सरकार की योजना जल्द ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के सभी लेनदेन औनलाइन करने की है. यह कार्य इसी साल मई अथवा जून के बाद शुरू किया जा सकता है. इस का मकसद ईपीएफओ के दावों का निबटान औनलाइन करना है. ताकि संगठन के अंशधारकों को अपने जीवनभर की कमाई से बचाए गए पैसे की निकासी के लिए जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सके.

अब तक यह बात महज एक सपने सी लगती थी लेकिन जिस स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने की योजना चल रही है उसे देखते हुए साफ है कि यह देश के करोड़ों अंशधारकों के लिए जल्द ही हकीकत बन जाएगी. इस क्रम में आधार नंबर अहम भूमिका निभा रहा है और सभी अंशधारकों को आधार से जोड़ने के लिए ईपीएफओ ने विशेष अभियान शुरू किया है. आधार नंबर से खातों को जोड़ने की अवधि पहली फरवरी तय की गई थी, लेकिन अब इसे एक माह बढ़ा कर 31 मार्च कर दिया गया है. इस का मतलब चालू वित्त वर्ष में सभी खाताधारकों को ईपीएफओ से जोड़ने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा.

ईपीएफओ का कहना है कि उस के पास सभी तरह के लगभग एक करोड़ दावे आते हैं और यह काम बहुत कठिन होता था. दावों को निबटाने का काम लंबा समय लेता था लेकिन पूरी व्यवस्था के औनलाइन होने के बाद अब दावों का निबटान घंटों में पूरा किया जा सकेगा.

ईपीएफओ पायलट परियोजना के तहत अब तक 50 कार्यालयों के सर्वरों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है और वहां बड़े स्तर पर दावों के निबटान की प्रक्रिया को अंतिमरूप दिए जाने का कार्य चल रहा है. इस साल मई तक सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को केंद्रीय कार्यालय से जोड़ दिया जाएगा.

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