सेहत की बात हो और विटामिन का जिक्र न हो ऐसा हो ही नहीं सकता. क्योंकि ये माइक्रो न्यूट्रीऐंट्स के रूप में जाने जाते हैं और इन की कमी से हम बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं. जिस के लिए जरूरत है हमें अपने खानपान में इन विटामिन्स को शामिल करने की.

विटामिन क्या है

विटामिन भोजन के वे अवयव होते हैं, जिन की सभी जीवों को थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है. ये कार्बनिक यौगिक होते हैं. उस यौगिक को विटामिन कहा जाता है, जो शरीर द्वारा पर्याप्त मात्रा में स्वयं उत्पन्न नहीं किया जाता बल्कि खाने के माध्यम से उन विटामिन्स की प्राप्ति की जाती है.

विटामिन्स की कैटेगिरी

इसे 2 वर्गों में विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार है :

वाटर सौलूबल– ये वो विटामिन्स होते हैं, जो पानी में घुल जाते हैं और शरीर में स्टोर नहीं रहते. इस के अंतर्गत विटामिन सी, विटामिन बी 7, विटामिन बी9, बी 3, बी 5, बी 2, बी1, बी6, बी12 आते हैं.

कार्य– ये ऊर्जा उत्पन्न करने के साथ प्रोटीन व कोशिकाओं को बनाने व कोलाजन के निर्माण में सहायक है.

फैट सौलूबल– ये वो विटामिंस होते हैं, जो शरीर के फैट में घुल जाते हैं और शरीर के फैट टिशूज में स्टोर रहते हैं. जैसे विटामिन ए,डी,ई,के.

कार्य– हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के साथ, सैल्स को हैल्दी रख आंखों की रोशनी को बचाए रखने का काम करते हैं.

जानें 13 विटामिन्स के बारे में

  1. विटामिन ए(रैटिनौल)

कार्य– यह विटामिन दांतों, हड्डियों और स्किन को हैल्दी बनाने में मदद करता है.

कमी– इस की कमी से नाइट ब्लाइंडनेस  और केरातो मलैया  हो जाता है.

स्रोत- मीट, अंडे, चीज, क्रीम, फल, सब्जियों आदि .

2. विटामिन सी ( ऐस्कोबिक एसिड)

कार्य– इस में ऐंटी औक्सीडैंट गुण होने के कारण यह दांतों को हैल्दी रखने का काम करता है. ये शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मदद करने के साथ हैल्दी ऊतकों को बनाए रखने का काम करता है.

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कमी- इस की कमी से  स्कर्वी  बीमारी हो जाती है.

स्रोत- पालक, पत्ता गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च, आलू आदि

3. विटामिन बी 6- (pyridoxine )

कार्य- यह लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने के साथ ब्रेन फंक्शन को मैंटेन रखने का काम करता है.

कमी- इस की कमी से नर्व डैमेज हो जाते हैं.

स्रोत- फिश, ब्रैड, अंडे, सब्जियां, सोयाबीन, आलू आदि.

4. विटामिन बी12 (कयनोसोबलमीन )

कार्य– यह मैटाबोलिज्म के लिए जरूरी होने के साथ रैड ब्लड सैल्स को बनाने के साथ सैंट्रल नर्वस सिस्टम को मैंटेन रखने का काम करता है.

कमी-  इस की कमी से मेगालोब्लास्टिक ऐनिमिया हो जाता है.

स्रोत– अंडे, मछली, लो कैट मिल्क, दही, चीज.

5. विटामिन डी (cholecalciferol )

कार्य–  यह विटामिन शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने का काम करता है. यह कैल्शियम और फास्फोरस के उचित रक्त स्तर को बनाए रखने में भी मदद करता है.

कमी– इस की कमी से  रिकेट्स  और osteomalacia  हो जाता है.

स्रोत– अंडे का पीला भाग, संतरा, सोया मिल्क, चीज, डेयरी प्रोडक्ट्ïस आदि .

6. विटामिन ई(तोसोफेरोल्स )

कार्य- यह शरीर के लिए लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है.

कमी- इस की कमी से नवजात शिशु में हेमोलाइटिक ऐनिमिया हो जाता है.

स्रोत- कीवी, ऐपोकेडा, अंडा, दूध, नट्स, सब्जियां आदि.

7. विटामिन बी 7(बायोटिन )

कार्य-  यह प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के चयापचय  के लिए जरूरी है. साथ ही हारमोन और कौलेस्ट्रोल के उत्पादन के लिए भी आवश्यक है.

कमी- इस की कमी से डर्मेटाइटिस  और intestine  में जलन की शिकायत होती है.

8. विटामिन बी3 (nicalin )

कार्य– यह त्वचा को स्वस्थ रखने और नसों को सुचारु रूप से काम करने में मदद करता है.

कमी- इस की कमी से पेलाग्रा  होता है.

स्रोत- फिश, टमाटर, डेट्ïस, दूध, अंडे, ऐवोकेडा, गाजर, ब्रोकली, नट्ïस.

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9. विटामिन बी 9 (फोलिक एसिड )

कार्य– यह विटामिन बी12 के साथ कार्य कर के लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है. यह डीएनए के उत्पादन के लिए आवश्यक है, जो ऊतक विकास और सैल्स फंक्शन को नियंत्रित करता है.

कमी– इस की कमी से बच्चे में  डिफेक्ट्स  हो सकता है इसलिए प्रैग्नैंसी से कुछ महीने पहले इसे लेने की सलाह दी जाती है.

स्रोत- हरी सब्जियां, दालें, अंडे, ब्रोकली.

10. विटामिन बी5(पैंटोथेनिक एसिड)

कार्य– यह मैटाबोलिज्म के लिए जरूरी होने के साथ यह हार्मोन और कोलेस्ट्रोल के उत्पादन में भी अहम भूमिका निभाता है.

कमी- इस की कमी से चक्कर आना, डिप्रैशन, पेट में दर्द की समस्या होती है.

स्रोत- ऐवोकेडा, आलू, ब्रोकली, ओट्ïस, ब्राउन राइस.

11. विटामिन बी2 (रिबौफ्लेविन)

कार्य– यह अन्य विटामिन बी के साथ मिल कर काम करता है. ये शरीर के विकास और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में सहायक है.

कमी- इस की कमी से ariboflavinosis  हो जाता है.

स्रोत- केला, दही, मीट, अंडे, मछली, बीन्स, दूध आदि

12. विटामिन बी1 (thiamine)

कार्य- यह विटामिन शरीर की कोशिकाओं को कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है.

कमी– इस की कमी से बेरीबेरी हो जाता है।

स्रोत- ब्लैक वीन्स, मैक्रोनी, ब्रैड,बारले , ब्राउन राइस, कौर्न, और मील.

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13. विटामिन के (phylloquinone )

कार्य– यह विटामिन हृदय की रक्षा करने, हड्ïिडयों के निर्माण व इंसुलिन के स्तर को अनुकूलित करने में मदद करता है.

कमी– ब्लीडिंग दिएथेसिस होता है.

स्रोत– ऐवोकेडा, कीवी, हरी पत्तेदार सब्जियां.

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