लेखक-शामी एम् इरफ़ान

बॉलीवुड यानी मुम्बई चकाचौंध, चमक-दमक, चहल-पहल की मायावी नगरी ही नहीं, यह मुम्बई महाराष्ट्र की राजधानी भी है. यहाँ हर किस्म का कारोबार होता है और हर जाति-धर्म के लोग रहते हैं.कहते हैं कि, मुम्बई कभी सोती नहीं और आज आलम यह है कि सड़कें सुनसान हैं और लोग-बाग अपने घरों के अंदर शनिवार की रात से ही बंद हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पूरे देश के शहरों में रविवार सुबह 7 बजे से जनता कर्फ्यू शुरू हो गया था और फिर सड़कों पर सन्नाटा पसरा गया। महाराष्ट्र की राजधानी महानगर मुम्बई में आमतौर पर व्यस्त रहने वाले चर्चगेट से विरार और वी टी यानी छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से कर्जत-कसारा तक के जैसे इलाकों में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और सड़कों पर सिवाय पुलिस बलों के वाहनों के अन्य वाहन नजर नहीं आए.अत्यावश्यक कार्य से निकलने वाले इक्का-दुक्का लोगों को पुलिसकर्मी समझाते नजर आए कि वे घरों में ही बंद रहें और बाहर ना निकलें.

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