Download App

जानिए कब, कैसे और कितना करें फोन चार्ज

हर किसी को अपने फोन से बेहद ही लगाव होता है. पर जब उसकी बैटरी खत्म हो जाती है और उसे वापस से चार्ज करना होता है तो हम उसमें लापरवाही बरतते हैं. जिसके कारण कुछ समय बाद ही हमारा स्मार्टफोन खराब होने लगता है. ऐसें में स्मार्टफोन की बैटरी साइंस के मुताबिक कब और कैसे चार्ज करनी चाहिए आज हम आपको बताएंगे.

दरअसल लोगों में ऐसी धारणा बनी हुई है कि स्मार्टफोन की बैटरी को तभी चार्ज करना चाहिए जब वह बिलकुल खत्म होने वाली हो. बार बार चार्ज करने से फोन की बैटरी खराब हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. अगर आप भी चाहते हैं कि आपके स्मार्टफोन की बैटरी लंबे समय तक ज्यादा बैकअप दे, तो इसके लिए आपको कुछ चीजें बदलनी होंगी.

  • बैटरी यूनिवर्सिटी के मुताबिक फोन की बैटरी फुल चार्ज होने के बाद उसे चार्जिंग पर नहीं लगे रहने देना चाहिए. यह बैटरी की लौन्ग लाइफ के लिए खतरनाक होता है. एक बार फोन फुल चार्ज होने के बाद उसे पावर में लगे रहने देने से यह बैटरी को हाई स्ट्रेस में ले जाता है, जिससे बैटरी बैकअप पर सीधा असर पड़ता है.
  • बैटरी यूनिवर्सिटी के मुताबिक फोन की बैटरी को फुल चार्ज न करें. बैटरी को 90 फीसदी तक चार्ज करें. अगर बैटरी वीक होती है तो फोन की बैटरी को आप कभी भी कहीं भी चार्ज कर सकते हैं. आप अपने फोन की बैटरी को 10% वीक होने के बाद चार्ज करते हैं तो यह उसके लिए अच्छा होगा. इससे बैटरी बैकअप अच्छा रहेगा.
  • स्मार्टफोन को ठंडा रखने की कोशिश करें. स्मार्टफोन पर फालतू के कवर न लगाएं. अगर फोन गर्म होता है तो इसका सीधा असर बैटरी पर पड़ता है.
  • मोबाइल फोन यूएसबी पोर्ट की बजाय बिजली से ज्यादा जल्दी चार्ज होता. सबसे अच्छा ये होता है कि हमेशा कंपनी के चार्जर का ही इस्तेमाल करें, जो सुरक्षित तरीके से सबसे अच्छे परिणाम देता है.

‘विश्वरूपम-2’ के ट्रेलर में दिखा कमल हसन का चौंका देने वाला अंदाज

साउथ की फिल्मों के सुपरस्टार कमल हसन की फिल्म ‘विश्वरूपम-2’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है. ‘विश्वरूपम-2’ 2013 में आई फिल्म ‘विश्वरूपम’ की सीक्वल है. इसके ट्रेलर में कमल हसन दमदार भूमिका में नजर आ रहे हैं. कमल हसन की लिखी कहानी और उन्हीं के निर्देशन में बनी ये फिल्म हिंदी और तमिल में ओरिजनल शूट की गई है और तेलुगु में इसे डब किया गया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह 10 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

आप ट्रेलर में देख सकते हैं कि दूसरे भाग में भी कमल हसन आतंकियों से निबटने के लिए एक मिशन पर हैं और रौ एजेंट के किरदार में अलग अलग रूप बदल कर दुश्मनों का सफाया करते हैं. उनकी लड़ाई इस बार भी एक धर्म विशेष के नाम पर आतंक फैलाने वालों के खिलाफ है. कमल हसन ने इस लड़ाई के लिए ढेर सारे रूप बदले हैं, जिन्हें देख कर कोई भी चौक सकता है.

फिल्म के ट्रेलर को आज आन लाइन जारी किया गया है. हिंदी के ट्रेलर को जारी करते हुए आमिर खान ने बधाई दी है जूनियर एनटीआर ने तेलुगु का और कमल हसन की बेटी श्रुति हसन ने तमिल का ट्रेलर जारी किया. आप यहां हिंदी का ट्रेलर देख सकते हैं-

फिल्म में जबरदस्त एक्शन है और कमल हासल बेमिसाल अंदाज में दिख रहे हैं. इस फिल्म का ट्रेलर देख अगर यह कहा जाए कि कमल हसन ने ‘विश्वरूपम-2’ के जरिये दिखा दिया है कि वे कुछ हटकर बनाना जानते हैं. ट्रेलर देखकर साफ है कि ‘विश्वरूपम 2’ एक स्पाई थ्रिलर पौलिटिकल फिल्म है. फिल्म ‘विश्वरूपम-2’ में कमल हसन के अलावा राहुल बोस, वहीदा रहमान, पूजा कुमार और शेखर कपूर भी फिल्म में अलग-अलग किरदारों में नजर आएंगे.

इंडिका और इंडिगो के बाद अब टाटा की ये कार भी होगी बंद

पिछले कुछ सालों में औटो मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. छोटी कारों की बिक्री आई गिरावट की वजह से यह बदलाव आ रहा है. लोगों का फोकस अब कौम्पैक्ट सेगमेंट और यूटिलिटी व्हीकल्स पर है. यही वजह है कि मार्केट में भी इनकी डिमांड ज्यादा है. यही वजह है कि टाटा पिछले तीन महीने में अपनी तीसरी कार बंद करने का फैसला लिया है. बिक्री कम होने की वजह से टाटा ने इंडिका और इंडिगो नाम की दो कारें बंद करने का ऐलान किया था. अब खबर है कि कंपनी अपनी एक और कार को बंद करने जा रहा है. टाटा के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बनी कार को बंद करने के पीछे भी कम बिक्री ही कारण है.

अब टाटा नैनो होगी बंद

इंडिका और इंडिगो के बाद टाटा की सबसे छोटी कार नैनो भी बंद होने वाली है. हालांकि, कंपनी अभी नैनो कार बना रही है, लेकिन इसकी बिक्री बहुत कम है. साल 2018 की बात करें तो इस कार की सिर्फ 1851 यूनिट्स ही बिकी हैं. साल 1998 में लौन्च की गई इंडिका की इस साल 2,583 यूनिट्स बेची गईं. वहीं, 2002 में लौन्च की गई इंडिगो की 1,756 यूनिट्स बेची गईं. इसके बाद ही इन दोनों कारों को बंद कर दिया गया था.

रतन टाटा का मनपसंद प्रोजेक्ट

business

टाटा ग्रुप के चेयरमेन रतन टाटा ने साल 2009 में अपने मनपसंद प्रोजेक्ट के तहत नैनो को लौन्च किया था. लेकिन, पिछले कुछ समय से बाजार में नैनो का मार्केट बुरी तरह पिट गया है. कंपनी ने 2015 में इसके GenX वर्जन को लौन्च किया था. इसमें औटोमैटिक मैन्युअल ट्रांसमिशन की सुविधा दी गई थी, लेकिन कार की बिक्री पर इसका कोई खास फर्क देखने को नहीं मिला. सूत्रों की मानें तो अगले साल तक यह कार बंद कर दी जाएगी. कंपनी के साणंड, गुजरात वाले प्लांट में नए मौडल जैसे टियागो को तैयार किया जा रहा है. टियागो की बिक्री इस वक्त मार्केट में काफी अच्छी है.

सबसे ज्यादा 2012 में बिकी नैनो

नैनो की साल 2012 में सबसे ज्यादा 74,524 कारें बिकी थीं. लेकिन, उसके बाद सेल में भारी कमी देखी गई. वैसे साल 2016 में कुछ हद तक रिकवरी देखने को मिली और 21012 यूनिट्स बिकी लेकिन उसके बाद गिरावट का दौर एक बार फिर से चालू हो गया. साल 2017 में 7,591 बिकी और 2018 में सिर्फ 1,851 कारें बिकीं हैं.

इलेक्ट्रिक सेगमेंट पर जोर

टाटा का जोर अब इलेक्ट्रिक कार बनाने पर है. नैनो को बंद करने के पीछे भी उसका यही मकसद हो सकता है. जानकारों की मानें तो नैनो का इलेक्ट्रिक वर्जन भी लाया जा सकता है. हालांकि, इस कौस्ट में इलेक्ट्रिक वर्जन निकालना आसान नहीं होगा. कंपनी का प्लान है कि 2021 तक वह इलेक्ट्रिक सेगमेंट में पूरी तरह उतर जाए. इसको लेकर कुछ कन्सेप्ट मौडल तैयार किए गए हैं. कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार 2020 तक आने की उम्मीद है.

आकाशीय बिजली गिरने से युवा क्रिकेटर की हुई मौत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शहर के एक पार्क में बिजली गिरने से युवा क्रिकेटर की मौत पर शोक व्यक्त किया. सीएम ममता बनर्जी ने नेताजी इंडोर स्टेडियम में मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘बिजली गिरने से हमारे युवा क्रिकेटर की मौत हो गई. मैं बहुत दुखी हूं. प्रकृति बहुत खतरनाक है. प्राकृतिक आपदा को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है.’’ बता दें कि उभरते हुए 21 साल के हरफनमौला क्रिकेटर देवब्रत पाल की अभ्यास के दौरान कोलकाता के विवेकानंद पार्क में बिजली गिरने से मौत हो गई थी.

क्लब के सचिव अब्दुल मसूद ने बताया कि हुगली जिले के श्रीरामपुर के हरफनमौला खिलाड़ी देवब्रत पौल पिछले महीने दक्षिण कोलकाता स्थित विवेकानंद पार्क के कलकत्ता क्रिकेट अकादमी से जुड़ा था. आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मृत्यु हो गई.

उन्होंने कहा, ‘‘हम दोपहर में अभ्यास सत्र की शुरुआत करने वाले थे. देवव्रत वार्मअप के लिए मैदान पर उतरा ही था कि तभी आकाशीय बिजली गिरी और वह अचानक बेहोश हो गया. इसके बाद हम उनके पास पहुंचे और उन्हें होश में लाने की कोशिश की. लेकिन उनके होश में न आने के बाद उन्हें रामकृष्ण मिशन सेवा प्रतिष्ठान ले जाया गया, जहां चिकित्कों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया.’’

sports

बता दें कि देवव्रत एक बल्लेबाज के साथ-साथ एक बेहतरीन गेंदबाज भी थे. वह एक शानदार औलराउंडर खिलाड़ी थे. देवव्रत पूरी तरह से अपने क्रिकेट पर फोकस कर रहे थे और इसके लिए काफी मेहनत भी कर रहे थे. वह अपने प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाना चाहते थे. देवव्रत का सपना टीम इंडिया की जर्सी पहनकर अपने देश के लिए खेलना था.

देवव्रत क्रिकेट को लेकर काफी गंभीर थे. वह रोजाना मैदान पर प्रैक्टिस करने आते थे. देवव्रत की इस तरह अचनाक मृत्यु से कोच, साथी खिलाड़ी, दोस्त और अकादमी का सारा स्टाफ बेहद दुखी है.

देवव्रत की मौत की सूचना जब उनके परिवारवालों को दी गई तो वह बुरी तरह से टूट गए. परिवार वालों को सिर्फ देवव्रत का पार्थिव शरीर देखने को मिला. देवव्रत के पिता दीपक पौल को फोन के जरिए उसकी मृत्यु की खबर मिली. इस हादसे में देवव्रत के साथी खिलाड़ी भी बाल-बाल बचे, क्योंकि सभी वहीं मैदान पर आसपास मौजूद थे.

अब एयर इंडिया से सफर करना आपको पड़ेगा महंगा, कंपनी ने बढ़ाया चार्ज

ट्रेन के बाद अब सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया से सफर करना भी महंगा होगा. क्योंकि, कंपनी ने बैगेज चार्ज को बढ़ा दिया है. अगर आप भी एयर इंडिया में सफर करने जा रहे हैं तो अपने सामान का वजन जरूर जांच लें. सीमा से अधिक वजन होने पर आपको ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे. सरकारी विमानन कंपनी ने एक सर्कुलर जारी कर अतिरिक्त सामान पर अधिक चार्ज वसूलने का ऐलान किया है. कर्ज में डूबी कंपनी का यह चार्ज 11 जून से ही लागू कर दिया गया है.

कितना बढ़ाया गया चार्ज

एयर इंडिया ने सफर के दौरान सीमा से अधिक सामान का वजन होने पर चार्ज में 100 रुपए प्रति किलो की वृद्धि की है. अब यह चार्ज 500 रुपए कर दिया गया है. पहले यह चार्ज 400 रुपए प्रति किलो के हिसाब से वसूला जाता था. एयर इंडिया ने पिछले सप्ताह इसको लेकर सर्कुलर जारी किया था.

चार्ज पर GST भी लगेगा

business

सर्कुलर में कहा गया था कि डोमेस्टिक सेक्टर में अतिरिक्त सामान दर में 11 जून से बदलाव कर इसे 400 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 500 रुपए प्रति किलो करने का फैसला किया गया है. नई दरें एयर इंडिया की सभी फ्लाइट्स के लिए लागू है. इस चार्ज पर इकोनौमी क्लास के यात्रियों को 5 फीसदी और अन्य को 12 फीसदी जीएसटी भी देना होगा. हालांकि, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, सिक्किम से यात्रा की शुरुआत करने या वहां पहुंचने पर जीएसटी नहीं चुकाना होगा.

एयर इंडिया में ज्यादा छूट

सामान ले जाने की सीमा की बात करें तो एयर इंडिया दूसरी विमानन कंपनियों की तुलना में अधिक छूट देती है. एयर इंडिया में 25 किलोग्राम भार तक सामान ले जाने पर आपको अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता है, जबकि दूसरी कंपनियां 15 किलोग्राम से अधिक सामान ले जाने पर चार्ज करती हैं.

ट्रेन में अतिरिक्त भार पर पेनाल्टी

पिछले दिनों रेलवे ने भी सीमा से अधिक सामान ले जाने पर पेनाल्टी लगाने का प्रावधान लागू किया है. इस नियम के तहत यात्रियों को अधिक सामान ले जाने पर निर्धारित राशि से छह गुना अधिक राशि बतौर जुर्माना देनी होगी. नियमानुसार स्लीपर क्लास और सेकेंड क्लास में आप बिना अतिरिक्त भुगतान किए क्रमश: 40 किलो और 35 किलो सामान तक ले जा सकते हैं. इससे ज्यादा आपको सामान ले जाना है तो आप पार्सल कार्यालय में अतिरिक्त भुगतान कर 80 किलो और 70 किलो सामान तक ले जा सकते हैं. अतिरिक्त सामान मालगाड़ी में रखा जाता है.

हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर लगाया एक और आरोप

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच मामला सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा है. काफी दिनों की शांति के बाद अब एक बार फिर से शमी और उनकी पत्नी के बीच वाक युद्ध छिड़ गया है. हसीन जहां ने कुछ महीनों पहले मोहम्मद शमी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. हसीन जहां ने शमी ने पर मारपीट, रेप, हत्या की कोशिश, घरेलू हिंसा और मैच फिक्सिंग जैसे कई गंभीर आरोप लगाए. हसीन जहां ने शमी के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया है.

हसीन जहां ने मोहम्मद शमी के खिलाफ शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और विवाहेतर संबंध रखने की शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, हसीन जहां के लगाए सभी आरोपों से शमी अब तक इंकार करते रहे हैं. शुरुआत में तो मोहम्मद शमी इस मामले में सुलह करना चाह रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह इससे निपटने के लिए कानूनी रास्ता ही अपनाएंगे.

sports

बता दें कि हसीन जहां ने कई लड़कियों के साथ शमी की चैट्स के स्क्रीनशौट और फोन की रिकौर्डिंग भी शेयर कर चुकी हैं. हसीन जहां तब से ही लगातार मोहम्मद शमी पर आरोप लगा रही हैं. हालांकि, अभी तक वह अपने लगाए हुए किसी भी आरोप पर पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम ही रही हैं. अब एक बार फिर से हसीन जहां एक नए आरोप के साथ आई हैं.

हसीन जहां एक बार फिर से विस्फोटक बयान के साथ सामने आई हैं. इस बार हसीन जहां ने दावा किया है कि मोहम्मद शमी ईद के बाद किसी दूसरी महिला से शादी करने की तैयारी कर रहे हैं. जहां ने आरोप लगाया कि शमी ने उन्हें तलाक देने के लिए पैसे तक औफर किए हैं.

हसीन जहां ने टीम इंडिया के तेज गेंदबाज पर आरोप लगाते हुए कहा, मोहम्मद शमी अपने बड़े भाई की साली के साथ ईद के पांच दिन बाद शादी करना चाहते हैं. इसलिए उसने मुझे पैसा लेकर तलाक देने के लिए कहा है.

मोहम्मद शमी ने भी हसीन जहां के इन आरोपों का जवाब बेहद आराम के साथ दिया. एक खबर के मुताबिक दूसरी शादी पर मोहम्मद पर शमी ने कहा, मैं अपनी पहली शादी से ही काफी मुसीबत में हूं. ऐसे में आपको लगता है कि मैं दूसरी शादी करुंगा.

मोहम्मद शमी ने कहा, हसीन ने पिछले कुछ माह में मुझ पर बहुत आरोप लगाए हैं. यह अच्छी बात है अगर उनके आरोप के मुताबिक मैं दूसरी शादी करता हूं तो मैं हसीन को भी उसके लिए आमंत्रित करूंगा.

ऐसे लगता है कि यह पूरा विवाद मोहम्मद शमी के करियर को खत्म करने के लिए हो रहा है. बीसीसीआई ने एक प्वाइंट पर उनके साथ अनुबंध को निलंबित कर दिया था. हालांकि, बीसीसीआई ने दोबारा उनका अनुबंध बहाल कर दिया और वह आईपीएल 2018 में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम की तरफ से खेले. हालांकि, उन्होंने चार मैचों में कुल 3 विकेट ही लिए.

सुहाना की फोटो पर किया शाहरुख ने यह कमेंट, ट्विटर पर हुआ वायरल

शाहरुख खान की बेटी सुहाना अक्सर ही अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डालती रहती हैं. हाल ही में गौरी खान ने अपनी बेटी सुहाना की एक सेक्सी और ग्लैमरस फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की, जिसपर लोगों ने खूब कमेंट किए और मां-बेटी के लुक्स की तारीफ की और अब उसी फोटो पर शाहरुख खान की प्रतिक्रिया आई है.

bollywood

शाहरुख अपनी बेटी सुहाना और पत्नी गौरी की इस फोटो को देख इस कदर सम्मोहित हो गए कि खुद को भावनाओं में बहने से रोक नहीं पाए. उन्होंने ट्विटर पर सुहाना और गौरी की उसी फोटो को शेयर करते हुए एक खास मेसेज लिखा.

शाहरुख ने लिखा,’कुछ पढ़ रहा था कि तभी यह लाइन सामने आई कि लाइफ कभी मैन्युअल के साथ नहीं आती बल्कि मदर के साथ आती है (life doesn’t come with a manual, it comes with a mother) और फिर तभी इन दो खूबसूरत लेडीज की फोटो….सच ही है.’

शाहरुख सुहाना को लेकर काफी संवेदनशील हैं. सुहाना के लिए उनका यह नेचर तब देखने को मिला था, जब करण जौहर के चेट शो ‘कौफी विद करण’ में उन्होंने सुहाना को डेट करने के लिए रूल बताते वक्त यह कह दिया था कि सुहाना को किस करने वाले के वह होंठ उखाड़ देंगे.

प्यार किसी का, लुटा आशियाना किसी का : भाग 1

एक दिन गांव में काफी चहलपहल थी, क्योंकि वहां एक बड़े यज्ञ का आयोजन किया गया था. चूंकि धार्मिक अनुष्ठान था, इसलिए गांव वाले काफी उल्लास में थे और यज्ञस्थल पर जाने के लिए उत्साहित भी. यज्ञ में शामिल होने वालों में सभी समुदायों के लोग थे.

शशि भी यज्ञस्थल पर जाने के लिए तैयार थी. वह अपनी सहेली मीना के घर पहुंची और चहकती हुई बोली, ‘‘मीना, तुम भी चलो न मेरे साथ यज्ञ देखने.’’

‘‘हां शशि, मैं ने भी सुना है यज्ञ के बारे में. मेरा भी मन यज्ञ देखने का हो रहा है.’’ मीना ने कहा.

‘‘तो फिर जल्दी से तैयार हो जाओ और मेरे साथ चलो.’’ शशि बोली.

थोड़ी देर बाद मीना तैयार हो कर शशि के साथ पैदल ही यज्ञस्थल की ओर चल दी. दोनों बहुत खुश थीं और बातें करते हुए यज्ञस्थल की ओर चली जा रही थीं.

थोड़ी देर में दोनों यज्ञस्थल पर पहुंच गईं. वहां का भव्य नजारा देख कर दोनों का दिल खुशी से झूम उठा. पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया जा रहा था. यज्ञ के धुएं से वातावरण सुगंधित था. शशि और मीना ने हाथ जोड़ कर नमन किया और वहीं बिछी दरी पर बैठ गईं.

अचानक शशि की नजर दूसरी ओर बैठे एक युवक पर चली गई. वह कोहरावां गांव का मोहम्मद एहसान था. कोहरावां बदौव्वा गांव के पास ही है. कोहरावां के मोहम्मद नवाब खेती और दूध की डेयरी का काम करते थे. मोहम्मद एहसान उन का ही बेटा था. वह पिता के दूध के काम में मदद करता था. 24 वर्षीय एहसान का एक बड़ा भाई था सलमान और एक छोटा मेराज.

शशि की जिंदगी में आया प्रेमी

शशि ने उसे देखा तो देखती ही रह गई. वह यह भी भूल गई कि वह धार्मिक अनुष्ठान में आई है. तभी एहसान की नजर शशि पर चली गई तो वह उसे एकटक देखता पा कर खुद भी उसे देखने लगा. शशि उसे देख कर मुसकरा दी तो एहसान को लगा जैसे उस के दिल पर किसी ने बरछी चला दी हो. वह अपनी सुधबुध खो बैठा. काफी देर तक दोनों एकदूसरे को निहारते रहे. तभी मीना शशि को ले कर वहां से जाने लगी तो एहसान का दिल छटपटा उठा. वह शशि को अपनी आंखों से ओझल नहीं होने देना चाहता था.

शशि भी जाते हुए बारबार पीछे मुड़ कर उसे ही देख रही थी. मीना ने आश्चर्य से पूछा, ‘‘क्या बात है शशि, कोई मिल गया क्या जिसे तुम बारबार पीछे मुड़ कर देख रही हो? अरे मुझे भी कुछ बताओ या फिर खुद ही खुश होती रहोगी. बोलो भी…’’

society

दबाव देते हुए मीना ने पूछा तो शशि ऐसे सिटपिटा गई, मानो उस की चोरी पकड़ी गई हो. फिर भी उसे जवाब तो देना ही था. उस ने मीना को प्यार से झिड़कते हुए कहा, ‘‘ओह मीना, तुम भी शरारती हो गई हो. मैं भला यज्ञ की भव्यता के अलावा और किसे देख सकती हूं. तुम तो हमेशा मुझे शक की नजरों से देखती हो. अब चलो, किसी दुकान पर चाट खाई जाए.’’

‘‘हां, वह देखो सामने चाट की दुकान है. आओ, वहीं चलते हैं.’’ कहती हुई मीना शशि के साथ चाट की दुकान पर पहुंची और चाट खाने लगी.

शशि ने देखा कि एहसान भी यज्ञ छोड़ कर उस के पीछेपीछे बाहर चला आया था और उस से दूर खड़ा हो कर उसे एकटक देख रहा था. वह बारबार नजरें उस की तरफ घुमाती तो उसे अपनी ओर देखते हुए पाती. उस का दिल तेजी से धड़कने लगा, जैसे वह उस का काफी करीबी हो. पता नहीं क्यों वह शशि को अपना सा लग रहा था.

कुछ ऐसा ही एहसान को भी महसूस हो रहा था. उसे भी न जाने क्यों शशि अपने दिल के करीब लग रही थी. एहसान शशि के चेहरे को अपनी आंखों में बसा लेना चाहता था, ताकि वह दिल से ओझल न हो सके. शशि की नजर भी उस से नहीं हट रही थी. जब मीना ने देखा कि शशि एक खूबसूरत नौजवान को देख रही है तो उस ने शरारत करते हुए कहा, ‘‘अच्छा जी, तो ये बात है. लगता है, वह हमारी रानी को कुछ ज्यादा ही पसंद आ गया है.’’

‘‘धत, यह क्या बकवास कर रही है? मैं किसी को देखूंगी तो क्या वह मेरी पसंद का हो जाएगा? वह तो यूं ही उस पर मेरी नजर चली गई थी. अब चलो यहां से, नहीं तो तुम अपनी बकवास बंद नहीं करोगी.’’ शशि ने कहा.

‘‘हांहां, मैं कहां कह रही हूं कि तुम यहीं रुको, चलो यहां से.’’ कहती हुई मीना शशि का हाथ पकड़ कर चल दी तो एहसान मायूस हो गया. मानो कोई उस के दिल को चुरा कर ले जा रहा हो. वह शशि को तब तक देखता रहा, जब तक वह आंखों से ओझल नहीं हो गई.

घर पहुंच कर शशि एहसान के खयालों में खो गई. पता नहीं क्यों उस का दिल उस के लिए धड़क रहा था. रात में जबवह सोई तो उसे सपने में भी एहसान ही दिखाई दिया. वह उस से प्यार भरी बातें कर रहा था. शशि उस से मिल कर खुशी से चहक रही थी.

रात को सपने में कुछ ऐसा ही एहसान भी देख रहा था. अचानक उस की नींद टूट गई और वह हड़बड़ा कर उठ बैठा. मन की शांति के लिए उस ने गिलास ठंडा पानी पीया. फिर वह सोने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे नींद नहीं आई. उस ने फैसला किया कि वह कल भी यज्ञस्थल पर जाएगा. हो सकता है, उस खूबसूरत लड़की से एक बार फिर मुलाकात हो जाए.

अगले दिन निर्धारित समय पर शशि अकेली ही यज्ञस्थल की ओर चल दी. उस वक्त उस के दिमाग में कई सवाल उमड़घुमड़ रहे थे. वह सवालों की उधेड़बुन में यज्ञस्थल पर पहुंच गई. जब शशि वहां पहुंची तो उसे यह देख कर हैरानी हुई कि एहसान भी वहीं बैठा था. उसे लगा मानो वह उसी का इंतजार कर रहा हो.

प्यार के पंछियों की पहली उड़ान

एहसान की नजर शशि से टकराई तो दोनों के दिल खुशी से धड़क उठे. अनायास ही शशि मुसकरा दी तो एहसान के दिल के फूल खिल गए. जवाब में वह भी मुसकरा दिया. शशि वहां से निकली और एहसान को देखते हुए यज्ञस्थल से बाहर आ गई. मानो उस ने इशारा किया हो कि वह भी बाहर आए.

आगेआगे शशि और पीछेपीछे एहसान चलते हुए दोनों सुरक्षित जगह पर पहुंचे और एकदूसरे को देखने लगे. अनायास एहसान शशि के करीब आया और उस ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘मेरा नाम एहसान है और मैं पास के गांव कोहरावां का रहने वाला हूं.’’

थोड़ा शरमाते हुए शशि बोली, ‘‘मेरा नाम शशि है और मैं इसी गांव में रहती हूं. मुझे तुम्हारा चेहरा जानापहचाना सा लग रहा था. शायद मैं ने कभी तुम्हें देखा हो, लेकिन कल ही मेरा ध्यान तुम पर गया.’’

‘‘शशि…बड़ा ही प्यारा नाम है. तुम सचमुच अप्सराओं की तरह सुंदर हो. मुझे तुम्हारा नाम और तुम दोनों ही बहुत पसंद हो. क्या मैं तुम्हें पसंद हूं?’’ एहसान ने उत्सुकता में पूछा.

शशि ने ‘हां’ में सिर हिला दिया, साथ ही कहा भी, ‘‘एहसान, सिर्फ परिचय से कोई एकदूसरे का नहीं हो जाता, बल्कि उस के लिए एकदूसरे के बारे में सारी बात जानना भी जरूरी होता है. तभी दो दिल एकदूसरे के करीब हो सकते हैं.’’

जिला सीतापुर के मिश्रिख थाना कोतवाली के अंतर्गत आने वाले गांव बदौव्वा में लालजी रहते थे. वह खेती करते थे. परिवार में उन की पत्नी रमा और 2 बेटी और 2 बेटे थे. उन सब में शशि सब से छोटी भी थी और अविवाहित भी. बाकी सभी का विवाह हो चुका था. शशि की उम्र 16 साल थी. उस ने गांव के ही सरकारी स्कूल से 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी. खूबसूरत, चंचल और अल्हड़ स्वभाव की शशि के शरीर की बनावट और कमनीयता किसी की भी नजरों में चढ़ जाती थी. गांव में सुंदर युवती हो और उस के आगेपीछे मंडराने वाले मनचले न हों, यह नहीं हो सकता.

शशि के आगेपीछे घूमने वाले मनचलों की कमी नहीं थी. शशि को उन की घूरती नजरों से कोई दिक्कत नहीं थी, बल्कि उसे यह सब अच्छा लगता था. धीरेधीरे कई युवक उस के संपर्क में आए, लेकिन कोई भी शशि को प्रभावित नहीं कर पाया.

घरेलू कुत्तों ने चोरी करवाई, गली के कुत्तों ने चोर को पकड़वाया

नवंबर 2008 में दिबाकर बनर्जी निर्देशित एक फिल्म आई थी ‘ओए लकी ओए’. यह फिल्म सुपरचोर बंटी की सच्ची कहानी पर आधारित थी, जिस में मुख्य भूमिका निभाई थी अभय देओल ने. यानी सुपरचोर बंटी की भूमिका में अभय देओल थे. जैसा कि बंटी करता था, वैसे ही फिल्म में दिखाया गया था कि फिल्म का नायक जिस कोठी या फ्लैट में चोरी करने जाता है, वहां के कुत्ते को इस तरह अपने वश में कर लेता है कि उसे देख भौंके नहीं. उस के बाद वह वहां आराम से चोरी करता था.

बीते महीने दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे ही चोर को पकड़ा है, जो किसी भी तरह के कुत्ते को अपने वश में कर लेता था और आराम से चोरी करता था. 24 वर्षीय इस चोर का नाम था आकाश, जो उत्तर प्रदेश के इटावा के गांव शेखपुरा सराय का रहने वाला है. महज एक आवाज और फिर कुत्ते के सिर पर हाथ फिरा कर उसे वश में कर लेने वाला यह चोर दिल्ली में अभी तक 100 से ज्यादा चोरियां कर चुका है.

चोरी करने के पीछे इस चोर की चाहत भी कुछ अलग तरह की थी. दरअसल, अप्रैल में आकाश की शादी होने वाली थी. वह चाहता था कि सुहागरात में अपनी नईनवेली दुलहन को उपहारस्वरूप ढेर सारी जूलरी दे.

आकाश का यह सपना पूरा हो पाता, इस से पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. दरअसल, उत्तमनगर के आनंदविहार में आकाश के गांव के कुछ लोग रहते थे. काम की तलाश में उन के साथ दिल्ली आया आकाश वहीं किराए का कमरा ले कर रहने लगा. उस ने अपने लिए काम ढूंढने की काफी कोशिश की, लेकिन उसे कोई अच्छा काम नहीं मिला. जब भूखों मरने की नौबत आई तो उस ने स्नैचिंग शुरू कर दी. वह राह चलते लोगों से मोबाइल फोन, गले की चेन वगैरह की झपटमारी करने लगा. इस काम में उसे सफलता मिली तो उस की हिम्मत बढ़ गई. झपटे हुए सामान को औनेपौने दामों में बेच कर वह अपना खर्चा चलाने लगा.

इसी में से कुछ पैसे वह अपने मातापिता को भेजता था. उस ने घर पर बता रखा था कि वह एक अच्छी कंपनी में नौकरी करता है. चूंकि आकाश कभी पकड़ा नहीं गया था, इसलिए उस की हिम्मत बढ़ती जा रही थी. इसी के चलते उस ने घरों में चोरियां करनी शुरू कर दीं.

कुत्तों की परेशानी आई तो उस ने अपने गांव के कुछ अनुभवों और कुत्तों के व्यवहार से संबंधित कुछ किताबें पढ़ कर कुत्तों को वश में करना सीखा. इस से उसे बड़े लोगों के घरों में चोरी करने में आसानी होने लगी. जब आकाश की आय बढ़ी तो वह अपने घर ज्यादा पैसे भेजने लगा. लेकिन इसी बीच उसे ड्रग लेने की लत लग गई. धीरेधीरे उस की यह आदत इतनी बढ़ी कि वह करीब 3 हजार रुपए रोजाना ड्रग पर खर्च करने लगा.

आकाश जिस तरह मोटी रकम गांव भेजता था, उस से गांव वालों को लगता था कि वह कोई अच्छी नौकरी करता है. फलस्वरूप उस की शादी के लिए अच्छे परिवारों से रिश्ते आने लगे. आकाश से बात कर के उस के घर वालों ने एक अच्छे घरपरिवार में उस का रिश्ता पक्का कर दिया. अप्रैल में उस की शादी की तारीख भी तय हो गई.

आकाश चाहता था कि वह सुहागरात में अपनी दुलहन को ढेर सारी जूलरी गिफ्ट करे ताकि वह खुश हो जाए. इसी के मद्देनजर उस ने ताबड़तोड़ स्नैचिंग और चोरियां शुरू कर दीं. इस बीच उस ने 100 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया.

द्वारका के बिंदापुर थानाक्षेत्र में एक मकान में की गई चोरी में उसे लाखों की जूलरी मिली. खास बात यह थी कि जिस कोठी में उस ने चोरी की, उस में 4 खतरनाक कुत्ते थे, लेकिन भौंका एक भी नहीं. असलियत में आकाश को देख कर वे दुम हिलाने लगे थे, जैसे कह रहे हों, जाओ आराम से चोरी करो.

आकाश ने उस मकान में चोरी तो कर ली, लेकिन काम हो जाने के बाद जब वह सड़क पर आया तो उसे गली के कुत्तों ने घेर लिया. उस ने उन्हें कंट्रोल करने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्होंने पीछा नहीं छोड़ा.

यहां तक कि एक कुत्ते ने उस के पैर में काट भी लिया. इस के बावजूद घायल आकाश किसी तरह कुत्तों से पीछा छुड़ा कर अपने कमरे पर पहुंच गया. अगले दिन थाना बिंदापुर में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई. लाखों की जूलरी चोरी का मामला था, इसलिए इस की जांच की जिम्मेदारी द्वारका जिले के स्पैशल स्टाफ को सौंपी गई.

सबइंसपेक्टर नवीन कुमार और अरविंद कुमार की टीम इस मामले को सुलझाने में लग गई. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. 3 किलोमीटर के दायरे में उन्होंने करीब 25 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखीं.

एक फुटेज में उन्हें एक संदिग्ध युवक दिखाई तो दिया लेकिन उस की शक्ल क्लियर नहीं थी. ऐसे में उसे पहचानना संभव नहीं था. अलबत्ता उस फुटेज से यह पता चल गया कि उस युवक को गली के कुत्तों ने घेर लिया था और उस की टांग में काटा भी था.

पुलिस के लिए यह काफी महत्त्वपूर्ण क्लू था. पुलिस टीम समझ गई कि कुत्ते का काटा हुआ व्यक्ति कहीं न कहीं इंजेक्शन लगवाने जरूर जाएगा.

अपनी इस सोच के चलते पुलिस टीम ने उन सरकारी अस्पतालों से संपर्क किया, जहां कुत्तों के काटे व्यक्ति को इंजेक्शन लगाए जाते हैं. वहां इस बात का भी पता लगाया गया कि 25, 26, 27 मार्च को ऐसे कौनकौन युवक आए थे, जिन की टांग में कुत्ते ने काटा था.

इसी छानबीन में पुलिस को जानकारी मिली कि उत्तमनगर के आनंदविहार इलाके में रहने वाला आकाश इंजेक्शन लगवाने आया था. थोड़ी कोशिश के बाद पुलिस आकाश तक पहुंच गई और उसे हिरासत में ले कर पूछताछ की.

अंतत: आकाश ने चोरी की इस वारदात को तो स्वीकारा ही, साथ ही चोरी के ऐसे खुलासे किए, जिन्हें सुन कर पुलिस भी हैरत में रह गई. उस ने 100 से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की. इन में से 17 केसों को तो पुलिस टीम ने सुलझाया ही, आकाश से 20 लाख रुपए की जूलरी भी बरामद की.

पूछताछ के बाद आकाश को अदालत में पेश कर के तिहाड़ जेल भेज दिया गया. अब आकाश की शादी भी खटाई में पड़ गई और सुहागरात में अपनी दुलहन को ढेरों ज्वैलरी उपहार देने का सपना भी अधूरा रह गया.

जीना मरना तेरे संग : राजस्थान से कश्मीर पहुंच गई रितु

राजस्थान के बाड़मेर शहर के महावीर चौक में एक खंडेलवाल परिवार रहता है. इस परिवार की एक लाडली बेटी थी रितु खंडेलवाल. वह खूबसूरत थी. पढ़ाईलिखाई में वह कोई ज्यादा होशियार तो नहीं थी, पर ठीकठाक थी. मांबाप उसे जमाने के हिसाब से रहने की सीख दिया करते थे.

रितु के मांबाप मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे. घर से विद्यालय आतेजाते वह किसी से भी बेवजह बोलती तक नहीं थी. ऐसी शरमीली और संकोची स्वभाव की रितु न जाने कब एक कश्मीरी युवक गुलजार से प्यार कर बैठी.

गुलजार करीब 2 साल पहले कुपवाड़ा (कश्मीर) से बाड़मेर में कामधंधे की तलाश में आया था. गुलजार को बाड़मेर के एक कैफे में वेटर की नौकरी मिल गई थी. वह पढ़ालिखा, अच्छी कदकाठी का नौजवान था. उस की बोलचाल से सभी प्रभावित हो जाते थे.

गुलजार को महंगे मोबाइल रखने का शौक था. जैसे ही कोई नया अच्छा मोबाइल बाजार में आता और वह उस के खरीदने की क्षमता की रेंज में होता तो वह खरीद लेता था. वह फेसबुक एवं वाट्सऐप पर ज्यादा ऐक्टिव रहता था. वह अपने इलाके के 3-4 लड़कों को भी बाड़मेर लाया था, जो उसी कौफी कैफे में नौकरी करते थे.

गुलजार घर से साधनसंपन्न था. तभी वह महंगे मोबाइल खरीदता था वरना कैफे की 7-8 हजार रुपए महीने की तनख्वाह से महंगे मोबाइल खरीदना संभव नहीं था. अब बात यह आती है कि अगर गुलजार घर से साधनसंपन्न था तो वह कुपवाड़ा से इतनी दूर वह भी वेटर की नौकरी करने क्यों आया? क्या इस का राज कुछ और था?

बाड़मेर के जिस कैफे में गुलजार नौकरी करता था, वह कैफे एक स्थानीय भाजपा नेता का है. पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती जिले बाड़मेर में न जाने कितने गुलजार अपना गुल खिलाने में लगे हैं.

कहते हैं प्यार मजहब और अमीरीगरीबी नहीं देखता. मगर यह कटु सत्य है कि जब भी 2 धर्मों के युवकयुवती ने प्यार या शादी की, बवाल जरूर हुआ है और आगे भी होता रहेगा.

society

कोई भी मातापिता यह नहीं चाहेगा कि उस के बच्चे दूसरे धर्म में शादी करें. दूसरे धर्म में शादी करने पर जब हालात बिगड़े तो कोर्ट को भी ऐसे मामलों में दखल देना पड़ा. गत वर्ष जोधपुर शहर में एक हिंदू युवती के मुसलिम युवक से प्यार के बाद शादी करने पर खूब बवाल मचा था. हिंदूवादी संगठनों ने खूब हायतौबा मचाई थी.

अब ऐसा ही ताजा मामला बाड़मेर की रितु खंडेलवाल और कुपवाड़ा के गुलजार का सामने आया है. यह किसी को पता नहीं चला कि कब दोनों में प्यार हुआ और कब उन्होंने बाड़मेर से भाग कर कुपवाड़ा जा कर निकाह और कोर्टमैरिज की. उस में भी यह कि लड़की ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम रितु से जैनब रखा.

रितु हो गई गुलजार की दीवानी

रितु जब गुलजार के संपर्क में आई तो वह उस की दीवानी हो गई. गुलजार भी रितु से बेइंतहा मोहब्बत करता था. उन दोनों को लगा कि उन्हें सारे जहां की खुशी मिल गई. गुलजार सिर्फ डेढ़ साल बाड़मेर में रहा. जमाने से नजरें बचा कर वह दोनों थार नगरी में मिलते रहे. दोनों एकदूसरे को हद से ज्यादा प्यार करते थे. मगर किसी को इन के प्यार की भनक तक नहीं लगी.

एक रोज दोनों एकांत में मिले तो गुलजार बोला, ‘‘रितु, हम दोनों अलगअलग धर्मों के हैं. अगर कल को कोई समस्या खड़ी हो गई तो तुम मुझ से बिछुड़ तो नहीं जाओगी? यह बात याद रखो कि अगर तुम मुझे नहीं मिली तो मैं जीतेजी मर जाऊंगा.’’

‘‘गुलजार, मैं इस जन्म में ही नहीं, हर जन्म में तुम्हारी रहूंगी. तुम से प्यार किया है तो जीते जी निभाऊंगी भी. मैं जमाने से नहीं डरती. तुम्हारे कहने पर मैं अपनी जान भी कुरबान कर सकती हूं.’’ रितु ने गुलजार की आंखों में आंखें डाल कर कहा तो गुलजार समझ गया कि रितु उस का साथ मरते दम तक नहीं छोड़ेगी.

इस के बाद दोनों मिलते रहे और उन का प्यार परवान चढ़ता रहा. गुलजार के एक इशारे पर रितु जान तक देने को तैयार थी. अपने प्यार की खातिर वह अपने मातापिता तक को भुलाने के लिए तैयार हो गई. वही मांबाप जिन्होंने उस की खुशी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. जैसा वह कहती, वह वैसा ही करते थे.

गुलजार ने रितु को अपने रंग में ऐसा रंग लिया था कि वह चंद दिनों की मुलाकात में ही उस पर बेतहाशा यकीन करने लगी थी. एक दिन गुलजार ने उस से कहा, ‘‘रितु, अब थोड़े दिनों बाद तुम बालिग हो जाओगी. इस के बाद हम दोनों कोर्टमैरिज के साथ निकाह कर लेंगे.’’

‘‘सही कह रहे हो गुलजार, मैं भी यही चाहती हूं.’’ रितु ने गुलजार की हां में हां मिलाते हुए कहा.

‘‘रितु, अब मैं वापस कुपवाड़ा जाने की सोच रहा हूं. तुम भी बाद में मौका मिलने पर वहां आ जाना. तुम जानती ही हो कि अगर हम ने बाड़मेर में रह कर कोर्टमैरिज या निकाह किया तो बवाल हो जाएगा. हम कुपवाड़ा जा कर यह सब करेंगे ताकि हमें कभी कोई अलग न कर सके.’’ गुलजार ने रितु को अपनी पूरी योजना समझा दी और इस के बाद घटना से करीब 3 महीने पहले गुलजार हमेशा के लिए बाड़मेर को अलविदा कह कर कुपवाड़ा चला गया.

रितु बाड़मेर में थी और गुलजार कुपवाड़ा में था. दोनों दूर हो कर भी दिलों के करीब थे. दोनों की मोबाइल पर अकसर बातें होती थीं. दोनों एकदूसरे के दिल का हाल पूछते रहते थे. प्रेमी के बिना रितु का मन नहीं लग रहा था.

बना ली कुपवाड़ा जाने की योजना

रितु गुलजार के पास कुपवाड़ा (कश्मीर) जाने की योजना बनाने लगी. उस ने अपने पढ़ाई के कागज और आईडी वगैरह इकट्ठे कर लिए. आखिर उस ने बाड़मेर को अलविदा कहने का मन बना लिया. योजनानुसार रितु खंडेलवाल 16 मार्च, 2018 को बाड़मेर से बड़ौदा के लिए रवाना हुई. वहां उस के कोई रिश्तेदार रहते थे. उस की बुआ मुंबई में रहती थी. उन के पास भी वह राजस्थान से मुंबई अकेली जाती रहती थी. इसलिए मांबाप ने उस के अकेला बड़ौदा जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई.

society

रितु राजस्थान से बड़ौदा जाने वाली बस में बैठ कर गई थी, मगर वह 17 मार्च को देर रात तक भी बड़ौदा नहीं पहुंची थी. इस का पता रितु के मातापिता को तब चला, जब उन्होंने बड़ौदा में रहने वाले अपने रिश्तेदार को फोन कर के रितु के पहुंचने के बारे में पूछा. मातापिता एवं अन्य परिजन चिंता करने लगे कि वह कहां चली गई. रितु ने बस का टिकट बाड़मेर से बड़ौदा का लिया था मगर वह कहां गुम हो गई, कोई नहीं जानता.

जवान बेटी के गायब होने पर रितु के मातापिता के होशोहवास गुम थे. उन्होंने अपने स्तर पर उस का पता लगाने की कोशिश की. मगर कहीं पता नहीं चला तो थकहार कर 21 मार्च, 2018 को बाड़मेर की थाना कोतवाली पहुंचे.

थानाप्रभारी को उन्होंने बेटी के गायब होने की बात बताई. थानाप्रभारी अमर सिंह रतनू ने रितु की गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी. इस बारे में थानाप्रभारी ने उच्चाधिकारियों से भी विचारविमर्श किया. उन्होंने रितु के मोबाइल फोन की कालडिटेल्स निकलवाई तो उस के फोन की लोकेशन कुपवाड़ा, जम्मूकश्मीर की आ रही थी.

मोबाइल कालडिटेल्स में एक फोन नंबर पर ज्यादा बात करने के सबूत भी मिले. जांच करने पर वह फोन नंबर कुपवाड़ा के गुलजार का पाया गया. जांच में बाड़मेर पुलिस को पता चला कि गुलजार बाड़मेर के ही कौफी कैफे में नौकरी करता था.

इस के बाद बाड़मेर से एक पुलिस टीम कुपवाड़ा, कश्मीर गई. मगर रितु और गुलजार नहीं मिले. कुपवाड़ा पुलिस ने भी बाड़मेर पुलिस को सहयोग नहीं दिया. वहां आतंकवादियों का इतना खौफ है कि पुलिस इलाके में जाने से भी कतराती है.

रितु ने धर्म परिवर्तन कर नाम रखा जैनब

बाड़मेर पुलिस कश्मीर में खाक छान रही थी कि इस बीच बाड़मेर पुलिस को डाक के जरिए जम्मूकश्मीर कोर्ट से रितु उर्फ जैनब और गुलजार के शादी करने के दस्तावेज मिले तो पुलिस टीम बाड़मेर लौट आई.

पुलिस को पता चला कि रितु ने इसलाम धर्म कबूल कर लिया है. उस का नाम जैनब रखा गया है और उस ने गुलजार से निकाह कर लिया है. बाद में उन दोनों ने कोर्ट में कोर्टमैरिज कर ली है.

बाड़मेर पुलिस जम्मूकश्मीर से वापस लौट आई तो रितु के परिजन पुलिस से मिले. पुलिस के हाथ कानून से बंधे थे. रितु बालिग थी और उस ने अपनी मरजी से शादी की थी. ऐसे में पुलिस से मदद नहीं मिलने की स्थिति में परिजन मीडिया के सामने आए. उन्होंने आरोप लगाया कि उन की बेटी को षडयंत्र के तहत फंसाया गया है. पुलिस मदद करे.

इस पर पुलिस अधीक्षक डा. गगनदीप सिंगला के निर्देश के बाद पुलिस की एक स्पैशल टीम बाड़मेर से कुपवाड़ा भेजी गई. इसी बीच रितु के परिजनों ने गुलजार के खिलाफ धोखाधड़ी व अपहरण कर जबरदस्ती शादी करने का मामला दर्ज करा दिया.

राजस्थान हाईकोर्ट में इस मामले में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दायर हुई. रितु के पिता ने बाड़मेर कोतवाली थाने में गुलजार नामक कश्मीरी युवक पर रितु का अपहरण कर जबरदस्ती शादी रचाने के आरोप लगाए थे. जयपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्होंने बताया था कि उन की बेटी रितु का अपहरण हुआ है और झूठे दस्तावेजों के आधार पर गुलजार ने जम्मूकश्मीर में उन की बेटी से शादी कर ली है. उन्होंने लव जिहाद की आशंका भी जताई.

बाड़मेर से स्पैशल पुलिस टीम कुपवाड़ा गई और दोबारा खाली हाथ लौट आई. रितु नहीं मिली. बाड़मेर पुलिस अधीक्षक डा. गगनदीप सिंगला ने कहा कि जम्मूकश्मीर पुलिस ने बाड़मेर पुलिस की कोई मदद नहीं की. इस कारण पुलिस रितु को बरामद नहीं कर सकी. रितु के परिजन पुलिस अधीक्षक से फिर मिले और रोरो कर बेटी को बरामद करने की गुहार लगाई.

फेसबुक पर हुआ वीडियो जारी

पुलिस अधीक्षक डा. गगनदीप सिंगला भले इंसान थे. इस कारण वह कोशिश में थे कि किसी तरह रितु और गुलजार एक बार पुलिस गिरफ्त में आ जाएं तो सारा सच सामने आ जाए. मगर रितु के मिलने से पहले 24 अप्रैल, 2018 को कश्मीरी युवक गुलजार के फेसबुक पर रितु और गुलजार ने संयुक्त वीडियो जारी कर पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया.

वीडियो में गुलजार हाथ जोड़ कर बोल रहा था कि बाड़मेर के एसपी साहब से निवेदन करते हैं कि उन के पीछे मत लगो. हम ने रजामंदी से शादी की है, कोई गुनाह नहीं किया है. हम अपनी लाइफ जीना चाहते हैं. हमें हमारी लाइफ जीने दो, तंग मत करो.

वीडियो में रितु कह रही थी कि पापा मैं अपने पति गुलजार के साथ बहुत खुश हूं. मैं जिंदगी भर इसी के साथ रहना चाहती हूं और मरना भी इसी के साथ ही है. मेरे पीछे हाथ धो कर मत पड़ो. पापा हमें शाति से रहने दो, तंग मत करो.

पहले वीडियो में रितु का कहना है कि रितु के मातापिता ने उस के पति पर जो आरोप लगाए, वे झूठे हैं. उस ने कहा कि उस का मैरिज सर्टिफिकेट है, जिस पर उस के खुद के फिंगरप्रिंट हैं, जो झूठे नहीं हो सकते.

मैरिज सर्टिफिकेट दिखाते हुए रितु ने कहा कि वह खुद जम्मूकश्मीर आई और वहां आ कर निकाह किया था. मेरा खुद का स्टेटमेंट है, मेरे घर वाले कह रहे हैं कि वो फेक है. कोर्ट के और्डर कभी फेक नहीं होते. मैं अपने बयान जम्मूकश्मीर पुलिस के यहां भी दर्ज करवा चुकी हूं और स्टेटमेंट बाड़मेर भी भिजवा दिया गया है.

उस नेकहा कि मैं खुद यहां आई थी. सभी टिकटें मैं ने खुद करवाई थीं. मैं बड़ौदा के लिए रवाना हुई, अहमदाबाद में बस से उतरी. यदि मेरा अपहरण होता तो मैं अहमदाबाद में क्यों उतरती. अहमदाबाद से मैं दिल्ली पहुंची और दिल्ली से श्रीनगर की फ्लाइट की टिकट भी मैं ने खुद ही करवाई.

मैं अकेली थी, मेरे साथ कोई नहीं था. यहां श्रीनगर कोर्ट में निकाह किया था. उस ने कहा कि मेरे घर वाले कहते हैं कि 18 साल की नहीं हूं. ये मेरी 10वीं की मार्कशीट है, जिस में जन्मतिथि लिखी हुई है.

दूसरा वीडियो गुलजार के फेसबुक पर जारी हुआ. उस वीडियो में गुलजार ने रितु उर्फ जैनब से सवाल किए हैं, जिन के रितु ने जवाब दिए हैं. गुलजार पूछता है कि तुम्हारे मातापिता का आरोप है कि मैं तुम्हारा रास्ता रोकता था, क्या मैं ने ऐसा कभी किया था? इस के जवाब में रितु कहती है कि गुलजार ने मेरे साथ कभी ऐसी हरकत नहीं की.

गुलजार दूसरा सवाल करता है कि क्या मैं ने तुम्हारा अपहरण किया था? इस पर रितु बताती है कि मेरा अपहरण नहीं हुआ, बल्कि मैं खुद फ्लाइट से यहां आई.

तीसरे सवाल में पूछता है कि तुम्हारे पिता का आरोप है कि 20 दिसंबर, 2017 को तुम ने एग्जाम दिए थे, सच्चाई क्या है बताएं?  इस पर रितु कहती है कि 20 दिसंबर को नहीं 20 फरवरी को कालेज में बीए द्वितीय वर्ष का एग्जाम दिया था. यह बात कालेज में पता कर सकते हैं.

रितु ने घर वालों को बताया झूठा

अंत में रितु हाथ जोड़ कर कहती है कि मेरा एसपी साहब से निवेदन है कि मुझ पर मेरे घर वाले झूठा इलजाम लगा रहे हैं, मुझे तंग कर रहे हैं. मैं 18 साल की हूं. मुझे अपनी जिंदगी जीने का हक है. मैं अपनी लाइफ के फैसले खुद कर सकती हूं. मुझे इस (गुलजार) के सिवाय किसी की जरूरत नहीं है.

वीडियो जारी होने के बाद रितु के परिजन मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने बताया कि ये सब झूठ है. रितु को डरायाधमकाया गया है. वह दबाव में बोल रही थी. 17 मार्च को अहमदाबाद से फ्लाइट में गुलजार भी उस के साथ था. उस की टिकट और दोनों के वीडियो फुटेज भी हैं.

बाड़मेर कोतवाली थानाप्रभारी अमर सिंह रतनू ने वीडियो जारी होने के बाद कहा, ‘‘गुलजार ने जो वीडियो फेसबुक पर डाले हैं, वे सही हैं. गुलजार की लोकेशन तो लगातार कुपवाड़ा की ही आ रही थी. लड़की अकेली ही वहां गई थी, हम लगातार तलाश कर रहे थे. हमारे यहां रिपोर्ट ही दर्ज है, हाईकोर्ट में जवाब पेश करेंगे.’’

बाड़मेर की रितु के कथित धर्म परिवर्तन व निकाह के मामले में वीडियो फेसबुक पर जारी होने के बाद नया मोड़ आ गया. रितु का कहना था कि वह एक बार पहले भी जम्मूकश्मीर गई थी. अब दूसरी बार वह जम्मूकश्मीर आई है.

बाड़मेर पुलिस अधीक्षक डा. गगनदीप सिंगला ने कहा, ‘‘बाड़मेर पुलिस ने युवती के बयान दर्ज किए हैं. युवती ने वीडियो में जो बातें बताई हैं, वही पुलिस ने दर्ज की हैं. परिजनों से फोन पर उस की बात भी करवाई है.’’

रितु का कहना है कि उस पर कोई दबाव नहीं, रजामंदी से निकाह किया है. रितु के मातापिता अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि रितु ऐसा कदम उठा सकती है. मगर सत्य को कैसे नकारा जा सकता है.

society

सत्य यही है कि रितु धर्म परिवर्तन कर इसलाम धर्म कबूल कर के जैनब बन गई और उस ने गुलजार से निकाह और कोर्टमैरिज कर ली है. वे दोनों बालिग हैं और उन्हें अपना जीवन जीने का हक है.

कथा लिखने तक जैनब और गुलजार कश्मीर में ही थे. इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्यार न तो धर्म देखता है और न ही रंगरूप. प्यार जिस से हो गया, वही अच्छा लगता है. बाकी सब बेमानी लगते हैं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें