‘कौआ चला हंस की चाल, भूल गया अपनी भी चाल’. यह कहावत उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड के इम्तिहानों पर पूरी तरह से खरी उतरती है. खुद को सीबीएससी बोर्ड की तरह बदलने के चक्कर में यह बोर्ड अपनी ही जड़ों से कटता जा रहा है. ऐसे में उस का यह दावा भी खोखला लगता है कि वह इम्तिहान कराने वाला सब से बड़ा शिक्षा बोर्ड है.

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