अब विपक्ष एकजुट हो कर 2019 नहीं, बल्कि 2024 के बारे में सोचे, यह दार्शनिकों जैसा विश्लेषण जम्मूकश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का है जो घाटी में भाजपा और पीडीपी के बेमेल गठबंधन को अभी तक कामयाबी से चलते देख हैरान हैं. उमर को एहसास है कि इस युति ने अपनी मियाद पूरी कर ली तो उन्हें जरूर जल्द दिल्ली आ कर होटलिंग के अपने पुराने कारोबार में दिलचस्पी लेनी पड़ सकती है.

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