राजस्थान के तमाम ग्रामीण अंचलों में पानी की कमी के चलते जन जीवन से सामाजिकता भी प्रभावित होती है. उसी पर पत्रकार से फिल्म निर्देशक बने जयपुर निवासी धर्मेंद्र उपाध्याय ने एक लघु फिल्म ‘‘पानी रे पानी’’ का निर्माण किया है, जिसे काफी सराहा जा रहा है.

राजस्थान की एक ग्रामीण नारी जो पानी लेकर लौट रही है, रास्ते में वह छेड़खानी का शिकार हो जाती है. लेकिन घर पहुंचते ही उसके लिए नया संघर्ष शुरू हो जाता है. नारी के इसी संघर्ष को ‘‘श्री राधा गोविंद फिल्मस’’ के बैनर तले निर्मित नौ मिनट की अवधि वाली राजस्थानी भाषा की लघु फिल्म ‘‘पानी रे पानी’’ में चित्रित किया गया है. फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में मुद्रिका जाकियावाल, सिकंदर चैहान, मेघी देवी कृष्णा और आर्ची कुश हैं. फिल्म के कैमरामैन धरम रौक तथा सह निर्माता संजय मलिक हैं.

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