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नूबिया रैड मैजिक गेमिंग स्मार्टफोन जल्द ही होगा भारत में लौन्च

कुछ दिन पहले ही स्मार्टफोन शाओमी ब्लैक शार्क हेलो गेमिंग हैंडसेट लौन्च किया गया था. पर अब रिपोर्ट के अनुसार जल्द ही नूबिया रैड  मैजिक स्मार्टफोन को भारत में लौन्च किया जा सकता है और इस फोन की कीमत 30,000 रुपये से कम होगी.

यह फोन अगले महीने दिवाली तक ग्राहक को मिल जाएगी. वैसे कहा  यह भी कहा जा रहा है कि इस फोन की टक्कर वन प्लस 6T से होगी. इस फोन के प्री-आर्डर बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को एक्सक्लूसिव औफर भी दिए जाने की संभावना है.

नूबिया रैड  मैजिक के फीचर्स

इस फोन में 6 इंच का फुल एचडी+ एलटीपीएस टीएफटी डिस्प्ले दिया गया है. ड्यूल सिम सपोर्ट यह फोन एंड्राइड 8.1 औरियो पर काम करता है. इसका स्क्रीन-टू-बौडी रेश्यो 85 फीसद है. यह फोन क्वालकाम स्नैपड्रैगन 835 प्रोसेसर से लैस है. फोटोग्राफी के लिए फोन में 24 मेगापिक्सल का रियर कैमरा मौजूद है. वहीं, 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जो बीएसआई सेंसर से लैस है.  इसका आस्पेक्ट रेश्यो 18:9 है. साथ ही इसमें 6 और 8 जीबी की रैम दी गई है.

फोन को पावर देने के लिए 3800 एमएएच की बैटरी दी गई है. इसके अलावा फोन की इनबिल्ट स्टोरेज 64 और 128 जीबी है. इन्हें माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से बढ़ाया जा सकता है. इसका अर्पचर एफ/2.0 है. कनेक्टिविटी के लिए फोन में 4जी वोल्ट, ड्यूल-बैंड वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ5.0, जीपीएस/ए-जीपीएस, यूएसबी-टाइप सी और 3.5 मिलीमीटर का हेडफोन जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं.

जानिए कौन हैं 107 साल की सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर, ICC ने ट्वीट किया वीडियो

क्या क्रिकेट के प्रशंसकों को पता है कि दुनिया की सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर कौन है और उनकी उम्र क्या है? आपका जवाब होगा ‘नहीं’. पर परेशान ना हों हम आपको इस सवाल का जवाब देंगे. दक्षिण एशिया में क्रिकेट का इतिहास सौ साल से पुराना है, लेकिन इंग्लैंड में एक ऐसी क्रिकेटर हैं जो इस उप महाद्वीप में क्रिकेट संस्कृति जितनी ही पुरानी हैं. दरअसल दुनिया की सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर एक महिला हैं, जिन्होंने हाल ही में अपना 107वां जन्मदिन मनाया. औस्ट्रेलिया के खिलाफ 1937 में इंग्लैंड महिला टीम की तरफ से डेब्यू करने वाली इलीन ऐश ने मंगलवार को अपना जन्मदिन मनाया. इलीन का जन्म 1911 में हुआ था. उनका करियर 12 सालों का था. इस दौरानी उन्होंने 23.00 की औसत 10 विकेट लिए.

इलीन का जीवन काफी मजेदार था. आपको बता दें कि अपने क्रिकेट करियर के बाद उन्होंने योग को चुना. वो करीब 30 सालों से  योग कर रही हैं. आईसीसी ने भी इलीन के वीडियो शेयर किए हैं. इसमें इलीन के साथ इंग्लैंड महिला टीम की मौजूदा कप्तान हेथर नाईट भी दिख रहीं हैं.

इलीन 107 साल की उम्र में भी पूरी तरह से फिट नजर आती हैं. साल 2011 में वो 100 साल पूरे करने वाली पहली महिला टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी बनी थीं. एलीन का कहना है कि योग और स्वस्थ भोजन ही उनके इतने लंबे जीवन का राज है.

ट्विटर में बड़ा बदलाव, लाइक नहीं कर पाएंगे ट्वीट

ट्विटर दिल के आकार वाले लाइक बटन को हटाने की तैयारी में लगा हुआ है. ट्विटर के इस फैसले पर यूजर्स काफी नाराज हैं. उनका कहना है कि ट्विटर से लाइक बटन हट जाने के बाद सिर्फ दो ही बटन री-ट्वीट और रिप्लाई ही बचेंगे. बताया जा रहा है कि ट्विटर के सीईओ जैक डार्सी को ट्विटर पर दिया गया लाइक बटन पसंद नहीं है. बता दें कि जैक ने कुछ दिन पहले ही लाइक बटन को हटाने की बात कही थी.

जैक डार्सी ने ट्वीट कर कहा, ‘हम पिछले कुछ महीनों से नई सेवा के बारे में सोच रहे हैं ताकि यूजर्स को एक बेहतरीन अनुभव दिया जा सके. हमारे इस बदलाव में लाइक बटन भी शामिल है, हालांकि फिलहाल यह शुरुआती चरण में है और हमारे पास लाइक बटन को हटाने के लिए कोई तय तारीख भी नहीं है.’

बता दें कि माइक्रोब्लौगिंग साइट ट्विटर ने साल 2015 में लाइक बटन को स्टार आकार वाले फेवरेच बटन के बदले लांच किया था. इस खबर के आने के बाद से ट्विटर यूजर्स का कहना है कि लाइक बटन के जरिए किसी ट्वीट पर वे अपनी सहमति जाहिर करते थे और दूसरे को सपोर्ट करते थे. वहीं ट्विटर के वाइस प्रेजिडेंट ब्रैंडन बौरमैन ने भी कहा है कि अभी लाइक बटन को फौरन नहीं हटाया जा रहा है. इसे हटाये जाने में अभी वक्त है.

स्मार्टफोन से करें एटीएम कार्ड ब्लौक-अनब्लौक, इस बैंक ने दी सुविधा

जब कभी हमारा क्रेडिट कार्ड खो जाता है, तो उसे ब्लौक करना जरूरी होता है. हम काफी परेशान हो जाते है और कार्ड को ब्लौक करने के लिए बैंक से संपर्क करना होता है. कई बार खोया हुआ कार्ड हमें वापस भी मिल जाता है, लेकिन फिर उसे अनब्लौक करने के लिए आपको एक बार फिर बैंक से संपर्क साधना पड़ता है.

लेकिन अब ऐसा करने की आपको जरूरत नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आपके पास आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड है तो आपको एक नई और खास सुविधा मिलने वाली है. इस सुविधा के जरिए अब आप स्मार्टफोन से अपने ICICI बैंक क्रेडिट या डेबिट कार्ड को ब्लौक और अनब्लौक कर सकते हैं. सिर्फ यही नहीं, आप अपने एटीएम विड्राल और इंटरनेट बैंकिंग को भी कुछ समय के लिए ब्लौक कर सकते हैं. फिर जब चाहें उसे अनब्लौक कर लें.

दरअसल बैंक ने अपने imobile ऐप पर एक नया फीचर ‘मैनेज कार्ड’ जारी किया है. यह क्रेडिट कार्ड इंडस्ट्री में अपनी तरह का पहला फीचर बताया जा रहा है.

imobile ऐप पर लौग-इन करने के बाद आपको ‘कार्ड्स’ वाले सेक्शन में जाना है. यहां भी आपको कार्ड इंफोर्मेशन के नीचे ‘मैनेज कार्ड’ का विकल्प मिलेगा. इस पर क्ल‍िक करने के बाद आपके सामने एटीएम विड्राल, औनलाइन ट्रांजैक्शन और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन को ब्लौक और अनब्लौक करने का विकल्प मिलता है. वहीं, आप अपना कार्ड ब्लौक करना चाहते हैं तो आपको कार्ड इंफोर्मेशन के नीचे ही ‘Temp Block’ का विकल्प मिलेगा. इस पर क्ल‍िक करते ही आपका कार्ड कुछ समय के लिए ब्लौक हो जाएगा.

इस सुविधा की बदौलत आप न सिर्फ बैंक को फोन कर कार्ड ब्लौक करने और फिर उसे अनब्लौक करने की लंबी प्रक्र‍िया से बच जाएंगे, बल्क‍ि आप अपनी जरूरतनुसार भी कार्ड को ब्लौक-अनब्लौक कर सकेंगे. इस सुविधा की बदौलत आप न सिर्फ बैंक को फोन कर कार्ड ब्लौक करने और फिर उसे अनब्लौक करने की लंबी प्रक्र‍िया से बच जाएंगे, बल्क‍ि आप अपनी जरूरतनुसार भी कार्ड को ब्लौक-अनब्लौक कर सकेंगे.

बदलाव के बजाय शोरशराबा है #MeToo : मलाइका अरोड़ा

बौलीवुड में #MeToo अभियान की शुरूआत हुई, और इस अभियान के तहत अब तक कई महिला कलाकारों ने यौन उत्पीड़न के बारे में खुलकर बोला है. इस अभियान ने सभी के लिए कार्यस्थल पर एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने जैसे मुद्दे पर बहस को शुरू कर दिया है.

लेकिन एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा का मानना है कि फिलहाल इस बारे में वास्तव में बदलाव आने के बजाय इसे लेकर शोर-शराबा ज्यादा है.

रिपोर्टस के मुताबिक जब मलाइका से #MeToo पर हो रही चर्चा और बदलाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,  मुझे ज्यादा बदलाव नजर नहीं आ रहा है. मैं लोगों की बातों को सुन रही हूं. मुझे लगता है कि बदलाव की अपेक्षा इसे लेकर शोरशराबा कहीं ज्यादा है.”

एक बेटे की मां मलाइका ने कहा, “अगर हम मनोरंजन उद्योग की बात कर रहे हैं तो बहुत कुछ होता दिखाई दे रहा है. लोग इस बारे में बात कर रहे हैं. लेकिन, वास्तविक बदलाव के लिए या लोगों द्वारा आगे आकर इस बारे में कुछ करने और अभियान को सफल करने के लिए मानसिकता में बदलाव की जरूरत है और यह बदलाव रातोंरात नहीं आ सकता.”

मलाइका इन दिनों टीवी शो ‘इंडियाज नेक्स्ट टॉप मॉडल-4’ करती नजर आ रही हैं. इसका प्रसारण एमटीवी पर होता है.

बता दें, कई बड़े नामों जैसे गुरसिमरन खंबा, कैलाश खेर, रजत कपूर, आलोक नाथ, विकास बहल, चेतन भगत, अनु मलिक और साजिद खान पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे.

देश के इतिहास में पहली बार सरकार इस्तेमाल करेगी ये अधिकार

केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच चल रही तनातनी अब अपने चरम पर जा पहुंची है. आरबीआई के 83 सालों में और आजाद भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि केंद्र सरकार  आरबीआई एक्ट के तहत मिलने वाली शक्ति का इस्तेमाल करेगी. इस एक्ट के तहत केन्द्र सरकार आरबीआई के गवर्नर को जनहित के मुद्दों पर निर्देश दे सकती है. मीडिया में आ रही खबरों की मानें तो सरकार इस बारे में पत्र भेज कर रिजर्व बैंक के गवर्नर को जानकारी दे चुकी है. इस एक्ट के मुताबिक सरकार आरबीआई गवर्नर को जनहित मुद्दें जैसे, लिक्विडिटी, लगातार कमजोर हो रहे बैंक और छोटे व मझोले उद्योगों पर कर्ज देने के मुद्दे पर निर्देश दे सकती है.

  • क्या है आरबीआई एक्ट का सेक्शन 7

आरबीआई एक्ट में सेक्शन 7 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केन्द्र ने आरबीआई को निर्देश दी है. इसमें ये बातें स्पष्ट तौर पर कहीं गईं हैं कि वो तमाम गंभीर और अहम मुद्दे, जिन्हें सरकार जनहित के नजरिए से बेहद अहम समझती है, वो उसपर गवर्नर को निर्देश दे सकती है. आपको बता दें कि देश के इतिहास में कोई भी सरकार पहली बार इस अधिकार का इस्तेमाल करेगी. इस कदम को आरबीआई के स्वायत्ता पर हमले की तरह देखा जा रहा है.

आपको याद दिला दें कि 1991 में, जब देश की अर्थव्यवस्था बेहद बुरे दौर से गुजर रही थी, तब भी सरकार ने इस अधिकार का प्रयोग नहीं किया था. इसके अलावा 2008 में वैश्विक मंदी के दौर में भी सरकार ने इस अधिकार का प्रयोग नहीं किया. अब देखने वाली बात है कि सरकार इस अधिकार को पहली बार किस तरह से इस्तेमाल करती है. चुकि इसका पहले कभी इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो ये देखना भी दिलचस्प होगा कि सरकार और रिजर्व बैंक पर इसका असर कैसे पड़ता है.

  •   कैसे शुरू हुआ था विवाद

government to use its power for first time

दरअसल ये विवाद तब तूल पकड़ा जब रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने एक सार्वजनिक मंच से बैंक के कामकाज में केन्द्र की बढ़ रहे हस्तक्षेप की बात कही थी. इसके आलावा आचार्य ने रिजर्व बैंक की स्वायत्ता बरकरार रखने और केन्द्र की ओर से बढ़ रहे दबाव की बात कही थी. आचार्य का ये बयान तब आया जब सरकार पेमेंट कानून को ले कर काम कर रही है, इसके अलावा केन्द्र कर्ज मामले में छूट देने के मामले में आबीआई पर लगातार कथित दबाव बना रही थी. इस पूरे मामले पर सरकार गवर्नर उर्जीत पटेल को दोषी मानती है. सेक्शन 7 के इस्तेमाल के पीछे इसे प्रमुख कारण माना जा रहा है.

आज ही के दिन धोनी ने किया था ये कमाल, 13 साल बाद भी कायम है रिकार्ड

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज ही के दिन (13 साल पहले) श्रीलंका के छक्के छुड़ा दिए थे. जी हां! 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में खेले गए वनडे में धोनी ने लंका के खिलाफ 145 गेंदों में 183 रन ठोका था. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर वनडे इतिहास का यह सबसे बड़ा निजी स्कोर रहा. उनका यह रिकार्ड आज भी कायम है. उस समय धोनी ने औस्ट्रेलियाई दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट के 172 रनों के रिकार्ड को तोड़ा था.

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बता दें कि उस समय यानी 13 साल पहले श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कुमार संगकारा की 138 रनों की शानदार पारी की बदौलत 298 रनों का स्कोर खड़ा किया था. उन दिनों 299 का लक्ष्य काफी चुनौती पूर्ण होता था, लेकिन धोनी इस लक्ष्य तक अपनी पहुंच बनाने में कामयाब रहें. इस मैच में टीम इंडिया के कप्तान राहुल द्रविड़ ने महेंद्र सिंह धोनी को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा. क्योंकि भारतीय टीम ने सिर्फ 7 रनों के स्कोर पर अपने स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का विकेट गंवा दिया था.

धोनी ने चामिंडा वास और मुथैया मुरलीधरन जैसे खतरनाक गेंदबाजों का सामना किया. उन्होंने अपने हेलीकाप्टर शाट का कमाल दिखाते हुए ताबड़तोड़ पारी खेली. धोनी ने ऐसी आक्रामक पारी खेली कि श्रीलंकाई गेंदबाजों की हालत खराब कर दी. धोनी ने 40 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि 85 गेंदों में शतक जड़ दिया.

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धोनी ने नंबर तीन पर मिले मौके का पूरा फायदा उठाते हुए टीम के लिए मैच जिताऊ पारी खेली. आखिर में धोनी 145 गेंदों में 183 रन बनाकर नाबाद लौटे. धोनी ने अपनी इस पारी में 15 करारे चौके और 10 गगनचुंबी छक्के लगाए थे. धोनी की विस्फोटक पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 46.1 ओवर में ही 303 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया.

यूपी में छिड़ी सियासत की जंग : भाई और बेटे के बीच उलझे मुलायम

समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव की हालत घर के उस बुजुर्ग जैसी हो गई है जो घर के सदस्यों के बीच बंट कर रह जाता है. कभी इधर जाता है तो कभी उधर जाता है. मुलायम सिंह यादव अपने भाई शिवपाल यादव की नई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के नये औफिस गये. बडे भाई मुलायम को अपने औफिस में देखकर कर शिवपाल यादव ने उनको अपनी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दे मुलायम के सामने रखा. मुलायम ने उस पर कोई टिप्पणी नहीं की. 9 माल ऐवन्यू में खुले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के औफिस में मुलायम ने कार्यकताओं को समाजवादी पार्टी को वोट देने के लिये कहा. ऐसे में उनको नई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का नाम याद भी दिलाया गया. इसके बाद भी मुलायम ने उस पार्टी का नाम नहीं लिया.

शिवपाल यादव की अगुवाई वाली प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के औफिस से वापस आकर वह अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के औफिस भी गये और वहां कार्यकर्ताओं से बात की. असल में रिश्तों के भाव में उलझे मुलायम ने भले ही अपनी राजनीतिक विरासत बेटे अखिलेश को दे दी हो पर भाई शिवपाल से अपने निजी रिश्तों की गर्मजोशी याद है. ऐसे में वह याद के वशीभूत होकर शिवपाल से मिलने चले जाते हैं. राजनीतिक रूप से मुलायम समाजवादी पार्टी के साथ हैं जिसके मुखिया अखिलेश यादव हैं. मुलायम के इस कदम से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में उलझन का भाव पैदा हो जाता है.

समाजवादी पार्टी में तीन वर्ग हैं. पहला वर्ग मुलायम सिंह यादव की विचारधरा और पीढी वाला है. जो जनेश्वर मिश्र और लोहिया के दिखाये कदम पर चलता है. दूसरा वर्ग शिवपाल यादव के साथ है जो उनके साथ समाजवादी पार्टी में था. अखिलेश यादव से नाराज यह वर्ग अब शिवपाल यादव की नई पार्टी के साथ है. तीसरा वर्ग युवा है और अखिलेश यादव के पास है. मुलायम सिंह यादव के नाम पर अभी भी आमवर्ग जुड़ा है. जो उनकी बनाई समाजवादी पार्टी के साथ ही रहेगा. शिवपाल यादव चाहते हैं कि एक बार मुलायम सिंह यादव उनकी पार्टी से जुड़ जायें तो पिछड़ी जातियों के बीच उनका प्रभाव बढ जायेगा.

तीन खेमों में बंटी समाजवादी पार्टी का पिछडा वर्ग अब निराशा के दौर में है. उसे लग रहा है जब पार्टी खुद बंटी हुई है तो उनको क्या हासिल हो पायेगा? ऐसे में पिछड़ी जातियों का वोट सपा से छिटक रहा है. रैलियों की भीड़ दिखा कर शिवपाल यादव यह भले ही कहें कि जनता उनके साथ है पर रैली की भीड़ और वोट में अंतर होता है. पिछड़ी जातियां जागरूक हैं. वह अपने भले के लिये वोट देना चाहती हैं. अखिलेश और शिवपाल दोनों ही अलग खेमों में बंट कर पिछड़ी जातियों के सर्वमान्य नेता नहीं रह गये है. ऐसे में अब पिछड़ा वर्ग भी अपने नये आसरे की तलाश में है.

प्रदूषण से दिनभर में 10 सिगरेट जितना नुकसान, बैन हो सकती हैं प्राइवेट गाड़ियां

राजधानी में प्रदूषण की स्थिति मंगलवार को ‘गंभीर’ हो गई. इस सीजन में पहली बार प्रदूषण टौप कैटिगरी में पहुंचा है. एयर क्वॉलिटी इंडेक्स आनंद विहार एरिया में 467 तक चला गया. दिल्ली में औसतन यह 401 रहा. एनसीआर में पहले से ही यह 400 के ऊपर है. एक्सपर्ट बताते हैं कि यह करीब 10 सिगरेट पीने जितना खतरनाक है, भले ही आप सिगरेट को हाथ तक न लगाते हों. सुबह के समय प्रदूषण ज्यादा घातक रहता है.

प्रदूषण की रोकथाम के लिए बनी कमिटी EPCA के चेयरमैन भूरे लाल ने कहा है कि 1 से 10 नवंबर के बीच हमने जिन कदमों का ऐलान किया है, उससे हालात नहीं सुधरे तो लोगों को कुछ और सख्त कदम झेलने पड़ सकते हैं. इनमें प्राइवेट गाड़ियों पर बैन भी मुमकिन है. EPCA ने गुरुवार से दिल्ली-एनसीआर में कंस्ट्रक्शन, स्टोन क्रेशर और हॉट मिक्स प्लांट बैन करने के आदेश दिए हैं. आदेश का कितना पालन हो रहा है, यह देखने को केंद्र और दिल्ली सरकार साझा अभियान चलाएंगे. जानकारों के मुताबिक, धुएं मिली धुंध यानी स्मॉग की वजह से प्रदूषक तत्व वातावरण में काफी नीचे हैं. आने वाले तीन दिनों में प्रदूषण और बढ़ने के आसार हैं.

मौसम पर नजर रखने वाली संस्था ‘सफर’ ने सलाह दी कि प्रदूषण से बचने को घर में पूजा के लिए अगरबत्ती या मोमबत्ती जलाना तक बंद कर देना चाहिए. कुछ दिन मॉर्निंग वॉक न करें.

गंभीर हालात में धूल रोकने वाले मास्क कारगर नहीं हैं. सिर्फ N-95 और P-100 मास्क ही इस प्रदूषण से कुछ हद तक बचा सकते हैं.

ग्रीन पटाखे चलाने के लिए जगहें तय हुईं

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को साफ किया कि ग्रीन पटाखे का आदेश सिर्फ दिल्ली-एनसीआर के लिए है. इसे देखते हुए तीनों एमसीडी ने आदेश दिया है कि अगर तय जगह के अलावा आतिशबाजी की गई या इकोफ्रेंडली पटाखे नहीं फोड़े गए तो कार्रवाई होगी. नॉर्थ एमसीडी ने आतिशबाजी के लिए 119 हॉल और 3625 पार्क तय कर दिए हैं. साउथ में 2000 और ईस्ट में 1000 जगहें तय की गई हैं.

लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते : भूरे लाल

प्रदूषण में इमरजेंसी होने पर प्राइवेट गाड़ियों को रोकने जैसे कदम दिल्ली में उठाए जा सकते हैं. लेकिन यह कदम सीपीसीबी (सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) के टास्क फोर्स की सिफारिश पर ही उठाया जाएगा. ऐसा करने से पहले दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाया जाएगा. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी. ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने कहा कि लोगों को प्रदूषण के बीच मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है.

उन्होंने कहा कि GRAP में भी यह नियम है और उसी के अनुरूप इसका पालन होगा. लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि 1 से 10 नवंबर तक उठाए जा रहे कदमों के बाद ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन परिस्थितियां बिगड़ती हैं तो ऐसा कदम उठाया जाएगा. पब्लिक को परेशानी से बचाने के लिए ऐसा भी किया जा सकता है कि प्राइवेट गाड़ियों की संख्या को कम किया जाए. इस बार बसों की स्ट्राइक और कमी के बीच पब्लिक ट्रांसपोर्ट कैसे बढ़ सकता है/ उन्होंने साफ किया कि ऑड-ईवन के समय भी दिल्ली सरकार स्कूलों की गाड़ियां लेती हैं और उसने काम चलाती हैं. इसके अलावा दूसरे राज्यों से गाड़ियों को लिया जा सकता है, मेट्रो के ट्रिप बढ़ाए जा सकते हैं, लेकिन यह कह देने से काम नहीं चलेगा कि व्यवस्था नहीं है.

हमारा मकसद किसी को डराना या लोगों को परेशान करना नहीं है, लेकिन हम चाहते हैं कि स्मॉग व प्रदूषण कम हो. इसलिए जरूरत के अनुरूप ऐसे कदम उठाए जाएंगे. अभी उस तरह के हालात नहीं है. यदि ऐसी स्थिति बनी तो इसमें सभी कुछ शामिल होंगे. टू-वीलर को भी इसमें छूट नहीं दी जाएगी. सीएनजी गाड़ियों को छूट देने पर विचार किया जा सकता है. लेकिन डीजल और पेट्रोल की गाड़ियों पर रोक लगाना मजबूरी होगा. ईपीसीए की एक रिपोर्ट बताती है कि टू-वीलर वाले सबसे अधिक पीयूसी के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें छूट देने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा.

जरूरत से आधी हैं बसें, कैसे संभाल पाएंगी पैसेंजरों का डबल बोझ

दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के दायरे में बसों की संख्या जरूरत से आधी है. इस समय डीटीसी की 3750 और क्लस्टर स्कीम की 1650 बसें है. इसके अलावा आरटीवी, मैक्सी कैब, इको फ्रेंडली बसें, ग्रामीण सेवा और फटफट सेवा को मिलाकर देखें तो यह नंबर 8 हजार से ज्यादा होता है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिल्ली में 11000 बसों की जरूरत है और अभी आधी बसें सड़कों पर हैं. हालांकि दिल्ली सरकार ने नई बसों को लाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस साल के आखिर में नई बसें आनी शुरू हो जाएंगी लेकिन अगर इस समय प्राइवेट गाड़ियों को रोका जाता है तो दिल्लीवालों को परेशानी हो सकती है.

दिल्ली में सितंबर 2018 तक 1.10 करोड़ गाड़ियां रजिस्टर्ड हुई हैं, जिनमें से 38 लाख 15 साल और 10 साल की पुराने वाहनों की लिस्ट में आ गए हैं. बचे हुए 72 लाख वाहनों में से करीब 66 पर्सेंट टू वीलर हैं और 30 पर्सेंट कारे हैं. 4 पर्सेंट वाहनों में आटो, टैक्सी और दूसरे कमर्शल वाहन शामिल हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्राइवेट वाहनों को रोक लगाने से इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता बल्कि लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.

प्राइवेट बसों को हायर कर सकती है सरकार

ऑड- ईवन के समय दिल्ली सरकार ने प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की कुछ बसें हायर की थीं. इस बार इस तरह का कदम उठाया जा सकता है. एसटीए ऑपरेटर्स एकता मंच के प्रवक्ता श्यामलाल गोला का कहना है कि बस ऑपरेटर्स पूरा सहयोग करने को तैयार है. उनका कहना है कि सरकार को इस समस्या का स्थायी हल भी ढूंढना चाहिए. क्योंकि मिनी बसों के साथ- साथ मैक्सी कैब व दूसरी बसें चलती हैं, उनमें से काफी बसें ऐसे रूट्स पर हैं, जहां पर सवारियां नहीं होती. अगर आरटीवी व दूसरी मिनी बसों को बिजी रूट्स पर चलाया जाए तो लोगों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिल सकता है.

15 लाख एक्सट्रा पैसेंजर्स की भीड़ मैनेज कर पाएगी मेट्रो

अगर दिल्ली में प्राइवेट गाड़ियों के इस्तेमाल पर बैन लगाया जाता है तो सवाल उठता है कि मेट्रो कितना बोझ ढो सकेगी. अगर सड़कों का आधा रश भी मेट्रो पर शिफ्ट होता है, तो मेट्रो का पूरा सिस्टम चरमरा सकता है.

बुधवार दोपहर से मेट्रो की पिंक लाइन का एक और नया सेक्शन खुलने जा रहा है, जिस पर 14 ट्रेनें चलाई जाएंगी. नए टाइमटेबल के अनुसार बुधवार से वीक डेज में 271 ट्रेनें चलेंगी, जो करीब 4749 ट्रिप्स लगाएंगी. बेड़े में इस वक्त 300 ट्रेनें हैं. मेंटिनेंस व अन्य जरूरतों के हिसाब से करीब 30-35 ट्रेनों को सिस्टम से बाहर रखा जाता है. कुछ स्टैंडबाई रहती हैं. अभी मेट्रो में रोज औसतन 29-30 लाख यात्री सफर कर रहे हैं.

अब मेट्रो अपनी फुल कपैसिटी पर भी ऑपरेट करे, तो ज्यादा से ज्यादा 30-35 एक्स्ट्रा ट्रेनें ही पूरे मेट्रो नेटवर्क में चलाई जा सकेंगी और ट्रेनों के ट्रिप्स भी बढ़कर साढ़े पांच हजार के आसपास तक ही पहुंच पाएगी. ऐसे में प्राइवेट गाड़ियों के बंद होने से अगर मेट्रो में यात्रियों की तादाद डेढ़ गुना तक भी बढ़ती है, तो मेट्रो को रोज 40 से 45 लाख यात्रियों को ढोना पड़ेगा. तब हर मेट्रो स्टेशन पर हालात वैसे ही हो जाएंगे, जैसे मेट्रो में आई किसी बड़ी तकनीकी खराबी के वक्त नजर आते हैं.

डीएमआरसी के प्रवक्ता ने कहा है कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स सिस्टम को देखते हुए डीएमआरसी भी अपनी तरफ से मेट्रो के ऑपरेशन के लिए बेस्ट ऑपरेशनल प्लान बना रही है, ताकि दिल्ली में प्रदूषण को रोकने में मदद मिल सके और लोगों को भी किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो.

खतरनाक हुआ शहर

दिल्ली के दम घुटने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा. सुबह लोग जब घरों से बाहर निकले तो उन्हें घुटन का अहसास हुआ. स्मॉग भी काफी अधिक था. पहली बार प्रदूषण खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है. सुबह 8 बजे एयर इंडेक्स 393 था, जो दोपहर दो बजे 400 तक पहुंच गया. सीपीसीबी के एयर बुलेटिन के अनुसार दिल्ली का एयर इंडेक्स 401 रहा, जो इस सीजन का सबसे अधिक है.

वहीं वीएम 10 का स्तर 465 एमजीसीएम और पीएम 2.5 का स्तर 261 रहा. दिल्ली ही नहीं बल्कि एनसीआर में भी हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है. भिवाड़ी का एयर इंडेक्स 242, दिल्ली का 401, फरीदाबाद का 413, गाजियाबाद का 451, ग्रेटर नोएडा का 394, गुरुग्राम का 426 और नोएडा का 408 रहा. सफर के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को पीएम 10 का स्तर 498 और पीएम 2.5 का स्तर 250 हो सकता है. प्रदूषण अगले तीन दिनों तक खतरनाक स्तर पर ही रहेगा. प्रदूषण में अब तेजी से इजाफा होगा. हिमालय रीजन में 31 अक्टूबर को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रीय हो रहा है. जिसकी वजह से दिल्ली की हवा में नमी काफी अधिक बढ़ेगी. इसकी वजह से तापमान में गिरावट आएगी. हवाओं का रुख इस समय उत्तर-पश्चिमी है, जिसकी वजह से पराली का धुआं दिल्ली पहुंच रहा है. हालांकि कुछ राहत की बात यह है कि ऊपरी हिस्से में हवा की स्पीड अच्छी है, जिसकी वजह से पराली का धुआं उतनी तेजी से दिल्ली नहीं पहुंच रहा है.

पराली जलाने का सिलसिला हरियाणा और पंजाब में लगातार चल रहा है. आईएमडी के अनुसार सेटेलाइट इमेज में जो पिक्चर सामने आ रही है, उसमें पिछले 24 घंटे के दौरान काफी अधिक पराली जलाई गई है. इसकी वजह से स्थिति में काफी भयानकता आने वाली है. स्मकाईमेट के अनुसार दिवाली के बाद तक यानी 10 से 12 नवंबर तक आसार अच्छे नहीं है. प्रदूषण लगभग इसी स्थिति में बना रहेगा. आतिशबाजी का धुआं इसमें और अधिक इजाफा करेगा.

दिल्ली बनेगी गैस चैंबर!

मास्क पहनने के बावजूद भी पीएम 2.5 और पीएम 10 से बचाव नहीं हो पा रहा है. वहीं स्मॉग के दौरान एक दिन में आप 10 सिगरेट जितना धुंआ सोख रहे हैं. ऐसा दावा स्काईमेट के चीफ मेट्रोलॉजिस्ट ने किया है.

दिल्ली के गैस चैंबर बनने का सिलसिला शुरू हो गया है. पहली बार इस सीजन में एयर इंडेक्स 401 पर पहुंच गया. यह खतरनाक स्तर है. बस, मेट्रो या कहीं भी इस धुंए से बचा नहीं जा सकता. अभी तो स्मॉग बहुत अधिक आया भी नहीं है. जैसे-जैसे यह बढ़ेगा उतना आपको नुकसान होगा.

चीफ मेट्रोलॉजिस्ट महेश पलावत के मुताबिक 10 से 12 नवंबर तक स्थिति में सुधार के आसार नहीं है. इस समय जिस तरह का स्मॉग है उसमें एक दिन में अलग-अलग एरिया के हिसाब से व्यक्ति 5 से 10 सिगरेट के जितना धुंआ सोख रहा है. एक ऐप से कैलक्युलेट हुए आंकड़े में सामने आया है कि आप आनंद विहार में हैं तो 9 सिगरेट, बिजिंग में 3.2 सिगरेट, अफगानिस्तान में 6.6, इरान में 3.7 सिगरेट का धुंआ एक दिन में ले रहे हैं. ऐप में एक फार्म्युले के आधार पर पूरी केल्क्युलेशन की जा रही है जिसमें 22 एमजीसीएम पीएम 2.5 को एक सिगरेट के बराबर माना जा रहा है. इतना ही नहीं घर के अंदर भी लोग प्रदूषण से सुरक्षित नहीं है. ग्राउंड फ्लोर से चौथे फ्लोर तक रहने वाले लोग इस समय सबसे अधिक प्रदूषण की समस्या झेल रहे हैं.

ग्रीन पटाखों के नाम पर दुकानदार कर रहे हैं लोगों को गुमराह, पहले ही 60 से 70 प्रतिशत बिक चुके हैं जहरीले पटाखे

दिवाली पर इस बार सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने, बेचने की अनुमति है, लेकिन जहरीले पटाखों का 60 से 70 पर्सेंट स्टॉक पहले ही बिक चुका है. दूसरी तरफ, ग्रीन पटाखों के नाम पर दुकानदार लोगों को काफी जहरीले पटाखे थमा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही दिल्ली में पटाखा विक्रेताओं ने स्टॉल सजा लिए थे. दो से तीन दिन बाद पुलिस और एजेंसियां हरकत में आईं और इसके बाद ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य पटाखों को न बेचने की बात स्पष्ट हुई. लेकिन इस बीच काफी स्टॉक बिक चुका था. अब भी कई दुकानों पर पटाखे उपलब्ध हैं. हालांकि यह ग्रीन पटाखा नहीं है. पटाखों पर किसी तरह की लेबलिंग न होने से लोग ग्रीन पटाखे मांग रहे हैं, लेकिन दुकानदार उन्हें ग्रीन पटाखों के नाम पर फुलझड़ी, पेंसिल, लड़ियां, छोटे अनार, चकरी जैसे पटाखे दे रहे हैं. जो प्रदूषण फैलाने के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं.

दूसरी तरफ पटाखों की ऑनलाइन बिक्री भले बंद हो, लेकिन वॉट्सऐप पर जमकर ऑर्डर लिए जा रहे हैं. चांदनी चौक, कोटला मुबारकपुर, जामा मस्जिद और सदर बाजार में पटाखों का करीब 60 से 70 पर्सेंट स्टॉक खत्म हो चुका है. जामा मस्जिद की दरीबां में पटाखे काफी अधिक बिक गए हैं. ग्रीन पटाखे मांग रहे लोगों को यहां फुलझड़ी, अनार, चकरी आदि दी जा रही है और बताया जा रहा है कि इनसे कम प्रदूषण होता है इसलिए ये ग्रीन पटाखे हैं.

ग्रीन पटाखों के नाम पर पेंसिल के रेट 100 रुपये प्रति पैकेट, चटर-मटर के लिए 110 रुपये, छोटे अनार के लिए 220 रुपये के रेट हैं. सदर बाजार के पटाखा व्यापारी सुरेंद्र ने बताया कि फैसला आने के तीन दिन के अंदर 40 पर्सेंट और एक हफ्ते में 60 से 70 पर्सेंट पटाखे बिक चुके हैं. नया माल अब आ रहा है. जैसे-जैसे स्टॉक कम हो रहा है, पटाखों के रेट भी बढ़ रहे हैं. चकरी के लिए 300 रुपये, रॉकेट के लिए 800 से 1000 रुपये, फुलझड़ी के लिए 100 से 500 रुपये, सुतली बम के लिए 300 से 600 रुपये, लड़ी के लिए 500 से 2000 रुपये, स्काई शॉट के लिए 900 से 2000 रुपये के रेट हैं.

तो इस मेसेज को पढ़ने के बाद प्रियंका ने निक को चुना अपना हमसफर

बौलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा जल्द ही विदेशी सिंगर निक जोनस के साथ शादी के बंधन में बंधने वाली हैं. हाल ही में उनकी रोका की रश्में पूरी हुई हैं. अभी तक लोगों को सिर्फ यही पता है कि प्रियंका और निक की मुलाकात 2017 में मेट गाला इवेंट के दौरान हुई थी. इसके बाद दोनों ने साथ में छुट्टियां बिताने से लेकर पब्लिक इवेंट्स में भी साथ जाना शुरू किया, इसके बाद दोनों के अफेयर हो गया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रियंका और निक के अफेयर की शुरुआत एक टेक्स्ट मेसेज से हुई थी? जी हां, यह सच है.

प्रियंका ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि इस रिलेशनशिप में पहला कदम उन्होंने नहीं बल्कि निक ने बढ़ाया था. निक ने उन्हें एक टेक्स्ट मेसेज भेजा था, जिसमें लिखा था, ‘आई थिंक वी शुड कनेक्ट’ (मुझे लगता है कि हमें एक-दूसरे से मिलना चाहिए, बात करनी चाहिए) और इस तरह प्रियंका और निक जोनस के बीच बातचीत शुरू हुई, जो फिर अफेयर, सगाई और अब शादी तक जा पहुंची है.

प्रियंका की शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और उससे पहले की रस्में और फंक्शन का भी सिलसिला ल पड़ा है. हाल ही में उनकी ब्राइडल सेरेमनी हुई, जिसमें उन्होंने अपनी मां मधु चोपड़ा और सासु मां के साथ जमकर ठुमके लगाए.

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प्रियंका और निक के इस प्री-वेडिंग सेलिब्रिशन में मेहमानों का खूब जमावड़ा दिखा. हालांकि अभी तक प्रियंका और निक की शादी की डेट निश्चित नहीं है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल दिसंबर में वे शादी कर लेंग और हमेशा के लिए एक दूसरे के हो जाएंगे.

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