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लव इन सिक्सटीज स्पेशल : 60 की उम्र के बाद कैसे कायम रखें सैक्स

शादी के बाद जब पतिपत्नी एकसाथ अपने अंतरंग क्षणों में होते हैं तो उस समय उन के बीच जिस्म प्रधान होता है, एकदूसरे को पाने की इच्छा, एकदूसरे में खो जाने की चाहत होती है. उस समय दिल है कि मानता नहीं वाली हालत होती है. वे दोनों दीनदुनिया से बेखबर हो कर, बस, एकदूसरे में आकंठ डूबे रहना चाहते हैं. एकदूसरे के जिस्म के प्रति आकर्षण तो होता ही है, साथ ही होता है समर्पण का भाव. फिर धीरेधीरे जीवन यथार्थ पर आता है.

जीवन में बच्चे आते हैं, जिम्मेदारियां बढ़ने लगती हैं. प्यार व समर्पण धीरेधीरे हवा होने लगता है. ऐसे में अपने प्यार को बचाए रखना दोनों के लिए ही चुनौती होती है. समझदार दंपती इस दौर में भी अपनी भावनाओं को समाप्त नहीं होने देते और सैक्सुअल जीवन का आनंद लेते रहते हैं.

60 वर्ष की उम्र तक आतेआते तो अधिकांश जोड़े घरगृहस्थी में इतना रम जाते हैं कि उन का सैक्सुअल जीवन समाप्तप्राय हो जाता है. वे पारिवारिक जिम्मेदारियों में इस कदर डूब जाते हैं कि अपने सैक्ससुख के बारे में तो उन्हें सोचने का वक्त ही नहीं मिलता. कुछ तो इस उम्र तक दादादादी और नानानानी भी बन जाते हैं और मन में भाव आ जाता है कि अब इस उम्र में क्या सैक्ससुख भोगना.

परंतु जिस तरह पेट की भूख के लिए खाने की जरूरत होती है उसी तरह जिस्म की भूख को शांत करने के लिए सैक्स की जरूरत होती है. कई बार जब दोनों में से किसी की भी घर में संतुष्टि नहीं हो पाती तो वे बाहर का रुख करते हैं.

सैक्स की जरूरत को समझें

आमतौर पर सैक्स के बारे में महिलाएं कुछ शांत जबकि पुरुष कामुक और जिज्ञासु रहते हैं. घरों में महिलाएं उम्र और जिम्मेदारियां बढ़ने के साथसाथ इस ओर से दूर होने लगती हैं और जब पति रोमांस व सैक्स की ख्वाहिश जाहिर करते हैं तो वे कहती हैं, ‘अरे, इस उम्र में आप को जवानी सूझ रही है. अब अपनी तो उम्र निकल गई, बच्चों को खेलनेखाने दो.’

ऐसा व्यवहार कर के आप उन की भावनाओं का मजाक न उड़ाएं बल्कि आप को यह समझना होगा कि यह तो एक तरह की भूख है जिस की पूर्ति पति अपनी पत्नी से ही करेगा. इसलिए इस बात को प्यार से हैंडिल करें और जितना हो सके उन्हें सहयोग करें.

ध्यान रखें कि प्यार और सैक्स में उम्र की कोई डैडलाइन नहीं होती. अच्छा है कि जीवन के इस फेज का आप खुद भी आनंद लें और पति को भी लेने दें. बच्चे यदि बाहर हैं तो भी आजादी से अपनी सैक्सुअल लाइफ को एंजौय करें.

भावनाओं को समझें

शादी के बरसों बाद पतिपत्नी एकदूसरे के जिस्म से परिचित हो चुके हैं, इसलिए अब जिस्म प्रधान नहीं रहता. शादी के शुरुआती दिनों में तो रोटी बनाती पत्नी को भी पति प्यार से खींच कर ले जाता है और पत्नी खुश हो कर खिंची चली जाती है परंतु 60 वर्ष की उम्र में पत्नी को इस तरह खींच कर बैड पर नहीं ले जाया जा सकता.

ऐसे में आप दोनों एकदूसरे की भावनाओं को समझ कर, छोटीछोटी बातों का ध्यान रख कर और प्यारभरी बातों से एकदूसरे के मन में प्यार व समर्पण का भाव जगाएं ताकि सैक्स की इच्छा जाग्रत हो जाए और इस अवस्था में भी एकदूसरे के लिए कुछ करगुजरने का भाव दोनों के मन में रहे.

ध्यान रखें जिस्म कितना ही बूढ़ा हो जाए, मन हमेशा जवान रहना चाहिए. ‘बागबान’ फिल्म में अमिताभ बच्चन हेमा मालिनी से जिस रोमांटिक अंदाज में बातचीत करता है उस से भला किस के मन में एकदूसरे के प्रति प्यार की भावना जाग्रत नहीं होगी.

समय निकालें

चाहे आप संयुक्त परिवार में रहें या एकाकी परिवार में, सैक्स और रोमांस के लिए कब व कैसे समय निकालना है, यह आप को ही तय करना है. 50 वर्षीया अणिमा की बेटी 11वीं में है. वह कहती है, जब भी हम में से किसी का मूड होता है, मेरे पति सुबह से मेरा काम जल्दी करवा देते हैं और फिर उन के औफिस जाने से पूर्व हम अपने लिए वक्त निकालते हैं.

रोमांस के बिना पति के साथ का मजा कैसा? इस अवस्था तक बच्चे भी बड़े हो जाते हैं. इसलिए पतिपत्नी के लिए सैक्सुअल संबंधों को बनाए रखना वास्तव में चुनौती से कम नहीं होता. खुशहाल घरेलू जिंदगी और प्यार की गरमाहट को बनाए रखने के लिए सैक्स के लिए समय निकालना जरूरी है.

खुद पर दें ध्यान

अकसर महिलाएं उम्र का रोना रो कर अपने प्रति लापरवाह हो जाती हैं. बेतरतीब बाल, अस्तव्यस्त वस्त्र, निस्तेज चेहरा लिए रहती हैं. ऐसा लगता है मानो सारे जमाने का दुख उन्हें ही है. इस की अपेक्षा अपने प्रति सचेत हो कर अपनेआप को कुछ समय दे कर व्यवस्थित और स्मार्ट रहें ताकि आप को देख कर वे हमेशा कुछ करगुजरने को तैयार रहें.

संतुलित भाषा का प्रयोग करें

रीना और उस के पति ने बड़ी मुश्किल से बेटे के ट्यूशन जाने के बाद अपने लिए वक्त निकाला. ऐनवक्त पर रीना ने पति से मोबाइल के बारे में पूछा. पति झुंझला कर बोला, ‘‘देख नहीं सकतीं, सामने ही तो पड़ा है.’’ रीना के पति का अच्छाभला मूड खराब हो

गया और बात बनतेबनते रह गई. सो, छोटीछोटी बातों पर ध्यान न दें, एकदूसरे की भावनाओं का ध्यान रखें और कटाक्ष व व्यंग्यात्मक भाषा के स्थान पर एकदूसरे के लिए संतुलित व सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करें.

एकदूसरे से बात करें

सैक्स के बारे में आपस में खुल कर बातचीत करें. पुराने और उबाऊ तरीकों को छोड़ कर नए तरीके ईजाद करें ताकि सैक्स के प्रति आप की जिज्ञासा बनी रहे. आप चाहें तो इस बारे में इंटरनैट का सहारा लें. सैक्स को महज एक खानापूर्ति के स्थान पर एकदूसरे को खुश करने के लिए करें. दूसरी बातों की तरह सैक्स पर भी सहज व स्वाभाविक बातचीत करें. एकदूसरे की तारीफ करें, रोमांटिक बातें करें, एकदूसरे को सैक्स में अपनी पसंदनापसंद बताएं क्योंकि छोटीछोटी बातें ही अकसर टौनिक का काम कर के सैक्सुअल लाइफ के साथसाथ आप की शादीशुदा जिंदगी को भी हैल्दी बनाए रखती हैं.

कुल मिला कर 60 वर्ष की उम्र के बाद भी अपनी सैक्सुअल लाइफ को बचाए रखने के लिए पतिपत्नी दोनों को ही कोशिश करनी चाहिए. हालिया रिसर्च से यह सिद्ध हो चुका है कि 50 वर्ष की उम्र के बाद भी हैल्दी सैक्सुअल लाइफ जीने वाले दंपती अधिक स्वस्थ व सुखद दांपत्य जीवन जीते हैं. सैक्स अपनेआप में एक बहुत अच्छी ऐक्सरसाइज होने के साथसाथ आप के रिश्ते को भी मजबूती प्रदान करता है. सैक्स में उम्र को कभी बाधक न बनाएं और एक हैल्दी सैक्सुअल लाइफ का आनंद उठाएं.

दिल्ली सरकार के अधिकार

संवैधानिक अधिकारों के नाम पर केंद्र सरकार दिल्ली के उपराज्यपाल का अनुचित प्रयोग कर के अरविंद केजरीवाल की सरकार को उस दिन से तंग कर रही थी जिस दिन से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, मई 2014 के आम चुनावों के बाद हुए दिल्ली के चुनावों में 70 में से 67 सीटें पा कर विधानसभा में काबिज हो गई थी. लगता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केजरीवाल की जीत कहीं गहरे खा गई. उन्होंने संविधान में उपराज्यपाल को मात्र निगरानी के लिए दिए गए अधिकारों का दुरुपयोग करा कर उपराज्यपाल को चौकीदार से मालिक बना दिया था.

यह भगवा सोच का पुराना तरीका था. हमारा पौराणिक इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा हुआ है जहां सत्ता पर पंडित या गुरुओं का इतना अधिक कंट्रोल होता था कि राजा असहाय रह जाता था. नरेंद्र मोदी उन्हीं पौराणिक गुरुओं की तरह उपराज्यपाल अनिल बैजल के माध्यम से दिल्ली सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर रहे थे ताकि अरविंद केजरीवाल खुद भारतीय जनता पार्टी के चरणों में झुक जाएं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की सही व्याख्या करते हुए नरेंद्र मोदी और अनिल बैजल के पर अब कुतर डाले हैं.

अरविंद केजरीवाल कुशल प्रशासक हैं या कुशल ऐक्टिविस्ट, कहना कठिन है पर दिल्ली का शासन, जो अरविंद केजरीवाल के हाथों में आया है, खासा ठीक चला है. लोगों को जो शिकायतें हैं वे उन के काम के तरीकों से हैं, काम से नहीं. महल्ला क्लिनिक, राशन, शिक्षा आदि के मामलों में अरविंद केजरीवाल की नीतियां लीक से हट कर रही हैं और लोगों को उन से शिकायत नहीं है. इसीलिए वे विधानसभा उपचुनाव जीतते रहे, चाहे नगर निगम पर कब्जा न कर पाए हों.

राजनीति में अरविंद केजरीवाल की आप जैसी छोटी पार्टियों के होने से बहुत फायदे होते हैं क्योंकि इन से बड़ी पार्टियों पर अंकुश बना रहता है, उन का अहंकार टूटता रहता है. अखिल भारतीय बड़ी पार्टियों को शहरों की गलियों और आम लोगों की कठिनाइयों का एहसास नहीं होता. सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की सरकार को अधिकार दे कर देश में लोकतंत्र को बचाने का सही कदम उठाया है. उम्मीद करें कि नरेंद्र मोदी अब कोई और बहाना न बनाएं.

ई कौमर्स कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है सरकार

ई कौमर्स कंपनियों को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों के बाद अब इन कंपनियों को लेकर सरकार अपना रुख सख्त करने जा रही है. जिस तेजी से औनलाइन का बाजार बढ़ा है, उतनी ही तेजी से इन कंपनियों के खिलाफ शिकायतों का दायरा भी बढ़ा है. उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार इन कंपनियों के खिलाफ शिकायतों के मामले पिछले एक साल में 42 प्रतिशत बढ़े हैं.

इस कारण अब सरकार मौनसून सत्र उपभोक्ता संरक्षण विधेयक लाने की तैयारी में हैं. इसके साथ ही मौनसून सत्र के बाद नए नियमों के जरिए इन कंपनियों पर अंकुश लगाने की तैयारी चल रही है. इसके साथ ही वाणिज्य मंत्रालय ने एक थिंक टैक भी बनाया है, जो इस मामले में दिशानिर्देश तय करेगा. नए नियमों के तहत गलत या खराब सामान बेचने पर दो सप्ताह में कंज्यूमर को रिफंड देना होगा और 30 दिन में उसकी शिकायत दूर करनी होगी.

सामान लौटाना होगा आसान

इसके तहत अब सिर्फ एक मेल आईडी पर शिकायत नहीं दर्ज की जाएगी. बल्कि स्टेप बाई स्टेप कंज्यूमर कहां शिकायत करे इसकी पूरी जानकारी देनी होगी. नए नियमों में टूटा हुआ सामान, गलत, नकली या जैसा विवरण वेबसाइट पर दिया था, वैसा सामान नहीं होने पर उपभोक्ता को उसे लौटाने का अधिकार होगा. इस स्थिति में उपभोक्ता को 14 दिन में रिफंड देना होगा. कंपनी को वेबसाइट पर सामान लौटाने की पौलिसी भी प्रदर्शित करनी होगी.

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पंजीकरण के नियम होंगे सख्त

इसके अलावा ई कौमर्स कंपनियों के पंजीकरण के नियम भी सख्त किए जा रहे हैं और रजिस्टर से पहले कंपनी को पूरी जानकारी साइट पर देनी होगी. कंज्यूमर की शिकायतों के लिए एक डायरेक्ट नंबर मुहैया कराना होगा. नए नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया को बहुत सरल किया जाएगा और कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने होंगे.

अब तक प्रोडक्ट्स के ऊपर उसकी कीमत, मैन्यूफैक्चर की तारीख और बाकी जानकारी लिखी रहती थी, लेकिन अब वेबसाइट पर भी पूरी जानकारी देनी होगी. इसके साथ ही कंपनियों को बेजे जा रहे प्रोडक्ट की पूरी जानकारी देनी होगी. प्रोडक्ट की एमआरपी, कहां प्रोडक्ट बना है, सेल प्राइस है और औरिजिनल प्राइस बतानी होगी.

ई-कौमर्स कंपनियों की वेबसाइट पर इस समय केवल विक्रेता का नाम होता है. नए नियमों के तहत सामान मुहैया कराने वाले विक्रेता की पूरी जानकारी देनी होगी. औनलाइन कंपनी थर्ड पार्टी कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकती है. कोई सामान जाली निकलता है या उसकी क्वालिटी ठीक नहीं होती है, तो यह ई-कॉमर्स और विक्रेता दोनों की जिम्मेदारी होगी. अभी तक कंपनियां यह कहकर पल्ला झाड़ लेती थी कि वह सिर्फ प्लेटफार्म मुहैया कराती हैं. सामान की गुणवत्ता को लेकर उनकी जिम्मेदारी नहीं है.

नए नियमों के मुताबिक किसी सामान को बढ़ा चढ़ाकर पेश करना या झूठे ग्राहकों के जरिए समीक्षा लिखना कानूनी तौर पर अनुचित वाणिज्यिक गतिविधि के दायरे में आएगा. प्रतिस्पर्धी से मुकाबले के लिए सामान को नए या गलत नाम से बेचना भी कानूनी तौर पर अपराध के दायरे में होगा.

अब फेसबुक कंटेंट पर होगी 7500 समीक्षकों की नजर, ये है वजह

सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आजकल लोग फेक न्यूज और आपत्तिजनक पोस्ट्स के जरिए आवाम को भड़काने का काम कर रहे हैं. इस तरह की खबरों पर लगाम लगाने के लिए अब फेसबुक ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है. फेसबुक अब 7,500 से अधिक कंटेंट समीक्षक तैयार कर रही है, जो नफरत फैलानेवाले विचारों, आतंकवाद और बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्रियों की समीक्षा उसके प्लेटफौर्म पर करेंगे. सामग्री समीक्षक कर्मचारियों में पूर्णकालिक और ठेके के कर्मचारी शामिल हैं. इसमें फेसबुक के भागीदार कंपनियों के कर्मचारी भी होंगे, जो दुनिया के सभी टाइम जोन में 50 भाषाओं में काम करेंगे.

फेसबुक के परिचालन उपाध्यक्ष एलेन सिल्वर ने अपने एक ब्लाग पोस्ट के जरिए कहा, “भाषा दक्षता महत्वपूर्ण है और यह हमें चौबीस घंटे सामग्री की समीक्षा करने में सक्षम बनाती है. अगर कोई हमें किसी ऐसी भाषा की सामग्री की जानकारी देता है, जिसकी हम चौबीस घंटे निगरानी नहीं कर रहे हैं तो उसके लिए हम अनुवाद कंपनियों और अन्य विशेषज्ञों की सेवाएं लेते हैं, ताकि वे समीक्षा करने में सलाह दे सकें.”

सिल्वर ने आगे कहा, “इतने बड़े पैमाने पर सामग्री की समीक्षा पहले कभी नहीं की गई थी. आखिरकार इससे पहले ऐसा प्लेटफार्म भी तो नहीं था, जहां अलग-अलग भाषाओं के अलग-अलग देशों के ढेर सारे लोग आपस में संवाद करते हैं. हम इस चुनौती की विशालता और जिम्मेदारी को समझते हैं.”

इंडिया और इंग्लैंड के पहले टेस्ट में खाली रहेंगी पवेलियन की सीटें

काउंटी क्रिकेट के मुख्य कार्यकारी ने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के लिए टिकटों की बिक्री कम होने का कारण गलत कार्यक्रम (शेड्यूल) है. एजबेस्टन टेस्ट के पहले दो दिन लगभग 10000 सीटें खाली रहेंगी. पहला टेस्ट मैच बुधवार को शुरू होगा जबकि तीसरा टेस्ट मैच ट्रेंटब्रिज में शनिवार को जबकि पांचवां टेस्ट मैच ओवल में शुक्रवार को शुरू होगा. काउंटी चाहती हैं कि टेस्ट मैच गुरुवार से शुरू हों.

भारत को पांचवें टेस्ट मैच के कुछ दिन बाद ही एशिया कप में खेलना है और इसलिए पांच मैचों की यह सीरीज छह सप्ताह में समेट दी गई.काउंटी के मुख्य कार्यकारी नील स्नोबौल ने ‘डेली टेलीग्राफ’ से कहा, ‘‘हम पर बुधवार को मैच शुरू किए जाने का प्रभाव पड़ा है. पहले और दूसरे दिन के टिकटों की उतनी बिक्री नहीं हो पायी जितनी हमें उम्मीद थी.’’

बता दें भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज एक अगस्त से शुरू होने जा रही है और टी-20 सीरीज और वनडे सीरीज खत्म हो चुकी, जिसमें भारत ने टी-20 में जीत हासिल की तो वहीं इंग्लैंड ने भारत को 2-1 हरा कर वापसी की थी.

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उल्लेखनीय है कि यह टेस्ट मैच इंग्लैंड का 1000वां टेस्ट मैच है. इंग्लैंड टेस्ट में इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली टीम है. अभी तक खेले 999वें टेस्ट मैचों में से इंग्लैंड ने 357 मैच जीते हैं जबकि 297 में उसे हार मिली है और 345 मैच ड्रौ रहे हैं. इंग्लैंड ने अपना पहला टेस्ट मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में औस्ट्रेलिया के खिलाफ मार्च 1877 में खेला था. सिर्फ एजबेस्टन में ही इंग्लैंड ने अभी तक 50 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से 27 में उसे जीत मिली है जबकि आठ में हार और 15 मैच ड्रौ रहे हैं. इस मैदान पर इंग्लैंड ने अपना पहला मैच मई 1902 में खेला था.

117 मैच हुए हैं भारत और इंग्लैंड के बीच

इंग्लैंड और भारत के बीच पहला टेस्ट मैच जून 1932 में खेला गया था. इंग्लैंड और भारत के बीच अभी तक कुल 117 टेस्ट मैच हुए हैं जिसमें से इंग्लैंड 43 मैच जीतने में सफल रहा और भारत के हिस्से 25 में जीत आई है. घर में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 30 टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की है तो वहीं भारत के हिस्से छह मैचों जीत आई है. 21 मैच का कोई परिणाम नहीं निकला. एजबेस्टन ने दोनों देशों के बीच छह टेस्ट मैचों की मेजबानी की है जहां इंग्लैंड पांच मैच अपने नाम करने में सफल रहा है, जबकि एक ड्रौ रहा.

इंतजार खत्म, व्हाट्सऐप में आया ग्रुप वीडियो कौलिंग फीचर

अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं जिन्हें व्हाट्सऐप के ग्रुप वीडियो कौलिंग और वौयस कौलिंग का इंतजार था तो अब आपका इतजार खत्म हो गया है. जी हां फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप ने अपने एंड्रायड और आईओएस यूजर्स के लिए ग्रुप वीडियो और वौयस कौलिंग का फीचर जारी कर दिया है.

इसकी जानकारी खुद व्हाट्सऐप ने अपने ब्लौग पोस्ट में दी है. खास बात यह है कि नया फीचर सभी के लिए जारी हो गया है सिर्फ बीटा यूजर्स के लिए नहीं. व्हाट्सऐप के इस फीचर से इमो जैसे वीडियो कौलिंग ऐप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

व्हाट्सऐप पर कैसे करें ग्रुप वीडियो और वौयस कौलिंग

  • सबसे पहले अपने व्हाट्सऐप ऐप को गूगल प्ले-स्टोर से अपडेट करें.
  • अपडेट करने के बाद अपने ऐप को ओपन करें.
  • अब सबसे पहले किसी फ्रेंड को वीडियो कौल करें
  • अब आपको वीडियो कौलिंग के दौरान वीडियो कौल में किसी को ऐड करने (Add participant) का विकल्प मिलेगा.
  • ध्यान रहे कि वीडियो कौल करने और रिसीव होने के बाद ही किसी को कौल में शामिल करने का विकल्प मिलेगा.
  • अब आपको सबसे ऊपर ऐड पार्टिसिपेंट का विकल्प मिलेगा. उस पर क्लिक करके अपने जिस दोस्त को ऐड करना चाहते हैं उसे ऐड कर लें.

इस तरह से आप किसी को भी ऐड कर ग्रुप वीडियो कौलिंग कर सकते हैं.

मीका सिंह के घर हुई लाखों की चोरी, करीबी पर शक

बौलीवुड के जाने माने सिंगर मीका सिंह के घर पर चोरी का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि उनके ओशिवरा स्थित अपार्टमेंट से 3.25 लाख की जूलरी और कैश चोरी हो गए हैं. इस घटना के बाद मीका के मैनेजर ने मामले की शिकायत मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है. बताया जा रहा है कि मीका सिंह के एक करीबी असोसिएट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

मामले की जांच कर रही पुलिस ने एक हिन्दी समाचार पत्र से बातचीत के दौरान बताया, “रविवार को दोपहर में इस घटना को अंजाम दिया गया है जब मीका सिंह का असोसिएट उनके घर गया था. हमे इस बात की आशंका है कि चोरी को करीब 2 बजे अंजाम दिया गया है.” इसके साथ ही पुलिस ने ये भी बताया है कि संदिग्ध प्यानो आर्टिस्ट है जो मीका सिंह के साथ करीब 14 सालों से काम कर रहा था. इस मामले की जांच जारी है. पुलिस ने संदिग्ध का नाम अंकित वासन बताया है. 27 वर्षीय अंकित दिल्ली का रहने वाला है और वह मीका सिंह के प्रोजेक्ट्स और लाइव शो को आर्गनाइज करने का काम करता था.

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी प्राप्त कर ली गई है. रिपोर्ट के अनुसार ये बताया जा रहा है कि पुलिस ने साफ कर दिया है संदिग्ध ही घर में जाने और बाहर निकलने वाला एकमात्र व्यक्ति था. ओशवरा पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके मैनेजर ने उन्हें जानकारी दी कि चोरी की घटना के बाद से अंकित का कोई अत-पता नहीं मिल रहा. संदिग्ध अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है. पुलिस की टीम और लोकल जनता को इस बारे में जानकारी दे दी गई है. पुलिस ने बताया है कि संदिग्ध दिल्ली का रहने वाला है इसलिए अगर जरुरत पड़ी तो दिल्ली पुलिस को भी मामले की छानबीन में शामिल किया जाएगा.

इस साल रिलीज नहीं होगी “स्टूडेंट औफ द ईयर 2”

“स्टूडेंट औफ द ईयर 2” को लेकर एक बड़ी खबर आई है और वो ये कि फिल्म की रिलीज डेट को स्थगित कर दिया गया है. इस बात की जानकारी खुद करण जौहर ने ट्वीट कर दी. उन्होंने बताया कि इस साल “स्टूडेंट औफ द ईयर 2” रिलीज नहीं हो पाएगी और ये फिल्म 2019 कि गर्मियों तक रिलीज होगी. पहले खबरें आ रही थी कि फिल्म की शूटिंग जोरों पर चल रही है और फिल्म इसी साल बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है. लेकिन करण जौहर के ट्वीट के बाद यह साफ हो गया है कि इस फिल्म के लिए फैंस को पूरे एक साल इंतजार और करना पड़ेगा.

बता दें कि पुनीत मल्होत्रा के निर्देशन में बन रही यह फिल्म पहले इस साल 23 नवंबर को रिलीज होने वाली थी. लेकिन फिल्म की रिलीज डेट को आगे बढ़कर 10 मई 2018 कर दिया गया है. बता दें कि इसमें टाइगर श्रौफ लीड रोल में हैं. इस फिल्म में चंकी पांडे की बेटी अनन्या और तारा सुतारिया बतौर हीरोइन होंगी. तारा और अनन्या इस फिल्म से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाली थीं और अब उनको भी करीब एक साल इस बात को लेकर इंतजार करना पड़ेगा. इस फिल्म को पुनीत मल्होत्रा निर्देशित कर रहे है.

आपको याद होगा कि साल 2012 में आई ‘स्टूडेंट औफ द ईयर’ जबरदस्त सफल रही थी. करण जौहर के निर्देशन में बनी इस फिल्म से वरुण धवन, आलिया भट्ट और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने एक साथ बौलीवुड में डेब्यू किया था.

ईरान में आया आर्थिक संकट, अमेरिका के दांव का दिखा असर

अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगने से पहले ही ईरान पर दुष्प्रभाव नजर आने लगे हैं. डौलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत एक लाख रुपए से भी नीचे गिर गई है. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का पहला चरण सात अगस्त से शुरू होना है. एक फौरेन एक्सचेंज वेबसाइट के मुताबिक, डौलर की तुलना में रियाल की कीमत तेजी से गिरी है. रविवार को एक डौलर 1,11,500 रियाल के बराबर हो गया. रियाल में आई रिकौर्ड गिरावट से ईरान पर बड़ा संकट आ गया है. अब ईरान पर आर्थिक संकट गहरा कर रहा है.

अमेरिकी प्रतिबंध से गिरा रियाल

शनिवार को यह 97,500 रियाल के स्तर पर था. कुछ अन्य वेबसाइट के मुताबिक, रविवार को डौलर का एक्सचेंज मूल्य 1,08,500 से 1,16,000 रियाल के बीच रहा था. कमजोर अर्थव्यवस्था, वित्तीय दिक्कतों और अमेरिकी प्रतिबंध के दुष्प्रभाव से बचने के लिए डौलर की बढ़ी मांग के चलते रियाल में गिरावट आई है.

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चार महीने में आधा हो गया रियाल

ईरान की करेंसी रियाल की पिछले चार महीने में डौलर के मुकाबले कीमत आधी हो गई है. मार्च में रियाल पहली बार 50000 रियाल का स्तर तोड़ा था. हालांकि, सरकार ने अप्रैल में 42000 के करीब इसे स्थिर बनाने की कोशिश की थी. सरकार ने इस दौरान कालाबाजारी रोकने के लिए व्यापारियों को चेतावनी भी दी थी. जानकारी के लिए बता दें कि बीते हफ्ते राष्ट्रपति हसन रूहानी ने केंद्रीय बैंक के चीफ को बदल दिया था. इसका मुख्य कारण संकट से निपटने में असफलता को बताया जा रहा है.

अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध

गौरतलब है कि परमाणु कार्यक्रमों पर नियंत्रण की शर्त के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने के लिए 2015 में ईरान के साथ अमेरिका और अन्य देशों ने समझौता किया था. इस साल मई में अमेरिका ने खुद को इस समझौते से बाहर करते हुए पुन: प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी. अमेरिका ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि वे चार नवंबर से ईरान से तेल आयात बंद कर दें, अन्यथा उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.

कोहली को गुस्सा दिलाकर रोकना होगा : माइकल वौन

इंग्लैंड के खिलाफ 1 अगस्त से शुरू हो रही 5 टेस्ट की श्रृंखला में विराट कोहली के पास नंबर वन बल्लेबाज बनने का मौका है. कोहली अभी औस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ से पीछे हैं, जो इस वक्त टेस्ट में नंबर वन हैं. स्मिथ पर बौल टेम्परिंग के आरोप में 12 महीने का बैन लगा है. स्मिथ के 929 और कोहली के 903 प्वाइंट हैं. हालांकि, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वौन की मौजूदा इंग्लिश टीम को दी गई सलाह कोहली को टौप पोजिशन पर पहुंचने के आड़े आ सकती है. वौन ने मेजबान टीम से कहा कि वह विराट कोहली को गुस्सा दिखाए और चुनौती पेश करे ताकि उन्हें रन बनाने से रोका जा सके.

नंबर-वन बनने के लिए कोहली को 26 प्वाइंट चाहिए

 

 

रैंकिंग  बल्लेबाज                     टीम                      प्वाइंट

1    स्टीव स्मिथ                  औस्ट्रेलिया                929

2    विराट कोहली                   भारत                     903

3    जो रूट                             इंग्लैंड                    855

4   केन विलियम्सन             न्यूजीलैंड                  847

5  डेविड वौर्नर                     औस्ट्रेलिया                 820

यादगार पारी खेलें जो रूट : वौन ने कहा, “एलिएस्टर कुक निरंतरता दिखाएं. कप्तान के तौर पर जो रूट अच्छी शुरुआत को यादगार पारियों में तब्दील करें. इंग्लैंड की टीम 5 गेंदबाजों से आक्रमण करे. जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रौड विराट कोहली को फ्रंट फुट पर चुनौती दें. कोहली को औफ स्टम्प के बाहर खेलने पर मजबूर करें. उन्हें ये सोचने पर मजबूर करें कि उनका औफ स्टम्प कहां है. और अगर हवा में कुछ मूवमेंट हुआ तो ब्रौड और एंडरसन उनके लिए खतरा होंगे.”

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हेडिंग्ले जैसा प्रदर्शन दोहराएं: वौन ने कहा, “रूट को अपने खिलाड़ियों से कहना चाहिए कि उनके पास खुद को साबित करने का मौका है. उन्हें वही प्रदर्शन दोहराने की दरकार है, जो उन्होंने हेडिंग्ले में अपने आखिरी टेस्ट के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ किया था. रूट को अपने खिलाड़ियों से सवाल करना चाहिए कि हेडिंग्ले टेस्ट के पहले दिन वे क्या सोच रहे थे?:” इसी साल जून में खेले गए हेडिंग्ले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पारी और 55 रनों से हराया था.

4 तेज गेंदबाज, एक स्पिनर का कौम्बिनेशन बेहतर : वौन ने कहा, “कभी-कभी पूरी टीम के साथ बातचीत करना मुश्किल होता है. रूट को हर खिलाड़ी से निजी तौर पर बात करनी चाहिए. जहां तक पेस अटैक की बात है तो मैं ये कहूंगा कि अपनी बल्लेबाजी का कोटा पूरा करो और फिर 5 बेहतरीन गेंदबाज चुनो. इसके अलावा रूट पार्ट टाइमर की भूमिका निभा सकते हैं. 6 गेंदबाज बहुत ज्यादा होंगे. 1 स्पिनर और 4 तेज गेंदबाज सही हैं. 2 स्पिनर और 3 तेज गेंदबाज भी ठीक हैं. लेकिन, इससे ज्यादा प्रयोग नहीं करना चाहिए.”

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