जौर्जिया की रहने वाली एमी बैटल की उम्र 48 साल है और उस के बच्चे भी काफी बड़े हो गए हैं. अपना भरापूरा परिवार होने के बावजूद एमी के मन में एक जिज्ञासा बनी रहती थी कि उस के मूल मातापिता और उन का परिवार कैसा होगा.

दरअसल, एमी की इस जिज्ञासा की वजह यह थी कि वह भले ही लाड़प्यार में पली थी, लेकिन उस के पालक मातापिता ने उसे तब गोद लिया था, जब वह महज 5 महीने की थी. जब से एमी ने इस बात को जाना था, तभी से उस के मन में अपने मूल मातापिता और उन के परिवार के बारे में जानने की इच्छा बनी हुई थी. उन से कभी तो मुलाकात होगी, यह सोचते हुए कई दशक बीत गए. इस के लिए उस ने कई बार कोशिश भी की.

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एक दिन एमी ने इस बारे में अपनी बड़ी बेटी से चर्चा की तो उस ने बताया कि वह एक ऐसी एजेंसी के बारे में जानती है जो लोगों को उन के मूल परिवारों से मिलाने में मदद करती है. एमी ने जब इस एजेंसी से संपर्क किया तो नतीजा देख कर वह भौंचक रह गई. एजेंसी ने उसे स्टीव नाम के एक शख्स से मिलवाया, जो एमी का सगा भाई था.

अपने उस भाई से बातोंबातों में एमी को पता चला कि वे लोग 22 भाईबहन थे. इन में 11 उन की मां की तरफ से थे और 11 पिता की तरफ से. स्टीव एमी का छोटा भाई था, जिस से बात करना उसे बहुत अच्छा लगा. उसे यह जान कर जितनी खुशी हुई, उतना ही ताज्जुब भी हुआ कि उस के 21 भाईबहन और हैं.

उन सब की उम्र 46 से 65 साल के बीच थी. एमी अब तक अपने 20 भाईबहनों से मिल चुकी है. उस ने फैसला किया है कि अपने बच्चों के साथ अपने मूल परिवार से मिलेगी और उन के साथ कुछ दिन गुजारेगी. यह आश्चर्य की बात है कि एमी ने अपने मूल परिवार से मिलने के लिए 48 साल इंतजार किया.

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