Rajpal Yadav : एक कलाकार जो अपनी प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीतता है, उस से उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. राजपाल यादव का कर्ज विवाद यह दिखाता है कि लोकप्रियता के साथ मिली छवि और जिम्मेदारी को निभाना किसी स्टार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, और यहां वे पूरी तरह विफल रहे.
यों तो बौलीवुड में हर कलाकार सदैव खुद को खबरों में बनाए रखना चाहता है लेकिन अपने अभिनय के बल पर लोगों को हंसाने में माहिर और अपनी बेमिसाल कौमेडी से करोड़ों दिलों को जीतने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी किसी फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि सलाखों के पीछे बिताए गए समय और एक दशक पुराने कर्ज के विवाद को ले कर चर्चा में हैं. 5 फरवरी, 2026 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरैंडर करने से ले कर 17 फरवरी को मिली अंतरिम जमानत तक, यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है.
यों तो दिल्ली हाईकोर्ट की जज स्वर्णकांता शर्मा की बैंच ने 17 फरवरी को उन्हें 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है. 19 फरवरी को राजपाल यादव अपने पैतृक गांव शाहजहांपुर पहुंच कर अपनी भतीजी की शादी में शामिल हुए. लेकिन 17 फरवरी को ही माधव गोपाल अग्रवाल, जिन से राजपाल यादव ने 2010 में पांच करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, ने अपनी अब तक की चुप्पी को तोड़ते हुए ‘न्यूज पिंच’ यूट्यूब चैनल सहित कुछ चैनलों पर इंटरव्यू दे कर राजपाल यादव की सारी पोल दी. भले ही बौलीवुड उन के साथ खड़ा नजर आ रहा हो लेकिन राजपाल यादव की नैतिक हार तो हो ही चुकी है.
अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होनी है, तब तक राजपाल यादव क्या करते हैं, यह तो वे ही जानें. एक माह के वक्त में राजपाल यादव जो कदम उठाएंगे, वो तय करेंगे कि 18 मार्च के बाद भी वे अपने घर पर रहेंगे या फिर से तिहाड़ जेल पहुंचेंगे.
कौन हैं राजपाल यादव?
(हास्य कलाकार के रूप में पहचान)
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के अंतर्गत कुंडरा बंडा गांव के निवासी राजपाल यादव ने भारतेंदु नाट्य अकादमी और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण लेने के बाद 1999 में दूरदर्शन पर प्रसारित टीवी सीरियल ‘मुंगेरी के भाई नौरंगीलाल’ से अभिनय कैरियर की शुरुआत की थी, जिस का निर्माण व निर्देशन प्रकाश झा ने किया था. इसी से वे हास्य अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए थे. उस के बाद राम गोपाल वर्मा ने उन्हें फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ में अंतरा माली के अपौजिट हीरो बना दिया. हम याद दिला दें कि उन दिनों अंतरा माली के पिता बौलीवुड के मशहूर फोटोग्राफर जगदीश माली थे. अब इस फिल्म के निर्माण में किस का पैसा लगा था, यह आज तक रहस्य बना हुआ है. मगर यह फिल्म बौक्स औफिस पर सफलता के झंडे नहीं गाड़ सकी और अंतरा माली की यह पहली व अंतिम फिल्म साबित हुई. लेकिन राजपाल यादव लगातार व्यस्त रहे. ‘चांदनी बार’, ‘रोड’, ‘हंगामा’, ‘डरना मना है’, ‘चोर मचाए शोर’ ‘भूलभुलैया’, ‘मालामाल वीकली’ सहित कई सफलतम फिल्में कीं.
पारिवारिक जिंदगी में उथलपुथल
एक तरफ राजपाल यादव का फिल्मी कैरियर सफलता की डगर पर दौड़ रहा था, तो दूसरी तरफ उन की जिंदगी में भूचाल व तूफान सा आया हुआ था. उन की पहली पत्नी बच्चे के जन्म देते समय इस संसार को अलविदा कह गई. फिर सुर्खियां गर्म हुईं कि राजपाल यादव ने किसी फिरंगी यानी कि विदेशी लड़की को अपना दिल दे दिया है. आखिरकार, एक दिन राजपाल यादव ने उसी विदेशी लड़की से 10 जून, 2003 में विवाह कर लिया. उस वक्त कहा गया कि राधा भारतीय मूल की कनाडाई नागरिक हैं, जिन का जन्म व परवरिश कनाडा में हुआ. 2001 में फिल्म ‘द हीरो’ की शूटिंग के दौरान कनाडा के कैलगरी शहर के एक आइस्क्रीम पार्लर में दोनों की मुलाकात हुई थी. 2003 से वे भारत में ही रह रही हैं.

Rajpal Yadav (1)
फिल्म 'काम चालू है' भले ही बौक्स ऑफिस पर धमाल नहीं मचा पाई लेकिन राजपाल के अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया.

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