बीता साल कितनी आपदाओं भरा रहा, यह किसी से छिपा नहीं है. देश के सभी नागरिक निराशा की स्थिति से गुजरे. देश के युवावर्ग की हालत का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बेरोजगारी से तो वे पहले ही तंग थे, वायरसी लौकडाउन थोपे जाने के चलते उन की हालत अब बद से बदतर हो गई है. अप्रैल 2020 में जारी सीएमआईई यानी सैंटर फौर मौनिटरिंग इंडियन इकोनौमी की रिपोर्ट के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर 23.52 फीसदी थी जो अभी तक की सब से अधिक बेरोजगारी दर है. बेरोजगारी की दर में यह इजाफा बहुत ही चिंताजनक संकेत है. वहीं, यह लेबर मार्केट में मांग की कमी की ओर इशारा करती है.

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