अपनी गेंदबाजी से सभी को हैरान कर दिया था. सभी की निगाहें खासकर राशिद खान पर टिकी होंगी, जिन्हें भारतीय महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने ‘विश्व कप सर्वश्रेष्ठ टी-20 गेंदबाज’ करार किया था.

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चोट की वजह से IPL से बाहर हो गए थे जहीर

जहीर खान भी दो साल बाद वापसी कर रही राजस्थान रौयल्स के साथ थे, लेकिन उंगली में चोट के कारण वह आईपीएल से बाहर हो गए थे. वह इसी साल अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में खेलने वाली अफगानिस्तान टीम का हिस्सा थे.

टीम की कमान संभालेंगे असगर स्टानिकजाई

टीम की कमान असगर स्टानिकजाई को मिली है जो टेस्ट से पहले बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली तीन टी-20 मैचों की सीरीज में भी टीम की कमान संभालेंगे. अफगानिस्तान ने टी-20 के लिए युवा टीम का चयन किया है. टीम में अंडर-19 टीम के सदस्य दारविश रसूली को पहली बार चुना गया है. वहीं घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले नजीब ताराकई को 15 महीने बाद टीम में बुलाया गया है.

मोहम्मद नबी, मोहम्मद शहजाद संभालेंगे बल्लेबाजी की कमान

बल्लेबाजी की जिम्मेदारी मुख्य रूप से कप्तान स्टैनिकजई, सलामी बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद और ऑलराउंडर मोहम्मद नबी पर होगी. टीम के खिलाड़ियों का अनुभव मिलाकर 205 प्रथम श्रेणी मैच हैं. केवल चार खिलाड़ियों को 20 से ज्यादा प्रथम श्रेणी मैचों का अनुभव है. नबी आईपीएल के दो सत्र में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल चुके हैं. उन्होंने सबसे ज्यादा 32 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं.

राशिद खान करेंगे स्पिन विभाग की अगुवाई

अफगानिस्तान को हल्के में नहीं ले सकते’

भारत के कार्यवाहक कप्तान अंजिक्य रहाणे ने कहा, ‘‘राशिद खान सचमुच बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं. विशेषकर छोटे प्रारुप टी-20 में. उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए शानदार प्रदर्शन किया. वह बेहतरीन गेंदबाज है और हर किसी को इसे स्वीकार करना और इसका सम्मान करना चाहिए. अफगानिस्तान को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि क्रिकेट में और आम तौर पर जिंदगी में आप किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले सकते. ’’

खलेगी दौलत जादरान की कमी

अफगानिस्तान को अपने अनुभवी तेज गेंदबाज दौलत जादरान की कमी खलेगी, जो चोटिल होने के कारण बाहर हो गए हैं. जादरान के नाम 105 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 137 विकेट हैं. वह 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं. जादरान के चोटिल होने के बाद तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी यामिन अहमदजई वफादार और सैयद अहमद शिरजाद पर होगी.

टेस्ट से पहले ऋद्धिमान साहा भी हुए चोटिल

आईपीएल के 11वें संस्करण के दूसरे क्वालीफायर में चोटिल हुए भारतीय टेस्ट टीम के नियमित सदस्य ऋद्धिमान साहा को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट मैच से पहले फिट होने में समय लगेगा. साहा टीम में इकलौते विकेटकीपर हैं. अगर वह बाहर होते हैं तो दिनेश कार्तिक या पार्थिव पटेल को टीम में शामिल किया जा सकता है.

अफगानिस्तानी टीम इस प्रकार है  

टेस्ट टीम : असगर स्टानिकजाई (कप्तान), जावेद अहमदी, इशानुउल्लाह, मोहम्मद शहजाद (विकेटकीपर), मुजीब उर रहमान, नासीर जमाल, रहमत शाह, हाश्तमुल्लाह शाहीदी, अफसर जाजई, मोहमम्मद नबी, राशिद खान, आमिर हमजा, सयैद शिरजाद, यामिन एहमदजाई, वफादार, जहीर खान.

अब अनचाही फोन कौल और मैसेज पर लगेगी लगाम

अगर आप बार बार अवांछित फोन कौल और मैसेज से परेशान हैं तो अब बेहद जल्द ही इससे राहत मिलने वाली है. खबरों के मुताबिक ग्राहकों को परेशान करने वाली टेलीमार्केटिंग कंपनियों के लिए अब ऐसा करना कठिन होगा. क्योंकि यदि वे ऐसा करती पाई गईं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ट्राई ने इन कंपनियों को रास्ते पर लाने के लिए ब्लौकचेन तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है. साथ ही जनता से इन पर 11 जून तक राय मांगी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह तकनीक केवल अधिकृत कंपनियों को सेवा लेने के इच्छुक उपभोक्ताओं को ही सही वक्त और उचित संख्या में कौल या मैसेज करने की अनुमति देती है.

प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि कोई टेलीमार्केटिंग कंपनी एक माह में 100 से ज्यादा कौल या मैसेज करती है तो उस पर प्रति कौल 1000 रुपए का अर्थ दंड लगेगा. 100 से 1000 तक कौल या मैसेज करने पर कम से कम एक लाख रुपए होगा. इसके अतिरिक्त 5000 रुपए प्रति कौल या मैसेज जुर्माना देना होगा. एक हजार से ज्यादा कौल या मैसेज की दशा में 46 लाख रुपए जुर्माना होगा. इसके अतिरिक्त प्रति कौल 10 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा.

ट्राई के सचिव एस. के. गुप्ता ने बताया कि ग्राहकों का ब्योरा प्राप्त करने के लिए कई टेलीमार्केटिंग कंपनियां टेलीकौम कंपनियों के साथ पंजीकरण करवाती हैं. परंतु नई तकनीक लागू होने से केवल उस अधिकृत एजेंसियों को और वह भी उसी वक्त इस तरह के पंजीकरण का मौका मिलेगा, जब सेवा प्रदान की जानी होगी और वे केवल उन्हीं ग्राहकों को कौल या मैसेज भेज सकेंगी, जिन्होंने सेवा प्राप्त करने की स्वीकृति दी होगी. अनुमति नहीं होने पर अधिकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियां भी ग्राहक को बार-बार अवांछित कौल नहीं कर सकेंगी. हो सकता है कि किसी ग्राहक ने किसी कंपनी को सेवा प्रदान करने की स्वीकृति दी हो. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि वह कंपनी बार-बार फोन या मैसेज कर उसे तंग करे.

ट्राई के अध्यक्ष आरएस शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि “ब्लौकचेन दो चीजें सुनिश्चित करेगी. पहली, केवल अधिकृत कंपनियां ही ग्राहकों का ब्योरा प्राप्त कर सकेंगी. दूसरी, यह ब्योरा उन्हें तभी प्राप्त होगा जब उन्हें किसी ग्राहक को सेवा प्रदान करनी होगी. जो मोबाइल उपभोक्ता किसी कंपनी के उत्पाद अथवा सेवा के ग्राहक नहीं हैं अथवा जिन्हें इन उत्पादों अथवा सेवाओं की रुचि नहीं है, उन तक टेलीमार्केटिंग कंपनियों की पहुंच नहीं हो सकेगी.”

नए नियमों के तहत यदि कोई कंपनी ऐसा करती है तो ग्राहक ट्राई के विशेष ऐप के जरिए अपनी स्वीकृति को रद्द कर सकेगा. ग्राहक की स्वीकृति थर्ड पार्टी कंपनी की ओर से रिकौर्ड की जाएगी और इसे तभी मान्यता मिलेगी जब इसकी पुष्टि कर दी जाएगी.

अब गूगल सिखाएगा आपको फोन पर कोडिंग

नए लोगों को उनके स्मार्टफोन में कोडिंग सिखाने के लिए गूगल ने एक बड़ा कदम उठाया है. गूगल ने एक नया लर्न-टू-कोड ऐप लौन्च किया है, इसका नाम Grasshopper है. इस ऐप को गूगल के वर्कशौप फार एक्सपेरिमेंटल प्रोडक्ट्स-Area 120 में कोडर्स की एक टीम ने तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि हमने Grasshopper को कुछ इस तरह से बनाया है कि नए लोग भी मजा लेते हुए आसान तरीके से इसे सीख सकते हैं.

आसानी से सीख सकेंगे कोडिंग के गुण

Grasshopper से आप कहीं भी सफर करते हुए कोडिंग के गुण सीख सकते हैं. Grasshopper ऐप अब दुनिया भर में iOS और एंड्रायड दोनों पर उपलब्ध है. इस ऐप का मकसद लोगों को कोडिंग के बेसिक और कोर कौन्सेप्ट के बारे में बताना है ताकि लोग अपनी कोडिंग एजुकेशन को अगले स्तर पर ले जा सकें. Area 120 ने अभी तक वर्चुअल रियल्टी के लिए ऐडवर्टाइजिंग फौर्मेट Advr, पर्सनल स्टायलिस्ट Tailor, इमोजी मैसेंजर Supersonic, बुकिंग टूल Appointments जैसे इनोवेशंस रिलीज किए हैं. इसके अलावा, YouTube के को-वॉचिंग ऐप UpTime को भी रिलीज किया है.

कई तरह के कोर्स औफर करता है ये ऐप

यह ऐप कई तरह के कोर्स औफर करता है, जिसकी शुरुआत The Fundamentals से होती है, जहां यूजर Code का काम सीखता है. इसके अलावा, इस ऐप में दो और कोर्स हैं, जहां कोडर्स D3 लाइब्रेरी का इस्तेमाल करते हुए शेप तैयार करना सीखता है. एक दूसरे कोर्स में यूजर D3 का इस्तेमाल करते हुए ज्यादा जटिल काम कर सकता है.

कल से हड़ताल पर जाने वाले हैं बैंक कर्मचारी

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने 30 मई से दो दिन की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. हड़ताल का आह्वान भारतीय बैंक संघ (IBA) की वेतन में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी के विरोध में किया जा रहा है. देशभर में बैंक कर्मियों के दो दिन हड़ताल पर जाने का असर बैंकिंग कामकाज पर पड सकता है.

आज के बाद बैंक में अगला कामकाज 1 जून को होगा. हड़ताल से नगदी निकासी में परेशानी हो सकती है. लेकिन औनलाइन ट्रांजेक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि बैंकों की तरफ से कहा गया है कि एटीएम से कैश निकालने में कोई परेशानी नहीं होगी. हड़ताल पर जाने से पहले एटीएम में पर्याप्त कैश भर दिया जाएगा.

2012 में 15 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी

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आपको बता दें कि इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों के वेतन में 2 फीसदी बढ़ोतरी करने की पेशकश की है. इसका बैंक कर्मचारी संघों ने विरोध किया है. इस पर बैंक यूनियंस का कहना है कि इससे पहले वेतन वृद्धि साल 2012 में हुई थी, जिसमें कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. वेतन बढ़ाने को लेकर 5 मई 2018 को हुई बैठक में आईबीए ने दो प्रतिशत वृद्धि की पेशकश की थी. इस दौरान यह भी कहा गया कि अधिकारियों की मांग पर बातचीत केवल स्केल 3 तक के अधिकारियों तक सीमित होगी.

दो-तीन साल में काम का काफी बोझ बढ़ा

यूनाइटेड फोरम और बैंक यूनियंस के संयोजक देवीदास तुलजापुरकर का कहना है ‘यह एनपीए के एवज में किये गए प्रावधान के कारण है जिससे बैंकों को नुकसान हुआ और इसके लिए कोई बैंक कर्मचारी जिम्मेदार नहीं है.’ उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन साल में बैंक कर्मचारियों ने जन-धन, नोटबंदी, मुद्रा तथा अटल पेंशन योजना समेत सरकार की प्रमुख योजनाओं को लागू करने के लिये दिन-रात काम किए. तुलजापुरकर ने कहा, ‘इन सबसे उन पर काम का काफी बोझ बढ़ा.’

15 प्रतिशत का इजाफा किया गया था

बैंक कर्मचारियों के पिछली वेतन समीक्षा में 15 प्रतिशत का इजाफा किया गया था. यह वेतन समीक्षा 1 नवंबर 2012 से 31 अक्टूबर 2017 के लिये था. यूएफबीयू 9 श्रमिक संगठनों का निकाय है. इसमें औल इंडिया बैंक औफिसर्स कान्फेडरेशन (एआईबीओसी), औल इंडिया बैंक एम्प्लायज एसोसिएशन (एआईबीईए) तथा नेशनल आर्गेनाइजेश औफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) शामिल हैं.

मिनटों में लगाएं चोरी हुए फोन का पता

स्मार्टफोन में हमारें कई सारे जरूरी डेटा होते हैं. अगर फोन कहीं गुम हो जाता है तो डेटा चोरी होने का डर रहता है. ऐसे में अगर आपके साथ फोन को रखकर भूलने की समस्या है या आपका फोन चोरी हो गया तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अमेरिका के मोबाइल इंडस्ट्री ट्रेड ग्रुप सीटीआईए ने ‘स्टोलन फोन चेकर’ (चोरी या गुम हुए फोनसेट खोजने वाली डिवाइस) की शुरुआत की है.

इसमें जीएसएमए डिवाइस चेक नाम का टेक्निकल टूल लगा हुआ है, जो यूजर्स को अमेरिका में स्मार्टफोन के गुम होने या चोरी होने की स्थिति में मदद करेगा. यूजर्स इस डिवाइस को एक दिन में पांच बार इस्तेमाल कर सकते हैं.

यह सर्विस वायरलेस इंडस्ट्री के साथ मोबाइल के खोने या चोरी होने के वास्तविक समय का पता लगाती है.

‘स्टोलन फोन चेकर’, इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिफायर (आईएमइआई) डिवाइस को देखने का काम करता है. आईएमइआई एक अनोखा कोड है जो हर मोबाइल फोन में पाया जाता है. आईफोन डिवाइस में यह कोड पीछे की तरफ होता है, लेकिन दूसरी डिवाइसेज में यह मेन्यू सेटिंग में होता है.

फिल्मों में बोल्ड सीन करने के सवाल पर भड़की करीना बोलीं, सैफ भी तो करता है ऐसा…

इन दिनों करीना कपूर अपनी कमबैक फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ को लेकर काफी चर्चा हैं. मां बनने के बाद पहली बार करीना किसी फिल्म में नजर आने वाली हैं और वो भी इतने बोल्ड अंदाज में. हर तरफ उनके फिटनेस व ग्लैमरस लुक की चर्चा है. बता दें कि अपनी अपकमिंग फिल्म में करीना, कालिंदी के रोल में नजर आएंगी.

ये चार मौडर्न लड़कियों की कहानी है. फिल्म का ट्रेलर भी जबरदस्त है. ट्रेलर में ये चारों लड़कियां स्मोकिंग करती और गालियां देती नजर आ रही हैं. करीना जोर-शोर से फिल्म के प्रमोशन में लगी हुई हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब करीना से गाली देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जिस तरह से जवाब दिया वो काफी हैरान करने वाला था.

उन्होंने कहा, ‘मुझे समझ में नहीं आता कि इस बात पर इतना ज्यादा ध्यान क्यों दिया जा रहा है. फिल्म में जैसे शब्दों की जरूरत होती है वो बोला जाता है. फिल्म ओमकारा में सैफ ने भी तो गालियां दी थीं. इसके बावजूद फिल्म के लिए सैफ को कई अवार्ड मिले.’

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करीना का यह भी कहना था कि उन्होंने जितनी भी फिल्में की हैं, सभी में बैलेंस बना कर रखा है. फिल्म में करीना का ग्लैमर अवतार लोंगों को काफी पसंद आएगा. करीना ने 18 साल के करियर में इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं.

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