चांद बाओरी चांद बावड़ी

राजस्थान की एक जगह बांलीकुल में 800 ई.पू. में एक ऐसा सीढ़ीदार कुंआ तैयार किया गया था, जिसे बनाने वाले स्थानीय कारीगर थे. यहां के राजा चंदा के नाम पर ही इस बावड़ी को नाम दिया गया चंदा या चांद बावड़ी.

इस बावड़ी का सब से पुराना भाग आठवीं शताब्दी में तैयार किया गया था. कमाल यह है कि ये सीढ़ीदार कुंआ 18वीं शताब्दी तक तैयार होता रहा और यह हिस्सा कुएं के सब से ऊपरी भाग में आज भी देखा जा सकता है.

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