लेखक-डा. संजय सिंह, वैज्ञानिक,

फसल सुरक्षा अनाज में लगने वाले 4 मुख्य कीट हैं, चावल का घुन, गेहूं का खपरा, दालों का भृंग, आटे की सूंड़ी. इन कीटों से प्रभावित होने वाले अनाज इस प्रकार हैं : चावल का घुन : चावल, गेहूं, मक्का, जौ, ज्वार आदि. गेहूं का खपरा : गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि. दालों का भृंग : मूंग, उड़द, चना, मटर, मोठ, चंवला आदि. आटे की सूंड़ी : गेहूं, मक्का, चावल, जौ, ज्वार, आटा, सूजी, मैदा आदि. ऐसे करें अनाजों का सुरक्षित भंडारण सुरक्षित अनाज भंडारण से होने वाले लाभ को देखते हुए इन का सुरक्षित भंडारण जरूरी है, जो आप इस तरह से कर सकते हैं, जैसे :

अनाज की सफाई : अनाज की कटाई के साथ ही उस के सुरक्षित भंडारण की तैयारी शुरू हो जाती है, बाजरा, गेहूं, मक्का, ज्वार इत्यादि के सिट्टे व बालियां, जिस बोरे में भर कर रखने हों, उस बोरे को पहले से ही एक फीसदी मैलाथियान के घोल में 10 मिनट तक भिगो कर अच्छी तरह सुखाएं. तेज धूप में 5 से 6 घंटे सुखाने पर कीड़ों का प्रकोप बहुत कम हो जाता है. काटे हुए अनाज को सीधे जमीन पर न रखें. इस से कीड़े और नमी दोनों से अनाज प्रभावित होगा. अनाज लाने वाली गाड़ी, ट्रैक्टरट्रौली को अनाज रखने से पहले धो कर सुखा लेना चाहिए. अनाज खेत से ला कर घर में कड़ी धूप में सुखाना चाहिए.

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सुखाते समय प्लास्टिक की शीट यानी मोमजामा काम में लें, जो कि अच्छी तरह से कीटनाशक से उपचारित होना चाहिए. भंडारण से पहले अनाज को साफ करें. उस में से भूसी, कटाफटा अनाज, संक्रमित अनाज, कंकर आदि निकाल दें. अनाज को तकरीबन 15 से 20 दिन तक सुखाना जरूरी है. सूखने की पहचान होती है कि अगर दाने को दांत के बीच में रख कर काटा जाए, तो कट की आवाज आए. सूखे हुए अनाज को शाम के समय कोठरी में न भरें. सूखे अनाज को पूरी रात खुली हवा में ठंडा होने दें और सुबह उसे कोठरी में भरें. इस तरह सूखे अनाज में 3 से 4 फीसदी तक नमी रह जाती है.

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