बच्चे के जन्म के साथ ही मां का दूध बेहद जरूरी होता है. मां के दूध में बच्चे को सारे जरूरी पोषण मिल जाते हैं. यही कारण है कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां का दूध पिलाना अच्छा होता है. आमतौर पर मांएं बच्चों को बहुत ज्यादा दिनों तक ब्रेस्टफीडिंग नहीं कराती हैं. कुछ दिनों बाद ही वो नवजात को गाय का दूध पिलाना शुरू कर देती हैं. बच्चे की सेहत के लिए ये नुकसानदायक होता है. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि नवजात को क्यों गाय का दूध नहीं पिलाना चाहिए और उन्हें गाय का दूध पिलाने का सही समय कौन सा होता है.

एक साल से कम उम्र के बच्चों को गाय का दूध पिलाना हानिकारक होता है. इससे बच्चों में  पाचन तंत्र में एलर्जी संबंधी रोगों के बढ़ने का जोखिम होता है. जानकारों की माने तो गाय के दूध में मौजूद प्रोटीन को छोटे बच्चे पचा नहीं पाते. जिन शिशुओं को मां का दूध नहीं मिलता उनके स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए पोषण के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता होती है. चाइल्ड स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि अगर एक साल से कम उम्र के बच्चे को गाय का दूध दिया जाए तो आयरन के लो कौन्सन्ट्रेशन की वजह से बच्चे में अनीमिया का खतरा हो सकता है.

आपको बता दें कि गाय का दूध नवजात के कमजोर किडनी पर तनाव डाल सकता है और पचाने में भी मुश्किल होता है. वहीं, 1 साल से ऊपर के शिशुओं को घर का अनुपूरक भोजन खिलाया जा सकता है, जबकि 1 साल से कम उम्र के बच्चों को विशेष हाइड्रोलाइज्ड और एमिनो ऐसिड-आधारित भोजन की जरूरत होती है, जिससे एलर्जी न हो. भारत में अधिकतर शिशुओं को गाय का दूध दिया जाता है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी होती है.

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