वर्षा ऋतु का आगमन रिमझिम फुहार से होता है. पृथ्वी को भी शीतलता का एहसास होता है. पशु-पक्षियों को भी सुखद अनुभूति होती हैं. सूखे दरख्तों पर भी रौनक आ जाती है. मगर इसी बारिश के मौसम में कई प्रकार के रोग भी आक्रमण शुरू कर देते हैं. गंदगी और कीचड़ से मच्छरों और मक्खियों का आतंक शुरू हो जाता है. हैजा, पीलिया, डेंगू एवं मलेरिया से पीड़ितों का इलाज चिकित्सालयों के लिए कठिन चुनौती बन जाता है. वही सर्दी, खांसी और बुखार आम बात हो जाता हैं, साथ ही डायरिया भी कहर ढाने लगता है. इस मौसम में पानी की अधिकता के कारण पानी वाले फल एवं सब्जियां बेस्वाद लगने लगती हैं. कुछ चटपटा खाने का मन करता हैं. जब हम मन की बात सुन कर  कुछ चटपटा खाते हैं, इस दफा हम कई बार बीमारियो को बुलावा दे देते हैं. साफ-सफाई पर खास ध्यान दें. इस मौसम में आहार संबंधित कुछ सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए. तो आईये एक नजर ड़ालते हैं उन विशेष सावधानियो पर

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