आज रिश्ते से ऊपर पैसे की अहमियत हो गई है, तो बचत भी बहुत जरूरी है. महिलाएं आर्थिक तौर पर अब किसी पर निर्भर नहीं रहीं, खुद कमाने, खुद खर्च करने के लिए स्वतंत्र हैं. आमतौर पर कहा जाता है कि महिलाएं बहुत खर्चीली होती हैं लेकिन अब जब उन्हें आफिसों में दिनरात खटना पड़ता है, कड़ी मेहनत करनी पड़ती है तो पैसे की वैल्यू भी वे अच्छी तरह जानती हैं.ताजा बजटों में हालांकि निवेश में महिलाओं को अलग से कोई फायदा नहीं दिया गया है.

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