Mira Nair and Zohran Mamdani : भले ही मीरा नायर और जोहरान ममदानी के कार्यक्षेत्र अलग हों, लेकिन दोनों सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहते हैं. मीरा अपनी फिल्मों के माध्यम से जहां दुनिया की सोई हुई चेतना को जगाती हैं, वहीं जोहरान नीतिगत बदलावों के जरिए न्यूयौर्क के सिस्टम को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं.
हर मातापिता की इच्छा होती है कि उन का बेटा उन का नाम रोशन करे. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर फिल्मकार मीरा नायर के बेटे जोहरान ममदानी ने अमेरिका के न्यूयौर्क शहर का मेयर बन कर एक लंबी लकीर खींच दी है. आज की तारीख में जोहरान ममदानी अपनी मां मीरा नायर की सब से बड़ी शक्ति बन चुके हैं. लोग अब कहते हैं कि जोहरान ममदानी की मां हैं मीरा नायर. कुछ लोग इसे पहचान का संकट कहते हैं.
यह केवल परिचय या पहचान का बदलाव नहीं है, यह सृजन की सर्वोच्च अवस्था है. किसी भी क्रिएटिव इंसान के लिए इस से बड़ी उपलब्धि क्या हो सकती है कि उस की जीवंत रचना यानी कि उस का बेटा समाज की नियति लिखने लगे. पहचान में आए इस बदलाव को इस तरह से देखना होगा कि फिल्मकार मीरा नायर का काम बंद नहीं हुआ है, बल्कि उस का दायरा बढ़ गया है.
अभी तो वे अमृता शेरगिल पर ‘अमरी’ नामक फिल्म बना रही हैं, जो खुद एक विद्रोही कलाकार थीं. कुल मिला कर मां और बेटे, दोनों ही व्यवस्था को चुनौती देने की कला में माहिर हैं.
एक मां के रूप में मीरा नायर ने अन्याय के खिलाफ आवाज दी, जिसे उन के बेटे जोहरान के पास अब उस अन्याय को मिटाने की शक्ति है. लोग मीरा नायर व जोहरान के बहाने पहचान का संकट की बात कर रहे हैं, पर वे इस संयोग को नजरंदाज कर रहे हैं कि मीरा नायर ने अपनी फिल्म ‘द नेमसेक’ में जिस प्रवासी संघर्ष को दिखाया था, उन का बेटा जोहरान उसी न्यूयौर्क की असैंबली और मेयर पद को हासिल करने का संघर्ष कर दौड़ जीत चुका है.
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